किडनी कैसे खराब हो जाती है?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 08:39

किडनी खराब होने के कारण

आज-कल की बदलती जीवनशैली ने न सिर्फ हमारे जीवन में बदलाव किए हैं बल्कि हमारे शरीर और किडनी पर भी इस जीवनशैली के प्रभाव पड़ें हैं। आज के संदर्भ में किडनी की विफतला अधिक देखने को मिल रहीं हैं।
किडनी की विफलता के कई कारण हो सकते हैं जैसे-

कई तरह की एंटी-बायोटिक दवाएँ, मधुमेह (diabetes) और उच्च रक्तचाप भी किडनी विफलता का मुख्य कारण हैं।

किडनी में अगर खून का पहुँचना अचानक बंद हो जाए या कमी आ जाए तो किडनी की विफलता का खतरा बढ़ जाता है। खून कम पहुँचने की स्थितियाँ दिल का दौरा पड़ना, दिल की बीमारी, जिगर की विफलता (Heart fail), पानी की कमी, सेप्सिस जैसा कोई गंभीर संक्रमण और उच्च रक्तचाप हैं। या पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (PKD) होना।

मूत्र संबंधी समस्याओं को भी किडनी खराब होने का कारण माना गया है। जब हमारा शरीर मूत्रत्याग नहीं कर पाता तो कई विषाक्त पदार्थ किडनी पर जोर डालते हैं। इससे कभी-कभी ये पदार्थ मूत्र मार्ग और अन्य अंगों को रोक देते हैं जैसे- प्रोस्टेट (पुरुषों में सबसे आम प्रकार), पेट, सर्वाइकल (ग्रीवा), मूत्राशय।

इलके अलावा अन्य स्थितियों में पेशाब में रुकावट हो सकती है जिससे किडनी की विफलता हो सकती है, जिसमें शामिल हैं- पथरी, प्रोस्टेट ग्रंथी का बढ़ना, मूत्र पथ में रक्त के थक्के जमना।

ल्यूपस, एक ऑटोइम्यून बीमारी जो शरीर के कई अंगों जैसे- हृदय, फेफड़े, किडनी और मस्तिष्क को भी प्रभावित करती है। यह किडनी में सूजन पैदा कर सकती है जिससे किडनी की विफलता होने का खतरा रहता है।

मल्टीपल मायलोमा (अस्थि मज्जा में प्लाज्मा कोशिकाओं का एक कैंसर) जैसी बीमारी भी किडनी विफलता का कारण बन सकती है। या किडनी में कोई संक्रमण हो जाना।

कीमोथेरेपी जैसी इलाज प्रणालियाँ (कैंसर और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों का इलाज करती हैं) भी किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।

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