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पेट में कितने टाइम में पचता है आपका खाना? जवाब, आपको हैरान कर सकता है!
चलिà¤, थोड़ा असलियत से नजरें मिलाते हैं- à¤à¤• बात का जवाब दीजिà¤? कà¥à¤¯à¤¾ कà¤à¥€ आपने, अपने पाचन-तंतà¥à¤° के बारे में सोचा है? कà¤à¥€ इस तरफ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया है कि यह दिन-रात हमारे लिठकैसे काम करता है? हम दिन à¤à¤° अगड़म-शगड़म खाते रहते हैं। जो मिला, बस बाॅडी को डसà¥à¤Ÿà¤¬à¤¿à¤¨ समà¤à¤•र डाल लिया। कà¥à¤¯à¤¾ कà¤à¥€ हम कà¤à¥€ अपने पाचन तंतà¥à¤° की इस बात के लिये सराहना करते हैं कि इतना केयर लेस à¤à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ड होने के बावजूद, वह हमारा कितना खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखता है? नहीं न?Â
हमारी आदतें, पता है कैसी होती हैं? कि à¤à¤• बार खाना, हमारे मà¥à¤‚ह में गया नहीं, कि सब à¤à¥‚ल गà¤à¥¤ हमारे दिमाग तक से निकल जाता है। बस खाया और पचाया। तब तक, जब तक कि हमें कोई दिकà¥à¤•त या तकलीफ न हो। हालांकि, इस à¤à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ड के लिठमैं आपको दोष नहीं दूंगी। à¤à¤¸à¥€ साइंटिफिक-किताबी बातों को à¤à¥à¤²à¤¾, कà¥à¤› खाते समय कौन à¤à¤¸à¥€ बातें अपने दिमाग में रखता है? लेकिन कोई बात नहीं, आज इस बारे में थोड़ी चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं।Â
कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है, हमारे खाना खा लेने या निगल लेने के बाद à¤à¥‹à¤œà¤¨ का कà¥à¤¯à¤¾ होता है? चलिठसमà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश करते हैं। हमारा पाचन-तंतà¥à¤° कई जटिल, लेकिन महतà¥à¤µà¥‚रà¥à¤£, कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² à¤à¤¾à¤—ों में बंटा हà¥à¤† है। यह तो आपने सà¥à¤•ूल में साइंस की किताबों में पà¥à¤¾ à¤à¥€ होगा? लेकिन अगर आप à¤à¥‚ल गठहैं, तो चलिठयाद दिलाते हैं और बताते हैं, कि हमारा पाचन तंतà¥à¤° काम कैसे करता है? à¤à¥‹à¤œà¤¨ को आमतौर पर पाचन में कितना समय लगता है? साथ ही इस विषय में आपका और कà¥à¤¯à¤¾ जानना आवशà¥à¤¯à¤• है।Â
आलूबà¥à¤–ारा के फायदे, पाचन को बेहतर करने में करता है मदद
जाहिर है, खाना पचाने की दिशा में पहला कदम होता है- खाना खाना। यानी मà¥à¤‚ह में रखना। अब, सीधी सी बात है,! खाना खाà¤à¤‚गे, तà¤à¥€ तो पचाà¤à¤‚गे?Â
फिर हà¥à¤† सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 2- इसे चबाना। लेकिन ...लेकिन! यह आपके दांत सारा काम नहीं करते! खाना सिरà¥à¤« चबाने à¤à¤° से डाइजेसà¥à¤Ÿ नहीं हो जाता! बलà¥à¤•ि, खाना चबाने के दौरान, हमारी लार गà¥à¤°à¤‚थियां, मà¥à¤‚ह के अंदर ही, à¤à¥‹à¤œà¤¨ में मिकà¥à¤¸ होकर उसे गीला और नम करती हैं। जिससे, खाने को निगलने में सहायता मिलती है। फिर जाकर कहीं वाह पचने लायक बनता है।
 सोचकर देखिठन, सूखा खाना निगला जा सकता है कà¥à¤¯à¤¾? मà¥à¤à¤¸à¥‡, तो बिना घी लगी रोटी à¤à¥€ नहीं निगली जाती! à¤à¤¸à¤¾ लगता है, यह गले के नीचे कैसे उतरेगी? खैर! ये तो हà¥à¤ˆ मजाक की बात। लेकिन सीरियसी! ‘ 'on a serious note'! मà¥à¤‚ह के अंदर लार के रूप में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हमारा सलाइवा खाने में मिकà¥à¤¸ होकर उसे सॉफà¥à¤Ÿ बनाता है, ताकि खाना आसानी से हमारे ‘इसोफेगस’ Esophagus से नीचे जा सके।’ कहना है नेशनल इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ डायबिटीज à¤à¤‚ड डाइजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ à¤à¤‚ड किडनी डिजीज का।Â
बेहतर पाचन के लिठअपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में जरूर शामिल करें ये 8 फूड आइटमà¥à¤¸
निगलने के बाद, à¤à¥‹à¤œà¤¨, जब गले से होता हà¥à¤†, इसोफेगस के निचले à¤à¤¾à¤— ‘इसोफेजियल सà¥à¤«à¤¿à¤‚कà¥à¤Ÿà¤°â€™ Esophageal sphincter तक पहà¥à¤‚चता है, जो कि à¤à¤• मांसपेशी है, जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पेट में धीरे-धीरे जाने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ या रासà¥à¤¤à¤¾ देती है। इसके बाद, पेट की मांसपेशियां, à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पाचक रसों यानी ‘डाइजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ जूसेज’ Digestive Juices के साथ मिकà¥à¤¸ करती हैं, और पेट की परत में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚डस Glands यानी गà¥à¤°à¤‚थियां, पेट में à¤à¤‚जाइम और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती हैं। जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ को आगे और अधिक महीन करने में मदद करती हैं।Â
अगला सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª- à¤à¥‹à¤œà¤¨ हमारी छोटी और बड़ी आंत से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। छोटी आंत में, पचे हà¥à¤ पोषक ततà¥à¤µ और पानी, बà¥à¤²à¤¡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤® यानी रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में अवशोषित हो जाते हैं, और बड़ी आंत में तरल अपशिषà¥à¤Ÿ, ‘मल’ में बदल जाता है। जो, रेकà¥à¤Ÿà¤® यानी मलाशय में चला जाता है। मलाशय, जो कि बड़ी आंत के निचले छोर पर होता है, मल को तब तक अपने अंदर ‘संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤â€™ रखता है, जब तक कि यह मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के दौरान बाहर न निकाल दिया जाà¤à¥¤Â
पाचन को बेहतर करने में फायदेमंद हैं ये योगासन
आमतौर पर पूरी पाचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में कितना समय लगता है? How long does the entire digestive process usually take?
... खाना खाने से लेकर, इसे उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¤ करने यानी ‘पॉटी’ Potty होने तक के बीच में लगने वाले समय को, पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है, और यह कई कारणों पर निरà¥à¤à¤° करता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का डाइजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® या पाचन शकà¥à¤¤à¤¿, कà¥à¤› à¤à¥€ कह लें, दूसरे से अलग होती है। इसलिठइसमें लगने वाला समय à¤à¥€ अलग-अलग ही होता है। दूसरे, यह कई कारकों पर निरà¥à¤à¤° करता है। किसी को à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ पचाने में 2 से 5 दिन का समय लगता है। गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ बताते हैं, ‘यह समय हर किसी में अलग-अलग होता है।’
वह आगे कहती हैं, ‘पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में, समय के अंतर के बहà¥à¤¤ से कारण हो सकते हैं। जिसमें सबसे पहला और अहम कारण होता है, कि आप किस तरह का à¤à¥‹à¤œà¤¨ खा रहे हैं?’ मसलन ‘हाई फाइबर’ यà¥à¤•à¥à¤¤ खाना, जहां हमारी पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की गति को तेज करता है। वहीं, "पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड" Processed Food, और ठंडे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ इसे सà¥à¤²à¥‹ कर देते है। उदाहरण के लिà¤- सादा खाना पचाने में आसान होता है। सादा यानी दाल चावल, सबà¥à¤œà¥€ रोटी या ओटà¥à¤¸ खाने के दो-तीन घंटे के अंदर ही हमें दोबारा à¤à¥‚ख लगने लगती है। जबकि पिजà¥à¤œà¤¾, साॅसेज Sausage या मैदा से बनी चीजें हमारी à¤à¥‚ख को काफी देर के लिठमार देती हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कि, शरीर या कहें कि हमारे पाचन तंतà¥à¤° के लिठà¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड में मिकà¥à¤¸ केमिकलà¥à¤¸ को अलग-अलग कर उसे जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ पचा पाना, उतना आसान नहीं होता। इसलिà¤, इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाने में बॉडी को अधिक समय लगता है।Â
केला खाने के फायदे, पाचन से लेकर सà¥à¤•िन के लिठहै लाà¤à¤•ारी
गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेरोलॉजिसà¥à¤Ÿ, दिवà¥à¤¯à¤¾ बताती हैं, ‘काॅमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ शà¥à¤—र, हाई फैट और हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, पचने में अधिक समय लेते हैं।’ यहां पर à¤à¤• और जरूरी बात जो हमें पता होनी चाहिà¤, वह यह है कि- हमारा पाचन तंतà¥à¤°, उमà¥à¤° के साथ धीमा होता जाता है।Â
कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पचाने में असर डाल सकती हैं।?
पाचन तंतà¥à¤°, पर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की कई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। हालांकि यह कतई जरूरी नहीं कि, ये सà¤à¥€ पाचन तंतà¥à¤° को धीमा या तेज कर दें। कà¥à¤› कॉमन बीमारियों, जिनकी वजह से à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है, वो हैं- कैंसर, लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ की अधिकता, सीने में जलन या जिसे कहते हैं ‘हारà¥à¤Ÿ बरà¥à¤¨â€™, पेट की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ या “‘इरिटेबल बाउल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®à¥¤â€Â
यदि आपको à¤à¤¸à¤¾ लगता है, कि आपका पाचन-तंतà¥à¤° सही तरह से काम नहीं कर रहा है। मसलन- यदि आपको लूज मोशन आ रहे हैं। या आपको कबà¥à¤œ यानी कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤ªà¥‡à¤¶à¤¨ Constipation की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है। तो अचà¥à¤›à¤¾ हो कि आप अपने फिजिशियन Physician से मिलें, उसे अपनी हालत की जानकारी दें। ताकि आपको पता चल सके कि, आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ की असली वजह कà¥à¤¯à¤¾ है? मेडलाइनपà¥à¤²à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में ‘कोलोनोसà¥à¤•ोपी Colonoscopy’ सहित कई तरह के टेसà¥à¤Ÿ हैं, जिनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¸à¥€ किसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ को आसानी से ‘डायगà¥à¤¨à¥‹à¤œâ€™ किया जा सकता है।’Â
इसके अलावा, यदि आप अपनी तबियत या पेट को लेकर थोड़े à¤à¥€ चिंतित या परेशान हैे, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ करें। वो आपको किसी अचà¥à¤›à¥‡ गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेरोलाॅजिसà¥à¤Ÿ के पास ‘रिफर’ कर देगा, जो आपके पाचन तंतà¥à¤° की सà¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का अचà¥à¤›à¥€ तरह मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करके, समसà¥à¤¯à¤¾ की जड़ तक पहà¥à¤‚च सकता है, जिससे आपको सही इलाज मिल सके।
लेकिन, इन सबसे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अचà¥à¤›à¥€ à¤à¤• और खबर है! वो यह, कि लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में बस, थोड़ा सा बदलाव करने मातà¥à¤° से बहà¥à¤¤ सारे डाइजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इशà¥à¤¯à¥‚ज आसानी से मैनेज किठजा सकते हैं।Â
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