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पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोष (Testicular Pain) में दरà¥à¤¦ के कारण और घरेलू उपचार: Home Remedies for Testicular Pain
अंडकोष यानी टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में पायी जाने वाली à¤à¤• थैली है। अंडकोष की थैली के अंदर दो अंडकोष होते हैं। अंडकोष में लाखों छोटे-छोटे शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ कोशिकाà¤à¤‚ पैदा करते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखते हैं। इसके अलावा ये टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ à¤à¥€ बनाते हैं, à¤à¤• हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ जिसके कारण पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ पैदा होता है। साथ ही टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¨ मांसपेशियों और बालों के लिठजरूरी होता है। इसे मरà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ à¤à¥€ कहते हैं।
Testicular Pain
Contents [show]
टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¨ दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¤¾ होता है (What is Testicular Pain)
टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° दरà¥à¤¦ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ दरà¥à¤¦ है जो पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को à¤à¤• या दोनों अंडकोष में होता है। यह दरà¥à¤¦ कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° खà¥à¤¦ टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ से होती है, या कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह दरà¥à¤¦ दूसरी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ अंडकोष की थैली में किसी पà¥à¤°à¤•ार का तकलीफ होने या पेट में कोई तकलीफ होने पर à¤à¥€ टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है। टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट यानी कम समय के लिठया कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• यानी लंबे समय के लिठहो सकता है। टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ होने पर यह जानना जरूरी है कि कारण कà¥à¤¯à¤¾ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤°à¤‚त इलाज नहीं करवाने पर अंडकोष हमेशा के लिठखराब हो सकता है। 18 से 36 वरà¥à¤· के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में इस बीमारी के होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोष (Testicular Pain) में दरà¥à¤¦ के कारण (Causes of Testicular Pain)
जैसा कि हमने पहले की चरà¥à¤šà¤¾ की कि टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ होने के बहà¥à¤¤ सारे कारण होते हैं, चलिये इनके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं-
चोट लगना-अंडकोष बहà¥à¤¤ अधिक संवेदनशील होता है, और आसानी से उनको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है। यदि इसपर हलà¥à¤•ा-सा à¤à¥€ दबाव पड़ता है तो इसमें दरà¥à¤¦ हो सकता है। पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ चोट à¤à¥€ इसका दरà¥à¤¦ बाद में उà¤à¤¾à¤° सकती है।
इंगà¥à¤‡à¤¨à¤² हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾- इसे गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨ हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। इसमें छोटी आंत का कà¥à¤› à¤à¤¾à¤— आपके अंडकोष में आकर दरà¥à¤¦ और सूजन पैदा करता है। यह हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान उठाने के कारण होता है।
तोरसिओं- इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤ªà¥‡à¤°à¥à¤®à¤Ÿà¤¿à¤• मà¥à¤¡à¤¼ जाती है। जिसके कारण टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ की ओर जाने वाला रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बाधित हो जाता है। यह बहà¥à¤¤ तेज दरà¥à¤¦ का कारण बनता है। समय रहते इसका इलाज न हो तो अंडकोष हमेशा के लिठखराब à¤à¥€ हो सकता है।
अधिवृषण यानी à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¡à¥à¤¯à¤®à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾- अधिवृषण à¤à¤• नली जैसी होती है जो की आपके दोनों टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ के पीछे की ओर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होती है। इसमें अधिवृषण में जलन होने लगती है और सूजन à¤à¥€ आने लगती है। à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¡à¥à¤¯à¤®à¤¿à¤¸ में जलन होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे चोट लगना, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£, सेकà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फैलने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ जिस हम à¤à¤¸.टी.डी. के नाम से जानते है। à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¡à¥à¤¯à¤®à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° 18 से 36 वरà¥à¤· के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाया जाता है।
ओरचीटिस- इस रोग में आपके टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ में जलन होने लगती है, जो कि बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² या वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होता है। यह जलन à¤à¤• या दोनों अंडकोष में होती है और इसमें अंडकोष में सूजन और दरà¥à¤¦ रहने लगता है। और यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° 45 या उससे बड़ी उमà¥à¤° के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में अधिक देखने को मिलता है।
अनà¥à¤¯ बीमारियां- पà¥à¤°à¥à¤· के अंडकोष में दरà¥à¤¦ के लिठकई अनà¥à¤¯ बीमारियां à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होती हैं। डायबिटिक नेफà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ के कारण अंडकोष की नसों को नà¥à¤•सान à¤à¥€ पहà¥à¤à¤š सकता है। यह à¤à¥€ दरà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण बनता है। इसके अलावा कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ जैसे यौन संचारित रोग à¤à¥€ अंडकोष में दरà¥à¤¦ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²-हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² के कारण à¤à¥€ अंडकोषों में दरà¥à¤¦ होता है। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ रोग है, जिसमें अंडकोषों में पानी à¤à¤° जाता है और पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ के कारण इनका आकार बढ़ने लगता है। ये à¤à¤• खतरनाक बीमारी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पानी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने पर कई बार अंडकोष फट जाता है जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मौत हो जाती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना जरूरी होता है।
हारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾-छोटी आंत का कà¥à¤› à¤à¤¾à¤— जब नीचे की तरफ आ जाता है तो वह अंडकोष में पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बनाता है जिसकी वजह से à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो सकता है। इसे गà¥à¤°à¥‡à¤‡à¤¨ हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है, इसकी वजह से अंडकोष में तेज दरà¥à¤¦ और सूजन हो सकता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤°à¥€ सामन उठाने की वजह से à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है। वरà¥à¤• आउट करते समय सही सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ सपोरà¥à¤Ÿà¤° पहनने की सलाह दी जाती है।
वैरिकोसील-यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अंडकोष में सूजन हो जाये तो उसके कारण à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो सकता है। वैरिकोसील à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें अंडकोष के अंदर की नसें बड़ी हो जाती हैं जिसके कारण अंडकोष बड़ा हो जाता है और दरà¥à¤¦ होता है। टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठआप सपोरà¥à¤Ÿà¤° का सहारा ले सकते हैं। सपोरà¥à¤Ÿà¤° का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ करते हैं। सपोरà¥à¤Ÿà¤° आपके अंडकोष को आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखता है जिसके कारण दरà¥à¤¦ नहीं होता। सपोरà¥à¤Ÿà¤° अंडकोष को बढ़ने से à¤à¥€ रोकता है।
डायबिटीज- पà¥à¤°à¥à¤· के अंडकोष में दरà¥à¤¦ के अंडकोष से संबंधित बीमारियों के लिठकई अनà¥à¤¯ बीमारियां à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हैं। डायबिटिक नेफà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ के कारण अंडकोष की नसे कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकती हैं, यह à¤à¥€ दरà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है। इसके अलावा कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ जैसे यौन संचारित रोग à¤à¥€ अंडकोष में दरà¥à¤¦ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं।
टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल कैंसर-टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ में दरà¥à¤¦ का कारण टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर à¤à¥€ हो सकता है। इसके लिठहमेशा सतरà¥à¤• रहने की जरूरत होती है। अगर अंडकोष में कोई गांठहै और आपके अंडकोष में दरà¥à¤¦ और सूजन है तो इसकी तà¥à¤°à¤‚त जांच करायें। ये कैंसर अंडकोष से शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों में à¤à¥€ फैल सकता है। टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर का इलाज संà¤à¤µ है इसके सफल होने का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ 95 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ है।
à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¡à¥à¤¯à¤®à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸-à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¡à¥à¤¯à¤®à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ की वजह से टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ की नसों में जलन और दरà¥à¤¦ होने लगता है। इसका कारण चोट या इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¡à¥à¤¯à¤®à¤¿à¤¸ में जलन होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे चोट लगना, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ और STD की वजह से à¤à¥€ à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¡à¥à¤¯à¤®à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° 18 से 36 वरà¥à¤· के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाया जाता है।
कोनायम-अंडकोष में खून पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने वाली नाड़ियों के अनà¥à¤¦à¤° खून जमा होने के कारण शारीरिक शकà¥à¤¤à¤¿ कम हो जाती है और उस हिसà¥à¤¸à¥‡ में कम संवेदनशीलता महसूस होती है। इस वजह से या तो यहां कà¤à¥€-कà¤à¥€ सूजन आ जाती है।
ऑरà¥à¤•िटिस-ये समसà¥à¤¯à¤¾ वायरल या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से होती है। इसमें à¤à¥€ जलन और दरà¥à¤¦ होता है, इसकी वजह से अंडकोष में सूजन और दरà¥à¤¦ होता है। इसमें आपको à¤à¤• या दोनों अंडकोष में कोमलता या शिथिलता, जो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ तक आपको महसूस होती है। इसका à¤à¥€ समय रहते इलाज न किया जाय तो यह अंडकोष की कारà¥à¤¯ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿ करता है।
पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोष (Testicular Pain) में दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Testicular Pain)
पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोष में दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में पता होने पर ही बीमारी का पता चल सकता है-
-अंडकोष और अंडकोष की थैली में सूजन, संवेदनशीलता या लालिमा।
-जी मिचलाना और उलà¥à¤Ÿà¥€ होना
-बà¥à¤–ार आना
-यौन संà¤à¥‹à¤— के दौरान दरà¥à¤¦ होना
-वीरà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤¤ के साथ दरà¥à¤¦
-वीरà¥à¤¯ में रकà¥à¤¤ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
-मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने में दरà¥à¤¦ होना
-अचानक अंडकोष में सामानà¥à¤¯ या गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होना
Symptoms of Testicular Pain
-पेट या कमर के नीचे के हिसà¥à¤¸à¥‡ में सामानà¥à¤¯ या तीवà¥à¤° दरà¥à¤¦ होना
पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोष (Testicular Pain) में दरà¥à¤¦ होने से बचने के उपाय (Prevention Tips from Testicular Pain)
जीवनशैली में इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने पर पà¥à¤°à¥à¤· अंडकोष के दरà¥à¤¦ से बचा जा सकता है-
-विपरीत पोजिशन में संबंध बनाते वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अंडकोष में चोट न लगे।
-तेज गति से हसà¥à¤¤à¤®à¥ˆà¤¥à¥à¤¨ न करें, इससे अंडकोष को चोट लग सकती है।
-किसी à¤à¥€ हालत में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को न रोकें, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर निकल जाने दें नहीं तो यह शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मर कर गांठबना देते हैं, आगे चल कर कैंसर जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है।
-कà¥à¤°à¤¿à¤•ेट, हौकी, फà¥à¤Ÿà¤¬à¤¾à¤², कà¥à¤¶à¥à¤¤à¥€ आदि खेल खेलते समय अपने अंडकोश का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, उसमें चोट न लग जाà¤, चोट लगने पर तà¥à¤°à¤‚त डाकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚।
-टाइट अंडरवियर न पहनें, लंगोट बहà¥à¤¤ अधिक कस कर न बांधें, इससे अंडकोष पर अधिक दबाव पड़ता है।
-सूती और हलà¥à¤•े रंग के अंडरवियर पहनें, नायलोन के अंडरवियर पहनने से अंडकोष को हवा नहीं मिल पाती है, गहरे रंग का अंडरवियर अंडकोष को गरमी पहà¥à¤‚चाती है।
-हमेशा अंडरवियर पहन कर न रहें रात के वकà¥à¤¤ उसे उतार दें जिससे अंडकोष को हवा लग सके।
-अधिक गरम जगह जैसे à¤à¤Ÿà¥à¤ ी, कोयला इंजन के डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤°, लंबी दूरी के टà¥à¤°à¤• डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤° आदि अपने अंडकोष को तेज गरमी से बचाà¤à¤‚।
-अंडकोष पर किसी पà¥à¤°à¤•ार के तेल की तेजी से मालिश न करें, यह नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
-यौन संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ रोग से बचने के लिà¤, संà¤à¥‹à¤— या सेकà¥à¤¸ करने के दौरान कंडोम का उपयोग करना चाहिà¤à¥¤ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यौन संबंध, यौन संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ बीमारियों को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने या फैलने से रोका जा सकता है।
– ममà¥à¤ªà¥à¤¸ टीकाकरण (mumps vaccination), वायरल ओरकाइटिस (viral orchitis) के अंडकोष के बीमारी के जोखिमों को कम कर सकता है।)
-वृषण टà¥à¤¯à¥‚मर (testicular tumors) की नियमित जॉंच करनी चाहिà¤, जिससे कि टà¥à¤¯à¥‚मर की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही पहचान कर उचित इलाज पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सके।
-गरà¥à¤® जल से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करें।
-अंडकोष की सूजन को कम करने के लिठबरà¥à¤« की सिकाई करनी चाहिà¤à¥¤
-फिटिंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिà¤à¥¤
-अंडकोष में दरà¥à¤¦ होने पर अधिक आराम करना चाहिà¤à¥¤
-जितना संà¤à¤µ हो उतना पानी पीना चाहिठऔर मोटापा कम करने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
-दरà¥à¤¦ से असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिठइबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ (ibuprofen) और à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ (acetaminophen) की मदद ली जा सकती है।
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