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· यदि अंडकोष में गांठ के कारण रोगी को किसी प्रकार का दर्द या परेशानी महसूस नहीं हो रही है, तो उसे उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। अंडकोष की गांठ वाले किसी भी व्यक्ति को नियमित रूप से घर पर इसकी जांच करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसका आकार बदल तो नही रहा है। सिस्ट आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाती हैं। अगर सिस्ट में दर्द होता है, तो गर्म सिंकाई से सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। यदि सिस्ट संक्रमित हो जाती है, तो संक्रमण का इलाज कराने के लिए चिकित्सक से संपर्क करें।डॉक्टर ज़रूरत लगने पर सिस्ट को हटा सकते हैं। हालांकि, डॉक्टर आमतौर पर इसकी सलाह नहीं देते हैं।

अंडकोष में गांठ का घरेलू इलाज –

स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के प्राकृतिक इलाज के रूप में कम वसा युक्त संतुलित आहार को अपनाया जा सकता है। इसके अलावा आयोडीन, मैग्नीशियम और क्रोमियम क्लोराइड सहित अन्य सप्लीमेंट का उपयोग भी स्पर्माटोसील (Spermatoceles) के उपचार में योगदान दे सकता है।

अंडकोष में गांठ (Spermatoceles) के इलाज में आयोडीन भी एक बहुत प्रभावी एजेंट है। आमतौर पर, शरीर में आयोडीन की कमी सिस्ट के उत्पादन का कारण बन सकती है, इसलिए आयोडीन की मात्रा से भरपूर आहार का सेवन स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के इलाज और रोकथाम को सुगम बना सकता है। यदि सिस्ट (Cyst) विकसित होता है, तो सिस्ट के शीर्ष पर आयोडीन लगाने से इसके आकार में काफी कमी हो सकती है। इसके अतिरिक्त स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के घरेलू इलाज के रूप में निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं:

सूजन को कम करने के लिए दो से तीन दिनों तक आइस पैक से सिकाई करना चाहिए
डॉक्टर की सलाह पर दर्द की दवाओं का सेवन करना चाहिए
सर्जरी के बाद तीन सप्ताह के बीच पुनः परीक्षण प्राप्त करना चाहिए।

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