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गर्भपात के प्रकार:

मिस्ड गर्भपात – इसमें गर्भावस्था स्वयं समाप्त हो जाती है। इस दौरान न कोई रक्तस्राव होता है और न ही किसी तरह के लक्षण दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में तो गर्भपात होने के बाद भी भ्रूण गर्भ में ही रहता है और इसका पता तब चलता है जब गर्भ में भ्रूण का विकास रुक जाता है। इसका पता अल्ट्रासाउंड से किया जाता है।
अधूरा गर्भपात – इसमें महिला को भारी रक्तस्राव और पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होता है। भ्रूण का कुछ ही भाग बाहर आ पाता है। यही कारण है कि इसे अधूरा गर्भपात कहा जाता है। निदान अल्ट्रासाउंड से होता है।
पूर्ण गर्भपात – पेट में तेज दर्द होना और भारी रक्तस्राव होना पूर्ण गर्भपात के लक्षण हो सकते हैं। इसमें गर्भाशय से भ्रूण पूरी तरह से बाहर आ जाता है।
अपरिहार्य गर्भपात – इसमें रक्तस्राव होता रहता है और गर्भाशय ग्रीवा खुल जाती हैए जिससे भ्रूण बाहर आ जाता है। इस दौरान महिला को पेट में लगातार ऐंठन होती रहती है।
सेप्टिक गर्भपात -गर्भ में संक्रमण होने से गर्भपात होता है।

गर्भपात के संकेत और लक्षण :

गर्भपात का सबसे आम लक्षण है पेट में ऐंठन और योनि से रक्तस्राव होना। अगर गर्भावस्था के दौरान ऐसे कुछ लक्षण दिखाई देंए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

र्भावस्था के लक्षण :
योनि से रक्तस्राव रू योनि से भूरे या गहरे लाल रंग का रक्तस्राव होना गर्भपात का सबसे अहम लक्षण हो सकता है। इस दौरान स्पॉटिंगए खून के थक्के या अत्यधिक रक्त बहना होता है।

पीठ में तेज दर्द रू गर्भावस्था में पीठ में दर्द होना आम हैए लेकिन यह दर्द कभी.कभी असहनीय हो सकता है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिएए क्योंकि यह गर्भपात का संकेत हो सकता है।

पेट के निचले हिस्से में ऐंठन रू पेट के निचले हिस्से में दर्द होना गर्भपात के लक्षणों में से एक है। यह चिंता का विषय हो सकता हैए क्योंकि यह दर्द महावारी के समय होने वाले दर्द जितना तीव्र या उससे भी अधिक तेज हो सकता है। इसके अलावा कई बार ऐसा भी होता है कि गर्भपात के लक्षण महसूस नहीं होते हैं और गर्भवती नियमित जांच के लिए डॉक्टर के पास जाती हैए तब पता चलता है कि गर्भपात हो गया है।

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