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कोशिका की खोज रॉबरà¥à¤Ÿ हूक ने १६६५ ई० में किया।
कोशिका (Cell) सजीवों के शरीर की रचनातà¥à¤®à¤• और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• इकाई है और पà¥à¤°à¤¾à¤¯: सà¥à¤µà¤¤: जनन की सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ रखती है। यह विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का वह छोटे-से-छोटा संगठित रूप है जिसमें वे सà¤à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ होती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सामूहिक रूप से हम जीवन कहतें हैं।
'कोशिका' का अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ शबà¥à¤¦ सेल (Cell) लैटिन à¤à¤¾à¤·à¤¾ के 'शेलà¥à¤²à¤¾' शबà¥à¤¦ से लिया गया है जिसका अरà¥à¤¥ 'à¤à¤• छोटा कमरा' है। कà¥à¤› सजीव जैसे जीवाणà¥à¤“ं के शरीर à¤à¤• ही कोशिका से बने होते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•कोशकीय जीव कहते हैं जबकि कà¥à¤› सजीव जैसे मनà¥à¤·à¥à¤¯ का शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤•ोशकीय सजीव कहते हैं। कोशिका की खोज रॉबरà¥à¤Ÿ हूक ने १६६५ ई० में किया।[1] १८३९ ई० में शà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¥‡à¤¨ तथा शà¥à¤µà¤¾à¤¨ ने कोशिका सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया जिसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¤à¥€ सजीवों का शरीर à¤à¤• या à¤à¤•ाधिक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है तथा सà¤à¥€ कोशिकाओं की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ पहले से उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ किसी कोशिका से ही होती है।
सजीवों की सà¤à¥€ जैविक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ कोशिकाओं के à¤à¥€à¤¤à¤° होती हैं। कोशिकाओं के à¤à¥€à¤¤à¤° ही आवशà¥à¤¯à¤• आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक सूचनाà¤à¤ होती हैं जिनसे कोशिका के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का नियंतà¥à¤°à¤£ होता है तथा सूचनाà¤à¤ अगली पीढ़ी की कोशिकाओं में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤°à¤¿à¤¤ होती हैं।[2]
कोशिकाओं का विधिवत अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कोशिका विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ (Cytology) या 'कोशिका जैविकी' (Cell Biology) कहलाता है।
आविषà¥à¤•ार à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¸à¤‚धान का इतिहास
रॉबरà¥à¤Ÿ हà¥à¤• ने 1665 में बोतल की कारà¥à¤• की à¤à¤• पतली परत के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के आधार पर मधà¥à¤®à¤•à¥à¤–ी के छतà¥à¤¤à¥‡ जैसे कोषà¥à¤ देखे और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोशा नाम दिया। यह तथà¥à¤¯ उनकी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¤¼à¤¿à¤¯à¤¾ में छपा। राबरà¥à¤Ÿ हà¥à¤• ने कोशा-à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के आधार पर कोशा शबà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया।
1674 à¤à¤‚टोनी वॉन लà¥à¤¯à¥‚वेनà¥à¤¹à¥‰à¤• ने जीवित कोशा का सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जीवित कोशिका को दाà¤à¤¤ की खà¥à¤°à¤šà¤¨à¥€ में देखा था ।
1831 में रॉबरà¥à¤Ÿ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ ने कोशिका में 'केंदà¥à¤°à¤• à¤à¤µà¤‚ केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ा' का पता लगाया।
तदरोचित नामक वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• ने 1824 में कोशिका सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त (cell theory) का विचार पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया, परनà¥à¤¤à¥ इसका शà¥à¤°à¥‡à¤¯ वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿-विजà¥à¤žà¤¾à¤¨-शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ शà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¥‡à¤¨ (Matthias Jakob Schleiden) और जनà¥à¤¤à¥-विजà¥à¤žà¤¾à¤¨-शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ शà¥à¤µà¤¾à¤¨ (Theodor Schwann) को दिया जाता है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ठीक पà¥à¤°à¤•ार से कोशिका सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त को (1839 में) पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया और बतलाया कि 'कोशिकाà¤à¤‚ पौधों तथा जनà¥à¤¤à¥à¤“ं की रचनातà¥à¤®à¤• इकाई हैं।'
1855 : रà¥à¤¡à¥‰à¤²à¥à¤« विरà¥à¤šà¥‹ ने विचार रखा कि कोशिकाà¤à¤ सदा कोशिकाओं के विà¤à¤¾à¤œà¤¨ से ही पैदा होती हैं।
1953: वाटà¥à¤¸à¤¨ और कà¥à¤°à¤¿à¤• (Watson and Crick) ने डीà¤à¤¨à¤ के 'डबल-हेलिकà¥à¤¸ संरचना' की पहली बार घोषणा की।
1981: लिन मारà¥à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¸ (Lynn Margulis) ने कोशिका कà¥à¤°à¤® विकास में 'सिबियोस' (Symbiosis in Cell Evolution) पर शोधपतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया।
1888: में वालà¥à¤¡à¥‡à¤¯à¤° (Waldeyer) ने गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° (Chromosome) का नामकरण किया ।
1883: ईमें सà¥à¤µà¤¿à¤®à¥à¤ªà¤° (ने परà¥à¤£à¤¹à¤°à¤¿à¤¤ (Chloroplast) Schimper) का नामकरण किया ।
1892: में वीजमैन (Weissman) ने सोमेटोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¥à¤® (Somatoplasm) à¤à¤µà¤‚ जरà¥à¤®à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤® (Germplasm) के बीच अंतर सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया।
1955: में जी.इ पैलेड (G.E. Palade) ने राइबोसोम (Ribosome) की खोज की। [3]
पà¥à¤°à¤•ार
दो पà¥à¤°à¤•ार की कोशिकाà¤à¤ : यूकैरोटिक (बाà¤à¤) तथा पà¥à¤°à¥‹à¤•ैरिओटिक (दाà¤à¤)
कोशिकाà¤à¤ दो पà¥à¤°à¤•ार की होती हैं,
पà¥à¤°à¥‹à¤•ैरियोटिक कोशिका (prokaryotic cells) तथा
यूकैरियोटिक कोशिका (eukaryotic cell)
पà¥à¤°à¥‹à¤•ैरियोटिक कोशिकाà¤à¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° होती हैं जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाà¤à¤, बहà¥à¤•ोशीय पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पायी जाती हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤•ैरियोटिक कोशिका में कोई सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤• नहीं होता है। इनमें पाठजाने वाले अलà¥à¤ªà¤µà¤¿à¤•सित केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤• को केंदà¥à¤°à¤•ाठकहते है जो कोशिका दà¥à¤°à¤µ में बिखरे होते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार की कोशिका जीवाणॠतथा नीली हरी शैवाल में पायी जाती है। सà¤à¥€ उचà¥à¤š शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के पौधों और जनà¥à¤¤à¥à¤“ं में यूकैरियोटिक पà¥à¤°à¤•ार की कोशिका पाई जाती है। सà¤à¥€ यूकैरियोटिक कोशिकाओ में संगठित केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤• पाया जाता है जो à¤à¤• आवरण से ढका होता है।
कोशिका संरचना
कोशिकाà¤à¤ सजीव होती हैं तथा वे सà¤à¥€ कारà¥à¤¯ करती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सजीव पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ करते हैं। इनका आकार अतिसूकà¥à¤·à¥à¤® तथा आकृति गोलाकार, अंडाकार, सà¥à¤¤à¤‚à¤à¤¾à¤•ार, रोमकयà¥à¤•à¥à¤¤, कशाà¤à¤¿à¤•ायà¥à¤•à¥à¤¤, बहà¥à¤à¥à¤œà¥€à¤¯ आदि पà¥à¤°à¤•ार की होती है। ये जेली जैसी à¤à¤• वसà¥à¤¤à¥ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ घिरी होती हैं। इस आवरण को कोशिकावरण (cell membrane) या कोशिका-à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ कहते हैं यह à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ अवकलीय पारगमà¥à¤¯ (selectively permeable) होती है जिसका अरà¥à¤¥ है कि यह à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ किसी पदारà¥à¤¥ (अणॠया ऑयन) को मà¥à¤•à¥à¤¤ रूप से पार होने देती है, सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में पार होने देती है या बिलà¥à¤•à¥à¤² रोक देती है। इसे कà¤à¥€-कà¤à¥€ 'जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ कला' (plasma membrane) à¤à¥€ कहा जाता है। इसके à¤à¥€à¤¤à¤° निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित संरचनाà¤à¤ पाई जाती हैं:-
(1) केंदà¥à¤°à¤• à¤à¤µà¤‚ केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ा
(2) जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯
(3) गोलà¥à¤—ी समà¥à¤®à¤¿à¤¶à¥à¤° या गोलà¥à¤—ी यंतà¥à¤°
(4) कणाठसूतà¥à¤°
(5) अंतरà¥à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥à¤°à¤µà¥à¤¯ डालिका
(6) गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° (पितृसूतà¥à¤°) à¤à¤µà¤‚ जीन
(7) राइबोसोम तथा सेनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤®
(8) लवक
कà¥à¤› खास à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾à¤“ं को छोड़ सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की कोशिकाओं, पादप à¤à¤µà¤‚ जनà¥à¤¤à¥ कोशिका की संरचना लगà¤à¤— à¤à¤• जैसी होती है। ये सजीव और निरà¥à¤œà¥€à¤µ दोनों तरह की इकाईयों से मिलकर बनी होती हैं। à¤à¤• सामानà¥à¤¯ कोशिका या पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚पिक कोशिका के मà¥à¤–à¥à¤¯ तीन à¤à¤¾à¤— हैं, कोशिकावरण, कोशिका दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤•। कोशिकावरण कोशिका का सबसे बाहर का आवरण या घेरा है। पादप कोशिका में कोशिका à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿ और कोशिका à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ मिलकर कोशिकावरण का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं। जनà¥à¤¤à¥ कोशिका में कोशिका à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿ नहीं पाई जाती अतः कोशिका à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ ही सबसे बाहरी आवरण है। कोशिका à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ à¤à¤µà¤‚ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤• के बीच के à¤à¤¾à¤— को कोशिका दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ कहा जाता है, इसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कोशिकांग होते हैं। केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤• कोशिका के अनà¥à¤¦à¤° पाये जाने वाली à¤à¤• गोल à¤à¤µà¤‚ सघन रचना है। केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤• को कोशिका का 'मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•' कहा जाता है। जिस पà¥à¤°à¤•ार शरीर के सारे कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ का नियंतà¥à¤°à¤£ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• करता है ठीक उसी पà¥à¤°à¤•ार कोशिका के सारे कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का नियंतà¥à¤°à¤£ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होता है।
केंदà¥à¤°à¤•
à¤à¤• कोशिका में सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ à¤à¤• ही केंदà¥à¤°à¤• (nucleus) होता है, किंतॠकà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤• से अधिक केंदà¥à¤°à¤• à¤à¥€ पाठजाते हैं। कोशिका के समसà¥à¤¤ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का यह संचालन केंदà¥à¤° होता है। जब कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होती है तो इसका à¤à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ हो जाता है। केंदà¥à¤°à¤• कोशिका के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ कोशिकादà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (cytoplasm) में पà¥à¤°à¤¾à¤¯: तैरता रहता है। इसका यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं होता, तथापि यह अधिकतर लगà¤à¤— मधà¥à¤¯à¤à¤¾à¤— में ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। कà¥à¤› कोशिकाओं में इसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आधारीय (basal) और कà¥à¤› में सीमांतीय (peripheral) à¤à¥€ होती है। केंदà¥à¤°à¤• की आकृति गोलाकार, वरà¥à¤¤à¥à¤²à¤¾à¤•ार या अंडाकार होती है। तथापि, कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह बेलनाकार, दीरà¥à¤˜à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤•ार, सपात, शाखानà¥à¤µà¤¿à¤¤, नाशपाती जैसा, à¤à¤¾à¤²à¤¾à¤•ार आदि सà¥à¤µà¤°à¥‚पों का à¤à¥€ हो सकता है। इसके à¤à¥€à¤¤à¤° केंदà¥à¤°à¤•रस (nuclear sap) केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ा (nucleolus) तथा पितृसूतà¥à¤° (chromosomes) पाठजाते हैं। केंदà¥à¤°à¤• के आवरण को केंदà¥à¤°à¤•कला (nuclear membrance or nucleolemma) कहते हैं।
केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ा (Nucleolus)
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• केंदà¥à¤°à¤• में à¤à¤• या अधिक केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ाà¤à¤ पाई जाती हैं। कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ की कà¥à¤› विशेष अवसà¥à¤¥à¤¾ में केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ा लà¥à¤ªà¥à¤¤ हो जाती, किंतॠबाद में पà¥à¤¨: पà¥à¤°à¤•ट हो जाती है। केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ा के à¤à¥€à¤¤à¤° रिबोनà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¥€à¤‡à¤• अमà¥à¤² (ritioncleric acid or RNA) तथा कà¥à¤› विशेष पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤‚ज़ाइम अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं। केंदà¥à¤°à¤¿à¤•ा सूतà¥à¤°à¤£ (mitosis) या सूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका अदा करते हैं।
जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (protoplasm)
यह à¤à¤• गाढ़ा तरल पदारà¥à¤¥ होता है जो सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤µà¤¿à¤¶à¥‡à¤· पर विशेष नामों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जाना जाता है; जैसे, दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤•ला (plasma membrane) तथा केंदà¥à¤°à¤• के मधà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में पाठजाने वाले जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ को कोशिकादà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (cyt plasm) और केंदà¥à¤°à¤• à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ (nuclear membrane) के à¤à¥€à¤¤à¤° पाठजाने वाले जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ को केंदà¥à¤°à¤• दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (nucleoplasm) कहते हैं। कोशिका का यह à¤à¤¾à¤— अतà¥à¤¯à¤‚त चैतनà¥à¤¯ और कोशिका की समसà¥à¤¤ जैवीय पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का केंदà¥à¤° होता है। इसे इसीलिठ'सजीव' (living) कहा जाता है। जीव वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• इसे 'जीवन का à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• आधार' (physcial basis of life) नाम से संबोधित करते हैं। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीव वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ का रासायनिक विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करके यह तो पता लगा लिया है कि उसका निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किन-किन घटकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हà¥à¤† है, किंतॠआज तक किसी à¤à¥€ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• को उसमें (जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯) पà¥à¤°à¤¾à¤£ का संचार करने में सफलता हाथ नहीं लगी है। à¤à¤¸à¤¾ है यह पà¥à¤°à¤•ृति का रहसà¥à¤¯à¤®à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥¤
जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कारà¥à¤¬à¤¨, हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨, ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ तथा अनेक कारà¥à¤¬à¤¨à¤¿à¤• (organic) तथा अकारà¥à¤¬à¤¨à¤¿à¤• (inorganic) पदारà¥à¤¥à¥‹ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हà¥à¤† होता है। इसमें जल की मातà¥à¤°à¤¾ लगà¤à¤— 80% पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ 15%, वसाà¤à¤ 3% तथा कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ 1% और अकारà¥à¤¬à¤¨à¤¿à¤• लवण की 1 होती है। जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के कई पà¥à¤°à¤•ार होते हैं, जैसे कोलाइड (colloid), कणाठ(granular), तंतà¥à¤®à¤¯ (fibrillar), जालीदार (reticular), कूपिकाकार (alveolar), आदि।
गोलà¥à¤—ी समà¥à¤®à¤¿à¤¶à¥à¤° या यंतà¥à¤° (Golgi complex or apparatus)
इस अंग का यह नाम इसके खोजकरà¥à¤¤à¤¾ कैमिलो गोलà¥à¤—ी, के नाम पर पड़ा है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 1898 में सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® इसकी खोज की। यह अंग साधारणतः केंदà¥à¤°à¤• के समीप, अकेले या समूहों में पाया जाता है। इसकी रचना तीन ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ (elements) या घटकों (components) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हà¥à¤ˆ होती है : सपाट कोश (flattened sacs), बड़ी बड़ी रिकà¥à¤¤à¤¿à¤•ाà¤à¤ (large vacueles) तथा आशय (vesicles)। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के जाल (network) जैसा दिखलाई देता है। इनका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ कोशिकीय सà¥à¤°à¤µà¤£ (cellular secretion) और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¥‹à¤‚, वसाओं तथा कतिपय किणà¥à¤µà¥‹à¤‚ (enzymes) का à¤à¤¡à¤¾à¤°à¤£ करना (storage) है।
कणाà¤à¤¸à¥‚तà¥à¤° (Mitochondria)
ये कणिकाओं (granules) या शलाकाओं (rods) की आकृतिवाले होते हैं। ये अंगक (organelle) कोशिकादà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (cytoplasm) में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं। इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जंतà¥à¤“ं में पाà¤à¤š लाख तक हो सकती है। इनका आकार 1/2 माइकà¥à¤°à¥‰à¤¨ से लेकर 2 माइकà¥à¤°à¥‰à¤¨ के बीच होता है। विरल उदाहरणों (rare cases) में इनकी लंबाई 40 माइकà¥à¤°à¥‰à¤¨ तक हो सकती है। इनके अनेक कारà¥à¤¯ बतलाठगठहैं, जो इनकी आकृति पर निरà¥à¤à¤° करते हैं। तथापि इनका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ कोशिकीय शà¥à¤µà¤¸à¤¨ (cellular respiration) बतलाया जाता है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोशिका का 'पावर पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट' (power plant) कहा जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे आवशà¥à¤¯à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ (energy) की आपूरà¥à¤¤à¤¿ होती रहती है।
अंतरà¥à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥à¤°à¤µà¥à¤¯ जालिका (fndoplasmic reticulum)
यह जालिका कोशिकादà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (cytoplasm) में आशयों (vesicles) और नलिकाओं (tubules) के रूप में फैली रहती है। इसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ केंदà¥à¤°à¤•ीय à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ (nuclear membrane) तथा दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤•ला (plasma membrane) के बीच होती है, किंतॠयह अकà¥à¤¸à¤° संपूरà¥à¤£ कोशिका में फैली रहती है। यह जालिका दो पà¥à¤°à¤•ार की होती है : चिकनी सतहवाली (smooth surfaced) और खà¥à¤°à¤¦à¥à¤°à¥€ सतहवाली (rough surfaced)। इसकी सतह खà¥à¤°à¤¦à¥à¤°à¥€ इसलिठहोती है कि इस पर राइबोसोम (ribosomes) के कण बिखरे रहते हैं। इसके अनके कारà¥à¤¯ बतलाठगठहैं, जैसे यांतà¥à¤°à¤¿à¤• आधारण (mechanical support), दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ (exchange of materials), अंत: कोशिकीय अà¤à¤¿à¤—मन (intracellular transport), पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤¨ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ (protein synthesis) इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° या पितृसूतà¥à¤° (chromosomes)
यह शबà¥à¤¦ कà¥à¤°à¥‹à¤® (chrom ) तथा सोमा (soma ) शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से मिलकर बना है, जिसका अरà¥à¤¥ होता है : रंगीन पिंड (colour bodies)। गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° केंदà¥à¤°à¤•ों के à¤à¥€à¤¤à¤° जोड़ों (pairs) में पाठजाते हैं और कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के साथ केंदà¥à¤°à¤• सहित बाà¤à¤Ÿ जाया करते हैं। इनमें सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ जीवों की पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ के पैतà¥à¤°à¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ का वाहक कहा जाता है। इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ जीवों में निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ होती है, जो à¤à¤• दो जोड़ों से लेकर कई सौ जोड़ों तक हो सकती है। इनका आकार 1 माइकà¥à¤°à¥‰à¤¨ से 30 माइकà¥à¤°à¥‹à¤¨ तक (लंबा) होता है। इनकी आकृति साधारणतः अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ के अकà¥à¤·à¤° S जैसी होती हैं। इनमें नà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤“-पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (nucle-o-protein) मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पाठजाते हैं। पितृसूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के कà¥à¤› विशेष पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥€ पाठजाते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लैंपबà¥à¤°à¤¶ पितृसूतà¥à¤° (lanmpbrush chromosomes) और पोलीटेने कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® (polyteene chromosomes) की संजà¥à¤žà¤¾ दी गई है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ W, X, Y, Z, आदि नामों से संबोधित किया जाता है।
जीन (gene)
जीनों को पैतà¥à¤°à¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ का वाहक (carriers of hereditary characters) माना जाता है। कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® या पितृसूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ तथा डिऑकà¥à¤¸à¥€à¤°à¤¾à¤‡à¤¬à¥‹à¤¨à¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ DNA तथा राइबोनà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ RNA से मिलकर हà¥à¤† होता है। जीन का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤•, डी॰ à¤à¤¨à¥° à¤à¥° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होता है। कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प जब नठजीव के जीवन का सूतà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¤ होता है, तो यही जीन पैतृक à¤à¤µà¤‚ शरीरिक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के साथ माता पिता से निकलकर संततियों में चले जाते हैं। यह आदान पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ माता के डिंब (ovum) तथा पिता के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ (sperms) में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ जीनों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संपनà¥à¤¨ होता है। सनà¥â€Œ 1970 के जून मास में अमरीका सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शà¥à¤°à¥€ हरगोविंद खà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ को कृतà¥à¤°à¤¿à¤® जीन उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने में अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ सफलता मिली थी। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सनà¥â€Œ 1978 में नोबेल पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिला था।
रिबोसोम (ribosomes) सेंटà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤® (centrosomes)
सूकà¥à¤·à¥à¤® गà¥à¤²à¤¿à¤•ाओं के रूप में पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ इन संरचनाओं को केवल इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨ माइकà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤•ोप के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही देखा जा सकता है। इनकी रचना 50% पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ तथा 50% आर॰ à¤à¤¨à¥° à¤à¥° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हà¥à¤ˆ होती है। ये विशेषकर अंतरà¥à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥à¤°à¤µà¥à¤¯ जालिका के ऊपर पाठजाते हैं। इनमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¥‹à¤‚ का संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ होता है।
सेंटà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤® (centrosomes)– ये केंदà¥à¤°à¤• के समीप पाठजाते हैं। इनके à¤à¤• विशेष à¤à¤¾à¤— को सेंटà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤«à¥€à¤¯à¤° (centrosphere) कहते हैं, जिसके à¤à¥€à¤¤à¤° सेंटà¥à¤°à¤¿à¤“लों (centrioles) का à¤à¤• जोड़ा पाया जाता है। कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के समय ये विà¤à¤¾à¤œà¤• कोशिका के धà¥à¤°à¥à¤µ (pole) का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ और कà¥à¤› कोशिकाओं में कशाà¤à¤¿à¤•ा (flagella) जैसी संरचनाओं को उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करते हैं।
लवक (plastids)
लवक अधिकतर पौधों में ही पाठजाते हैं। ये à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के रंजक कण (pigment granules) हैं, जो जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ (protoplasm) में यतà¥à¤° ततà¥à¤° बिखरे रहते हैं। कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤² (chlorophyll) धारक वरà¥à¤£ के लवक को हरितà¥â€Œ लवक (chloroplas) कहा जाता है। इसी के कारण वृकà¥à¤·à¥‹à¤‚ में हरापन दिखलाई देता है। कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤² के ही कारण पेड़ पौधे पà¥à¤°à¤•ाश संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ (photosynthesis) करते हैं। कà¥à¤› वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के मतानà¥à¤¸à¤¾à¤° लवक कोशिकादà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥€à¤¯ वंशानà¥à¤—ति (cytoplasmic inheritance) के रूप में कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के समय संतति कोशिकाओं में सीधे सीधे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित हो जाते हैं।
कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ ( Cell Division )
कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जानकारी सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® 1855 ई. में विरचाऊ को हà¥à¤ˆà¥¤
कोशिका में विà¤à¤¾à¤œà¤¨ तीन तरीके से होता है *
असूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ ( Amitosis ) : जीवाणà¥, नील हरित शैवाल, यीसà¥à¤Ÿ, अमीबा तथा कà¥à¤› अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤œà¥‹à¤† आदि जिनमें अविकसित कोशिकाà¤à¤ होती हैं, उनमें ‘असूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨â€™ होती है।
समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ ( Mitosis ) : समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ सिरà¥à¤« कायिक कोशिकाओं (Somatic Cells) में होता है।
1882 ई. में ‘वालà¥à¤Ÿà¤° फà¥à¤²à¥‡à¤®à¤¿à¤‚ग’ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही कोशिका के इस विà¤à¤¾à¤œà¤¨ को Mitosis (समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨) नाम दिया गया।
समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ इंटरफेज, पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤œ, मेटाफेज, à¤à¤¨à¤¾à¤«à¥‡à¤œ तथा टेलोफेज जैसी 5 अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में संपनà¥à¤¨ होता है।
दो कोशिका विà¤à¤¾à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच की वह अवधि जिसमें कोशिका सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के लिठतैयार करती है, इंटरफेज कहलाती है।
पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤œ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ की पà¥à¤°à¤¥à¤® अवसà¥à¤¥à¤¾ है। इसके अंत तक केंदà¥à¤°à¤• विलà¥à¤ªà¥à¤¤ हो जाता है।
‘गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤°â€™ मधà¥à¤¯ रेखा (Equitorial Plate) पर मेटाफेज में आते हैं।
à¤à¤¨à¤¾à¤«à¥‡à¤œ सबसे कम अवधि (2-3 मिनट) में संपनà¥à¤¨ होने वाली अवसà¥à¤¥à¤¾ है। इसमें कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤¡
U.V. या L की आकृति ले लेते हैं।
समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ की अंतिम अवसà¥à¤¥à¤¾ टेलोफेज है।
समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤• जनक कोशिका से दो संतति कोशिकाओं का जनà¥à¤® होता है।
समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के परिणाम सà¥à¤µà¤°à¥‚प बने पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• संतति कोशिका में गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ जनक कोशिका के समान ही होती है।
विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के कारण जीवों में वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ विकास होता है। कà¥à¤› सूकà¥à¤·à¥à¤® जीवों में इसी विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अलैंगिक पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है।
समसूतà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शरीर में नवीन कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है, इस पà¥à¤°à¤•ार शरीर की मरमà¥à¤®à¤¤ होती है à¤à¤µà¤‚ घाव à¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं।
अरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ ( Meiosis )
इसे नà¥à¤¯à¥‚नकारी विà¤à¤¾à¤œà¤¨ à¤à¥€ कहते हैं
इस विà¤à¤¾à¤œà¤¨ का नाम ‘Meiosis’ 1905 ई. में फारà¥à¤®à¤° तथा मूरे ने रखा।
अरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ की ओर वीज मैन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई तथा इसका सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ 1888 ई. में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¸à¤µà¤°à¥à¤—र ने किया।
यह विà¤à¤¾à¤œà¤¨ सिरà¥à¤« जनन कोशिकाओं (Sex Cells) में होता है।
अरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤œà¤¨ की दो अवसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤ होती हैंअरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥€-I à¤à¤µà¤‚ अरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥€-III)
अरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¥€-I विà¤à¤¾à¤œà¤¨ में चार अवसà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ आती हैंपà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤œ-I, मेटाफेज-I, à¤à¤¨à¤¾à¤«à¥‡à¤œ-I तथा टेलोफेज-I।
कोशिका में जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ पाया जाता है जिसे वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• हकà¥à¤¸à¤²à¥‡ ने जीवन का à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• आधार बताया।
जीवदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ में सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में जल पाया जाता है जबकि कारà¥à¤¬à¤¨à¤¿à¤• पदारà¥à¤¥ के रूप में सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पायी जाती है।
कारà¥à¤¯
वृदà¥à¤§à¤¿ तथा चयापचय
सृजन
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£
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