healthplanet.net

Posted on

आंखों की पलक पर होने वाले संक्रमण बिलनी या गुहेरी को ठीक करने के लिए अपनाएं ये उपाय
Remedies For Hordeolum: जब आंखों की तेल ग्रंथियां या रोम कूप मृत त्वचा या धूल-गंदगी की वजह बंद हो जाते हैं, तो बैक्टीरिया उसमें भीतर फंसे रह जाते हैं और संक्रमण की वजह बन सकते हैं. इस संक्रमित ग्रंथि को ही बिलनी या गुहेरी कहते हैं.

बिलनी या गुहेरी, आंखों की पलक पर होने वाला एक इंफेक्शन है जिसकी वजह से पलक पर ऊपर या नीचे के एक नर्म, लाल उभार जैसा हो जाता, जैसे कोई फुंसी या घाव हो. बिलनी या गुहेरी को स्टाई या होर्डियोलम भी कहते हैं. बिलनी बैक्टीरिया की वजह से पलक के भीतर मौजूद छोटी-छोटी तेल ग्रंथियों में से किसी ग्रंथि में हो सकती है. जब आंखों की तेल ग्रंथियां या रोम कूप मृत त्वचा या धूल-गंदगी की वजह बंद हो जाते हैं, तो बैक्टीरिया उसमें भीतर फंसे रह जाते हैं और संक्रमण की वजह बन सकते हैं. इस संक्रमित ग्रंथि को ही बिलनी या गुहेरी कहते हैं.
 
आंखों में बिलनी के लक्षण

आंखें लाल हो जाना
दर्द और सूजन
आंसू आना
खुजली होना



गुहेरी या बिलनी के लिए घरेलू उपचार-

1. अरंडी का तेल
अरंडी का तेल के उपयोग से बिलनी के जल्द ठीक होने की संभावना रहती है. सबसे पहले आप अपनी आंखों को अच्छी तरह से धो लें और गर्म पानी में कॉटन को भिगो कर सिकाई करें. इसके कुछ समय बार आप अरंडी के तेल की कुछ बूंदे बिलनी पर लगाएं, आप राहत महसूस कर सकते हैं.  


2. चंदन
चंदन की तासीर ठंडी मानी जाती है, ये आंखों को भी ठंडक देता है. गुहेरी हो तो चंदन की लकड़ी को साफ पत्थर पर घिसकर इसका गाढ़ा लेप तैयार कर लें और इसे गुहेरी पर लगा लें. इससे आपको परेशान कर रही गुहेरी खत्म हो सकती है. 

3. हल्दी
पानी गर्म कर लें और उसमें थोड़ी-सी हल्दी मिला लें. अब इस पानी में सूती कपड़ा भिगोकर आंखों की सिकाई करें. दिन में तीन से चार बार ऐसा करने से आराम मिल सकता है. 

4. बादाम तेल
बादाम का तेल गुहेरी या बिलनी पर लगाने से ये ठीक हो जाती है. बादाम रात भर दूध में भिगो कर रखें, इसके बाद सुबह इस भीगे हुए बादाम को घिस कर इसका लेप तैयार करें और इसे गुहेरी पर लगाएं. बादाम का तेल उपलब्ध हो तो इसे सीधे आंखों पर लगा सकते हैं, इससे गुहेरी तो ठीक होगी ही, आंखों की रोशनी भी बढ़ेगी. 


5. गर्म पानी का सेंक
गुहेरी होने पर सबसे पहले आप इसकी गर्म पानी से सिकाई करें. इससे आपको दर्द में आराम मिलेगा और सूजन भी कम होगा. सिकाई के लिए सूती कपड़े का ही इस्तेमाल करें.

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info