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अलरà¥à¤Ÿ: दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की पांच सबसे खतरनाक बीमारियों के बारे में जानें, जीते जी मार डालती हैं
कोरोना वायरस को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आठडेढ़ साल का समय बीत चà¥à¤•ा है और इतने ही दिनों में इस बीमारी ने लाखों लोगों की जान ले ली और करोड़ों लोगों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ किया। कोरोना के कारण लोगों को कई अनà¥à¤¯ जानलेवा बीमारियां à¤à¥€ हो रही हैं, जिनमें मà¥à¤¯à¥‚करमाइकोसिस (बà¥à¤²à¥ˆà¤• फंगस) पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है। हालांकि यह बीमारी सà¤à¥€ के लिठनहीं बलà¥à¤•ि à¤à¤• विशेष वरà¥à¤— के लिठजानलेवा साबित हो रही है, जिसमें डायबिटीज के मरीज, कम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाले लोग शामिल हैं। वैसे इस बीमारी को इलाज के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ठीक किया जा रहा है, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि इनके अलावा à¤à¥€ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कई à¤à¤¸à¥€ बीमारियां हैं, जो बेहद ही गंà¤à¥€à¤° और जानलेवा हैं और वो लाइलाज हैं, यानी उनका कोई इलाज उपलबà¥à¤§ नहीं है। मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• लाइलाज बीमारी है, जिसका अà¤à¥€ तक सटीक इलाज नहीं मिल पाया है। मशहूर वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¤¨ हॉकिंग को à¤à¥€ यही बीमारी थी। आइठजानते हैं इस बीमारी के बारे में और साथ ही कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लाइलाज गंà¤à¥€à¤° बीमारियों के बारे में à¤à¥€...
कà¥à¤¯à¤¾ है मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन?
यह à¤à¤• घातक बीमारी है, जिसके कारण मरीज की मांसपेशिया बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ हो जाती हैं, उनके शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। इस बीमारी से पीड़ित मरीज को खाना निगलने से लेकर सांस लेने तक में परेशानी होती है। विशेषजà¥à¤ž कहते हैं कि इस बीमारी की चपेट में आने के बाद सिरà¥à¤« पांच फीसदी लोग ही जिंदा बच पाते हैं।
सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¤®à¥ˆà¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ ऑसिफिकनà¥à¤¸ पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤µà¤¾ (à¤à¤«à¤“पी), जिसे सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¤®à¥ˆà¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® या मà¥à¤‚चमेयर रोग à¤à¥€ कहा जाता है, à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤, लेकिन गंà¤à¥€à¤° बीमारी है, जिसका कोई मौजूदा इलाज या उपचार नहीं है। इस बीमारी में मरीज की जब हडà¥à¤¡à¥€ टूटती है तो वह सही जगह जà¥à¤¡à¤¼ नहीं पाती, कà¤à¥€-कà¤à¥€ तो वह हडà¥à¤¡à¥€ दूसरी जगह जà¥à¤¡à¤¼ जाती है, इससे काफी दरà¥à¤¦ का सामना करना पड़ता है। इस बीमारी के इलाज ढूंढने को लेकर अà¤à¥€ शोध चल रहे हैं।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‹à¤¡à¤°à¤®à¤¾ पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚टोसम
यह à¤à¥€ à¤à¤• घातक और दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी है। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी बीमारी है, जिसमें मरीज को सूरज की रोशनी से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर धूप पड़ जाठतो उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€, जलन होने लगती है और छाले पड़ जाते हैं। इस बीमारी का à¤à¥€ फिलहाल कोई इलाज उपलबà¥à¤§ नहीं है।
चगास रोग
चगास रोग, जिसे अमेरिकन टà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥ˆà¤¨à¥‹à¤¸à¥‹à¤®à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¥€ कहा जाता है, à¤à¤• परजीवी रोग है जो टà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥ˆà¤¨à¥‹à¤¸à¥‹à¤®à¤¾ कà¥à¤°à¥‚जी के कारण होता है। इसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सोते समय 'किसिंग बग' का शिकार हो जाता है, जिससे मà¥à¤‚ह के पास घाव हो जाता है। यह बीमारी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। इसकी वजह से शरीर में खून का संचार सही तरीके से नहीं हो पाता है, जिससे कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो जाती हैं। कà¥à¤› समय पहले तक यह बीमारी लाइलाज थी, लेकिन अब इसकी कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि अगर संकà¥à¤°à¤®à¤£ का पता शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही चल जाता है तो दवाओं के माधà¥à¤¯à¤® से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
à¤à¤ªà¥€à¤¡à¤°à¥à¤®à¥‹à¤¡à¥€à¤¸à¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ वेरूसीफॉरà¥à¤®à¤¿à¤¸
इस बीमारी को टà¥à¤°à¥€ मैन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¥€ कहा जाता है। यह à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ आनà¥à¤µà¤‚शिक बीमारी है, जिसमें इंसानों में पेड़ों की छाल जैसी संरचना उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगती है, खासकर हाथ और पैर में। हालांकि पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में इस बीमारी से कà¥à¤› ही लोग पीड़ित हैं। इस बीमारी का à¤à¥€ कोई इलाज नहीं है, लेकिन सरà¥à¤œà¤°à¥€ के जरिये पेड़ों की छाल जैसी संरचना को हटा दिया जाता है और हाथ-पैरों को फिर से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने लायक बनाया जा सकता है।
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