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आंखों की बीमारी व देखà¤à¤¾à¤²
आà¤à¤– से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियां
आंखें
आंख कई छोटे हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ से बनी à¤à¤• जटिल गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¤¿ है, जिनमें से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ सामानà¥à¤¯ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हेतॠअनिवारà¥à¤¯ है। साफ देख पाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ इस बात पर निरà¥à¤à¤° करती है कि ये हिसà¥à¤¸à¥‡ परसà¥à¤ªà¤° कितने बेहतर तरीके से काम करते हैं। दृषà¥à¤Ÿà¤¿, à¤à¤• छवि बनाने के लिठदोनों आà¤à¤–ों के परसà¥à¤ªà¤° उपयोग की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है। सटीक दृषà¥à¤Ÿà¤¿ के लिठदोनों आà¤à¤–ें à¤à¤• साथ आसानी से सटीक à¤à¤µà¤‚ बराबर काम करती हैं।
दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से संबंधित तथà¥à¤¯, शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€,परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ और अनà¥à¤§à¤¤à¥à¤µ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में 3.7 करोड़ लोग दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨ हैं à¤à¤µà¤‚ 12.4 करोड़ लोग गंà¤à¥€à¤° रूप से दृषà¥à¤Ÿà¤¿-विकार से पीड़ित हैं।
दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨à¤¤à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करनेवाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बचाव या तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ उपचार से 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामलों में अनà¥à¤§à¤µà¤¤à¥à¤µâ€ से बचा जा सकता है।
विशà¥à¤µ के नबà¥à¤¬à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨ लोग विकासशील देशों में रहते हैं।
विशà¥à¤µà¤à¤° के दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨à¥‹à¤‚ में दो-तिहाई से अधिक महिलाà¤à¤‚ हैं।
विशà¥à¤µ के à¤à¤•-चौथाई दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨ लोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रहते हैं; अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥, 9-12 लाख लोग
लगà¤à¤— 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨ लोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ में गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में रहते हैं जहां आà¤à¤–ों की अचà¥à¤›à¥€ देखà¤à¤¾à¤² उपलबà¥à¤§ नहीं है।
यदि पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं की गई, तो अंधतà¥à¤µ तथा दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤¹à¥€à¤¨à¤¤à¤¾ से पीड़ित लोगों की संखà¥à¤¯à¤¾ वरà¥à¤· 2020 तक दà¥à¤—à¥à¤¨à¥€ हो जाà¤à¤—ी।
दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚.à¤à¤š.ओ) ने दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ दरà¥à¤œà¥‡à¤‚ की कई शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤ निरà¥à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ की है जिसका दृशà¥à¤¯ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾ मापक के माधà¥à¤¯à¤® से आकलन किया जाता है।
दृशà¥à¤¯ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾ आंख दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मापती है। सामानà¥â€à¤¯à¤¤: दृशà¥à¤¯ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾, à¤à¤• चारà¥à¤Ÿ का 3 मीटर, 6 मीटर या 40 सेमी दूरी पर उपयोग कर मापी जाती है। चारà¥à¤Ÿ में विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ आकारों के अकà¥à¤·à¤°, अंक या विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ आकार हो सकते हैं।
आप सà¥â€à¤¨à¥‡à¤²à¤¨ चारà¥à¤Ÿ का उपयोग कर सकते हैं तथा नीचे दी गई सारणी को देखकर, दृशà¥à¤¯ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾ को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया जा सकता है, जà¥à¤žà¤¾à¤¤ कर सकते हैं। सारणी में डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚.à¤à¤š.ओ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दोनों परिà¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤ हैं।
शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€
बेहतर आंख में दृशà¥à¤¯ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾ पेश है
डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚.à¤à¤š. ओ परिà¤à¤¾à¤·à¤¾
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परिà¤à¤¾à¤·à¤¾
0
1
2
3
4
5
6/6 - 6-18
< 6/18 - 6/60
< 6/60 - 6/120
< 3/60 - 1/60
<1-60 – PL (पà¥à¤°à¤•ाश की धारणा)
पà¥à¤°à¤•ाश की कोई धारणा नहीं (NPL)
सामानà¥à¤¯
दृशà¥à¤¯ हानि
गंà¤à¥€à¤° दृशà¥à¤¯ हानि
अंधापन
अंधापन
अंधापन
सामानà¥à¤¯
दृशà¥à¤¯ हानि
अंधापन
अंधापन
अंधापन
अंधापन
कम दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾
कम दृषà¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसमें सामानà¥â€à¤¯ चशà¥â€à¤®à¥‹à¤‚ या अनà¥â€à¤¯ उपचार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को 6/18 से अधिक सà¥à¤¤à¤° तक नहीं सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¾ जा सकता। लेकिन à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की शेष दृषà¥à¤Ÿà¤¿ का अधिकतम उपयोग मैगनीफायर या दूरबीन जैसे यंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कर सकते हैं।
à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की कम लेकिन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हो सकती है, यानी वह दृषà¥à¤Ÿà¤¿ का विशेष पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के लिठउपयोग कर सकता/सकती हैं। कम मातà¥à¤°à¤¾ में दृषà¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¥€ उपयोगी हो सकती हैं, उदाहरण के लिये नज़दीक से किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पहचानना या वसà¥à¤¤à¥à¤“ं से टकराने से बचना। दृषà¥à¤Ÿà¤¿ कितनी उपयोगी है, यह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करता है à¤à¤µà¤‚ इस बात पर कि कà¥â€à¤¯à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपनी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ का अधिकतम उपयोग करने का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ दिया गया है। यह बाहरी कारकों, जैसे पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¤µà¤‚ रंगीन वसà¥à¤¤à¥à¤“ं पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है।
अंधतà¥â€à¤µ तथा दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की कà¥à¤·à¥€à¤£à¤¤à¤¾ के कारण
सामानà¥â€à¤¯ कारण
अंधतà¥â€à¤µ या दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤·à¥€à¤£ की दà¥à¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ लाने वाली परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
मोतियाबिंद
अपवरà¥à¤¤à¤• तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿
आà¤à¤– की जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ असंगति
ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€
कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤…ल रोग
कांचबिंदà¥
रेटिनल रोग
à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤“पिक
अनà¥â€à¤¯ (सजातीय विवाह, आघात, आदि)
यह देखा जा सकता है कि मोतियाबिंद, अंधतà¥â€à¤µ का सबसे बड़ा कारण है, तथा अपवरà¥à¤¤à¤• तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की कà¥à¤·à¥€à¤£à¤¤à¤¾ का सबसे बड़ा कारण है। इनके अलावा आंख की जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ विसंगति, ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤Ÿà¤—ॉफी, कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤…ल रोग,कांचबिंदà¥, रेटिनल रोग, à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤“पिक अंधतà¥â€à¤µ या दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की कà¥à¤·à¥€à¤£à¤¤à¤¾ के कारण होना पाये गये हैं।
मोतियाबिंद à¤à¤µà¤‚ अपवरà¥à¤¤à¤• तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿ अंधतà¥â€à¤µ à¤à¤µà¤‚ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की कà¥à¤·à¥€à¤£à¤¤à¤¾ के सबसे बड़ा कारण होते हैं। इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को रोका नहीं जा सकता, लेकिन मोतियाबिंद के मामले में à¤à¤• इन छोटे से ऑपरेशन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को फिर चंगा किया जा सकता हैं, à¤à¤µà¤‚ अपवरà¥à¤¤à¤• तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठचशà¥à¤®à¥‡ देकर। अंधतà¥â€à¤µ à¤à¤µà¤‚ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की कà¥à¤·à¥€à¤£à¤¤à¤¾ के इन रूपों का उपचार, सà¤à¥€ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ उपचारों में से सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• सफल à¤à¤µà¤‚ ससà¥â€à¤¤à¤¾ है।
इनके कई कारणों में से à¤à¤• है- आंख की देखà¤à¤¾à¤² कि उचित सेवाà¤à¤‚ उपलबà¥â€à¤§ न होना या आवशà¥â€à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ देखà¤à¤¾à¤² करने वाले उपलबà¥â€à¤§ न हों। कà¤à¥€-कà¤à¥€ देखà¤à¤¾à¤² पर आने वाली खरà¥à¤š की वजह से लोग आंख देखà¤à¤¾à¤² की उपलबà¥à¤§ सेवाओं का लाठनहीं ले पाते या फिर दूर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ आंख देखà¤à¤¾à¤² केनà¥â€à¤¦à¥à¤°à¥‹à¤‚ तक आवागमन पर होने वाले खरà¥à¤š के कारण वहाठजाने से हिचकते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ वे कमजोर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को यह सोचकर सà¥à¤µà¥€à¤•ार कर लेते हैं कि वे जैसे –तैसे काम चला लेगें, यह विशेषत: बूढ़े या अधिक उमà¥à¤° के वà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर लागू होता है।
सजातीय विवाह
रकà¥à¤¤ संबंध या रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ की साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होती है। कनà¥à¤¸à¥…नà¥à¤œà¥€à¤¨à¤¿à¤…स शबà¥à¤¦ लैटिन à¤à¤¾à¤·à¤¾ से आया है जिसका अरà¥à¤¥ समान रकà¥à¤¤ होता है।
सजातीय वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पूरà¥à¤µ की कà¥à¤› पीढ़ियों में कम से कम à¤à¤• उà¤à¤¯à¤¨à¤¿à¤·à¥â€à¤ पूरà¥à¤µà¤œ होता है। सजातीयता की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ है à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, जिसमें रकà¥à¤¤ संबंध वाले दो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे कि चचेरे /ममेरे à¤à¤¾à¤ˆ-बहन, की संतान हो।
जीनà¥â€à¤¸ जो कि जोड़े में होते हैं, सूचना के à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤²à¤¿à¤‚दे होते हैं जो हम अपने जनà¥â€à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं से विरासत में पाते हैं। समान पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ के जोड़े को होने वाली संतान में जनà¥â€à¤®à¤—त दोषों का खतरा तेज़ी से बढ़ता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि रिशà¥â€à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¥‡ समान नà¥à¤•सानदेह जीन की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है जो दो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में संतानों में आते हैं। सजातीयता से संबंधित जोड़ों में जनà¥à¤®à¤—त दोषों का खतरा उनकी रिशà¥â€à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ की निकटता के सà¥â€à¤¤à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बढ़ता है, अधिक निकट संबंधियों में अधिक खतरा होता हैं। हालांकि, सबसे सजातीय जोड़े सामानà¥à¤¯, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ संतान पैदा करने के लिठसमरà¥à¤¥ हैं।
लकà¥à¤·à¤£
सजातीय विवाह से जनà¥â€à¤®à¥€ संतानों की à¤à¤• बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय तक जीवित नहीं रहती हैं या छह महीने की आयॠसे गंà¤à¥€à¤° दोषों से पीड़ित होता है। इनमें से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बीमारियां इनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। अकसर बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रंग गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€, बाल सफेद तथा आà¤à¤–ों में आवशà¥à¤¯à¤• वरà¥à¤£à¤• का अà¤à¤¾à¤µ होता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¤²à¤¬à¥à¤¨à¤¿à¤œà¥â€à¤®/रंजकहीनता कहा जाता है। रतौंधी, रेटिनाइटिस (दृषà¥à¤Ÿà¤¿ पटल शोध), पिगâ€à¤®à¥‡à¤‚टोसा, पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¥€à¤¤à¤¿, दृशà¥à¤¯ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾ में कमी, अकà¥à¤·à¤¿à¤¦à¥‹à¤²à¤¨, à¤à¤µà¤‚ अपवरà¥à¤¤à¤• तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सजातीय विवाह से संबंधित आà¤à¤– की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। वंशानà¥à¤—त अध:पतन à¤à¤µà¤‚ रेटिना (दृषà¥à¤Ÿà¤¿ पटल) के कà¥à¤·à¤¯, आमतौर पर धीरे-धीरे बढते हैं, परिणामसà¥â€à¤µà¤°à¥‚प दूरदृषà¥à¤Ÿà¤¿ की कमी, सà¥à¤°à¤‚गीय दृषà¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¤µà¤‚ रतौंधी होते हैं। यह आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और यà¥à¤µà¤¾ वयसà¥à¤•ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
यह à¤à¤• आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें बालों, तà¥à¤µà¤šà¤¾ à¤à¤µà¤‚ आà¤à¤–ों में रंजक की कमी होना शामिल है। नेतà¥à¤° की रंजकहीनता में केवल आंखें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है। यह आमतौर पर पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¥€à¤¤à¤¿, दृशà¥à¤¯ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾ में कमी, अकà¥à¤·à¤¿à¤¦à¥‹à¤²à¤¨, à¤à¤µà¤‚ अपवरà¥à¤¤à¤• तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है।
à¤à¤¨à¤¿à¤°à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾: इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आयरिस जनà¥â€à¤® से ही अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है।
आईरिसकाकोलोबोमा / कोरॉइड: विकासातà¥à¤®à¤• विषमताओं के कारण इन संरचनाओं में से किसी à¤à¤• का अà¤à¤¾à¤µ होता है।
निवारण
यह परामरà¥à¤¶ दिया जाता है कि रकà¥â€à¤¤ सबंधियों से विवाह न करें। सजातीय जोड़े जो संतान चाह रहे हैं या गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना चाहते हैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण के जोखिम को जानने के लिठआनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक परामरà¥à¤¶ लेनी चाहिठà¤à¤µà¤‚ परीकà¥à¤·à¤£ के विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ को जानना चाहिà¤à¥¤
मोतियाबिंद
आंखों के लेंस आà¤à¤– से विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ दूरियों की वसà¥à¤¤à¥à¤“ं पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करता है। समय के साथ लेंस अपनी पारदरà¥à¤¶à¤¿à¤¤à¤¾ खो देता है तथा अपारदरà¥à¤¶à¥€ हो जाता है। लेंस के धà¥à¤‚धलेपन को मोतियाबिंद कहा जाता है। दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤Ÿà¤² तक पà¥à¤°à¤•ाश नहीं पहà¥à¤à¤š पाता है à¤à¤µà¤‚ धीरे-धीरे दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में कमी अनà¥à¤§à¤¤à¤¾ के बिंदॠतक हो जाती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों में अंतिम परिणाम धà¥à¤‚धलापन à¤à¤µà¤‚ विकृत दृषà¥à¤Ÿà¤¿ होते है।
हालांकि आमतौर पर 55 वरà¥à¤· की आयॠसे अधिक के लोगों में मोतियाबिंद होता है, यà¥à¤µà¤¾ लोग à¤à¥€ इससे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं हैं। मोतियाबिंद दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में अंधतà¥â€à¤µ के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हैं। 60 से अधिक आयॠवालों में 10 में से चार लोगों में मोतियाबिंद विकसित होता है। शलà¥â€à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ही इसका à¤à¤•मातà¥à¤° इलाज़ है, जो सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ आसान पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है।
मोतियाबिंद का निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कारण पता नहीं है। मोतियाबिंद के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार होते हैं,
सबसे आम वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का मोतियाबिंद है, जो 50 से अधिक आयॠवाले लोगों में विकसित होता है। इस परिवरà¥à¤¤à¤¨ में योगदान देने वाले कारकों में रोग, आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकी, बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¤¾, या नेतà¥à¤° की चोट शामिल है। वे लोग जो सिगरेट के धà¥à¤à¤, पराबैंगनी विकिरण(सूरà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤•ाश सहित), या कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• मे रहà¥à¤¤à¥‡ हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ मोतियाबिंद होने का खतरा होता है। मà¥à¤•à¥à¤¤ कण और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤•रण à¤à¤œà¥‡à¤‚टà¥à¤¸ à¤à¥€ आयà¥-संबंधी मोतियाबिंद के होने से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हैं।
लकà¥à¤·à¤£
समय के साथ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में कà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• गिरावट
वसà¥â€à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤‚ धà¥à¤‚धली, विकृत, पीली या असà¥â€à¤ªà¤·à¥â€à¤Ÿ दिखाई देती हैं।
रात में अथवा कम रोशनी में दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में कमी होना। रात में रंग मलिन दिखाई दे सकते हैं या रात की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ कमजोर हो सकती है।
धूप या तेज रोशनी में दृषà¥à¤Ÿà¤¿ चमक से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है।
चमकदार रोशनी के चारों ओर कà¥à¤£à¥â€à¤¡à¤² दिखाई देते हैं।
मोतियाबिंद से खà¥à¤œà¤²à¥€,आंसू आना या सिर दरà¥à¤¦ नहीं होता है।
उपचार
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में लेंस की पारदरà¥à¤¶à¤¿à¤¤à¤¾ को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने वाली कोई à¤à¥€ दवा उपलबà¥à¤§ नहीं है। चशà¥à¤®à¥‡ मदद नहीं कर पाते कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤•ाश की किरणें आंखों से पारित नहीं हो पाती हैं। शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हटाना ही मोतियाबिंद के इलाज का à¤à¤•मातà¥à¤° तरीका है। मोतियाबिंद सरà¥à¤œà¤°à¥€ के विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार होते हैं। यदि दृषà¥à¤Ÿà¤¿ केवल कà¥à¤› धà¥à¤‚धली हो तो मोतियाबिंद का इलाज करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। बस चशà¥à¤®à¥‡ बदलने से दृषà¥à¤Ÿà¤¿ के सà¥à¤§à¤¾à¤° में मदद मिलती है, लेकिन केवल थोड़े समय के लिà¤à¥¤ सरà¥à¤œà¤°à¥€ तब करनी चाहिठजब मरीज को अपनी पसंद की चीजें करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दिखाई न दें।
कांच बिंदà¥
कांच बिंदॠरोग नेतà¥à¤° तंतॠकी गंà¤à¥€à¤° à¤à¤µà¤‚ निरंतर बढ़ती हà¥à¤ˆ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ धीरे-धीरे दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को नषà¥à¤Ÿ कर देता है। जब हम वसà¥à¤¤à¥ को देखते हैं, छवि दृषà¥à¤Ÿà¤¿ पटल से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तक नेतà¥à¤° तंतॠदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहà¥à¤‚चाई जाती है। कांच बिंदॠमें अंत:नेतà¥à¤° दाब पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ आà¤à¤– की सहने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से अधिक हो जाता है। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प नेतà¥à¤° तंतॠकी कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होती है जिससे दृषà¥à¤Ÿà¤¿ चली जाती है।
वसà¥à¤¤à¥ को देखते समय कांच बिंदॠवाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को केवल वसà¥â€à¤¤à¥ का केनà¥â€à¤¦à¥à¤° दिखाई देता है। समय बीतने के साथ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ यह कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ खो जाता है। सामानà¥à¤¯à¤¤:,लोग इस पर कदाचित ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देते हैं जबतक कि काफी कà¥à¤·à¤¤à¤¿ न हो गई हो। अकà¥à¤¸à¤° कांच बिंदॠबिना किसी लकà¥à¤·à¤£ के विकसित होता है इसे "नज़र का चà¥à¤ªà¤•े से आने वाला चोर" के रूप में संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ किया जाता है।
विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर कांच बिंदॠलगà¤à¤— छह करोड़ लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है और à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यह अंधतà¥â€à¤µ का दूसरा सबसे आम कारण है। करीब à¤à¤• करोड़ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कांच बिंद से पीड़ित हैं जिनमें से 1.5 लाख नेतà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¨ हैं।
कांच बिंदॠआमतौर पर दोनों आà¤à¤–ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। हालाà¤à¤•ि आमतौर पर यह 40 वरà¥à¤· से अधिक आयॠके वयसà¥à¤•ों के बीच में पाया जाता है, यह नवजात शिशà¥à¤“ं को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता हैं।
पà¥à¤°à¤•ार
पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• खà¥à¤²à¤¾ कोण और बंद कोण कांच बिंदà¥à¥¤
1. पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• खà¥à¤²à¤¾ कोण कांच बिंदà¥
पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• खà¥à¤²à¤¾ कोण कांच बिंदॠमें आà¤à¤– की जल निकासी नली धीरे-धीरे बंद हो जाती है। जल निकासी पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ ठीक ढंग से काम नहीं करने की वजह से आंख का आंतरिक दाब बढ़ जाता है।(हालाà¤à¤•ि,जल निकासी नली का पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ आमतौर पर काम कर रहा होता हैं à¤à¤µà¤‚ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं होता हैं) रà¥à¤•ावट अंदर होती है à¤à¤µà¤‚ दà¥à¤°à¤µ बाहर नहीं आ पाता है,इस वज़ह से आंख के अंदर दबाव में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है।
पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• खà¥à¤²à¤¾ कोण कांच बिंदॠसे सबंधित कोई विशेष लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते हैं। समय पर समय पर की जाने वाली आà¤à¤– परीकà¥à¤·à¤£ कांच बिंदॠको जलà¥à¤¦ से जलà¥â€à¤¦ पहचानने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। इसके ज़रिठइसे दवा से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
2. कोण बंद कांच बिंदà¥
कोण बंद कांच बिंदॠà¤à¤• तीवà¥à¤° पà¥à¤°à¤•ार का कांच बिंदॠहै। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आंखों में दबाव तेजी से बढ़ता है। आईरिस à¤à¤µà¤‚ कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की चौड़ाई कम होती है, परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प जल निकासी नली के आकार में कमी होती है।
लकà¥à¤·à¤£
वयसà¥à¤•
मरीज परिधीय दृषà¥à¤Ÿà¤¿ के नà¥à¤•सान की शिकायत करता है
मरीज कà¥à¤£à¥â€à¤¡à¤² या इंदà¥à¤°à¤§à¤¨à¥à¤·-रंग के गोले या रोशनी देख सकते ह
दृषà¥à¤Ÿà¤¿ मटमैली या धà¥à¤à¤§à¤²à¥€ हो जाती है।
मरीज आंख में दराद à¤à¤µà¤‚ लालिमा की शिकायत कर सकते हैं
दृषà¥à¤Ÿà¤¿ का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° इतना कम होता है कि मरीज सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से नहीं चल सकता।
जब à¤à¥€ आंखों की चोट के बाद दरà¥à¤¦ या दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में कमी हो तो माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• कांच बिंदॠकी आशंका करनी चाहिà¤à¥¤
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के मरीज à¤à¥€ कांच बिंदॠसे पीड़ित हो सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡
शिशà¥à¤“ं à¤à¤µà¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ मे लालिमा,पानी आना, आà¤à¤–ों का बड़ा होना, कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का धà¥à¤‚धलापन à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¥€à¤¤à¤¿ शामिल है।
आघात
आà¤à¤–ों का आघात आंखों में अंधतà¥â€à¤µ का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है। अधिकतर आघात के मामलों में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं या पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कमी के कारण लोग अंधे हो जाते हैं। आà¤à¤– की चोटें आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के रूप में मानी जानी चाहिठà¤à¤µà¤‚ तà¥à¤°à¤‚त उपचार किया जाना चाहिà¤à¥¤ तातà¥à¤•ालिक पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार à¤à¤µà¤‚ विशेषजà¥à¤ž दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जांच, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ बहाली के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है।
कारण
घरेलू चोट लगने की घटनाà¤à¤‚
फसल उगाना à¤à¤µà¤‚ कटाई
जलाने की लकड़ी काटना à¤à¤µà¤‚ चीरना
जलती हà¥à¤ˆ लकड़ी के उड़ती चिंगारियों के कण
खाना बनाते लौ या à¤à¤¾à¤ª लगने से
कीड़े के डंक या काटने से
धूल कण (बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥)
औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक
धातॠकण (बाहà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥)
जलते हà¥à¤ कण
लौ या à¤à¤¾à¤ª
चेहरे का विदारण
रासायनिक पदारà¥à¤¥ से जलना
दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤à¤‚
वाहनों से टूटे कांच
गिरने की वजह से चोटें
तेज या à¤à¥‹à¤¥à¤°à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं का अंदर घà¥à¤¸à¤¨à¤¾
रसायन से जलना
रसायन से जलने पर ततà¥à¤•ाल पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार आवशà¥à¤¯à¤• होता है।
जितना जलà¥à¤¦ समà¥à¤à¤µ हो, उतना जलà¥à¤¦, कम से कम पाà¤à¤š मिनट तक अपना चेहरा, पलकें à¤à¤µà¤‚ आà¤à¤–े धोयें।
आंखों के आंतरिक कोने में अधिक पानी डालें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि रसायन दूसरी आà¤à¤– में न जाà¤à¥¤ आंखों को सूखी, साफ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग पटà¥à¤Ÿà¥€ से ढ़ंकें,
मरीज़ आà¤à¤– न रगड़े, इस बात के लिठउसे सतरà¥à¤• करें।
तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤¾ सहायता लें।
नरम पैड लगाà¤à¤‚, आंखों को ढकें तथा मरीज़ को तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ले जाà¤à¤‚।
आà¤à¤–ों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हानिकारक आदतें
सà¥à¤µà¤¯à¤‚ दवा लेना
आà¤à¤–ों की पारमà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• दवाà¤à¤‚- पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ या जड़ी बूटियों/ मानव मूतà¥à¤°/ पशॠउतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का अरà¥à¤• जो सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से नेतà¥à¤° सतह को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाता है, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हानि या अंधतà¥â€à¤µ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है।
आà¤à¤– के आघात से निपटने के लिये कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदà¥à¤“ं का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना
आंख की आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कटना, खरोंच, आंखों में कोई चीज़ घà¥à¤¸à¤¨à¤¾, जलना, रसायन से संपरà¥à¤•, à¤à¤µà¤‚ à¤à¥‹à¤¥à¤°à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं से चोट शामिल हैं। चूकि आंख आसानी से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकती है, इनमें से कोई à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ यदि अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ रहे तो दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की हानि का कारण बन सकती है।
आà¤à¤– की सà¤à¥€ बडी चोटों तथा समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठचिकितà¥à¤¸à¤•ीय सलाह लेना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। कई आंख की कई समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚, जो चोट की वजह से नहीं होती (जैसे दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ लाल आà¤à¤–), उनके लिठà¤à¥€ तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤•ीय देखà¤à¤¾à¤² की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
आंख मे रसायन से चोट, काम के दौरान दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ या आम घरेलू उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ जैसे सफाई का घोल, बगीचे के रसायन, सॉलà¥à¤µà¥ˆà¤‚टà¥à¤¸, आदि की वजह से हो सकती है। धà¥à¤†à¤‚ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¸à¥Œà¤²à¥à¤œà¤¼ à¤à¥€ रासायनिक जलन पैदा कर सकते है।
अमà¥à¤² से जलने के मामले में कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का धà¥à¤‚धलापन अकà¥à¤¸à¤° साफ हो जाता है तथा ठीक होने की अचà¥à¤›à¥€ समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। लेकिन कà¥à¤·à¤¾à¤°à¥€à¤¯ पदारà¥à¤¥- जैसे चूना, नाली की सफाई के कमरà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤² रसायन à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¶à¥€à¤¤à¤¨ उपकरणों में पाया जाने वाला सोडियम हायडà¥à¤°à¥‰à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ - कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चा सकते है।
कà¤à¥€ कà¤à¥€ तà¥à¤°à¤‚त उपचार के बावजूद कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होती रहती है।
धूल, बालू, à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ मलबे आà¤à¤– में किसी à¤à¥€ समय आ सकते है। लगातार दरà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ लालिमा संकेत करते हैं कि पेशेवर देखà¤à¤¾à¤² à¤à¤µà¤‚ उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ आपकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को खतरा हो सकती है यदि उसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ या लेंस कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हो। गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚डिंग या धातॠपर धातॠकी हेमरिंग के कारण तेज गति से चलती हà¥à¤ˆ बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोखिम पैदा करती हैं।
आमतौर पर काली आंख, आंख या चेहरे पर सीधे आघात के कारण होती है। कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के खोपड़ी à¤à¤‚ग, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· आघात के अà¤à¤¾à¤µ में à¤à¥€ आंखों के चारों ओर खरोंच उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं। अकà¥à¤¸à¤° पलक और आंख के आसपास के ऊतक में सूजन à¤à¥€ हो सकती है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€, सूजे हà¥à¤ ऊतक के दबाव से आंखों को गंà¤à¥€à¤° कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होती है। आंखों के अंदर रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को कम कर सकता है, कांचबिंदॠकर सकता है या कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चा सकता है।
आà¤à¤– की आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कà¥à¤¯à¤¾ कर सकते हैं, यह मालूम होने से कीमती समय बच सकता है तथा दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हानि को रोका à¤à¥€ जा सकता है। यहाठबà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ नेतà¥à¤° चोट के मामले में कà¥à¤› निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिये गये हैं।
आंख की अनà¥à¤¯ चोटों के लिठनिवारण
सà¥â€à¤µ-चिकितà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤µà¤‚ पारंपरिक पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं के खतरों के बारे में लोगों को सतरà¥à¤• करना।
अयोगà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤•ों से उपचार न कराà¤à¤‚, à¤à¤• योगà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤• से तà¥à¤°à¤‚त परामरà¥à¤¶ लें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से दवाà¤à¤‚, औषधियां, à¤à¤¸à¤¿à¤¡, रसायन, खाने की गरà¥à¤® चीज़ें à¤à¤µà¤‚ नà¥à¤•ीली वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ दूर रखें।
नà¥à¤•ीली वसà¥à¤¤à¥à¤“ं, तीर-धनà¥à¤· à¤à¤µà¤‚ गिलà¥à¤²à¥€-डंडा के साथ खेलने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हतोतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें।
जब à¤à¥€ वाहन चलाà¤à¤‚ या कोई à¤à¥€ औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक काम करें, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• चशà¥à¤®à¥‡ का उपयोग करें।
पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में सीखें तथा सबसे नज़दीक की चिकितà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं की जानकारी रखें।
उपचार
आà¤à¤–ों को रगड़ने से बचें। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मामले में, यदि वे आजà¥à¤žà¤¾ का पालन नहीं करते हैं तो उनके हाथ पीठपीछे बांध दे।
नम संकीरà¥à¤£ फोहे या रूमाल के मà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कोने से बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ को चमकदार रोशनी में निकालें।
यदि बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ दिखाई नहीं दें, हाथ में कà¥à¤› साफ पानी लें à¤à¤µà¤‚ उसमें तेज़ी से पलके à¤à¤ªà¤•ाà¤à¤‚।
यदि फिर à¤à¥€ असफल होते हैं, उपरी पलक को आगे की ओर खींचें, निचली पलक को ऊपर धकेलें तथा दोनों पलको को छोड़ दें। निचली पलकों के बाल अकà¥à¤¸à¤° बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ को निकाल देतें हैं।
यदि बाहà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥ कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में धंसी हो, नरम पैड/गदà¥à¤¦à¥€ लगायें, आंखों को ढकें à¤à¤µà¤‚ मरीज को तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² लें जाà¤à¤‚।
आधारà¤à¥‚त पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾
रासायनिक जलन - रसायन के आंख से संपरà¥à¤• के सà¤à¥€ मामले में
तà¥à¤°à¤‚त पानी या किसी अनà¥à¤¯ पीने योगà¥à¤¯ तरल से आंख धोà¤à¤‚। आंख नल या शॉवर के नीचे रखे या साफ बरà¥à¤¤à¤¨ से पानी लेकर आंख में पानी डालें। धोते समय आंख खà¥à¤²à¥€ à¤à¤µà¤‚ चौड़ी रखें। कम से कम 15 मिनट तक धोना जारी रखें।
आंख के कप का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करें।
यदि कॉनà¥â€à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥â€à¤Ÿ लैंस अà¤à¥€ à¤à¥€ आà¤à¤–ों में है, तो लेंस पर तà¥à¤°à¤‚त पानी डालने लगें। इससे लेंस पर से बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ निकल जाà¤à¤—ी।
आंख पर पटà¥à¤Ÿà¥€ न बांधे।
धोने के तà¥à¤°à¤‚त बाद चिकितà¥à¤¸à¤¾ उपचार लें।
आà¤à¤–ों में चशà¥â€à¤®à¥‡à¤‚
आंख न रगड़ें।
आà¤à¤¸à¥à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ को आà¤à¤– से हटाने की कोशिश करें या आईवॉश का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
ऊपरी पलक ऊपर उठाà¤à¤‚ तथा निचली पलक नीचे करके बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ निकालने की कोशिश करें।
यदि बाहà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ नहीं हटती है तो आंखें बंद रखें, हलà¥â€à¤•े ढंग से पटà¥à¤Ÿà¥€ बाà¤à¤§à¥‡, à¤à¤µà¤‚ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ दिखाà¤à¤‚।
आंख में फूंक मारें।
आंखों पर दबाव डाले बगैर ठंडा सेक लगाà¤à¤‚। पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की थैली में कà¥à¤šà¤²à¥€ हà¥à¤ˆ बरà¥à¤« माथे पर टेप चिपकाकर हलà¥à¤•े से घायल आंख पर, उसे आराम देने के लिठरखें।
दरà¥à¤¦, आà¤à¤– में कमी, या मलिनकरण (काली आà¤à¤–) के मामले में, आपातकालीन चिकितà¥à¤¸à¤•ीय सहायता लें। इनमें से किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का मतलब है आà¤à¤– को
आंतरिक कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¥¤
आंख या पलक का कटना à¤à¤µà¤‚ छेद
आंख को पानी या किसी à¤à¥€ अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥ से न धोयें।
आंख में फंसी किसी à¤à¥€ वसà¥â€à¤¤à¥ को निकालने की कोशिश न करें।
दबाव डाले बगैर आंख को कड़क कवच से ढकें। आप पेपर कप के निचले आधे तले का उपयोग कर सकते हैं।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त मिलें।
सामानà¥â€à¤¯ सावधनियां
जब à¤à¥€ कोयला, लकड़ी, रेत आदि का कोई छोटा कण आंख में जाठतो आंखें न रगड़े।
आंखें पूरी तरह से खोलें तथा à¤à¤°à¤ªà¥‚र साफ, ठंडे पानी से धोयें।
नà¥à¤•ीली वसà¥â€à¤¤à¥- जैसे घास की पतà¥â€à¤¤à¥€, पेपर का कोना या किनारा, पेनà¥à¤¸à¤¿à¤², चाकू से चोट या जलने, गरà¥à¤® पानी, तेल, à¤à¤¾à¤ª, गरà¥à¤® राख, पट़ाखे, कॉसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सोडा, चूना आदि से चोट पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आघात के मामलों में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ आंख को साफ पानी से धोà¤à¤‚।
नेतà¥à¤° चिकितà¥à¤¸à¤• से तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤•ीय परामरà¥à¤¶ लिया जाना चाहिà¤à¥¤
तेज़ चोट के मामले में रोगी को ऊरà¥à¤§à¥à¤µà¤¾à¤§à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आराम करने की सलाह दें। रोगाणà¥à¤¹à¥€à¤¨ पैड से दोनों आंखों पर पटà¥à¤Ÿà¥€ करें।
जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ à¤à¤• नेतà¥à¤° चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ लें।
निवारक उपाय
घर में, यातà¥à¤°à¤¾ à¤à¤µà¤‚ कारà¥à¤¯ के दौरान सà¤à¥€ खतरनाक à¤à¤µà¤‚ खेल गतिविधियों के समय आंखों की रकà¥à¤·à¤¾ करें।
अपने घर में तथा कारà¥à¤¯à¤¸à¥â€à¤¥à¤² पर पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ किट रखें। आà¤à¤– की चोट की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ उपचार के लिठयातà¥à¤°à¤¾ किट में आंख का कड़क कवच तथा बाज़ार में उपलबà¥à¤§ नेतà¥à¤° धोने का तरल पदारà¥à¤¥ रखें।
आंख की चोट हानिरहित है à¤à¤¸à¤¾ नहीं सोचें। संशय की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• को दिखाà¤à¤‚।
आà¤à¤– के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की अचà¥à¤›à¥€ आदतें à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार
आà¤à¤–ें à¤à¤µà¤‚ आंख के आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को साबà¥à¤¨ और साफ पानी से धोकर साफ रखें।
सोने से पहले आंखों को धोना आवशà¥à¤¯à¤• है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे पूरे दिन में à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ धूल à¤à¤µà¤‚ गंदगी हट जाती है।
कà¤à¥€ à¤à¥€ दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का तौलिया, रà¥à¤®à¤¾à¤² या उपयोग किठहà¥à¤ कपड़े का उपयोग अपनी आंखों को पोछने के लिये पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है।
काजल या सूरमा या अनà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ आà¤à¤–ों में उपयोग करने से बचें। यदि आप इनका उपयोग करते हैं तो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को यह लगाने के लिये अपना-अपना साधन उपयोग करना चाहिà¤à¥¤
आà¤à¤–ो को धूल, धà¥à¤à¤ या बहà¥à¤¤ तेज पà¥à¤°à¤•ाश से बचाà¤à¤‚।
सूरà¥à¤¯-गà¥à¤°à¤¹à¤£ नगà¥à¤¨ आà¤à¤–ों से न देखें।
मकà¥à¤–ियां संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बीमारियाठफैलाती हैं। अपने वातावरण को साफ रखें।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चा सकते हैं à¤à¤µà¤‚ अंधतà¥â€à¤µ ला सकते हैं। उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ नियंतà¥à¤°à¤£ में रखिये, अपनी आà¤à¤–ों की जाà¤à¤š समय-समय पर कराà¤à¤‚।
सà¤à¥€ जहरीले डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸, शराब और तंबाकू सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक हैं, आà¤à¤–ों के लिठतो और à¤à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¥¤ à¤à¤¸à¥€ चीजों से बचें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खतरनाक खेलने वाली चीजें जैसे धनà¥à¤·-बाण, गिलà¥à¤²à¥€ डंडा à¤à¤µà¤‚ नà¥à¤•ीले, तेज़ किनारों वाले खिलौनों से दूर रखें। वयसà¥à¤•ो की देख-रेख के बिना बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पटाखों के साथ खेलने से हतोतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें।
वेलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग और बढ़ईगिरी जैसे कारà¥à¤¯ करते समय सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• चशà¥à¤®à¥‡ का उपयोग करें।
सà¥à¤µà¤¯à¤‚ दवा लेने से बचें। नीम-हकीम या सड़क किनारे दवा विकà¥à¤°à¥‡à¤¤à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बेचे जाने वाली दवा का उपयोग न करें। यदि आपको कोई नजर की समसà¥à¤¯à¤¾ हो तो नेतà¥à¤° विशेषजà¥à¤ž से परामरà¥à¤¶ करें।
यदि आप चशà¥à¤®à¥‡ का उपयोग करते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साफ तथा खरोंचों से मà¥à¤•à¥à¤¤ रखें। कà¤à¥€ à¤à¥€ अनà¥à¤¯ लोगों के काले चशà¥à¤®à¥‡ का उपयोग न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आंख में संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है।
à¤à¤•-दूसरे की आà¤à¤–ों को छूने के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रोग के संचरण को रोकने के लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लà¥à¤•ा-छिपी का खेल खेलने से हतोतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें।
खाना पकाते समय सोडा का उपयोग से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह विटामिन को नषà¥à¤Ÿ कर देता है।
पढ़ने की अचà¥à¤›à¥€ आदतें
मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ पृषà¥à¤ को आà¤à¤–ों से डेढ़ फीट दूर à¤à¤µà¤‚ 45 से 70 डिगà¥à¤°à¥€ के कोण पर à¤à¥à¤•ाकर पकड़ें।
चलती टà¥à¤°à¥‡à¤¨ à¤à¤µà¤‚ बसों में लेटे हà¥à¤ या टिमटिमाते/ धà¥à¤‚धले पà¥à¤°à¤•ाश में नहीं पढ़ें।
अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रोशनी में बारीक पà¥à¤°à¤¿à¤‚ट न पढ़ें।
पढ़ते या आà¤à¤–ों को जोर देने वाले कारà¥à¤¯ करते समय बारमà¥â€à¤¬à¤¾à¤° आà¤à¤–ें बंद करके या à¤à¤• मिनट के लिठदूर की वसà¥à¤¤à¥ को देखकर अपनी आà¤à¤–ों को आराम दें।
नेतà¥à¤° शोथ
लकà¥à¤·à¤£à¤ƒ
आंखों का सफेद à¤à¤¾à¤— लाल हो जाना
आंखों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना
आंख से पानी जैसा तरल पदारà¥à¤¥ निकलना
कारणः
वायरस, कीटाणà¥, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, नेतà¥à¤° शà¥à¤·à¥à¤•ता आदि जैसे कंजà¥à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¾ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या उसे नà¥à¤•सान होने से नेतà¥à¤° शोथ हो सकता है।
मोतियाबिंद-मिथक और यथारà¥à¤¥
मिथक –1: मोतियाबिंद आंख के ऊपर “उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨â€ होते हैं।
यथारà¥à¤¥: मोतियाबिंद आंख के लेंस का धà¥à¤‚धला हो जाना है, और लेंस आंख के à¤à¥€à¤¤à¤° होता है, उसकी सतह पर नहीं। आंख का पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक लेंस पानी और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ तंतà¥à¤“ं से बना होता है, जो इस तरह से वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं कि जिससे लेंस साफ रहता है और उसमें से पà¥à¤°à¤•ाश पार निकल सकता है। जैसे-जैसे आपकी उमà¥à¤° बढ़ती है, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ तंतॠआपस में लिपट कर गà¥à¤šà¥à¤›à¥‹à¤‚ में बदल जाते हैं और लेंस के कà¥à¤› à¤à¤¾à¤—ों को धà¥à¤‚धला कर देते हैं। समय के साथ किसी à¤à¤• à¤à¤¾à¤—-विशिषà¥à¤Ÿ में गà¥à¤šà¥à¤›à¥‡ अलग दिखाई देने लगते हैं, जिससे दृषà¥à¤Ÿà¤¿ कमजोर होने लगती है।
मिथक – 2: मोतियाबिंद को लेज़रों से निकाला जा सकता है।
यथारà¥à¤¥: इस à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ति के साथ कि मोतियाबिंद आंख की सतह पर ऊतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं, कई लोग यह मानते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेज़र दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकाला जा सकता है। दरअसल à¤à¤¸à¤¾ नहीं कà¥à¤› नहीं होता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि धà¥à¤‚धलापन लेंस के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है। मोतियाबिंद शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में, आपके पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक लेंस को तोड़ कर फेको पà¥à¤°à¥‹à¤¬ नामक à¤à¤• औजार से निकाल लिया जाता है। फिर आंख में उसके सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर आईओà¤à¤² नामक à¤à¤• कृतà¥à¤°à¤¿à¤® लेंस लगा दिया जाता है।
मिथक – 3: मोतियाबिंद “वापस बढ़†जाते हैं।
यथारà¥à¤¥: यह सही नहीं है। पर हां, मोतियाबिंद के रोगी में कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ या महीनों बाद à¤à¤• à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨, दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯à¤• मोतियाबिंद उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ तब होता है जब नठलेंस इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ वाली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ धà¥à¤‚धली पड़ जाती है, जिससे नज़र के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती हैं और देखने में कठिनाई होने लगती हैं। इसका उपचार लेज़र शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ से किया जा सकता है। यह à¤à¤• सरल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है जिसमें आपका आंख का शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤• लेंस के à¤à¥€à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤•ाश को आने देने के लिये à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• छोटा सा छिदà¥à¤° बना देता है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शीघà¥à¤° और दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ होती है, पनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¹ मिनट से कम में हो जाती है और साधारणतया आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° के कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में की जाती है।
मिथक – 4: मोतियाबिंद को निकालने के पहले उसका “पका होना†जरूरी है।
यथारà¥à¤¥ : à¤à¥‚तकाल में यह सतà¥à¤¯ था – मोतियाबिंद को उनà¥à¤¨à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ में आने के बाद ही निकाला जा सकता था। लेकिन आधà¥à¤¨à¤¿à¤• मोतियाबिंद शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ में, मोतियाबिंद का निकाले जाने के पहले पकना जरूरी नहीं है। आप मोतियाबिंद दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आपकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करना शà¥à¤°à¥‚ करते ही उसे निकलवा सकते हैं।
मिथक -5: केवल बूढ़े लोगों को ही मोतियाबिंद होता है।
यथारà¥à¤¥ : मोतियाबिंद 65 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° वाले लोगों में सबसे आम हैं। लेकिन,मोतियाबिंद अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम उमà¥à¤° वाले लोगों में à¤à¥€ हो सकता है। ये मोतियाबिंद मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, कà¥à¤› दवाओं और आंख की अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण होते हैं। कà¥à¤› मामलों में मोतियाबिंद जनà¥à¤® के समय मौजूद रह सकते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ मोतियाबिंद कहा जाता है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के मोतियाबिंदों के बारे में अधिक जानकारी के लिये देखें, मोतियाबिंद 101: पà¥à¤°à¤•ार और कारण।
मिथक – 6: मोतियाबिंद शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ खतरनाक होती है।
यथारà¥à¤¥: मोतियाबिंद शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ चिकितà¥à¤¸à¤¾à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° में सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और सबसे अधिक पारंगत की हà¥à¤ˆ शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में से à¤à¤• है, जिसकी सफलता की दर 95 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ है। फिर à¤à¥€,किसी à¤à¥€ अनà¥à¤¯ शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की तरह,जोखिम संà¤à¤µ हैं और उनके बारे में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात की जानी चाहिये।
मिथक – 7: मोतियाबिंद शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ से ठीक होने में कई महीने लग सकते हैं।
यथारà¥à¤¥: कई मामलों में, मोतियाबिंद रोगी को शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ के तà¥à¤°à¤‚त बाद दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में फरà¥à¤• नज़र आता है; लेकिन, कà¥à¤› लोगों की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में उसके बाद कà¥à¤› महीनों तक सà¥à¤§à¤¾à¤° आता रहता है। पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक आपको न à¤à¥à¤•ने या कोई वजनदार चीज न उठाने की ताकीद की जाती है और अपनी आंख को रगड़ने या दबाने की मनाही की जाती है। इसके अलावा, शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अगले दिन, आपकी आंख पर से पटà¥à¤Ÿà¥€ को निकालने के बाद, आप अपनी अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ सामानà¥à¤¯ गतिविधियां वापस शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं। (मोतियाबिंद शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ के बारे में और जानने के लिये पढ़िये, ओलिवेट शा की कहानी)।
मिथक -8:मोतियाबिंद शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ के बाद चशà¥à¤®à¥‡ की जरूरत नहीं होती है।
यथारà¥à¤¥: शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ के बाद चशà¥à¤®à¥‹à¤‚ की जरूरत होगी या नहीं यह लगाठगठअंतःनेतà¥à¤°à¤—ोलकीय (नेतà¥à¤° के à¤à¥€à¤¤à¤°) लेंस के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° होता है। à¤à¤•केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤•(मोनोफोकल) लेंस के साथ रोगियों को नजदीक की और माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• दूरियों के लिये पढ़ने या कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर पर कारà¥à¤¯ करने के लिये चशà¥à¤®à¥‹à¤‚ की जरूरत पड़ने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। कई लोग बहà¥à¤•ेनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤•(मलà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¥‹à¤•ल) लेंस लगवाते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकांश मामलों में सà¤à¥€ दूरियां ठीक हो जाती हैं और चशà¥à¤®à¥‹à¤‚ की जरूरत नहीं पड़ती। आपको यह जानने के लिये अपने डाकà¥à¤Ÿà¤° से बात करनी होगी कि कà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤•ेनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤•(मलà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¥‹à¤•ल) लेंस आपके लिये उपयà¥à¤•à¥à¤¤ रहेंगे। मोतियाबिंद शलà¥à¤¯à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ के लिये लेंस विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ पर अधिक जानकारी के लिये पढ़ें।
मिथक – 9:मोतियाबिंद à¤à¤• आंख से दूसरी में फैल सकते हैं।
यथारà¥à¤¥: मोतियाबिंद à¤à¤• या दोनों आंखों में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं, लेकिन वे फैलते नहीं हैं।
मिथक -10: मोतियाबिंद धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से करने के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे पढ़ाई और सिलाई को करने से और बिगड़ जाते हैं।
यथारà¥à¤¥: आपके इन कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को करने से मोतियाबिंद उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ या पहले से मौजूद मोतियाबिंद और नहीं बिगड़ सकता। मोतियाबिंद होने के कारण आपके अपनी आंखों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के तरीके पर निरà¥à¤à¤° नहीं होते। फिर à¤à¥€ यह संà¤à¤µ है कि आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ मोतियाबिंद पर नजदीक से किये जाने वाले कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को करते समय जाà¤à¤—ा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इन गतिविधियों को करते समय अधिक रोशनी की जरूरत होना मोतियाबिंद के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है।
मिथक – 11 :मोतियाबिंद को होने के बाद वापस लौटाया जा सकता है।
यथारà¥à¤¥: लेंस का धà¥à¤‚धलापन उमà¥à¤° की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤¾à¤— है और उसे टाला नहीं जा सकता। फिर à¤à¥€, अपनी जीवनशैली में परिवरà¥à¤¤à¤¨ लाकर आप मोतियाबिंदों को धीमा या उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने से रोक सकते हैं:
यदि आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं तो उसे छोड़ने के बारे में सोचिये।
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें, जिसमें खूब सारे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हों।
धूप का चशà¥à¤®à¤¾(100% यूवी ठऔर बी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤) पहनें और सूरà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤•ाश में अधिक देर तक न रहें।
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