कैसे सोने से वजन बढ़ता है?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Mar 2023 : 12:57

वजन कम करने (Weight Loss) के लिए सोना है जरूरी

बदलती लाइफस्टाइल की वजह से बहुत कुछ बदल चुका है। लेकिन, इसका बुरा प्रभाव शरीर पर सबसे ज्यादा पड़ता है, क्योंकि पैक्ड, फ्रोजन फूड और जंक फूड का सेवन ज्यादा किया जाता है। वक्त की कमी और संतुलित आहार का असर भी सेहत और वजन दोनों पर पड़ता है। वजन घटाने के लिए अलग-अलग तरह के उपाए तो किए जाते हैं, पर इसका फायदा नहीं होता है।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अगर अच्छी नींद आए जाए, तो वजन संतुलित रखा जा सकता है? वैसे, अब आप यह भी सोच रहे होंगे कि वजन बढ़ने और नींद के बीच क्या संबंध हो सकता है? दरअसल, ये हम नहीं एक्सपर्ट्स का कहना है। एक्सपर्ट का मानना है कि वजन बढ़ने और नींद के बीच असंतुलित होना मोटापे का कारण बन सकता है।

ज्यादा सोने से बढ़ता है वजन

एक्सपर्ट्स की मानें तो, वजन बढ़ने और नींद आधिक आना एक दूसरे से जुड़े होते हैं, और ऐसा तब होता है जब खाना खा कर सीधे सोने चले जाते हैं। खाने के बाद सीधे सोने से फिजिकल एक्सरसाइज नहीं हो पाती है, जिसके कारण कैलोरी और फैट शरीर में चर्बी के रूप में इकट्ठी होने लगती है और वजन बढ़ने लगता है।

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सोने से घटाएं मोटापा

सोने के कमरे को साफ रखें और सोने के दो से तीन घंटे पहले कमरे में हल्की नीली रोशनी वाली लाइट जला सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ऐसा करने से शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन निकलता होता है। मेलाटोनिन हार्मोन से शरीर में ब्राउन फैट बनने में मदद मिलती है, जो एक हेल्दी फैट है। यह शरीर में कैलोरी बर्न करता है। साथ ही, ये हार्मोन मेटाबॉलिज्म को भी ठीक रखने में मदद करता है।

बदलते लाइफस्टाइल का पड़ता है बुरा प्रभाव

बदलती लाइफस्टाइल और जेनेटिकल कारणों से भी वजन बढ़ने और नींद की संभावना अधिक होती है। कई बार आप कितना आहार ले रहें हैं और कितना खर्च कर रहें हैं, इसका असर भी वजन पर पड़ता है। सोने की कमी या देर रात तक काम करना भी वजन बढ़ने के कारणों में से एक है। नींद की कमी बॉडी में लेप्टिन (leptin) और ग्रहलिन (grehlin) हार्मोन के उत्पादन को कम करती है, जिससे पेट भर खाने के बाद भी भूख लगती है। नींद की कमी से ग्रहलिन का लेवल बढ़ता है और लेप्टिन का लेवल कम होने लगता है।

रिसर्च के अनुसार, नींद की कमी के कारण, लोगों को हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के साथ-साथ वजन बढ़ने की समस्या भी शुरू हो सकती है। इसलिए, वजन बढ़ने और नींद पूरी करना उतना ही जरूरी है, जितना सही मात्रा में लिया गया आहार और एक्सरसाइज।

खराब नींद से बढ़ती है भूख

कई स्टडी में यह पाया गया है कि खराब नींद की आदतों की वजह से व्यक्ति की भूख भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में भूख बढ़ने की संभावना सबसे अधिक रहती है।

इसके पीछे भूख लगने के दो मुख्य हॉर्मोन होते हैं – घ्रेलिन और लेप्टिन। घ्रेलिन एक ऐसा हॉर्मोन है जो पेट को भूख लगने के संकेत भेजता है। खाना खाने से पहले इस हॉर्मोन का स्तर अधिक होता है और खाना खाने के बाद स्तर कम हो जाता है।

लेप्टिन फैट सेल से रिलीज होने वाला हॉर्मोन है। जो मस्तिक्ष को भूख कम लगने और पेट भरने के संकेत भेजता है।

जब आपको नियमित रूप से नींद नहीं मिलती है तो शरीर में घ्रेलिन का उत्पादन अधिक और लेप्टिन का कम होता है। इस वजह से खराब नींद के कारण भूख अधिक लगती है।

नींद भूख से लड़ने में मदद करती है

वजन बढ़ने और नींद की कमी के कारण दिमाग के कार्यों पर प्रभाव पड़ता है। जिसकी वजह से आप जीवन में स्वस्थ विकल्प चुनने की बजाए खाने की खुशबु और स्वाद से आसानी से भर्मित हो जाते हैं।

खराब नींद की वजह से मस्तिष्क का फ्रंट लोब सही ढंग से कार्य नहीं कर पाता है। फ्रंटल लोब निर्णय लेने और खुद पर काबू रखने की स्थितियों को कंट्रोल करता है।

इसके साथ ही ऐसा माना जाता है कि वजन बढ़ने और नींद की कमी के चलते हमारा मस्तिष्क खाने को एक इनाम की तरह इस्तेमाल करता है। यही कारण है कि खराब नींद लेने पर जब व्यक्ति उठता है तो वह अपनी भूख को काबू नहीं कर पाता है।

वजन बढ़ने और नींद के बीच है गहरा संबंध

दरअसल जो लोग सही से नहीं सो पाते हैं उनमें वजन बढ़ने और नींद न आने के कारण अधिक कैलोरी का सेवन करने की आदत होती है। 12 पुरुषों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार जब उन्हें केवल 4 घंटे की नींद दी गई तो उन्होंने 8 घंटे की नींद के मुकाबले औसत 599 कैलोरी अधिक का सेवन किया।

इसके पीछे बढ़ती भूख और खाने को लेकर सही विकल्प न चुनना शामिल था। हालांकि, इसके पीछे ज्यादा देर तक उठना भी एक कारण हो सकता है। ऐसा खासतौर से तब होता है जब व्यक्ति के पास उठने के कुछ करने के लिए न हो।

अधिक अध्ययनों के अनुसार वजन बढ़ने और नींद के बीच गहरा संबंध इसलिए भी है क्योंकि डिनर के बाद व्यक्ति सबसे अधिक स्नैक का सेवन करता है।

वजन बढ़ने और नींद की कमी के साथ, दिमाग और सेहत पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। इसलिए, अगर आप अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें। नींद नहीं आने की समस्या ज्यादा हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर होगा।

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