Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशु के उचित विकास में बाधा के क्या कारण
इसके बहुत से कारण हो सकते हैं। शायद आपके शिशु को पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं मिल रहा। वह शायद ज्यादा लंबे समय तक या फिर ज्यादा बार स्तानपान नहीं कर रहा या फिर हो सकता है कि आपको उसका स्तनपान करना छुड़वाकर ठोस आहार खिलाना शुरु करने में दिक्कत हो रही हो।
समुचित विकास न होने की निम्न वजह भी हो सकती हैं:
छोटी-मोटी बीमारी। बड़ों की तरह ही तबियत ठीक न होने पर शिशुओं की भूख भी कम हो जाती है।
सीने में जलन (हार्टबर्न) या रिफ्लक्स और उल्टी की वजह से भी शायद शिशु दूध पीना या भोजन करना न चाहे।
मुंह या गले में इनफेक्शन जिसकी वजह से चूसने में दर्द होता हो।
किसी बीमारी की वजह से अत्याधिक उल्टी या शिशुओं में दस्त (डायरिया)
खाने के समय की समस्याएं
कुछ शिशुओं को इसका ज्यादा खतरा होता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपके शिशु को फांक होंठ या तालु (क्लेफ्ट लिप एंड पैलेट), टंग टाई हो तो अन्य शिशुओं की तुलना में उसके लिए दूध पीना या खाना खाना शायद ज्यादा मुश्किल होता है।
कुछ मामलों में बच्चे और माता या पिता के रिश्तों में कुछ समस्या होती है जो उसके खाने-पीने की आदतों पर असर डाल सकती है। कई बार मांओं में प्रसवोत्तर अवसाद (पीएनडी) होने और शिशुओं का समुचित विकास न होने के बीच भी संबंध होता है।
कुछ परिवार में खाने का समय नियमित नहीं होता या फिर किसी विशेष भोजन, फल या दूध के लिए घर के खर्चे बढ़ने की चिंता भी रहती है। यदि आप बच्चे को बेहतरीन आहार देने या स्वस्थ भोजन खरीदने में समर्थ न हो तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह लें।
कई बार शिशु का समुचित विकास न होना किसी और ज्यादा गंभीर अंतर्निहित बीमारी का संकेत हो सकता है। यह भी एक कारण है कि डॉक्टर बच्चे का सही विकास न होने का कारण पता करना चाहते हैं।
क्या मैं अपने शिशु में समुचित विकास न होने के लक्षण पहचान सकती हूं?
यदि आप कभी अपने बच्चे के विकास, खाने-पीने के तरीके या उसके वजन को लेकर चिंतित हों, तो बच्चे के डॉक्टर से बात करें। वे शायद आपके सभी सवालों का जवाब देकर आपके मन को शांत कर सकेंगे। वे शिशु के खान-पान के बारे में भी आपको व्यावहारिक सलाह दे सकेंगे। यदि शिशु को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या हो, तो वे इसकी जांच करेंगे।
अधिकांश शिशुओं का जन्म के पहले दो हफ्तों में कुछ वजन कम होता है। इसे लेकर आप परेशान न हों - यह सामान्य है। हालांकि इसके बाद से आपका बच्चे का निरंतर विकास होना चाहिए।
यदि आपका शिशु समय से पहले जन्मा था, तो डॉक्टर इस बात को ध्यान में रखेंगे कि उसे अभी थोड़ा और बढ़ना है। वे जब ग्रोथ चार्ट पर शिशु का विकास दर्ज करेंगे तो वे उसकी समय से पहले की जन्म तिथि को ध्यान में रखते हुए शिशु की समायोजित उम्र (एडजस्टेड/करेक्टेड ऐज) का इस्तेमाल करेंगे। बच्चे के दो साल का हो जाने तक उसके वजन, बढ़त और विकासात्मक जांचों के लिए करेक्टेड ऐज को ही देखा जाता है।
ग्रोथ चार्ट औसत आंकड़ों पर आधारित होते हैं और इनकी तुलना में कुछ परिवार आनुवांशिक तौर पर लंबाई और शारीरिक ढांचे में छोटे होते हैं। इसलिए, अपने शिशु की तुलना औसत आंकड़ों से करने पर इस बात को हमेशा ध्यान में रखें।
क्या सही विकास न होने का उपचार हो सकता है?
समस्या किस तरह की है और इसका कारण क्या है, यह पहचान लेना मुख्य बात है। डॉक्टर को शिशु का समुचित विकास न होने का कारण पता लगाने की जरुरत है।
बच्चे के डॉक्टर शायद देखना चाहेंगे कि आप शिशु को स्तनपान या बोतल से किस तरह दूध पिलाती हैं, ताकि वे आसानी से ठीक की जा सकने वाली समस्याओं का पता लगा सकें। हो सकता है आपका शिशु शायद पर्याप्त दूध न पी रहा हो।
हो सकता है इसका उपचार केवल शिशु को ज्यादा बार स्तनपान करवाने और आपके दूध की आपूर्ति बढ़ाने या फिर शिशु के मुंह में स्तन सही ढंग से देने (लैचिंग) से संभव हो।
कभी-कभार समुचित विकास न होने का कारण शिशु के पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं या फिर दूध के प्रति एलर्जी भी हो सकती है।
यदि आप डिप्रेशन में हों, भावनाओं में उतार-चढ़ाव या अकेलापन महसूस कर रही हों या फिर बच्चे को लेकर कोई परेशानी हो तो डॉक्टर से बात करें ताकि आपको जरुरी सहयोग मिल सके।
कुछ बहुत दुर्लभ मामलों में फेल्योर टू थ्राइव का कारण कोई अधिक गंभीर अंतर्निहित समस्या हो सकती है। जितना जल्दी इसका पता चल जाए, उतनी जल्दी शिशु को बेहतर इलाज और देखभाल मिल सकती है।
शिशु के विकास से जुड़ी दिक्कतों के बारे में और जानकारी कहां से मिल सकती है?
यदि आप शिशु की बढ़त या विकास को लेकर चिंतित हैं तो जरुरी है कि शिशु के डॉक्टर से सलाह ली जाए। यदि आपको स्तनपान करवाना मुश्किल लग रहा हो तो डॉक्टर से बात करें और हो सकता है वे आपको किसी स्तनपान सलाहकार के पास जाने के लिए कहें।
| --------------------------- | --------------------------- |