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Filariasis (Elephantiasis): फाइलेरिया या हाथी पांव कà¥à¤¯à¤¾ है? जानें इसके कारण, लकà¥à¤·à¤£ और उपाय
फाइलेरिया (हाथी पांव) कà¥à¤¯à¤¾ है?
फाइलेरिया (Filaria) à¤à¤• शारीरिक बीमारी है, जिसे हिंदी में हाथी पांव कहते हैं। इसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में फाइलेरियासिस (Filariasis) और à¤à¤²à¥€à¤«à¥‡à¤‚टिटिस (Elephantiasis) à¤à¥€ कहते हैं। फाइलेरिया या हाथी पांव की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित सबसे अधिक लोगों की संखà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हैं। फाइलेरिया बीमारी का संकà¥à¤°à¤®à¤£ आमतौर से बचपन में ही हो सकता है। लेकिन इसके गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ सात से आठसालों में दिखाई दे सकते हैं। इसे फीलपांव और शà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¦ à¤à¥€ कहते हैं। सामानà¥à¤¯ तौर पर उषà¥à¤£à¤•टिबंधीय देशों में इसके मरीजों की संखà¥à¤¯à¤¾ सबसे अधिक पाई जा सकती है। फाइलेरिया बीमारी परजीवी (पैरासिटिक) निमेटोड कीड़ों के कारण होता है जो छोटे धागों जैसे दिखाई देते हैं।
फाइलेरिया बीमारी फिलेरी वà¥à¤šà¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤… बैंकà¥à¤°à¥‹à¤«à¥à¤Ÿà¥€ (Filariae-Wuchereria Bancrofti), बà¥à¤°à¥‚गिआ मलाई (Brugia Malayi) और बà¥à¤°à¥‚गिआ टिमोरि (Brugia Timori) नामक निमेटोड कीड़ो के कारण होती है। हालांकि, इनमें से सबसे बड़ा कारण वà¥à¤šà¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤… बैंकà¥à¤°à¥‹à¤«à¥à¤Ÿà¥€ नाम के परजीवी को माना जा सकता है। हाथी पांव के कारण विकलांगता और कà¥à¤°à¥‚पता की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और परिवार कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ के रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इसके मरीजों की बढ़ती संखà¥à¤¯à¤¾ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठसबसे बड़े सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की गई है, जो लगà¤à¤— 40 करोड़ से अधिक लोगों को फाइलेरिया से बचाव करने के लिठमà¥à¤«à¥à¤¤ में दवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
फाइलेरिया के अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार हो सकते हैं।
फाइलेरिया के पà¥à¤°à¤•ार
परजीवी (पेरेसिटिक) कीड़ें शरीर के किस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं, उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही फाइलेरिया की बीमारी हो सकती है, जो 3 पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं, जिनमें शामिल हैंः
लिमà¥à¤«à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• फाइलेरिया (Lymphatic Filariasis) या à¤à¤²à¥€à¤«à¥‡à¤‚टिà¤à¤¸à¤¿à¤¸ (Elephantiasis)
यह लिमà¥à¤« (लसीका) की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के साथ लिमà¥à¤« नोड (लसीकापरà¥à¤µ) को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
सबकà¥à¤¯à¥‚टेनियस फाइलेरिया (Subcutaneous Filariasis)
यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे की परत को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
सीरस केविटी फाइलेरिया (Serous Cavity Filariasis)
यह पेट की सीरियस कैविटी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
फाइलेरिया गंà¤à¥€à¤° बनने से पहले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ चरणों से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है।
फाइलेरिया (हाथी पांव) के चरण या सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ
फलेरिया के कीड़ों के जीवन में 5 चकà¥à¤° होते हैं। जिसके मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• ही हाथी पांव की समसà¥à¤¯à¤¾ के à¤à¥€ पांच सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ होते हैं, जिसमें शामिल हैंः
नर और मादा के मिलन से हजारों माइकà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤²à¤¾à¤°à¤¾à¤‡ (Microfilariae) का जनà¥à¤® होना।
वेकà¥à¤Ÿà¤° (Vector) कीड़े जो मधà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ होसà¥à¤Ÿ (Host) होते हैं, वह माइकà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤²à¤¾à¤°à¤¾à¤‡ का सेवन कर लेते हैं। जो दूसरा सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ माना जा सकता है।
इसके बाद ये मधà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ होसà¥à¤Ÿ तीसरे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाते हैं।
फिर ये वेकà¥à¤Ÿà¤° कीड़ें संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ लारà¥à¤µà¤¾ यानी कीड़े के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की परत में संचारित करते हैं, जिसे चौथा सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ कहते हैं।
इसके 1 साल बाद यही लारà¥à¤µà¤¾ वयसà¥à¤• कीड़ों में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाता है। जो इसका आखिरी और पांचवा चरण हो सकता है।
इन कीड़ों के ये सà¤à¥€ चरण पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर के खून के अंदर होता है। इसके पहले चरण से लेकर आखिरी चरण तक होने में कई सालों का समय लग सकता है। जिसकी वजह से इसके लकà¥à¤·à¤£ कई सालों के बाद दिखाई देते हैं।
लकà¥à¤·à¤£
फाइलेरिया (हाथी पांव) के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
फाइलेरिया या हाथी पांव के लकà¥à¤·à¤£ सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ में दिखाई नहीं देते हैं। इसके परजीवी शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के लकà¥à¤·à¤£ लगà¤à¤— सात से आठसालों बाद दिखाई दे सकते हैं, जिसके चलते निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः
सामानà¥à¤¯ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ दिखने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के पैरों, हाथों और शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में अचानक से बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सूजन होना
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों के सà¥à¤•िन का रंग बदलना या लाल रंग का होना
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों में सूजन के साथ दरà¥à¤¦ होना
à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤–ार होना
ये सूजन हाथ-पैरों के साथ-साथ अंडकोष में à¤à¥€ हो सकते हैं।
शà¥à¤°à¥‚ में ये सूजन असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो सकते हैं, लेकिन कà¥à¤› समय बाद ये सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो सकते हैं, जिसका इलाज संà¤à¤µ नहीं है।
à¤à¤• बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि, हाथी पांव की समसà¥à¤¯à¤¾ वंशानà¥à¤—त नहीं हो सकती है। अगर कोई महिला या पà¥à¤°à¥à¤· इस बीमारी से पीड़ित है, तो इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होने वाले à¤à¥à¤°à¥‚ण या बचà¥à¤šà¥‡ पर नहीं पड़ सकता है।
इसके अलावा हाथी पांव के तीनों पà¥à¤°à¤•ार के अलग-अलग लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः
लिमà¥à¤«à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• फाइलेरिया या à¤à¤²à¥€à¤«à¥‡à¤‚टिà¤à¤¸à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£
à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ के साथ सà¥à¤•िन के ऊपर और नीचे के ऊतकों का मोटा होना
बाहों, योनी, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ और अंडकोष में सूजन होना। (लिमà¥à¤« में बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज होने के कारण सà¥à¤¤à¤¨ और जननांग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का आकार सामानà¥à¤¯ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ अधिक बà¥à¥‡ हो सकते हैं।)
सबकà¥à¤¯à¥‚टेनियस फाइलेरिया के लकà¥à¤·à¤£
सà¥à¤•िन पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ होना
सà¥à¤•िन कलर बदलना
रिवर बà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤‚डनेस (River Blindness): यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के परजीवी कृमि आंकोसेरा वालà¥à¤µà¤²à¤¸ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से होने वाली बीमारी होती है। इसके कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंखों में गंà¤à¥€à¤° खà¥à¤œà¤²à¥€, दाने और अंधेपन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
सीरस कैविटी फाइलेरिया के लकà¥à¤·à¤£
पेट में दरà¥à¤¦ होना
सà¥à¤•िन पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ होना
कारण
फाइलेरिया (हाथी पांव) के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हो सकते हैं?
फाइलेरिया (हाथी पांव) की बीमारी सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरीब इलाकों में होने का खतरा हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण के कारण मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के विकास की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक हो सकती है। फाइलेरिया बीमारी का सबसे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण फाइलेरिया संकà¥à¤°à¤®à¤£ मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने के कारण होता है। ये मचà¥à¤›à¤° फà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ और मैनसोनाइडिस पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ के होते हैं। ये मचà¥à¤›à¤° à¤à¤• धागे समान परजीवी को छोड़ता है। ये परजीवी हमारे शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करके हाथी पांव की बीमारी का कारण बन सकते हैं।
इसके अलावा à¤à¤• अकेली वयसà¥à¤• मादा फाइलेरिया परजीवी नर कृमि से जà¥à¥œà¤¨à¥‡ के बाद, लाखो सूकà¥à¤·à¥à¤® फाइलेरिया à¤à¥à¤°à¥‚णों की पीà¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जनà¥à¤® दे सकती है, जो शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर खून को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। इनकी यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के खून की नसों में होता है।
इसके अलावा यह रोग इससे बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• आने में किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ फैल सकता है, जैसेः
बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का खून किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में चढ़ाना
बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का जूठा खाना या पानी पीना
बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को किस करना (मà¥à¤‚ह में बनने वाले लारà¥à¤µà¤¾ से इसके फैलने की संà¤à¤µà¤¨à¤¾ हो सकती है)
निदान
फाइलेरिया (हाथी पांव) के बारे में पता कैसे लगाà¤à¤‚?
फाइलेरिया या हाथी पांव का निदान करने के लिठनिमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैंः
खून में माइकà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को देखने के लिठबà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ करवाना
यह बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ अकà¥à¤¸à¤° गहरी नींद में होने के दौरान ही किया जाता है। ताकि, टेसà¥à¤Ÿ की नतीजों में इन कीड़ों की संखà¥à¤¯à¤¾ का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ अधिक सटीक आà¤à¥¤
इमà¥à¤¯à¥‚नोडायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• टेसà¥à¤Ÿ (Immunodiagnostic Test)
खून में à¤à¤‚टीबॉडी की जांच करने के लिठइमà¥à¤¯à¥‚नोडायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• टेसà¥à¤Ÿ किया जा सकता है। इससे खून में फाइलेरिया परिसंचरण करने वाला पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¤¨ (Circulating Filarial Antigen (CFA)) है या नहीं यह जानने के लिठयह टेसà¥à¤Ÿ किया जा सकता है।
रोकथाम और नियंतà¥à¤°à¤£
फाइलेरिया (हाथी पांव) को कैसे रोका जा सकता है?
फाइलेरिया या हाथी पांव से बचने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है सà¥à¤µà¤šà¥à¤› और खà¥à¤²à¥€ हवा में रहना। इसका सबसे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण मचà¥à¤›à¤° होते हैं। इससे मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने से बचना चाहिà¤à¥¤ आमतौर पर देखा जाà¤, मचà¥à¤›à¤° सà¥à¤¬à¤¹ और शाम के समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काटते हैं इससे बचने के लिठआप निमà¥à¤¨ उपाय कर सकते हैंः
रात में सोते समय कमरे का तापमान ठंडा रखें।
दिन और रात के समय à¤à¥€ मचà¥à¤›à¤°à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
अगर कूलर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, तो उसकी सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। हर दिन उसका पानी बदलें।
लंबे आसà¥à¤¤à¥€à¤¨ और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। कोशिश करें कि हमेशा कॉटन के कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा लगती रहे।
मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ को दूर रखने के लिठअपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दवाइयों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिठआपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
अगर आपके कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक है, तो à¤à¤¸à¥€ दवाइयों के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बारे में विचार करें जिससे इनका निपटारा किया जा सके।
आप अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अपने नगरपालिका को à¤à¥€ सूचित कर सकते हैं।
फाइलेरिया (हाथी पांव) की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
आपको अपने पैर को साधारण साबà¥à¤¨ और साफ पानी से हर दिन अचà¥à¤›à¥‡ से धोना चाहिà¤à¥¤ घर से बाहर जाते समय और कहीं बाहर से आने के बाद à¤à¥€ शरीर की सफाई का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
हाथों-पैरों को साफ करने के लिठमà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़े का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, ताकि पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह की सà¥à¤•िन को किसी तरह की खरोंच न लें।
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सफाई करते समय बà¥à¤°à¤¶ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करें, इसे घाव हो सकते हैं।
हाथों-पैरों के नाखूनों को छोटा और साफ रखें।
जितना हो सके वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें। हालांकि, बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या बहà¥à¤¤ देर तक à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ न करें। अगर आप हारà¥à¤Ÿ पेशेंट हैं, तो à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लें।
हर दिन थोड़ा पैदल चलें।
अगर आपको बहà¥à¤¤ तेज दरà¥à¤¦ या बà¥à¤–ार है, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने निकटतम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ केंदà¥à¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करें। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं करना चाहिà¤à¥¤
फाइलेरिया या हाथी पांव के मरीजों को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤?
फाइलेरिया या हाथी पांव के मरीजों को अपने आहार में निमà¥à¤¨ बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, जिनमें शामिल हैंः
लो फैट और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
अधिक से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में ताजे तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ यह आसानी से पचाठजाने वाला खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ होते हैं जिससे गैस या कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ कम हो सकती है।
विटामिन सी यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
जो लोग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रहते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने खाने में सामानà¥à¤¯ नमक के बदले à¤à¤¸à¥‡ नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिठजिसमे डाइथाइलकारà¥à¤¬à¤¾à¤®à¤¾à¤œà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ हो।
कà¥à¤› शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अजवायन की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ फाइलेरिया के उपचार में लाà¤à¤•ारी हो सकती हैं। इसके सेवन के लिठआप अपने आहार में इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शामिल कर सकते हैं।
हालांकि, इसका सेवन करने से पहले आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेनी जरूरी हो सकती है।
उपचार
फाइलेरिया (हाथी पांव) का उपचार कैसे किया जाता है?
निमà¥à¤¨ विधियों से हाथी पांव का उपचार किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैंः
रिकंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, फाइलेरिया या हाथी पांव के कारण हà¥à¤ कà¥à¤·à¥à¤ रोग से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों को रिकंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€ के जरिठदोबारा सही किया जा सकता है। लेकिन इसका उपचार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, इसकी रोकथाम करनी मददगार हो सकती है।
आइवरमेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ (Ivermectin) और अलà¥à¤¬à¥‡à¤‚डाजोल (Albendazole)
कà¥à¤› शोध में आइवरमेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ और अलà¥à¤¬à¥‡à¤‚डाजोल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी पाया गया है। पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को साफ करके वहां पर इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचा जा सकता है।
à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤² (Aerosol)
à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤² (AEROSOL) मचà¥à¤›à¤° को दूर करने वाला à¤à¤• सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ होता है, जिसे आप अपने घर में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। हालांकि, इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से कर सकते हैं।
फाइलेरिया उनà¥à¤®à¥‚लन
à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार ने फाइलेरिया का उपचार करने और इसे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठफाइलेरिया उनà¥à¤®à¥‚लन नाम का कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® चलाया है। इसके तहत सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• दवा सेवन (à¤à¤®.डी.à¤.) किया जाता है, जिसमें डी.ई.सी. दवा की à¤à¤• खà¥à¤°à¤¾à¤• लोगों को साल में à¤à¤• बार खिलाई जाती है।
इस फाइलेरिया उनà¥à¤®à¥‚लन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के तरत चिकितà¥à¤¸à¤• शाम 7 से 12 बजे रात कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• परिवार में जाते हैं। जहां के परिवार के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सदसà¥à¤¯ की अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से वे खून की बूंदे लेते हैं।
इसके अगले दिन चिकितà¥à¤¸à¤• सà¤à¥€ लोगों को फिलपांव रोग के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मारने वाली à¤à¤• खà¥à¤°à¤¾à¤• सà¤à¥€ लोगों को देते हैं। जो निशà¥à¤²à¥à¤• होती है।
à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• चार से छह साल तक के लिठसाल में à¤à¤• बार दी जा सकती है।
डी.ई.सी. (डाइथीकारà¥à¤¬à¤®à¥ˆà¤œà¥€à¤¨ साइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ) की खà¥à¤°à¤¾à¤•
फाइलेरिया के उपचार के लिठडाइथीकारà¥à¤¬à¤®à¥ˆà¤œà¥€à¤¨ (Diethylcarbamazine) (डी.ई.सी.) का उपयोग करना लाà¤à¤•ारी हो सकता है। यह खून में मौजूद सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤«à¤¾à¤‡à¤²à¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® कर सकता है, लेकिन वयसà¥à¤• कीड़ों पर इसका कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होता है।
डी.ई.सी. के खà¥à¤°à¤¾à¤• से इसके संकà¥à¤°à¤®à¤£ को बढ़ने से सिरà¥à¤« रोका जा सकता है, लेकिन यह उसका उपचार नहीं कर सकता है।
डी.ई.सी की खà¥à¤°à¤¾à¤• खाने पर फाइलेरिया के कीटाणू शरीर के अंदर ही मर जाते हैं जिसके कारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार, सिर दरà¥à¤¦, उलà¥à¤Ÿà¥€ या चकà¥à¤•र की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है। हालांकि, इससे घबराना नहीं चाहिà¤à¥¤ ये लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤› समय के बाद अपने आप दूर हो जाते हैं।
लेकिन, अगर आपको डी.ई.सी की खà¥à¤°à¤¾à¤• खाने के बाद कोई गंà¤à¥€à¤° परेशानी होती है, तो आपको तà¥à¤°à¤‚त अपने नजदीकी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ केंदà¥à¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
डी.ई.सी की खà¥à¤°à¤¾à¤• के दौरान किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤?
डी.ई.सी की खà¥à¤°à¤¾à¤• खाने से पहले आपको निमà¥à¤¨ बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, जिनमें शामिल हैंः
खाली पेट दवा न खाà¤à¤‚
दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• नहीं खिलानी चाहिà¤
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• नहीं खानी चाहिà¤
गंà¤à¥€à¤° रोगों से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोगों को बिना अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• नहीं खानी चाहिà¤
डी.ई.सी की खà¥à¤°à¤¾à¤• देने की मातà¥à¤°à¤¾
2 साल से 5 साल तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठ– 1 गोली 100 मिगà¥à¤°à¤¾
6 साल से 14 साल तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठ– 2 गोली 100 मिगà¥à¤°à¤¾
14 साल या इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ वयसà¥à¤•ों के लिठ– 3 गोली 100 मिगà¥à¤°à¤¾
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