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बच्चों में कफ जमने के लक्षण

बच्चों में कफ जमने पर कई लक्षण नजर आ सकते हैं। ये लक्षण निम्न प्रकार हैं-

1 - छाती में दर्द महसूस करना।

2 - सीने में भारीपम महसूस करना।

3 - बच्चों की छाती में जकड़न महसूस करना।

4 - बच्चों के खांसते वक्त मुंह से बलगम का बाहर आना।

5 - बच्चों को बुखार हो जाना

6 - बच्चों के सिरदर्द महसूस करना।

7 - गले में दर्द या जलन महसूस करना।

बच्चों में कफ जमने के कारण

बच्चों में कफ जमने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ये कारण निम्न प्रकार हैं-

1 - जब छोटे बच्चों को सर्दी हो जाती है तो लक्षणों के रूप में छाती में कफ जमने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में इस समस्या को दूर करने के लिए जल्दी से जल्दी सर्दी को ठीक करवाना जरूरी है।

2 - बच्चों में सिस्टिक फाइब्रोसिस (जेनेटिक समस्या) के कारण भी बच्चों की छाती में कफ जमा हो सकता है। ये कफ काफी मोटा और गाढ़ा हो सकता है।

3 - बच्चों की छाती में कफ जमने के पीछे अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन समस्या भी जिम्मेदार हो सकती है। ये एक वायरल संक्रमण होता है जो बच्चों की नाक, गले और वायुमार्ग को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

4 - जब बच्चों तो चेस्ट कोल्ड यानि एक्यूट ब्रोंकाइटिस की समस्या हो जाती है तब भी उनके सीने में कफ जम सकता है। बता दें कि इस समस्या के दौरान बच्चों के फेफड़ों के वायुमार्ग सूजने लगते हैं, जिसके कारण फेफड़ों में कफ बनना शुरू हो जाता है। यह समस्या चेस्ट कनजेशन भी कहलाती है।

बच्चों में कफ जमने के उपचार

कुछ घरेलू उपायों के इस्तेमाल से बच्चों में कफ की समस्या को दूर किया जा सकता है। ये घरेलू उपचार निम्न प्रकार हैं-

1 - लहसुन के इस्तेमाल से बच्चों में बलगम की समस्या को दूर किया जा सकता है। इसके सेवन से ना केवल सर्दी खांसी से छुटकारा मिल सकता है बल्कि बच्चों का कफ भी बाहर आ सकता है।

2 - बच्चों की छाती से कफ निकालने के लिए सरसों के तेल की मालिश भी एक अच्छा विकल्प है। ऐसे में आप सरसों के तेल को हल्का सा गर्म करके मालिश करें। ऐसा करने से बच्चों को बलगम से राहत मिल सकती है।

3 - हल्दी के इस्तेमाल से भी बच्चों की बलगम को बार लाया जा सकता है। हल्दी की तासीर गर्म होती है ऐसे में हल्दी के सेवन से बच्चों की बलगम बाहर आ सकती है।

बच्चों में कफ की समस्या कई कारणों से हो सकती है ऐसे में ये समस्या होने पर कई लक्षण नजर आ सकते हैं। माता-पिता को समय रहते बच्चों का इलाज करना जरूरी है। इससे अलग कुछ घरेलू उपाय भी इस समस्या को दूर करने में उपयोगी हैं। यदि इन घरेलू उपायों को अपनाकर भी समस्या दूर नहीं हो रही है तो ऐसे में पेरेंट्स को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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