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सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ डिलीवरी के बाद किस तरह रखें टांकों का खà¥â€à¤¯à¤¾à¤²
सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨ डिलीवरी के बाद रिकवर करने में अधिक समय लगता है और ये कोई मामूली ऑपरेशन नहीं होता है। इस वजह से कई महिलाओं के मन में सिजेरियन ऑपरेशन करवाने को लेकर डर रहता है।
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सिजेरियन डिलीवरी में महिलाओं को अधिक समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। इसमें बचà¥â€à¤šà¥‡ काे निकालने के लिठपेट पर à¤à¤• बड़ा कट लगाया जाता है। सिजेरियन डिलीवरी में सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता की बात होती है कि टांके वाली जगह का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ कैसे रखना है। यदि इस दौरान टांकों की ठीक तरह से देखà¤à¤¾à¤² न की जाठतो रिकवर होने में देरी या इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा रहता है।
इसलिठसिजेरियन ऑपरेशन करवाने वाली हर महिला के लिठयह जानना जरूरी है कि ऑपरेशन के बाद टांकों का खà¥â€à¤¯à¤¾à¤² कैसे रखना चाहिà¤à¥¤
साफ सफाई
टांके वाली जगह को साफ रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है, वरना इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो सकता है। आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से पूछ सकती हैं कि टांकों को किस तरह और किस से साफ करना है। नहाने के बाद टांके वाली जगह को सà¥à¤–ाà¤à¤‚ और रोज बैंडेज बदलें।
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिलाओं को कà¥â€à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर किन चीजों से बना लेनी चाहिठदूरी
नॉरà¥à¤®à¤² हो या सी सेकà¥â€à¤¶à¤¨ डिलीवरी, दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जलà¥â€à¤¦à¥€ रिकवरी और à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ के लिठपोषण की जरूरत होती है। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली नई मांओं को रोजाना 450 से 500K कैलोरी की जरूरत होती है। इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ विटामिन और खनिज पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ चाहिठहोते हैं।
वहीं जिन महिलाओं को जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥â€à¤šà¥‡ हà¥à¤ हैं या जो अंडरवेट हैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है। मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठही पोषण ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ होना आवशà¥â€à¤¯à¤• है।
अगर आपका ऑपरेशन से बचà¥â€à¤šà¤¾ हà¥à¤† है, तो डिलीवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद इन चीजों को का सेवन करें :
डेयरी उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦ : दूध, पनीर और चीज पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन बी à¤à¤µà¤‚ डी का बेहतरीन सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं। अगर आपको लैकà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤œ इंटोलरेंस है तो आप दही से ये सब पा सकती हैं।ओटस : डिलीवरी के बाद कबà¥â€à¤œ की परेशानी होना आम बात है। वहीं ऑपरेशन के बाद कबà¥â€à¤œ के कारण टांकों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चने का खतरा रहता है। à¤à¤¸à¥‡ में फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ओटà¥à¤¸ आपको कबà¥â€à¤œ से बचा सकते हैं। इनमें आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होता है।रागी : इसमें उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है। दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करने पर बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को रागी ही खिलाई जाती है। जिन महिलाओं को लैकà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤œ इंटोलरेंस है, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ रागी से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® मिल सकता है। यह à¤à¥€ पढ़ें : बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को रागी खिलाने की सही उमà¥à¤° और फायदे
सिजेरियन डिलीवरी के बाद रसोई के कà¥à¤› मसाले à¤à¥€ रिकवर करने में मदद करते हैं :
हलà¥â€à¤¦à¥€ : इस जड़ी-बूटी में à¤à¤‚टी इंफलामेटà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं और इसी वजह से हलà¥â€à¤¦à¥€ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• और चीनी दवाओं में इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाती है। हलà¥â€à¤¦à¥€ बाहरी और आंतरिक घावों को जलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद करती है।अजवाइन : अजवाइन का पानी डिलीवरी के बाद महिलाओं को गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, कबà¥â€à¤œ, पेट दरà¥à¤¦, अपच और पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ से बचाता है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को à¤à¥€ साफ करता है तो डिलीवरी के बाद होने वाले दरà¥à¤¦ को कम करता है।मेथीदाना : यह कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, मिनरलà¥â€à¤¸ और विटामिनों से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है। इससे जोड़ों में दरà¥à¤¦ और कमर दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है।
ऑपरेशन के बाद महिलाओं को निमà¥â€à¤¨ चीजों को बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं खाना चाहिठ:
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥â€à¤¸ से गैस और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।कैफीन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥ जैसे कि कॉफी और चाय न लें।गैस और बà¥â€à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग है जो पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€, फूलगोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और à¤à¤¿à¤‚डी जैसी गैस पैदा करने वाली चीजें न खाà¤à¤‚।जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ न करें और ठंडे खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ दूर रहें। इनकी वजह से जà¥à¤•ाम हो सकता है।
बरà¥à¤« की सिकाई
कà¥à¤› महिलाओं को टांके वाली जगह पर दरà¥à¤¦ के साथ सूजन à¤à¥€ होती है। इसे आप आईस बैग लगाकर या ठंडी सिकाई की मदद से कम कर सकती हैं। गरà¥à¤® सिकाई से à¤à¥€ राहत मिलती है। उठते बैठते या चलते समय टांकों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
कॉसà¥â€à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤•à¥â€à¤¸ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²
टांके वाली जगह पर किसी à¤à¥€ तरह के कॉसà¥â€à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें। इनमें केमिकल होता है जो टांके वाली जगह पर खà¥à¤œà¤²à¥€ या इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ पैदा कर सकता है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर ही किसी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिलाओं को कà¥â€à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर किन चीजों से बना लेनी चाहिà¤
नॉरà¥à¤®à¤² हो या सी सेकà¥â€à¤¶à¤¨ डिलीवरी, दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जलà¥â€à¤¦à¥€ रिकवरी और à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ के लिठपोषण की जरूरत होती है। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली नई मांओं को रोजाना 450 से 500K कैलोरी की जरूरत होती है। इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ विटामिन और खनिज पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ चाहिठहोते हैं।
वहीं जिन महिलाओं को जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥â€à¤šà¥‡ हà¥à¤ हैं या जो अंडरवेट हैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है। मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठही पोषण ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ होना आवशà¥â€à¤¯à¤• है।
अगर आपका ऑपरेशन से बचà¥â€à¤šà¤¾ हà¥à¤† है, तो डिलीवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद इन चीजों को का सेवन करें :
डेयरी उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦ : दूध, पनीर और चीज पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन बी à¤à¤µà¤‚ डी का बेहतरीन सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं। अगर आपको लैकà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤œ इंटोलरेंस है तो आप दही से ये सब पा सकती हैं।ओटस : डिलीवरी के बाद कबà¥â€à¤œ की परेशानी होना आम बात है। वहीं ऑपरेशन के बाद कबà¥â€à¤œ के कारण टांकों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चने का खतरा रहता है। à¤à¤¸à¥‡ में फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ओटà¥à¤¸ आपको कबà¥â€à¤œ से बचा सकते हैं। इनमें आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होता है।रागी : इसमें उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है। दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ठोस आहार शà¥à¤°à¥‚ करने पर बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को रागी ही खिलाई जाती है। जिन महिलाओं को लैकà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤œ इंटोलरेंस है, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ रागी से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® मिल सकता है। यह à¤à¥€ पढ़ें : बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को रागी खिलाने की सही उमà¥à¤° और फायदे
सिजेरियन डिलीवरी के बाद रसोई के कà¥à¤› मसाले à¤à¥€ रिकवर करने में मदद करते हैं :
हलà¥â€à¤¦à¥€ : इस जड़ी-बूटी में à¤à¤‚टी इंफलामेटà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं और इसी वजह से हलà¥â€à¤¦à¥€ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• और चीनी दवाओं में इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाती है। हलà¥â€à¤¦à¥€ बाहरी और आंतरिक घावों को जलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद करती है।अजवाइन : अजवाइन का पानी डिलीवरी के बाद महिलाओं को गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, कबà¥â€à¤œ, पेट दरà¥à¤¦, अपच और पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ से बचाता है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को à¤à¥€ साफ करता है तो डिलीवरी के बाद होने वाले दरà¥à¤¦ को कम करता है।मेथीदाना : यह कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, मिनरलà¥â€à¤¸ और विटामिनों से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है। इससे जोड़ों में दरà¥à¤¦ और कमर दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है।
ऑपरेशन के बाद महिलाओं को निमà¥â€à¤¨ चीजों को बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं खाना चाहिठ:
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥â€à¤¸ से गैस और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।कैफीन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥ जैसे कि कॉफी और चाय न लें।गैस और बà¥â€à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग है जो पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€, फूलगोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और à¤à¤¿à¤‚डी जैसी गैस पैदा करने वाली चीजें न खाà¤à¤‚।जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ न करें और ठंडे खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ दूर रहें। इनकी वजह से जà¥à¤•ाम हो सकता है।
कब तक à¤à¤°à¤¤à¤¾ है घाव
ऑपरेशन के बाद लगà¤à¤— छह सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के अंदर घाव पूरी तरह से ठीक होगा। इतने समय तक आपकाे थोड़ा सावधान रहने की जरूरत होती है। टांके को पूरी तरह से à¤à¤°à¤¨à¥‡ दें ताकि कोई कठिन काम या à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान उठाते समय इसमें खिंचाव न आà¤à¥¤
घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठकà¥â€à¤¯à¤¾ करें
शरीर को सही पोषण देकर घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ और सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ ऊतक बनाने में मदद मिल सकती है। इसके लिठआपको पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार लेना होगा। ऑपरेशन के बाद पहले छह सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान उठाने से बचें, घर का काम न करें और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत वाले कामों से à¤à¥€ कà¥à¤› समय के लिठदूर रहें वरना टांकों में खिंचाव आ सकता है।
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