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शिशॠकी सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका
शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों को मजबूत करने के लिठमालिश करने की सलाह दी जाती है। नवजात शिशॠकी मालिश करने के कई लाठहोते हैं और ये लाठतब दोगà¥à¤¨à¥‡ हो जाते हैं जब आप मालिश के लिठसही तेल चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं।
मालिश के लिठसरसों के तेल का बहà¥à¤¤ उपयोग किया जाता है लेकिन कà¥â€à¤¯à¤¾ शिशॠकी मालिश के लिठà¤à¥€ यह तेल बहà¥à¤¤ फायदेमंद रहता है। यहां हम आपको सरसों के तेल से शिशॠको मिलने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।
​बà¥â€à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨
सरसों का तेल रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बेहतर करता है और शिशॠकी संपूरà¥à¤£ सेहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है। शिशॠकी रोज मालिश करने से शरीर सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और मजबूत बनता है। इसके अलावा शरीर में गरमाई रखने में सरसों का तेल बहà¥à¤¤ मदद करता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम और ठंडे इलाकों में शिशॠको गरम रखने के लिठसरसों के तेल का ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
​तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ रोगों से छà¥à¤Ÿà¤•ारा
लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलियां लें और उसे सरसों के तेल में डालकर हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® कर लें। अब तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠकी छाती पर लगाà¤à¤‚। इस तरह शिशॠमें खांसी और जà¥à¤•ाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसमें आप लहसà¥à¤¨ की जगह तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ डाल सकते हैं।
सरसों के तेल में à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं। इससे मालिश करने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ को तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है। सरसों का तेल शिशॠको कई तरह के सà¥à¤•िन इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचाने में मदद करता है।
​बाल घने होते हैं
शिशॠके बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठसरसों का तेल बहà¥à¤¤ असरकारी होता है। रोज बालों और सिर की इस तेल से मालिश करने से बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ अचà¥â€à¤›à¥€ होती है।
सरसों का तेल बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने से à¤à¥€ बचाता है। इस तेल की तेज गंध शिशॠको मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से दूर रखती है।
​à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीफंगल है तेल
सरसों के तेल में कई à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ मौजूद हैं और यही वजह है कि इस तेल की मालिश से बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहती है और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पर किसी तरह का कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ नहीं होता है।
शिशॠको अकà¥â€à¤¸à¤° फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो जाता है जाे कि बहà¥à¤¤ परेशानी पैदा करता है। अगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ की सरसों के तेल से मालिश करते हैं तो फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
​सरसों का तेल इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने का तरीका
आप शिशॠको इस तेल का जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठदिलाने के लिठनिमà¥â€à¤¨ तरीकों से पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं।
पहले तेल को उबाल लें और फिर उसे ठंडा कर के à¤à¤• बोतल में à¤à¤° लें। नहाने से पहले रोज इस तेल से शिशॠके सिर और शरीर की मसाज करें।
आप चाहें तो इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से कà¥à¤› मिनट पहले आवशà¥â€à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° तेल गरà¥à¤® कर के à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकती हैं।
सरसों के तेल में अजवाइन उबालकर उसे ठंडा होने दें। अब इसे तेल से शिशॠकी मालिश करें।
आप सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की कलियां या तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर à¤à¥€ गरà¥à¤® करके इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
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