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à¤à¤• आसन हर रोज : शरीर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ को मजबूत बनाता है गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨
à¤à¤—वान विषà¥â€à¤£à¥ का वाहन मानेे जाने वाले गरà¥à¤¡à¤¼ पकà¥à¤·à¥€ के समान हो जाती है इस आसन में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¥¤
अगर आप शरीर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯, अंडकोष, मलाशय या जांघों में किसी तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾ का सामना कर रहे हैं तो आपको गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ जरूर करना चाहिà¤à¥¤ यह शरीर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ को मजबूत बनाने के साथ ही बाजà¥à¤“ं का लचीलापन à¤à¥€ बढ़ाता है।
गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨
कà¥à¤·à¥à¤ रोग के मरीज़ों के लिठइन योगासनों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ है लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•
बेली फैट है आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ तो लें योग की मदद, जानें बढ़ी हà¥à¤ˆ तोंद घटाने वाले फायर फà¥à¤²à¤¾à¤ˆ योगासन के बारे में
तनाव और à¤à¤‚गà¥â€à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाता है बालासन, जानें इसकेे फायदे
गरà¥à¥œà¤¾à¤¸à¤¨ योग खड़े होकर करने वाले योग में à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ है। यह अंडकोष à¤à¤µà¤‚ गà¥à¤¦à¤¾ के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ है। इस आसन में हाथ à¤à¤•-दूसरे में गूंथ लिठजाते हैं और छाती के सामने इस पà¥à¤°à¤•ार रखे जाते हैं, जैसे गरà¥à¤¡à¤¼ की चोंच होती है, इसलिठइस आसन को गरà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¸à¤¨ कहा जाता है।
दाà¤à¤‚ पांव को बाà¤à¤‚ पांव के ऊपर से दूसरी ओर ले जाà¤à¤‚। अगर आपकी जांघ मोटी है तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इसे करने में परेशानी हो सकती है। दूसरी तरफ पतली कमर और पतले जांघ वाले इसको आसानी से कर सकते हैं।
बाहों को रसà¥à¤¸à¥€ के समान à¤à¤• दूसरे में गूंथ दें।
आपस में गà¥à¤‚थे हà¥à¤ हाथों को गरà¥à¤¡à¤¼ की चोंच के समान छाती के आगे रखें। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को मोड़कर संतà¥à¤²à¤¨ बनाà¤à¤‚।
बाà¤à¤‚ पांव को दाà¤à¤‚ पांव के ऊपर से ले जाकर इसे दूसरी ओर à¤à¥€ करें।
यह आधा चकà¥à¤° हà¥à¤†à¥¤
फिर दूसरे तरफ से करें।
अब à¤à¤• चकà¥à¤° हà¥à¤†à¥¤
इस तरह से आप तीन से पांच चकà¥à¤° करें।
गरà¥à¥œà¤¾à¤¸à¤¨ योग के लाà¤
इस आसन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से मन और शरीर के बीच सामंजसà¥â€à¤¯ सà¥â€à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होता है जिससे मन को अपार शांति मिलती है।
इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से अंडकोष (Testicle) को बà¥à¤¨à¥‡ से रोक जा सकता है।
यह पैरों और जांघों को मजबूत बनाता है।
इसका नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से गà¥à¤¦à¤¾, मलाशय तथा मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के रोगियों को आराम पहà¥à¤‚चता है।
यह जोड़ों की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ बढ़ाता है, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚, पैरों à¤à¤µà¤‚ जोड़ों का दरà¥à¤¦ दूर करता है।
यह आपके हाथों को मजबूत बनाता है और कोहनी के दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाता है।
गरà¥à¥œà¤¾à¤¸à¤¨ योग की सावधानी
बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° गठिया में इस आसन को नहीं करनी चाहिà¤à¥¤
नसों में सूजन होने पर इसको करने से बचना चाहिà¤à¥¤
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तथा जोड़ों में चोट होने पर यह आसन नहीं करना चाहिà¤à¥¤
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