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अंडकोष की गांठऔर सूजन
मेडिकल समीकà¥à¤·à¤¾ के साथ
यह लेख मूल रूप से अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में लिखा गया था। इस लेख का मूल संसà¥à¤•रण यहां देखा जा सकता है।
इस लेख में
**अंडकोष की गांठऔर सूजन के पà¥à¤°à¤•ार**
**मà¥à¤à¥‡ मेडिकल सहायता कब लेनी चाहिà¤?**
**कौन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है?**
**अंडकोष की गांठऔर सूजन के संकेत कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?**
**अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿(Hydroceles)**
**अंडकोष की गांठ** (**Epididymal cysts**)
**अंडकोष में मरोड़(Testicular torsion)**
**अंडकोष की गांठया सूजन होने की वजह कà¥à¤¯à¤¾ होती है?**
**अंडकोष की नसों की सूजन**
**अंडकोष वृदà¥à¤§à¤¿ (हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²)**
**अंडकोष की गांठ( à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤² सिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸)**
**अंडकोष की मरोड़(Testicular torsion)**
**अनà¥à¤¯ कारण**
**अंडकोष की गांठया सूजन की पहचान कैसे होती है?**
**वेरिकोसेलेस (अंडकोष की नसों में सूजन)**
**विशेषजà¥à¤ž के पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाना**
**अंडकोष वृदà¥à¤§à¤¿(Hydroceles)**
**अंडकोष की गांठया सूजन का उपचार कैसे होता है?**
**अंडकोष की नसों में सूजन**
**सरà¥à¤œà¤°à¥€**
**अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿**
**अंडकोष की गांठ(Epididymal cysts)**
**अंडकोष में मरोड़**
**अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के गाà¤à¤ **
अंडकोष की गांठऔर सूजन की वजह कà¥à¤¯à¤¾ होती है?
अंडकोष पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• अंग हैं। ये वीरà¥à¤¯ और टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ (पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के सेकà¥à¤¸ हारमोन) पैदा करते हैं। ये अंडकोष सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® नाम की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की ढीली थैली के अंदर होते हैं जो लिंग के पीछे के हिसà¥à¤¸à¥‡ में लटकते रहते हैं।
अंडकोष की गांठऔर सूजन के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में ये अंडकोष के कैंसर के संकेत à¤à¥€ हो सकते हैं। बहरहाल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गांठें सौमà¥à¤¯ (कैंसर रहित) होती हैं।
अंडकोष की गांठऔर सूजन के पà¥à¤°à¤•ार
अंडकोष की गांठऔर सूजन के चार मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार होते हैं:
अंडकोष की नसों का सूजन(varicocele), अंडकोष की थैली के अंदर बढ़ी हà¥à¤ नसों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होने वाली सूजन
अंडकोष की सूजन(hydrocele), अंडकोष के आसपास तरल से होने वाली सूजन
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤² सिसà¥à¤Ÿ(epididymal cyst), à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤¿à¤¸ (अंडकोष के पीछे à¤à¤• कà¥à¤µà¥‰à¤¯à¤²à¥à¤¡ टà¥à¤¯à¥‚ब) में तरल के जमा होने से बनने वाली गांठ- अगर इनमें वीरà¥à¤¯ होगा तो इसे अंडकोष की गांठकहा जाता है
अंडकोषों की मरोड़(testicular torsion), à¤à¤• अचानक होने वाली दरà¥à¤¦ à¤à¤°à¥€ सूजन उस वकà¥à¤¤ होती है जब अंडकोष मà¥à¤¡à¤¼ जाता है और अंडकोष तक रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बाधित हो जाती है। यह à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤•ीय आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है
अंडकोष की गांठऔर सूजन के कारणों के बारे में और अधिक जानकारी के लिठपढ़ें।
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मà¥à¤à¥‡ मेडिकल सहायता कब लेनी चाहिà¤?
अगर आपको आपके अंडकोष में कोई गांठ, सूजन या परिवरà¥à¤¤à¤¨ दिखाई देता है तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की जांच किसी हेलà¥à¤¥ केयर पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही की जानी चाहिà¤à¥¤
अंडकोष की मरोड़ à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤•ीय आपातसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है और इसके होने के चंद घंटों में ही सरà¥à¤œà¤°à¥€ होना जरूरी होता है।
अनà¥à¤¯ तरह की गांठों का उपचार करने की जरूरत नहीं होती कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे किसी तरह का कोई लकà¥à¤·à¤£ पैदा नहीं करती हैं। नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाली अंडकोषों की सूजन कई बार पहले साल या दूसरे साल में अपनेआप खतà¥à¤® हो जाती है।
अगर गांठकी वजह से दरà¥à¤¦ या परेशानी हो रही है तो संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है कि उसे सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल तरीके से हटाना पड़े।
अंडकोष की गांठऔर सूजन और उसके उपचार के बारे में और अधिक जानकारी के लिठपढ़ें।
कौन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है?
अंडकोषों की नसों की सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ काफी आम होती है जो सात में से à¤à¤• आदमी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। ये आमतौर पर किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के बाद दिखना शà¥à¤°à¥‚ होती है जब शरीर पूरी तरह से यौनरूप से परिपकà¥à¤µ हो जाता है। इस समय तक अंडकोष पूरी तरह विकसित हो जाते हैं और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नसों तक रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ जाता है।
अंडकोषों की वृदà¥à¤§à¤¿ 100 नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• या दो को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। ये समसà¥à¤¯à¤¾ यà¥à¤µà¤¾à¤“ं या पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ चोट या संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बाद हो सकती है।
अंडकोष की गांठकिसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकती है लेकिन मधà¥à¤¯ आयॠके पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में आम है। यह à¤à¤• तिहाई पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
वृषण में मरोड़ आना(टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ूलर टॉरà¥à¤¶à¤¨) आमतौर पर 13-17 साल के लड़कों में होती है लेकिन 20 वरà¥à¤· या अधिक उमà¥à¤° के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ हो सकती है। यह à¤à¤• असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है और अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 4000 में से à¤à¤• पà¥à¤°à¥à¤· को यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
अंडकोष की गांठऔर सूजन के संकेत कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
अगर आपको अपने à¤à¤• या दोनों अंडकोषों में गांठया सूजन मिले तो à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हमेशा अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में गांठया सूजन कैंसर नहीं होता लेकिन आपको इसकी किसी हेलà¥à¤¥à¤•ेयर पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² से जांच करवा लेनी चाहिà¤à¥¤
अंडकोष की नसों में सूजन(Varicoceles)
यह आमतौर पर बायीं तरफ विकसित होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसी तरफ से नसें अंडकोषों में से पेट में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं। वे अंडकोष की थैली में à¤à¤• मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® गांठकी तरह विकसित होती हैं और इसे कीड़ों की थैली जैसा महसूस किया जा सकता है। इसका आकार अलग-अलग हो सकता है। कà¥à¤› केवल तà¤à¥€ पहचान में आ सकती हैं जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छà¥à¤† जाता है। अनà¥à¤¯ बड़ी हो सकती हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी से देखा जा सकता है। अंडकोष की थैली के किनारे जहाठअंडकोषों की नसों की सूजन होती है दूसरी तरफ हलà¥à¤•े से नीचे लटक सकती हैं।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, अंडकोषों की नसों की सूजन किसी तरह का लकà¥à¤·à¤£ पैदा नहीं करती। बहरहाल, 10 में से à¤à¤• पà¥à¤°à¥à¤· को à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ या तेज दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है, इन अंगों में:
अंडकोष की थैली
पेट और जांघ के बीच का हिसà¥à¤¸à¤¾
अंडकोष की नसों की सूजन बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हो सकती है। बहरहाल, इस बात का कोई साकà¥à¤·à¥à¤¯ नहीं है कि इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल तरीके से हटाने से बांà¤à¤ªà¤¨ की दर में सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है।
अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿(Hydroceles)
अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर असर कर सकती है। लगà¤à¤— सà¤à¥€ मामलों में à¤à¤• या दोनों अंडकोषों में दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ सूजन होना ही à¤à¤•मातà¥à¤° लकà¥à¤·à¤£ है। अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ कई बार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के लड़कों और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अंडकोष की थैली में परेशानी महसूस हो सकती है।
अंडकोष की गांà¤
यह à¤à¤• छोटी, सौमà¥à¤¯ तरल से à¤à¤°à¥€ सूजन होती है जो पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंडकोष के पीछे या ऊपर विकसित होती है।
à¤à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤² सिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ कई बार दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ होती हैं लेकिन आपके अंडकोष में खिंचाव या à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ हो सकता है। अगर गांठआपके अंडकोष में या उसके पास के ढांचे पर दबाव डालती है तो आपको कà¥à¤› दरà¥à¤¦ और परेशानी का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है ।
आपके अंडकोष में अगर किसी तरह का कोई लकà¥à¤·à¤£ दिख रहा है तो आप जांच के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
अंडकोष में मरोड़(Testicular torsion)
अनà¥à¤¯ तरह के सौमà¥à¤¯(कैंसर रहित) अंडकोष की गांठके विपरीत, अंडकोष में मरोड़ à¤à¤• मेडिकल आपातकालीन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है।
अगर आपको या आपके किसी जानकार को अंडकोष में मरोड़ की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¥‡à¤‚स बà¥à¤²à¤¾à¤à¤à¥¤
अंडकोष में मरोड़ के मामले में जितनी जलà¥à¤¦à¥€ संà¤à¤µ हो सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जरूरत पड़ेगी ताकि अंडकोष की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होने से रोका जा सके।
अंडकोष में मरोड़ के लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर आपके à¤à¤• या दोनों अंडकोषों में तेज दरà¥à¤¦ के साथ शà¥à¤°à¥‚ होते हैं। अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
अंडकोष की थैली में सूजन
मितली आना (बीमार महसूस करना)
उलà¥à¤Ÿà¥€ आना
पेट में दरà¥à¤¦
कम दरà¥à¤œà¥‡ का बà¥à¤–ार
बार-बार पेशाब जाने के जरूरत पड़ता
अंडकोष की मरोड़ वाले कà¥à¤› पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में अंडकोषों मे दरà¥à¤¦ और सूजन की शिकायत पहले à¤à¥€ रही होती है।
अंडकोष की गांठया सूजन होने की वजह कà¥à¤¯à¤¾ होती है?
अंडकोषों में गांठऔर सूजन के कई अलग-अलग कारण हो सकता हैं।
अंडकोष का कैंसर à¤à¥€ à¤à¤• संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण है।
गांठों के मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार और उनके कारणों का विवरण यहां नीचे हैं।
अंडकोष की नसों की सूजन
अंडकोष की नसों की सूजन का सटीक कारण का जà¥à¤žà¤¾à¤¤ नहीं है। बहरहाल, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° विशेषजà¥à¤ž मानते हैं कि ये अंडकोषों से पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने वाले मारà¥à¤— की नसों में विकार होने की वजह से होती हैं। नसों के बाधित होने या नसों के वॉलà¥à¤µ में समसà¥à¤¯à¤¾ होने से à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है। वॉलà¥à¤µ à¤à¤¸à¥‡ फà¥à¤²à¥ˆà¤ª होते हैं तो रकà¥à¤¤ को गलत दिशा में बहने से रोकते हैं।
विकार वाली नसें सामानà¥à¤¯ नसों की तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीके से रकà¥à¤¤ को संचारित नहीं करतीं। इसकी वजह से नसों में अतिरिकà¥à¤¤ खून जमा होने लगता है जिससे ये सूज जाती हैं।
जब शरीर में परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ आ रही होती है उस अवसà¥à¤¥à¤¾ में अंडकोषों तक रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ जाता है और वे बड़े होने लगते हैं। इसकी वजह से अंडकोषों की नशों की सूजन दिखने लगती है।
अंडकोष वृदà¥à¤§à¤¿ (हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके नर बचà¥à¤šà¥‡ के अंडकोष उनके पेट के अंदर विकसित होते हैं। à¤à¤• बार बन जाने के बाद अंडकोष à¤à¤• रासà¥à¤¤à¥‡ से सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® ( तà¥à¤µà¤šà¤¾ की à¤à¤• ढीली थैली जिसमें अंडकोष रहते हैं) में चले जाते हैं।
आमतौर पर यह मारà¥à¤— जनà¥à¤® से पहले बंद होता है लेकिन कà¥à¤› मामलों में खà¥à¤²à¤¾ ही रह जाता है। अगर यह मारà¥à¤— खà¥à¤²à¤¾ रह जाता है तो तरल पेट से अंडकोष की थैली में चला जाता है जिसकी वजह से अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ से होने वाली सूजन होने लगती है।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में यह तरल बचà¥à¤šà¥‡ के पहले या दूसरे साल में आसपास मौजूद टिशà¥à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सोख लिया जाता है और अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾ खतà¥à¤® हो जाती है।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ का वृदà¥à¤§à¥‹à¤‚ में होने वाली अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ की वजह अंडकोष की थैली में इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ ( लालिमा और सूजन) की वजह से होती है जो इन वजहों से होती है:
कोई चोट
कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£
कोई टà¥à¤¯à¥‚मर (गà¥à¤°à¥‹à¤¥)
अंडकोष की गांठ( à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤² सिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸)
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤¿à¤¸ अंडकोषों के पीछे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤• कà¥à¤µà¤¾à¤¯à¤² जैसी संरचना होती है जो वीरà¥à¤¯ को जमा करने और उसे आगे à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ में मदद करती है। कई बार à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤¿à¤¸ पर तरल से à¤à¤°à¥€ सूजन पैदा हो जाती है जिसका कोई सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कारण पता नहीं चलता।
अंडकोष की मरोड़(Testicular torsion)
अंडकोष सà¥à¤ªà¤°à¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• कोरà¥à¤¡ से लटका रहता है। यह कोरà¥à¤¡ इतनी ढीली होनी चाहिठकि अंडकोष की थैली के अंदर अंडकोष आसानी से हिल-डà¥à¤² सकें लेकिन इतने à¤à¥€ ढीले न हों कि वे आवशà¥à¤¯à¤•ता से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिलें।
कà¥à¤› लड़के ढीली कॉरà¥à¤¡ की समसà¥à¤¯à¤¾ के साथ ही जनà¥à¤® लेते हैं। इसका अरà¥à¤¥ यह है कि उनमें अंडकोषों के अतिरिकà¥à¤¤ रूप से हिलने का जोखिम काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है और इससे उनकी शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ कॉरà¥à¤¡ में मरोड़ पैदा हो सकती है।
अगर यह कॉरà¥à¤¡ बà¥à¤°à¥€ तरह से मà¥à¤¡à¤¼ जाती है तो उस अंडकोष की मà¥à¤–à¥à¤¯ रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बाधित हो सकती है। यह आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है। अगर इसका शीघà¥à¤° उपचार न किया गया तो अंडकोष मर सकते हैं। इनकी मरोड़ को खोलने और खून की आपूरà¥à¤¤à¤¿ जारी रखने और अंडकोष का मरने से बचाने के लिठतà¥à¤°à¤‚त सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जरूरत होती है।
यह समसà¥à¤¯à¤¾ 13 से 17 लास के लड़कों में आम होती है। हालांकि यह उनमें à¤à¥€ हो सकती है:
20 व अधिक की उमà¥à¤° के पà¥à¤°à¥à¤·
गरà¥à¤ में अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡
नवजात शिशà¥
अंडकोष की मरोड़ कई बार चोट जैसे आघात की वजह से à¤à¥€ हो सकती है। बहरहाल, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामले बिना किसी कारण होते हैं। अंडकोष की मरोड़ अपà¥à¤°à¤•ट अंडकोष(undescended testicles) की हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के चलते à¤à¥€ हो सकती है। यह वह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है जिसमें कोई बचà¥à¤šà¤¾ उनकी अंडकोष की थैली में à¤à¤• या दोनों अंडकोष के बिना पैदा होता है।
अनà¥à¤¯ कारण
अंडकोष की गांठया सूजन के अनà¥à¤¯ कारणों में शामिल हैं:
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸- à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤¿à¤¸ की सूजन या जलन जो यौन संचारित संकà¥à¤°à¤®à¤£ या मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से होती है
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¥‹-ऑरकाइटिस(epididymo-orchitis) - à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के साथ ऑरकाइटिस ( अंडकोषों की जलन) होना, यह अमूमन संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से होती है
इनगà¥à¤‡à¤¨à¤² हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾(inguinal hernia)- आपके बोवल का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा आपके गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨ (कमर और जांघ के बीच के हिसà¥à¤¸à¥‡) में मांसपेशी या उसके पास की मौजूद टिशू की दीवार में घà¥à¤¸ जाता है। à¤à¤• चौथाई से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को उनके जीवनकाल में इनगà¥à¤‡à¤¨à¤² हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
अंडकोष की गांठया सूजन की पहचान कैसे होती है?
अगर आपको आपके अंडकोष में किसी तरह की गांठया सूजन दिखती है तो हमेशा अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में गांठअंडकोष के कैंसर का संकेत हो सकती है ( 100 में से चार से कम)।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपसे पूछेगा कि कà¥à¤¯à¤¾ आपको ये लकà¥à¤·à¤£ हैं:
आपको किसी तरह का दरà¥à¤¦ हो रहा है अगर हां तो कà¥à¤¯à¤¾ वह कितना गंà¤à¥€à¤° था और यह कितनी देर तक चला
कोई अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ जैसे जब आप पेशाब करते हैं तो दरà¥à¤¦ होना(जो यूरिनरी टà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का संकेत है) या आपके यूरेथà¥à¤°à¤¾ (वह टà¥à¤¯à¥‚ब जो बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° से पेशाब को लेकर जाती है) से किसी तरह का डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना।
किसी आघात की हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€, जैसे आपके गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨ में कोई सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¤¸ इंजरी।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° निमà¥à¤¨ बाते जांचने के लिठआपके अंडकोषों की जांच à¤à¥€ करेंगे:
आपके अंडकोष का आकार
आपकी गांठया सूजन की पोजीशन
कà¥à¤¯à¤¾ हाथ लगाने पर गांठमें किसी तरह का दरà¥à¤¦ होता है
गांठमà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® है या सखà¥à¤¤
अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° सिरà¥à¤« जांच से इसको डायगà¥à¤¨à¥‹à¤œ नहीं कर सकते तो आपको अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाना होगा। इसमें हाई फà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤µà¥‡à¤¸à¥€ की साउंड वेवà¥à¤¸ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर आपके शरीर के अंदर à¤à¤• इमेज तैयार होती है।
वेरिकोसेलेस (अंडकोष की नसों में सूजन)
आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपसे आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में पूछताछ और आपकी शारीरिक जांच कर उसे पहचान सकता है। अमूमन आगे टेसà¥à¤Ÿ करने की जरूरत नहीं पड़ती।
विशेषजà¥à¤ž के पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाना
कà¥à¤› मामलों में आपको यूरोलॉजिसà¥à¤Ÿ के पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा सकता है(वे पेशाब से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के उपचार में विशेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤° होते हैं)। उदाहरण के लिà¤, अगर:
à¤à¤• वेरिकोसेल अचानक विकसित होता है
आपको दायीं तरफ à¤à¤• सिंगल वेरिकोसेल हो
आपकी गांठके कारण के बारे में अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ हो
आप दरà¥à¤¦ महसूस करें
इससे आपको शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी का सामना करना पड़ रहा हो
इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जांच करने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठकहा जा सकता है और उसमें अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की जांच की जा सकती है।
अंडकोष वृदà¥à¤§à¤¿(Hydroceles)
वेरिकोसेलेस के समान, अंडकोष वृदà¥à¤§à¤¿ को आमतौर पर शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जांचा जा सकता है।
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ में अंडकोष वृदà¥à¤§à¤¿ हो जाती है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° जांच करने के लिठआपके बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¤‚डकोष की थैली को छूकर देखेंगे कि सूजन तरल की वजह से है या कà¥à¤› सखà¥à¤¤ तो नहीं है। आमतौर पर यह तरल साफ होता है इसलिठआपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° अंडकोष की थैली से à¤à¤• टारà¥à¤š दिखाकर जांच कर सकता है। अगर अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ मौजूद होती है तो अंडकोष की बाहà¥à¤¯à¤°à¥‡à¤–ा तरल की पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि में उà¤à¤° आती है।
अगर आपको अंडकोष वृदà¥à¤§à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी अंडकोष की थैली को उपरोकà¥à¤¤ विधि के अनà¥à¤°à¥‚प जांच करेंगे। अगर आप 20 से 40 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° के हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको अंडकोष के कैंसर की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को जाà¤à¤šà¤¨à¥‡ के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करने के लिठरेफर कर सकते हैं ।
अगर आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को संशय है कि आपको अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ की वजह कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ है तो वे उसकी जांच करने के लिठआपके पेशाब का नमूना ले सकते हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके यूरेथà¥à¤°à¤¾ से सेलà¥à¤¸ और तरल का नमूना à¤à¥€ सà¥à¤µà¥ˆà¤¬ की मदद से ले सकते हैं। यह सà¥à¤µà¥ˆà¤¬ à¤à¤• सोखने वाली सामगà¥à¤°à¥€ का छोटा टà¥à¤•ड़ा होता है। यह à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¿à¤• के अंत में जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है। इस नमूने की जांच से संकà¥à¤°à¤®à¤£ का पता लगाया जा सकता है।
अंडकोष की गांठ(Epididymal cysts)
इसे आमतौर पर शारीरिक जांच से ही पहचाना जा सकता है। इसमें आगे जांच करने की जरूरत नहीं पड़ती।
अंडकोष की मरोड़(Testicular torsion)
अंडकोषों की मरोड़ की समसà¥à¤¯à¤¾ को अमूमन अंडकोष में तेज दरà¥à¤¦ और सूजन के विशेष लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पहचाना जाता है।
अगर अंडकोष की मरोड़ का संशय हो तो आपको फौरन ऑपरेशन करवाने की जरूरत होगी। अगर आपको लंबे से दरà¥à¤¦ हो रहा है तो अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाया जा सकता है।
अंडकोष की गांठया सूजन का उपचार कैसे होता है?
आपके अंडकोष में बनी गांठका उपचार उसकी वजहों पर निरà¥à¤à¤° करता है।
अंडकोष की नसों में सूजन
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में अंडकोष की नसों की समसà¥à¤¯à¤¾ का कोई उपचार करने की जरूरत नहीं होती। अगर आपको यह समसà¥à¤¯à¤¾ है और आप दरà¥à¤¦ और परेशानी à¤à¥‡à¤² रहे हैं तो इससे आराम पाने के लिठआप ये कदम उठा सकते हैं-
पेनकिलर (दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤•) लें, जैसे पैरासिटामोल
कसे हà¥à¤ कपड़े और अंडरवियर पहनें, जिससे सपोरà¥à¤Ÿ मिल सके
अगर आपके अंडकोष की नसों की सूजन तब à¤à¥€ आपको परेशान करती रहती है तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ करवाने की सलाह दी जा सकती है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€
अंडकोष की नसों की सूजन दूर करने के लिठसरà¥à¤œà¤¿à¤•ल तकनीक वेरिकोसील à¤à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा सकता है। आपको सरà¥à¤œà¤°à¥€ के जोखिम और फायदों के बारे में जानने के लिठà¤à¤• यूरोलॉजिसà¥à¤Ÿ के पास रेफर किया जा सकता है। ये पेशाब की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के उपचार में विशेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤° होते हैं।
वेरिकोसील à¤à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामले आउटपेशेंट आधार पर देखे जाते हैं जिसका अरà¥à¤¥ यह हà¥à¤† कि आपको रात को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रà¥à¤•ने की जरूरत नहीं पड़ती। आमतौर पर यह लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• (पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ का सà¥à¤¨à¥à¤¨ करने के लिठदरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• दवा देना) के अधीन किया जाता है।
आपका सरà¥à¤œà¤¨ आपके अंडकोष की पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नस में à¤à¤• छोटी टà¥à¤¯à¥‚ब डालने के लिठगाइड के रूप में à¤à¤•à¥à¤¸-रे उपकरण का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करेगा। नसों को बाधित करने के लिठवह मेटल कà¥à¤µà¤¾à¤¯à¤² या विशेष तरल पदारà¥à¤¥ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं। रकà¥à¤¤ बाधित नसों से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है जिससे सूजन कम होती है और नसों की सूजऩ यानी वेरिकोसील खतà¥à¤® हो जाती है।
वेरिकोसील à¤à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ काफी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है हालांकि इसमें संकà¥à¤°à¤®à¤£ का छोटा सा जोखिम à¤à¥€ होता है। अगर संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो जाता है तो उसे à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸(बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का उपचार करने की दवा) से ठीक किया जा सकता है। अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जोखिमों में शामिल हैं:
अंडकोष की नसों की सूजन का लौटना
अंडकोष की थैली में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤ªà¤¨ या दरà¥à¤¦
कà¥à¤› मामलों में चौड़ी हो चà¥à¤•ी नसों को सीधे विà¤à¤•à¥à¤¤ कर सरà¥à¤œà¤°à¥€ के रूप में अलग उपचार किया जाता है। आमतौर पर यह जनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• के अधीन किया जाता है इसलिठआपको बेहोश करन पड़ता है। आपका सरà¥à¤œà¤¨ आपके गà¥à¤°à¤‡à¤¨ में à¤à¤• कट बनाà¤à¤—ा और चौड़ी हो गई नस को तलाश कर उसे हटा देगा।
10 में से 9 à¤à¤¸à¥‡ मामलों में सरà¥à¤œà¤°à¥€ से सफलता पाई जाती है।
अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿
नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾ अमूमन उसके दो साल तक पहà¥à¤‚चने पर खतà¥à¤® हो जाती है। उपचार की जरूरत केवल तà¤à¥€ पड़ती है जब यह समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय तक चलती रहती है या दरà¥à¤¦ और परेशानी बनी रहती है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€
अगर आपको अंडकोष की वृदà¥à¤§à¤¿ का उपचार करवाना है तो इसके लिठहाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€(hydrocelectomy) नाम का सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤œà¤° करवाने की सलाह दी जाती है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ जनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• के अधीन की जाती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट और अंडकोष की थैली के बीच के रासà¥à¤¤à¥‡ को बंद करने से पहले गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨ में à¤à¤• कट बनाया जाता है। वयसà¥à¤•ों में अंडकोष की थैली में कट बनाया जाता है और उसमें से तरल को बहार निकाल लिया जाता है और घà¥à¤²à¤¨à¥‡ वाले टांकों से उस कट को बंद कर दिया जाता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग ऑपरेशन करवाने के बाद जलà¥à¤¦ घर जा सकते हैं।
वेरिकोसील à¤à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ की तरह, हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ के बाद संकà¥à¤°à¤®à¤£ का छोटा सा जोखिम होता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने के लिठऑपरेशन से पहले और उसके दौरान à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ दी जा सकती है।
अंडकोष की गांठ(Epididymal cysts)
इसके लिठआमतौर पर किसी उपचार की जरूरत नहीं होती। बहरहाल, अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी तरह की परेशानी वाले लकà¥à¤·à¤£ दिख रहे हैं तो यूरोलॉजिसà¥à¤Ÿ से संपरà¥à¤• करें।
आपका यूरोलॉजिसà¥à¤Ÿ आगे की उपचार की सलाह दे सकता है और जनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• के अधीन पूरी गांठको हटाने के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ का सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकता है।
अंडकोष में मरोड़
अगर आपको इसकी कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है तो आपको उसे सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लाने के लिठजितना जलà¥à¤¦à¥€ हो सके सरà¥à¤œà¤°à¥€ करवाने की जरूरत होगी। अंडकोष में मरोड़ होने के चार घंटे के अंदर अंडकोष को सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ हो सकती है जिससे आपके बचà¥à¤šà¥‡ पैदा करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर असर पड़ सकता है या आपका अंडकोष पूरी तरह खराब à¤à¥€ हो सकता है।
इसकी सरà¥à¤œà¤°à¥€ जनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• में की जाती है। सरà¥à¤œà¤¨ सà¥à¤ªà¥‡à¤°à¤®à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• कॉरà¥à¤¡(वह कॉरà¥à¤¡ जिससे आपके अंडकोष थैली के अंदर लटके रहते हैं) की मरोड़ को खोलने से पहले आपकी अंडकोष की थैली में कट बनाता है। अंडकोष दोबारा मरोड़ न खाà¤à¤‚ इसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थैली के अंदर सिल दिया जाता है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठआप जितनी देर इंतजार करेंगे उतना ही जोखिम बढ़ता जाà¤à¤—ा और सरà¥à¤œà¤¨ आपके मरोड़ खाठहà¥à¤ अंडकोष को बचाने में उतना ही असफल होता जाà¤à¤—ा। आंकड़े बताते हैं कि मरोड़ खाने के 6 घंटे के अंदर सरà¥à¤œà¤°à¥€ करने से 10 में से 9 अंडकोष को बचाया जा सका है। बहरहाल, अगर सरà¥à¤œà¤°à¥€ 24 घंटे तक देरी से होती है तो 10 में से केवल à¤à¤• अंडकोष को ही बचाया जा सका।
अंडकोष की मरोड़ की सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद आपको à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¤¾à¤°à¥€ शà¥à¤°à¤® वाले काम नहीं करने चाहिà¤à¥¤ सरà¥à¤œà¤¨ आपको इस बारे में सलाह देगा।
अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के गाà¤à¤
अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की गांठों का उपचार उनके कारणों के आधार पर दूसरी तरह से किया जाता है। उदाहरण के लिठअगर आपकी गांठकिसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से है तो संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ से किया जाà¤à¤—ा।
यौन संचारित संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚(à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤†à¤ˆ) और मूतà¥à¤° मारà¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में अधिक जानकारी के लिठपढ़ें।
अगर आपमें अंडकोष के कैंसर की पहचान हà¥à¤ˆ है तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ या रेडियोथेरपी से उसका उपचार किया जा सकता है। अंडकोष के कैंसर के उपचार के बारे में अधिक जानकारी के लिठपढ़ें।
अगर आपमें जांघ के जोड़ में होने वाले हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (इनगà¥à¤‡à¤¨à¤² हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾) की पहचान हà¥à¤ˆ है तो आमतौर पर ऑपरेशन ही इसका इलाज होता है। इनगà¥à¤‡à¤¨à¤² हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में अधिक जानकारी के लिठपढ़ें।
सामगà¥à¤°à¥€ का सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤NHS लोगोnhs.uk
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