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टाइफाइड की कमजोरी को कैसे दूर करें
टाइफाइड की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• कमजोरी आ जाती है। जिसके चलते जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चलने में परेशानी और आंखों से धà¥à¤‚धला à¤à¥€ दिखाई देने लगता है। à¤à¤¸à¥‡ में दवाओं के साथ बेहतर पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खाना-पान के जरिठइस कमजोरी को दूर किया जा सकता है। हालांकि, इस दौरान रोगी को खाने में तेल, घी, मकà¥à¤–न व किसी à¤à¥€ तरह के मसाले का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ में आज हम जानेंगे टाइफाइड की कमजोरी (Nutritious diet to overcome the weakness of typhoid) को दूर करने के लिठवो कौन-कौन से पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार हैं।
à¤à¤¸à¥‡ करें टाइफाइड की कमजोरी को दूर
लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ डाइट
टाइफाइड का बà¥à¤–ार बने रहने पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के 3 से 5 दिनों तक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ जैसे सूप, फलों का रस, मूंग दाल की फीड, बादाम का दूध, नारियल का दूध, नारियल पानी, कसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡, शरबत, गà¥à¤²à¥‚कोस, इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², नींबू पानी तथा सादा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी थोड़े-थोड़े समय पर लेते रहें। इसके साथ ही पानी उबालकर गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ कर दिनà¤à¤° में 3 लीटर तक जरूर पी जाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ में कमजोरी आपको जरा à¤à¥€ महसूस नहीं होगी।
सॉफà¥à¤Ÿ डाइट
टाइफाइड बà¥à¤–ार के उतर जाने के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 3 से 5 दिनों के बाद अगले 10 दिनों तक केवल सॉफà¥à¤Ÿ डाइट का ही सेवन करें। जैसे- सूजी की खीर, सूजी का उपमा, ओटà¥à¤¸, कॉरà¥à¤¨ फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸, धà¥à¤²à¥€ मूंग दाल, बिसà¥à¤•िट, बà¥à¤°à¥‡à¤¡, सतà¥à¤¤à¥‚, साबूदाना, आलू, केला, खरबूज, तरबूज, बिना छिलके का सेब और पपीता। इस डाइट को फॉलो करने के बाद आपकी कमजोरी à¤à¤Ÿ से दूर हो जाà¤à¤—ी और आप फिर से फिट महसूस करने लगेंगे।
हाई कैलोरी और हाई कारà¥à¤¬à¥à¤¸
टाइफाइड होने पर शरीर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमजोरी आ जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में हाई कैलोरी वाले फूडà¥à¤¸ को अपनी डाइट में शामिल कर हम इस कमजोरी को दूर कर सकते हैं। इसके लिठशहद, मीठे फल, फलों के रस, छेने की मिठाई, सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯ ओटà¥à¤¸, साबूदाने की खीर, सूजी का हलवा, मूंग दाल की खिचड़ी, दूध के साथ बिसà¥à¤•िट, बà¥à¤°à¥‡à¤¡ व रसà¥à¤• आदि दे सकते हैं। ये डाइट करीब 10 दिनों तक फॉलो करने के बाद फिर नॉरà¥à¤®à¤² डाइट लेना शà¥à¤°à¥‚ कर दें।
हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
टाइफाइड बà¥à¤–ार से शरीर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही कमजोरी आ जाती है à¤à¤¸à¥‡ में शरीर को पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की सखà¥à¤¤ जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में आसानी से पचने वाले पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जैसे मूंग दाल, ताजा दही, डबल टोंड मिलà¥à¤•, घर का बना पनीर, वे वाटर, छाछ, टोफू, कसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡, सूजी की खीर, आदि को अपनी डाइट में शामिल करने से काफी लाठमिलेगा।
फल व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
टाइफाइड की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर कम रेशे वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फल सेवन करने से लाठमिलता है। जैसे- लौकी, तोरी, टिंडा, परवल, कदà¥à¤¦à¥‚, आलू, टमाटर आदि। फलों में पपीता, सेब, मौसमी, आलूबà¥à¤–ारा, बबà¥à¤—ोशा, खरबूज, तरबूज, लीची आदि के सेवन करने से कमजोरी को दूर करने में काफी मदद मिलेगी।
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