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सोरायसिस (Psoriasis) - लकà¥à¤·à¤£, कारण, निदान, उपचार à¤à¤‚व सà¥à¤µ-देखà¤à¤¾à¤²
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग तà¥à¤µà¤šà¤¾ की वह अवसà¥à¤¥à¤¾ है जो लाल, परतदार, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की पपड़ीदार धबà¥à¤¬à¥‡ के कारण होती है जो कि सफ़ेद पपड़ी से ढकी होती है।
ये धबà¥à¤¬à¤¾ आमतौर पर तो आपकी कोहनी, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡, खोपड़ी और पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दिखाई देते हैं, लेकिन आपके शरीर पर कहीं à¤à¥€ दिखाई पड़ सकते हैं। अधिकतर लोग केवल छोटे धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। कà¥à¤› मामलों में, धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ की वजह से खà¥à¤œà¤²à¥€ या सूजन आ सकती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में लगà¤à¤— 2% लोग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ है। यूठतो यह किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है, लेकिन अधिकतर 35 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के वयसà¥à¤•ों में विकसित होता है। यह अवसà¥à¤¥à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और महिलाओं को समान रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है। कà¥à¤› लोगों को इससे सिरà¥à¤« थोड़ी जलन महसूस होती है, लेकिन कइयों के लिठयह उनके जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ पर à¤à¤• बड़ा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग à¤à¤• लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है जिसमें आमतौर पर à¤à¤¸à¥‡ समयकाल शामिल होते हैं जब आपको कोई लकà¥à¤·à¤£ या हलà¥à¤•े लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखते, लेकिन कà¥à¤› समय बाद अधिक गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ दिखने लगते हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में और पढ़ें।
यह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है?
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से पीड़ित लोगों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ जाता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकायें सामानà¥à¤¯ रूप से बनती हैं और हर तीन से चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में बदल जाती है, लेकिन तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग में यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ केवल तीन से सात दिनों तक चलती है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं के बनने से ही तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से संबंधित धबà¥à¤¬à¤¾ बनाता है।
यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरी तरह से समठमें नहीं आ पायी है, फिर à¤à¥€ इसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ से संबंधित माना जाता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ रोग और संकà¥à¤°à¤®à¤£ के खिलाफ आपके शरीर की रकà¥à¤·à¤¾ करता है, लेकिन तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग वाले लोगों के लिà¤, यह गलती से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं पर हमला करता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग खानदानी हो सकता है, हालाà¤à¤•ि तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग पैदा करने में आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकी की सटीक à¤à¥‚मिका सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं है।
कई लोगों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ घटना के कारण शà¥à¤°à¥‚ होते हैं या बदतर हो जाते हैं, जिसे "कारण" के नाम से जाना जाता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण में आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर चोट, गले में संकà¥à¤°à¤®à¤£ और कà¥à¤› दवाओं का उपयोग शामिल हैं।
यह अवसà¥à¤¥à¤¾ संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• नहीं है, इसलिठà¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में नहीं फैल सकती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का निदान कैसे किया जाता है
à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° अकà¥à¤¸à¤° आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को देखने के आधार पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का निदान कर सकता है।
दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का à¤à¤• छोटा सा नमूना, जिसे बायोपà¥à¤¸à¥€ कहा जाता है, को माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप के तहत जाà¤à¤š के लिठपà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाता है। इससे सटीक पà¥à¤°à¤•ार की तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के अनà¥à¤¯ विकारों को खारिज किया जाता है, जैसे कि सेबोरहिक डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, लिचेन पà¥à¤²à¥‡à¤¨à¤¸, लिचेन सिमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ और पिटीराइसिस रोसिया।
यदि आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके निदान के बारे में अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ है, या यदि आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° है, तो आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž (तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाने और उपचार करने में विशेषजà¥à¤ž) के पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा सकता है।
यदि आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को संदेह है कि आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग गठिया है, जो कà¤à¥€-कà¤à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग की à¤à¤• जटिलता होती है, तो आपको à¤à¤• रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ (à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° जो गठिया के इलाज में माहिर है) के पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा सकता है। अनà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं का पता लगाने के लिये रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ करने पड़ सकतें है, जैसे कि गठिया रोग और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जोड़ों का à¤à¤•à¥à¤¸-रे लिया जा सकता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का इलाज
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का कोई इलाज नहीं है, लेकिन उपचार से लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के धबà¥à¤¬à¤¾ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकते हैं।
अधिकतर मामलों में, पहले उपयोग किया जाने वाला उपचार à¤à¤• सामयिक उपचार होगा, जैसे कि विटामिन डी à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥‰à¤—à¥à¤¸ या सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥¤ सामयिक उपचार में कà¥à¤°à¥€à¤® और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाये जाने वाले मलहम हैं।
यदि ये पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं हैं, या आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अधिक गंà¤à¥€à¤° है, तो फ़ोटोथेरेपी नामक उपचार का उपयोग किया जा सकता है। फ़ोटोथेरेपी में आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को कà¥à¤› निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•ार के पराबैंगनी पà¥à¤°à¤•ाश के सामने लाया जाना शामिल है।
गंà¤à¥€à¤° मामलों में, जहाठउपरोकà¥à¤¤ उपचार अपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हैं, पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€à¤—त उपचार का उपयोग किया जा सकता है। ये खाने या इंजेकà¥à¤¶à¤¨ वाली दवाà¤à¤ हैं जो पूरे शरीर में काम करती हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के साथ रहना
हालाà¤à¤•ि तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से कà¥à¤› लोगों को सिरà¥à¤« थोड़ी जलन महसूस होती है,लेकिन यह अधिक गंà¤à¥€à¤° रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोगों के जीवन जीने की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ पर महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकता है।
उदाहरण के लिà¤, तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से पीड़ित कà¥à¤› लोगों में कम आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¨ पाया जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके à¤à¥‡à¤· पर इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। जोड़ों और जोड़ने वाले ऊतक में नरमपन, दरà¥à¤¦ और सूजन à¤à¥€ काफी आम है। इसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग गठिया के नाम से जाना जाता है।
अगर आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग है या अपनी शारीरिक और मानसिक à¤à¤²à¤¾à¤ˆ की चिंता है तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° या सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² टीम से बात करें। वो आपको सलाह और यदि आवशà¥à¤¯à¤• हà¥à¤† तो आगे के उपचार दे सकते हैं। तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से पीड़ित लोगों के लिठसहायता समूह à¤à¥€ हैं, जैसे कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨, जहाठआप अनà¥à¤¯ लोगों से इस अवसà¥à¤¥à¤¾ के बारे में बात कर सकते हैं।
लकà¥à¤·à¤£
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के अधिकांश मामले à¤à¤• चकà¥à¤° से गà¥à¥›à¤°à¤¤à¥‡ हैं, जिससे समसà¥à¤¯à¤¾ खतà¥à¤® या कम होने से पहले कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ या महीनों के लिठबॠजाती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के कई अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार हैं। कई लोगों को à¤à¤• समय में तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का केवल à¤à¤• ही रूप होता है, हालाà¤à¤•ि दो अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤• साथ हो सकते हैं। à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार, दूसरे पà¥à¤°à¤•ार में बदल सकता है या अधिक गंà¤à¥€à¤° हो सकता है।
अगर आपको लगता है कि आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग है तो आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना चाहिà¤à¥¤
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के आम पà¥à¤°à¤•ार
पà¥à¤²à¤¾à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
यह सबसे सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार है, जो लगà¤à¤— 90% मामलों में होता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ में शà¥à¤·à¥à¤•, लाल तà¥à¤µà¤šà¤¾ में घाव होना है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤²à¤¾à¤• के रूप में जाना जाता है, जो सफ़ेद पपड़ी से ढके होते हैं। ये आम तौर पर आपकी कोहनी, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡, खोपड़ी और पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दिखाई देते हैं लेकिन आपके शरीर पर कहीं à¤à¥€ दिखाई दे सकते हैं। पà¥à¤²à¤¾à¤•à¥à¤¸ की वजह से खà¥à¤œà¤²à¥€, सूजन या दोनों हो सकते हैं। गंà¤à¥€à¤° मामलों में, आपके जोड़ों के आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में दरार और खून आ सकता है।
खोपड़ी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
यह आपकी खोपड़ी के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ पर या पूरे खोपड़ी पर हो सकता है। इससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल धबà¥à¤¬à¥‡ बन जाते हैं जो चमकीले-सफ़ेद पपड़ियों से ढके होतें है। कà¥à¤› लोगों को खोपड़ी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से बेहद खà¥à¤œà¤²à¥€ लगती है, जबकि कइयों को कोई असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ नहीं होती है। अधिक बिगड़ने पर बालों के à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ का कारण बन सकता है, हालाà¤à¤•ि यह आमतौर पर केवल असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ होता है।
नाखून तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग वाले लगà¤à¤— आधे लोगों में यह अवसà¥à¤¥à¤¾ नाखूनों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के कारण आपके नाखून छोटे डेंट या गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ के रूप में विकसित हो सकते हैं, फीके पड़ सकते हैं या असामानà¥à¤¯ रूप से बढ़ सकते हैं। अकà¥à¤¸à¤° नाखून ढीले हो कर जड़ों से अलग हो सकते हैं। गंà¤à¥€à¤° मामलों में, आपके नाखून उखड़ सकते हैं।
गटेट तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
गटेट तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग आपके छाती, हाथ, पैर और खोपड़ी पर छोटे (1 सेमी या 1/3 इंच से कम) के आकार के घावों का कारण बनता है। हो सकता है कि कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद गटेट तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग पूरी तरह से गायब हो जाà¤, लेकिन कà¥à¤› लोग को आगे चल के पà¥à¤²à¤¾à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग हो जाता है।
इस तरह के तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग कà¤à¥€-कà¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकल गले के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बाद होते हैं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और किशोरों में अधिक आम हैं।
उलटा (फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¥à¤°à¤²) तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
यह आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सिलवटों या कà¥à¤°à¥€à¥› को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जैसे बगल, कमर, नितंब के बीच और सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के नीचे। इनमें से कà¥à¤› या सà¤à¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में बड़े, चिकने लाल धबà¥à¤¬à¥‡ आ सकते हैं। उलटा तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग घरà¥à¤·à¤£ और पसीने से बदतर हो सकता है, इसलिठगरà¥à¤® मौसम में विशेष रूप से परेशानी दे सकता है।
फà¥à¤‚सी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
फà¥à¤‚सी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ पà¥à¤°à¤•ार का तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग है जिसके कारण आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर मवाद à¤à¤°à¥‡ छाले (फà¥à¤‚सी) दिखाई देते हैं। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के फà¥à¤‚सी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत फà¥à¤‚सी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग या वॉन ज़à¥à¤®à¥à¤¬à¥à¤¶ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ के à¤à¤• विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर फà¥à¤‚सियों का कारण बनता है, जो बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ विकसित होते हैं। मवाद सफ़ेद रकà¥à¤¤ कोशिकाओं से बना होता है और यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत नहीं है। फà¥à¤‚सी चकà¥à¤° में हर कà¥à¤› दिनों में या कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में फिर से दिखाई दे सकतें है। इन चकà¥à¤° की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के दौरान, वॉन ज़à¥à¤®à¥à¤¬à¥à¤¶ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से बà¥à¤–ार, ठंड लगना, वजन घटना और थकान हो सकती है।
पामोपà¥à¤²à¤¾à¤‚टर फà¥à¤‚सी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
यह आपके हाथों की हथेलियों और आपके पैरों के तलवों पर दिखाई देता है। फà¥à¤‚सी धीरे-धीरे गोलाकार à¤à¥‚रे रंग के पपड़ीदार धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ में विकसित होते हैं, और छिल जाते हैं। फà¥à¤‚सी हर कà¥à¤› दिनों या सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आ सकते हैं।
à¤à¤•à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
इससे आपकी उंगलियों और पैर की उंगलियों पर फà¥à¤‚सी दिखाई देते हैं। फà¥à¤‚सी फिर फट जातें हैं, जो पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को लाल कर देते हैं जिससे सूजन या पपड़ियाठबनने लगती हैं। इससे नाखून में दरà¥à¤¦ और विकृतियाठहो सकती हैं।
à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¡à¤°à¥à¤®à¤¿à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग
à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¡à¤°à¥à¤®à¤¿à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग, तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का ही à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ रूप है जो शरीर की लगà¤à¤— पूरी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। यह तीवà¥à¤° खà¥à¤œà¤²à¥€ या जलन पैदा कर सकता है। à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¡à¤°à¥à¤®à¤¿à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से आपके शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और दà¥à¤°à¤µ पदारà¥à¤¥ की कमी हो सकती है। इससे आगे चलकर संकà¥à¤°à¤®à¤£, निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण
, दिल का दौरा
, अलà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤ª
और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£
जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ हो सकती हैं।
कारण
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग तब होता है जब तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोशिकायें सामानà¥à¤¯ से अधिक जलà¥à¤¦à¥€ बदलने लगती हैं। ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है कि à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है।
आपका शरीर आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के सà¥à¤¤à¤° की सबसे गहरी परत में नई कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है। ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाà¤à¤ धीरे-धीरे तà¥à¤µà¤šà¤¾ की परतों को पार कर के ऊपर आकर बाहरी सà¥à¤¤à¤° तक पहà¥à¤‚चती हैं। फिर सूखकर पपड़ी के रà¥à¤ª में निकल जाती हैं। इस पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सामानà¥à¤¯ रूप से लगà¤à¤— तीन से चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ लगते हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोगों में, इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में केवल तीन से सात दिन लगते हैं। नतीजतन, वह कोशिकाà¤à¤ जो पूरी तरह से परिपकà¥à¤µ नहीं होती हैं, वे तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सतह पर लाल, परतदार, खà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾ धबà¥à¤¬à¤¾ का तेज़ी से निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने लगती हैं, जो कि सफ़ेद पपड़ियों से ढका होता है।
यह माना जाता है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में समसà¥à¤¯à¤¾ आने के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोगों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोशिकायें जलà¥à¤¦à¥€ बदलने लगती हैं।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤
आपका पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ रोग के खिलाफ आपके शरीर की रकà¥à¤·à¤¾ करता है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने में सहायता करता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग किठजाने वाले मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ारों में से à¤à¤• को टी-सेल कहा जाता है।
टी-सेल आमतौर पर संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसी चीजों का पता लगाने और लड़ने के लिठशरीर की यातà¥à¤°à¤¾ करती हैं, लेकिन तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोगों में वे गलती से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं पर हमला करना शà¥à¤°à¥‚ कर देती हैं। यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को सामानà¥à¤¯ से अधिक तेज़ी से नई तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं और साथ ही साथ अधिक टी-सेल बनाने का कारण बनता है।
यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ नहीं है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के साथ वासà¥à¤¤à¤µ में इस समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण कà¥à¤¯à¤¾ है, हालाà¤à¤•ि कà¥à¤› जीन और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ कारण की à¤à¥‚मिका हो सकती है।
जेनेटिकà¥à¤¸
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग खानदानी हो सकता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ तीन में से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के करीबी रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° को यह अवसà¥à¤¥à¤¾ होती है।
हालाà¤à¤•ि, तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग होने में आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकी की सटीक à¤à¥‚मिका सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं है। शोध अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चला है कि कई अलग-अलग जीन तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हैं। यह संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है कि जीन के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संयोजन लोगों को इस अवसà¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील बना सकते हैं। हालाà¤à¤•ि, इन जीन के होने का मतलब यह नहीं है कि आपको यह अवसà¥à¤¥à¤¾ होगी ही।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के कारण
कई लोगों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ घटना के कारण शà¥à¤°à¥‚ या बदतर हो जाते हैं, जिसे कारण के रूप में जाना जाता है। अपने कारणों को जानने से आपको फà¥à¤²à¥‡à¤¯à¤°-अप से बचने में सहायता मिल सकती है। सामानà¥à¤¯ कारणों में शामिल हैं:
आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर कोई चोट, जैसे कोई कटे का निशान, खà¥à¤°à¤šà¤¨, कीड़े के काटने या सनबरà¥à¤¨ (इसे कोà¤à¤¬à¥à¤¨à¤° रेसपॉनà¥à¤¸ के नाम से जाना जाता है)
अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में शराब पीना
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨
तनाव
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨, विशेष रूप से महिलाओं में (उदाहरण के लिठयौवन
और रजोनिवृतà¥à¤¤à¤¿
के दौरान)
कà¥à¤› दवाइयाठजैसे कि लिथियम, कà¥à¤› à¤à¤‚टीमाइरियल दवाà¤à¤, सूजन-रोधी दवाà¤à¤ जिनमें इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨
, à¤à¤¸à¥€à¤ˆ इनहिबिटर (उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का इलाज किया जाता है) और बीटा बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸
(कंजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हृदà¥à¤ªà¤¾à¤¤ का इलाज किया जाता है)
गले में संकà¥à¤°à¤®à¤£ - कà¥à¤› लोगों में, आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और यà¥à¤µà¤¾ वयसà¥à¤•ों में, तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का à¤à¤• रूप जिसे गटेट तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग कहा जाता है (जो छोटे गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ धबà¥à¤¬à¤¾ का कारण बनता है, अकà¥à¤¸à¤° बहà¥à¤¤ अधिक परत के बिना) à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकल गले के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बाद विकसित होता है, हालाà¤à¤•ि अधिकतर लोग जिनके सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकल गले में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग नहीं होता।
अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, जैसे à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€
, जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ या पहली बार दिखने का कारण बनता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• नहीं है इसलिठयह à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में नहीं फैल सकता है।
निदान
आमतौर पर, आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को देखने के आधार पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का निदान करेंगे।
दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का à¤à¤• छोटा सा नमूना, जिसे बायोपà¥à¤¸à¥€
कहा जाता है, को माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप के तहत जाà¤à¤š के लिठपà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाà¤à¤—ा। इससे सटीक पà¥à¤°à¤•ार की तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का पता चलता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के अनà¥à¤¯ विकारों, जैसे कि सेबोरहिक डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, लिचेन पà¥à¤²à¥‡à¤¨à¤¸
, लिचेन सिमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ और पाइराइटिस रोजिया
को खारिज किया जाता है।
यदि आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके निदान के बारे में अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ है, या यदि आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° है, तो आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž (तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाने और उपचार करने में विशेषजà¥à¤ž) के पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा सकता है।
यदि आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को संदेह है कि आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग गठिया है, जो कà¤à¥€-कà¤à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग की à¤à¤• जटिलता होती है, तो आपको à¤à¤• रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ (à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° जो गठिया के इलाज में विशेषजà¥à¤ž है) के पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा सकता है। रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° वह होते हैं जो गठिया रोग के विशेषजà¥à¤ž हैं। आपको अनà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं से निपटने के लिठरकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ करवाना पड़ सकता है, जैसे कि गठिया रोग और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जोड़ों का à¤à¤•à¥à¤¸-रे लिया जा सकता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ गठिया रोग के बारे में अधिक जानकारी के लिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के साथ रहना
देखें।
उपचार
उपचार अवलोकन
उपचार आपके तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के पà¥à¤°à¤•ार और गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होते हैं। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¤• हलà¥à¤•े उपचार से करेंगे, जैसे सामयिक कà¥à¤°à¥€à¤® (जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगायी जाती हैं), और फिर यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो तो कठोर उपचार करेंगे।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के लिठउपचार की à¤à¤• विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला उपलबà¥à¤§ है, लेकिन यह पहचानना कि कौन सा उपचार सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है, मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। यदि आपको लगता है कि कोई उपचार काम नहीं कर रहा है या आपको असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो रहा है तो अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से बात करें।
उपचार तीन शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आती है:
सामयिक - कà¥à¤°à¥€à¤® और मलहम जो आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाया जाता है।
फ़ोटोथेरेपी - आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के पराबैंगनी पà¥à¤°à¤•ाश के सामने लाया जाता है
पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€à¤—त – मौखिक और इंजेकà¥à¤¶à¤¨ वाली दवाà¤à¤ जो पूरे शरीर में काम करती हैं
अकà¥à¤¸à¤°, संयोजन में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के उपचार का उपयोग किया जाता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के लिठआपके उपचार की नियमित रूप से समीकà¥à¤·à¤¾ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। आप à¤à¤• देखà¤à¤¾à¤² योजना (आपके और आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेशेवर के बीच à¤à¤• सहमति पतà¥à¤°) बनाना चाहेंगे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आपको अपने दिन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन करने में सहायता मिल सकती है।
सामयिक उपचार
सामयिक उपचार आमतौर पर हलà¥à¤•े से मधà¥à¤¯à¤® तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के लिठउपयोग किठजाने वाले पहले उपचार हैं। ये वो कà¥à¤°à¥€à¤® और मलहम हैं जो आप पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ पर लगाते हैं। कà¥à¤› लोगों को अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठबस इनकी ही आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
यदि आपको खोपड़ी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग है, तो शैमà¥à¤ªà¥‚ और मलहम के संयोजन की सलाह दी जा सकती है।
सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡
सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡
आमतौर पर शरीर के अधिकांश कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में हलà¥à¤•े से मधà¥à¤¯à¤® तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के इलाज के लिठउपयोग किया जाता है। उपचार सूजन को कम करने के काम में आता है। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं के बनने को धीमा करता है और खà¥à¤œà¤²à¥€ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करता है।
सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ हलà¥à¤•े से बहà¥à¤¤ कठोर तक की सीमा में होते हैं। केवल अपने चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤¶à¤‚सित होने पर सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ का उपयोग करें। मजबूत सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किठजा सकते हैं और इसका उपयोग केवल तà¥à¤µà¤šà¤¾ के छोटे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ पर या विशेष रूप से मोटे धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ पर किया जाना चाहिà¤à¥¤ सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ के अति पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पतलापन आ सकता है।
विटामिन डी à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥‰à¤—
विटामिन डी à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥‰à¤— कà¥à¤°à¥€à¤® आमतौर पर हलà¥à¤•े से मधà¥à¤¯à¤® तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ जैसे अंगों, धड़ या खोपड़ी पर सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ के साथ या इसके बजाय उपयोग किया जाता है। वे तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को धीमा करने का काम करते हैं। इनमें गैर-सूजन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ होता है।
विटामिन डी à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥‰à¤—à¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤•ारों में कैलà¥à¤¸à¤¿à¤ªà¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‘ल, कैलà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‘ल और टकैलà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤‘ल शामिल हैं। इसके बहà¥à¤¤ कम दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ तब तक हैं, जब तक आप बतायी गयी मातà¥à¤°à¤¾ से अधिक उपयोग नहीं करते हैं।
कैलीनà¥à¤¯à¥‚रिन अवरोधक
कैलीनà¥à¤¯à¥‚रिन अवरोधक, जैसे टैकà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤®à¤¸ और पिमेकà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤®à¤¸, à¤à¤¸à¥€ दवाà¤à¤ हैं जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की गतिविधि को कम करती हैं और सूजन को कम करने में सहायता करती हैं। यदि सामयिक कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ अपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हैं तो कà¤à¥€-कà¤à¥€ संवेदनशील कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ (जैसे खोपड़ी, जननांगों और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सिलवटों) को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग का इलाज करने के लिठउनका उपयोग किया जाता है।
ये दवाà¤à¤ शà¥à¤°à¥‚ होने पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ में उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨ या जलन और खà¥à¤œà¤²à¥€ का कारण बन सकती हैं, लेकिन आमतौर पर à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° इसमें सà¥à¤§à¤¾à¤° होगा।
तारकोल
तारकोल à¤à¤• मोटा, à¤à¤¾à¤°à¥€ तेल है और संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के लिठसबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ इलाज है। यह बिलà¥à¤•à¥à¤² जà¥à¤žà¤¾à¤¤ नहीं है कि यह कैसे काम करता है, लेकिन यह पपड़ियों, सूजन और खà¥à¤œà¤²à¥€ को कम कर सकता है। यदि अनà¥à¤¯ सामयिक उपचार अपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हैं तो इसका उपयोग अंगों, धड़ या खोपड़ी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के इलाज के लिठकिया जा सकता है।
तारकोल कपड़े और बिसà¥à¤¤à¤° को गंदा कर सकता है और à¤à¤• मज़बूत गंध है। इसका उपयोग फ़ोटोथेरेपी के साथ संयोजन में किया जा सकता है (नीचे देखें)।
डिथà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¥‹à¤²
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के इलाज के लिठडिथà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¥‹à¤² का उपयोग 50 से अधिक वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से किया जा रहा है। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को दबाने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ देखा गया है और इसके कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हैं। हालाà¤à¤•ि, अगर बहà¥à¤¤ अधिक गाढ़ा हो तो जलन अधिक हो सकती है।
यह आमतौर पर असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के परà¥à¤¯à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ के तहत अंगों या धड़ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के लिठà¤à¤• अलà¥à¤ªà¤•ालिक उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह तà¥à¤µà¤šà¤¾, कपड़े और बाथरूम फिटिंग सहित संपरà¥à¤• में आने वाले सà¤à¥€ चीजों पर दाग छोड़ता है। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाया जाता है (दसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ पहनकर) और 10 से 60 मिनट के लिठछोड़ने के बाद धोया जाता है।
डिथà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¥‹à¤² का उपयोग फ़ोटोथेरेपी (नीचे देखें) के साथ संयोजन में किया जा सकता है।
फ़ोटोथेरेपी
तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग के इलाज के लिठफ़ोटोथेरेपी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक और कृतà¥à¤°à¤¿à¤® पà¥à¤°à¤•ाश का उपयोग करती है। कृतà¥à¤°à¤¿à¤® पà¥à¤°à¤•ाश चिकितà¥à¤¸à¤¾ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ और कà¥à¤› विशेषजà¥à¤ž केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में आमतौर पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž की देखरेख में दी जा सकती है। ये उपचार à¤à¤• सनबेड का उपयोग करने के समान नहीं हैं।
यूवीबी फ़ोटोथेरेपी
पराबैंगनी बी (यूवीबी) फ़ोटोथेरेपी मानव आà¤à¤–ों के लिठअदृशà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ाश की à¤à¤• तरंग दैरà¥à¤§à¥à¤¯ का उपयोग करता है। पà¥à¤°à¤•ाश तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को धीमा कर देता है और जो सामयिक उपचार पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं रहे हैं, उन तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोगों के लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ उपचार है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सतà¥à¤° में केवल कà¥à¤› मिनट लगते हैं, लेकिन आपको सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दो या तीन बार, छह से आठसपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
सोरेलेन पà¥à¤²à¤¸ पराबैंगनी ठ(पीयूवीà¤)
इस उपचार के लिà¤, आपको सबसे पहले à¤à¤• गोली दी जाà¤à¤—ी जिसमें सोरेलेन नामक कंपाउंड है या सीधे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने के लिठसोरेलेन दी जा सकती है। यह आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को पà¥à¤°à¤•ाश के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील बनाता है। आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ तब पराबैंगनी ठ(यूवीà¤) नामक पà¥à¤°à¤•ाश की तरंग दैरà¥à¤§à¥à¤¯ के संपरà¥à¤• में लायी जाती है। यह पà¥à¤°à¤•ाश पराबैंगनी बी पà¥à¤°à¤•ाश की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में अधिक गहराई से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है।
यदि आपको गंà¤à¥€à¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग है और अनà¥à¤¯ उपचार का लाठनहीं हà¥à¤† है, तो इस उपचार का उपयोग किया जा सकता है। उपचार के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में मतली, सिरदरà¥à¤¦, जलन और खà¥à¤œà¤²à¥€ शामिल हैं। मोतियाबिंद के विकास को रोकने के लिठगोली लेने के बाद आपको 24 घंटे के लिठविशेष चशà¥à¤®à¤¾ पहनने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। इस उपचार के लंबे समय तक उपयोग को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ नहीं किया जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
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