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साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, वायरस, फंगस, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, जानवरों के शरीर से निकलने वाली रूसी, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित हवा, धà¥à¤†à¤‚ व धूल के कारण हो सकती है। इसके अलावा, नाक के छोटे बाल और नाक की हडà¥à¤¡à¥€ का नà¥à¤•ीले आकार में बढ़ना à¤à¥€ साइनस की परेशानी की वजह बन सकता है।
साइनस होने के कारण (Causes of Sinus)
जिस तरह मॉरà¥à¤¡à¤¨ मेडिकल साइंस ने साइनà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• और à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट दो तरह का माना है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥à¤¯à¤¾à¤¯ को नव पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥à¤¯à¤¾à¤¯ ‘à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट साइनà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸â€™ और पकà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥à¤¯à¤¾à¤¯ ‘कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• साइनà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸â€™ के नाम से जाना जाता है।
दरअसल, हमारे सिर में कई खोखले छिदà¥à¤° (कैविटीज) होते हैं, जो सांस लेने में हमारी मदद करते हैं और सिर को हलà¥à¤•ा रखते हैं। इन छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ को साइनस या वायà¥à¤µà¤¿à¤µà¤° कहा जाता है। जब इन छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में किसी कारणवश गतिरोध पैदा होता है, तब साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। ये छिदà¥à¤° कई कारणों से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते हैं और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, फंगल व वायरल इसे गंà¤à¥€à¤° बना देते हैं। à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट साइनोसाइटिस दो से चार हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक रहता है, जबकि कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• साइनोसाइटिस 12 हफà¥à¤¤à¥‡ या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक रहता है।
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित बिंदà¥à¤“ के जरिठजानिठसाइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने के सबसे अहम कारण-
जà¥à¤•ाम-साइनस का सबसे सामानà¥à¤¯ कारण जà¥à¤•ाम है, जिसकी वजह से नाक निरंतर बहती है या फिर बंद हो जाती है और सांस लेने में दिकà¥à¤•त होती है। जà¥à¤•ाम à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होता है, जो किसी और के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ आपको चपेट में ले सकता है। जिन लोगों को लगातार जà¥à¤•ाम होता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साइनस होने की आशंका सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण-साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण के कारण à¤à¥€ हो सकती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण वाले इलाकों में रहने वाले लोग इस बीमारी की चपेट में जलà¥à¤¦à¥€ आ सकते हैं। धूल के कण, सà¥à¤®à¥‰à¤— और दूषित वायॠके कारण साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है। ये हानिकारक कण सीधे हमारी शà¥à¤µà¤¾à¤¸ नली पर पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं। इससे धीरे-धीरे जà¥à¤•ाम, नाक का बहना और दरà¥à¤¦ आदि समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€- बहà¥à¤¤ से लोगों को नाक संबंधी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की शिकायत रहती है। बाहर की दूषित वायॠके संपरà¥à¤• में आते ही यह समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। नाक संबंधी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ मौसम के कारण à¤à¥€ हो सकती है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दरà¥à¤¦, आवाज में बदलाव, सिरदरà¥à¤¦ आदि आम हैं, लेकिन आप इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हलà¥à¤•े में न लें। साइनस इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ दसà¥à¤¤à¤• देता है।
नाक की हडà¥à¤¡à¥€ बढ़ना- नाक की हडà¥à¤¡à¥€ बढ़ने के कारण à¤à¥€ साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। दरअसल, बचपन या किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में नाक पर चोट लगने या दबने के कारण नाक की हडà¥à¤¡à¥€ à¤à¤• तरफ मà¥à¤¡à¤¼ जाती है, जिससे नाक का आकार टेढ़ा दिखाई देता है। हडà¥à¤¡à¥€ का यह à¤à¥à¤•ाव नाक के छिदà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिससे साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। कोई à¤à¥€ कारण, जो शà¥à¤µà¤¾à¤¸ छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में अवरोध पैदा करते हैं, उनसे साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा हो सकती है।
असà¥à¤¥à¤®à¤¾-असà¥à¤¥à¤®à¤¾ सांस संबंधी गंà¤à¥€à¤° बीमारी है, जो फेफड़ों और शà¥à¤µà¤¾à¤¸ नलियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ मरीज ठीक पà¥à¤°à¤•ार से सांस नहीं ले पाता, जिसके लिठउसे सà¥à¤ªà¥‡à¤¸à¤° की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है। इन हालातों में मरीज को साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ होने के आसार बढ़ जाते हैं।
à¤à¥‹à¤œà¤¨-खान-पान में बरती गई लापरवाही à¤à¥€ साइनस का कारण बन सकती है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ की अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ व पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी से पाचन तंतà¥à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है, जो आगे चलकर साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾ की जड़ बन सकता है।
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