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5 योगासन, जो गले के दरà¥à¤¦ और इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से राहत दे सकते हैं
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का मौसम वाकई बड़ा खास होता है। ठंडे दिनों में रजाई में बैठकर गरà¥à¤® पकौड़े खाने का मजा ही कà¥à¤› और है। लेकिन सरà¥à¤¦à¥€ का मौसम हेलà¥à¤¥ से जà¥à¥œà¥€ कई चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ à¤à¥€ लेकर आता है। ये चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ से ही जà¥à¥œà¥€ होती हैं।
मौसम में मौजूद ठंड और नमी के कारण गले में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होना या सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो जाना सामानà¥à¤¯ बात है। इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को आसानी से इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को मजबूत करके मात दी जा सकती है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¤à¥€ महान योग गà¥à¤°à¥à¤“ं ने तप के लिठहमेशा हिमालय जैसे ठंडे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को ही वरीयता दी है। इतने ठंडे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर रहने के बावजूद à¤à¥€ वे न सिरà¥à¤« सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहे बलà¥à¤•ि पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को योग और आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ जैसे वरदान à¤à¥€ दिà¤à¥¤
योग गà¥à¤°à¥à¤“ं की कमाल की सेहत के पीछे मूल रूप से कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ योगासन à¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से शामिल रहे हैं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने न सिरà¥à¤« उनकी इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बà¥à¤¾à¤¯à¤¾ बलà¥à¤•ि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¥€ बचाठरखा।
इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम आपको गले में खराश और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से बचाने वाले 5 योगासनों के बारे में जानकारी देंगे। इन योगासनों के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से आप à¤à¥€ खà¥à¤¦ को सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रख पाà¤à¤‚गे।
योग और गले की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (Yoga For Throat Infections)
शरीर का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® गले में जà¥à¤•ाम या अनà¥à¤¯ कारणों से होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ के इलाज में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। गले की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने वाले योगासन असल में संपूरà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत करके काम करते हैं।
मà¥à¤‚ह और गले में मौजूद गरà¥à¤® और नम सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ बà¥à¤¨à¥‡ के लिठआदरà¥à¤¶ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° रोगाणà¥à¤“ं के कारण होते हैं। ये रोगाणॠमà¥à¤‚ह के à¤à¥€à¤¤à¤° सांस की हवा या à¤à¥‹à¤œà¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से ​​पहà¥à¤‚चते हैं।
मजबूत इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® के सहारे हम वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से लड़ सकते हैं। ये किसी à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ को गले में बेस बनाने से रोकती है। गले में खराश दूर करने वाले योगासन असल में गले के अंदरूनी हिसà¥à¤¸à¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ से साफ रखने में मदद करते हैं।
सांस लेने के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के दौरान गले में दबाव के कारण गरà¥à¤®à¥€ बà¥à¤¤à¥€ है। इससे गले के à¤à¥€à¤¤à¤° का हिसà¥à¤¸à¤¾ अंदर तक साफ होता है। इनके अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से हमारे वोकल काॅरà¥à¤¡ à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहते हैं और उनमें बà¥à¤²à¤¡ की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ à¤à¥€ बà¥à¤¤à¥€ है।
गले के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिठकिठजाने वाले योग में नाक के मारà¥à¤—, उसमें मौजूद मà¥à¤¯à¥à¤•स के साथ पाचन तंतà¥à¤° की सफाई की तकनीकी à¤à¥€ शामिल की जाती है।
गले के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लिठयोगासन (Yoga Poses For Throat Infection)
1. सेतॠबंधासन (Setu Bandhasana / Bridge Pose)
सेतॠबंधासन में हमारा हृदय सिर से ऊपर होता है। इससे रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ हमारे सिर की तरफ बॠजाता है। ये आसन गले की मांसपेशियों को गजब की मसाज देता है। गले की मांसपेशियों पर जोर पड़ने से ये आसन थायरॉयड गà¥à¤°à¤‚थि में उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है और मेटाबॉलिजà¥à¤® को नियमित करता है।
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के मरीजों को à¤à¥€ इस आसन को रोज करने की सलाह दी जाती है। साइनोसाइटिस जैसी बीमारियों के मरीजों को à¤à¥€ ये आसन रोज करना चाहिà¤à¥¤ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ ये आसन बेहतरीन नतीजे देता है।
सेतॠबंधासन करने की विधि :
योग मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।
सांसो की गति सामानà¥à¤¯ रखें।
इसके बाद हाथों को बगल में रख लें।
अब धीरे-धीरे पैरों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से मोड़कर हिपà¥à¤¸ के पास ले आà¤à¤‚।
हिपà¥à¤¸ को जितना हो सके फरà¥à¤¶ से ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
हाथ जमीन पर ही रहेंगे।
कà¥à¤› देर के लिठसांस को रोककर रखें।
इसके बाद सांस छोड़ते हà¥à¤ वापस जमीन पर आà¤à¤‚।
पैरों को सीधा करें और विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें।
10-15 सेकेंड तक ​आराम करने के बाद फिर से शà¥à¤°à¥‚ करें।
2. हसà¥à¤¤ पादासन (Hasta Padasana/ Hand To Foot Pose)
हसà¥à¤¤ पादासन मधà¥à¤¯à¤® कठिनाई वाला विनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ योग की शैली का आसन है। इसे करने की अवधि 15 से 30 सेकेंड के बीच होनी चाहिà¤à¥¤ इसमें किसी दोहराव की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है।
हसà¥à¤¤ पादासन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पूरी पीठपर खिंचाव आता है। ये सिर से लेकर पैर तक पूरे हिसà¥à¤¸à¥‡ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है। इस आसन का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° शरीर में पीठके निचले, मधà¥à¤¯ और ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ तक है, गरà¥à¤¦à¤¨ से आसन का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सिर तक जाता है, फिर माथे तक, और à¤à¥Œà¤‚हों के बीच में समापà¥à¤¤ होता है।
गले में पड़ने वाला दबाव ही इस आसन को इंफेकà¥à¤¶à¤¨ दूर करने योगà¥à¤¯ बना देता है। गले पर दबाव पड़ने से à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ मांसपेशियों को मसाज मिलती है और उनकी काम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में बà¥à¥‹à¤¤à¤°à¥€ होती है। ये सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और साइनोसाइटिस को दूर करने वाला पà¥à¤°à¤®à¥à¤– योगासन à¤à¥€ है।
हसà¥à¤¤ पादासन करने की विधि :
योग मैट पर सीधे खड़े हो जाà¤à¤‚ और दोनों हाथ हिपà¥à¤¸ पर रख लें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° खींचते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बनाà¤à¤‚।
कमर को मोड़ते हà¥à¤ आगे की तरफ à¤à¥à¤•ें।
शरीर को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करें।
हिपà¥à¤¸ और टेलबोन को हलà¥à¤•ा सा पीछे की ओर ले जाà¤à¤‚।
धीरे-धीरे हिपà¥à¤¸ को ऊपर की ओर उठाà¤à¤‚ और दबाव ऊपरी जांघों पर आने लगेगा।
अपने हाथों को पैर के पंजे के बगल में जमीन पर रखें।
आपके पैर à¤à¤•-दूसरे के समानांतर रहेंगे।
आपका सीना पैर के ऊपर छूता रहेगा।
सीने की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और पà¥à¤¯à¥‚बिस के बीच चौड़ा सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ रहेगा।
जांघों को à¤à¥€à¤¤à¤° की तरफ दबाà¤à¤‚ और शरीर को à¤à¤¡à¤¼à¥€ के बल सà¥à¤¥à¤¿à¤° बनाठरखें।
सिर को नीचे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और टांगों के बीच से à¤à¤¾à¤‚ककर देखते रहें।
इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 15-30 सेकेंड तक सà¥à¤¥à¤¿à¤° बने रहें।
जब आप इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को छोड़ना चाहें तो पेट और नीचे के अंगों को सिकोड़ें।
सांस को à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचें और हाथों को हिपà¥à¤¸ पर रखें।
धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठें और सामानà¥à¤¯ होकर खड़े हो जाà¤à¤‚।
3. मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ (Matsyasana / Fish Pose)
मतà¥à¤¸à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के दौरान शरीर मछली की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में होता है। मतà¥à¤¸à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ को करना आसान है और बिना किसी अतिरिकà¥à¤¤ सहायता के किया जा सकता है। मतà¥à¤¸à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ को थायरॉयड की समसà¥à¤¯à¤¾ के उपचार में सबसे कारगर योगासन माना जाता है।
मतà¥à¤¸à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ में सिर पीछे की तरफ à¤à¥à¤•ता है और गले पर दबाव बनाता है। ये गले पर दबाव बनाकर थायरॉयड गà¥à¤°à¤‚थियों को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करता है।
इस आसन के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के दौरान गले से गरà¥à¤® हवा का आवागमन होता है। इसी वजह से ये योगासन गले में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से जà¥à¥œà¥€ हर समसà¥à¤¯à¤¾ को कारगर तरीके से दूर कर पाता है। मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ को हर रोज 30 से 60 सेकेंड तक करने की सलाह दी जाती है।
मतà¥à¤¸à¤¯à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि:
योग मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚, टांगें जà¥à¥œà¥€ रहेंगी।
हाथ आराम से शरीर से जà¥à¥œà¥‡ रहें।
अपनी हथेलियों को हिपà¥à¤¸ के नीचे लगाà¤à¤‚, हथेलियां जमीन की तरफ रहेंगी।
अब कोहनियों को à¤à¤•-दूसरे के करीब लाने की कोशिश करें।
कोहनियों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कमर के पास होगी।
अपने पैरों की पालथी मार लें।
जांघें और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ फरà¥à¤¶ पर सपाट रहेंगे।
सांस खींचते हà¥à¤ सीने को ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
सिर à¤à¥€ ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚।
सिर का ऊपरी हिसà¥à¤¸à¤¾ जमीन को छूता रहेगा।
शरीर का पूरा वजन कोहनियों पर रहेगा न कि सिर पर।
जैसे-जैसे सीना उठेगा वैसे ही कंधों की मांसपेशियों पर हलà¥à¤•ा दबाव पड़ेगा।
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तà¤à¥€ तक रहें जब तक आप सहज अनà¥à¤à¤µ करते रहे।
सांसों की गति सामानà¥à¤¯ बनाठरहें।
सांस बाहर निकालें और पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस लौटें।
सबसे पहले सिर को उठाà¤à¤‚ और उसके बाद सीने को जमीन पर वापस लाà¤à¤‚।
टांगों को सीधा करें और विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें।
4. धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ (Dhanurasana / Bow Pose)
धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨, योग विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में गले, सीने और पीठमें सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग या खिंचाव पैदा करने के लिठबताठगठपà¥à¤°à¤®à¥à¤– तीन आसनों में à¤à¤• है। धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से हिपà¥à¤¸, पीठऔर गले के बीच में आरà¥à¤š बनता है।
इस आरà¥à¤š के कारण ही गले की मांसपेशियों को बहà¥à¤¤ डीप मसाज मिलती है। ये सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने के लिठमसलà¥à¤¸ को मजबूत और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ बनाता है।
धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ को धनà¥à¤· आसन या धनà¥à¤·à¤¾à¤¸à¤¨ (Bow Pose) à¤à¥€ कहा जाता है। इस आसन को करने के दौरान शरीर धनà¥à¤· के जैसा आकार बनाता है। धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ को हठयोग के 12 मूल आसनों में से à¤à¤• माना जाता है।
धनà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ योग करने की विधि :
योग मैट पर पेट के बल लेट जाà¤à¤‚।
पैरों को सटाकर हाथों को पैरों के पास रखें।
धीरे-धीरे घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ें और हाथों से टखने को पकड़ें।
सांस à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर खींचें और सीने को उठाà¤à¤‚।
जांघों को जमीन से ऊपर उठाà¤à¤‚। हाथों से पैरों को खीचें।
सामने की तरफ देखें और चेहरे पर मà¥à¤¸à¥à¤•ान बनाठरखें।
अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ सांसों की गति पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करें।
शरीर धनà¥à¤· की तरह खिंचा हà¥à¤† रहे। जबकि हाथ धनà¥à¤· की डोरी का काम करेंगे।
तà¤à¥€ तक करें जब तक आप आसानी से आसन कर सकें।
सांसें लंबी और गहरी लेते रहें।
करीब 30 सेकेंड के बाद, सांस छोड़ते हà¥à¤ सामानà¥à¤¯ हो जाà¤à¤‚।
à¤à¥à¤œà¤‚गासन, सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार के 12 आसनों में से 8वां है। à¤à¥à¤œà¤‚गासन को सरà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¤¨, कोबरा आसन या सरà¥à¤ª मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है। इस मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में शरीर सांप की आकृति बनाता है। ये आसन जमीन पर लेटकर और पीठको मोड़कर किया जाता है। जबकि सिर सांप के उठे हà¥à¤ फन की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में होता है।
à¤à¥à¤œà¤‚गासन, योग विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के ​सबसे विविधतापूरà¥à¤£ आसनों में से à¤à¤• है। ये योग मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ इतनी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ इसीलिठबताई गई है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके ढेर सारे फायदे हैं। ये आसन गले की मांसपेशियों पर दबाव डालकर शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° को हेलà¥à¤¦à¥€ बनाता है। इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से गले की मांसपेशियां मजबूत होती है और उनमें इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा कम हो जाता है।
à¤à¥à¤œà¤‚गासन करने की विधि :
पेट के बल जमीन पर लेट जाà¤à¤‚।
दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि टखने à¤à¤•-दूसरे को छूते रहें।
हाथों को कंधे के बराबर लेकर आà¤à¤‚ और हथेलियों को फरà¥à¤¶ की तरफ करें।
शरीर का वजन अपनी हथेलियों पर डालें, सांस à¤à¥€à¤¤à¤° खींचें।
सिर को उठाकर पीठकी तरफ खींचें।
इस वकà¥à¤¤ तक आपकी कà¥à¤¹à¤¨à¥€ मà¥à¥œà¥€ हà¥à¤ˆ रहेगी।
सिर को पीछे खींचते हà¥à¤ छाती को à¤à¥€ आगे की तरफ निकालें।
सिर को सांप के फन की तरह खींचकर रखें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि, कंधे कान से दूर रहें और कंधे मजबूत बने रहें।
हिपà¥à¤¸, जांघों और पैरों से फरà¥à¤¶ की तरफ दबाव बà¥à¤¾à¤à¤‚।
शरीर को इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में करीब 15 से 30 सेकेंड तक रखें।
इस दौरान, सांस की गति सामानà¥à¤¯ बनाठरखें।
à¤à¤¸à¤¾ महसूस करें कि आपका पेट फरà¥à¤¶ की तरफ दब रहा है।
अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के बाद इस आसन को 2 मिनट तक à¤à¥€ कर सकते हैं।
मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को छोड़ने के लिà¤, धीरे-धीरे अपने हाथों को वापस साइड पर लेकर आà¤à¤‚।
सिर को फरà¥à¤¶ पर विशà¥à¤°à¤¾à¤® दें। अपने हाथों को सिर के नीचे रखें।
धीरे से सिर को à¤à¤• तरफ मोड़ लें।
धीमी गति से दो मिनट तक सांस लें।
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