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पैर में अटैक का कारण बन सकती है टखने की सूजन

अक्सर यह माना जाता है कि थकान के कारण सूजन आ रहा है। थकान को इसकी वजह मानते हुए लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं। जबकि सूजन आने के अन्य कारण भी हो सकते हैं, जो लंबे समय बाद नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। टखने की सूजन के कारण लेग अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है। इसके चलते पैर काटने पड़ सकते हैं। बॉडी में नमक रुकना भी सूजन आने का एक रिस्क फैक्टर हैं।

ब्लड प्रेशर की कुछ दवाइयों से भी टखने में सूजन आती है, ऐसा होने पर इन्हें बदल देना चाहिए, डाइट में नमक की मात्रा कम रखें
एंकल में सूजन का सबसे बड़ा कारण ओबेसिटी है। पैरों में फैट्स के जमने के अलावा हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर की दवाइयां, पेन किलर, किडनी फेलियर और वैरी कोज की वजह से भी एंकल में सूजन आने का खतरा बना रहता है।

पेन किलर भी टखने में सूजन आने की वजह
ज्यादातर बच्चों में हार्ट डिजीज और ऑर्थराइटिस के कारण सूजन आती है। ओल्ड ऐज में सूजन आना एक साधारण समस्या है। क्योंकि इस उम्र में पैरों की नर्व ढीली होने के कारण ब्लड का फ्लो प्रॉपर नहीं हो पाता है। जिससे क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है।

लंबे समय तक खड़े रहने से भी आ सकती है सूजन
युवाओं में ज्यादा देर तक खड़े और बैठे रहने के कारण सूजन आ सकती है। ब्लड का फ्लो हार्ट से होते बॉडी में नीचे की तरफ जाता है। ग्रेविटी के कारण फ्लो नीचे की तरफ आता है। वहीं अगर पैरों की नर्व सही तरह काम नहीं कर रही तो ब्लड नीचे से ऊपर नहीं आ पाता है। हार्ट की तरह ही पैरों में भी पंप के जरिए ब्लड वापस बॉडी में फ्लो करता है। यदि डिऑक्सीनेटेड ब्लड यानी बिना ऑक्सीजन वाला ब्लड वापस हार्ट की तरफ नहीं जा पाता है। पैरों में इसके जमने पर सूजन आना शुरू हो जाता है। इससे ब्लड फ्लो धीमे होने के कारण क्लॉट बनना शुरू हो जाते हैं। ये क्लॉट फ्लो करते हुए आर्टरी में फंस सकते है। बॉडी के किसी भी हिस्से में फंसनेे पर ये क्लॉट ब्लड सप्लाई को रोक देते हैं। इससे बॉडी का वह पार्ट डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।

अगर आपका जॉब लगातार बैठे रहने का है तो सूजन को अवॉयड करने के लिए समय समय पर वाक करे ताकि ब्लड ऊपर पंप होता रहे , जिससे ब्लड फ्लो प्रॉपर बना रहेगा। सूजन का कारण डायग्नोस करके ट्रीटमेंट शुरू करें। ब्लड प्रेशर की कुछ दवाइयों से सूजन आती है उन्हें बदल देना करना चाहिए। डाइट में साल्ट की मात्रा को कम रखे। ज्यादा देर बैठे या खड़े ना रहे। वहीं प्रॉपर एक्सरसाइज करना भी जरूरी है।

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