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दिनà¤à¤° आंखों में रहता है à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨? जानें इसके 5 कारण और बचाव के आसान उपाय
आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ रहता है: नींद की कमी या फिर खराब लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² के कारण आपकी आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ हो सकता है। आइठजानते हैं इससे बचाव के उपाय।Â
आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ (Heaviness in eyes) कई बार लोगों को इरिटेट करता है। दरअसल, ये नींद की कमी के कारण या फिर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण हो सकता है। कई बार तो ये हलà¥à¤•ा रहता है पर कई बार ये रह-रह कर लंबे समय तक परेशान करने लगता है। लंबे समय के लिठआंखों में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ के पीछे कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° कारण हो सकते हैं। जैसे कि कई बार साइनस और माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ के कारण à¤à¥€ सिर दरà¥à¤¦ रह सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ के कारणों के बारे में जानना जरूरी है ताकि आप इसका इलाज करवा सकें या फिर इससे बचे रहें।
आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ रहता है-Reasons for heaviness in eyes?
कंपà¥à¤¯à¥‚टर सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ देखने, कार चलाने, किताब पढ़ने और कई अनà¥à¤¯ गतिविधियों जैसे लंबे समय तक à¤à¤• ही गतिविधि पर गहन रूप से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के बाद आंखें थकी हà¥à¤ˆ और चिड़चिड़ी महसूस होती हैं। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ आ जाता है और चिकितà¥à¤¸à¤•ीय à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इसे आईसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¨ (eye strain) कहा जाता है। इसके अलावा इसके कई और कारण à¤à¥€ हैं जैसे कि
1. डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ आईज
डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ आईज के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिसकी वजह से लोगों की आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ रहता है। डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ आई में आपके आंखों का पानी यानी आंसà¥à¤“ं का गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड सूखने लगता है। इसकी वजह से आपकी आंखों में दरà¥à¤¦ रहता है और आप इरिटेट महूसूस करते हैं।Â
2. कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस का जà¥à¤¯à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लैंस के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से à¤à¥€ लोगों के आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ रहता है। दरअसल, इससे आंख नेचà¥à¤°à¤² तरीके से काम नहीं कर पाती है और लंबे समय तक कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस लगाने से आंख में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने लगती है या फिर दरà¥à¤¦ होने लगता है।
3. माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨
माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ के कारण शरीर के कई अंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाते हैं। उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है हमारी आंख। दरअसल, माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ के कारण हमें मतली, लाइट सेंसिटिविटी और गंà¤à¥€à¤° सिर दरà¥à¤¦ होता है। इस दौरान आपको हर वकà¥à¤¤ आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस हो सकता है।
4. रोज की कà¥à¤› आदतें
आपकी रोजमरà¥à¤°à¤¾ की आदतें जैसे किÂ
- खराब पोसà¥à¤šà¤° में बैठना, सोना और पढ़ना
- खराब रोशनी में पढ़ना
- कंपà¥à¤¯à¥‚टर डेसà¥à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट में काम करना
- मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन
5. अनà¥à¤¯ कारण
-आंखों की सरà¥à¤œà¤°à¥€, मौखिक दवाà¤à¤‚, डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¤¾à¥¤
-मांसपेशियों में तनाव के कारण
-साइनसाइटिस के कारण Â
आंखों का à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ दूर करने के आसान उपाय- Prevention tips for heaviness in eyes
1. थकी हà¥à¤ˆ और सूखी आंखों पर गरà¥à¤® पानी में à¤à¤¿à¤—ोया हà¥à¤† कपड़ा लगाà¤à¤‚। कोशिश करते रहें कि à¤à¤¸à¤¾ करते समय आंखें बंद रखें।
2. आंखों में डà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤¨à¥‡à¤¸ महसूस करने पर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तरोताजा करने के लिठआंखों में गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल डालें या कोई आई डà¥à¤°à¥‹à¤ª डालें।
3. नेतà¥à¤° रोग विशेषजà¥à¤ž को दिखा कर सही आईवियर पहनें।
4 किसी à¤à¤• गतिविधि को लगातार ना करें। अपने आंखों को थोड़ा आराम दें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ बदलें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आंखों के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
5. परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ में पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित हवा की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ की जांच करें और हीटिंग और कूलिंग पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ से दूर रहें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी शà¥à¤·à¥à¤• हवा आंखों में खिंचाव और जलन का कारण बनती है। à¤à¤¸à¥‡ में हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर का उपयोग करना बेहतर है।
जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव वासà¥à¤¤à¤µ में आंखों में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ को कम कर सकता है। अगर आंखों का तनाव गंà¤à¥€à¤° है या अधिक समय तक रहता है तो नेतà¥à¤° रोग विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के साथ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर चरà¥à¤šà¤¾ करना बेहतर होगा। वे आपको तनाव को कम करने या गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं से बचाने के लिठकà¥à¤› लेंस इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने की सलाह दे सकते हैं। इसलिठआंखों के à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ को हलà¥à¤•े में ना लें और à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर कंसलà¥à¤Ÿ करें।Â
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