शरीर का तापमान कैसे चेक करें?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 13:03

क्या आप जानते हैं बुखार नापने का सही तरीका ?

हममें से सभी का कभी न कभी बुखार (Fever) से पाला पड़ता ही है और डॉक्टर के पास पहुंचने की नौबत आने से पहले हम घर पर ही अपने शरीर का तापमान मापते हैं. इसके लिए हम अक्सर थर्मामीटर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि हम इससे बुखार सही तरीके से नापने में कामयाब होते हैं कि नहीं. कैसे पता करें कि आपने बुखार का सही आंकलन किया है या नहीं? इसके कुछ तरीके यहां आपको बताने जा रहे हैं जो परेशानी के इस वक्त में आपके काम आ सकते हैं.

कब होता है फीवरः

शरीर का तापमान (temperature) निरंतर अवधि के लिए 100.4 ° F (38 ° C) से ऊपर होने पर बुखार होता है. हालांकि थर्मामीटर से बुखार की पहचान करना सरल है, लेकिन माथे को छूकर, चेहरे और गालों के लाल होने, बदन के गर्म होने से भी बुखार का अनुमान लगा सकते हैं, लेकिन छोटे बच्चों के मामले में आप इस तरह के आंकलन का सहारा नहीं ले सकते हैं.

सटीक तापमान कैंसे लेंः

शरीर का तापमान चेक करने के लिए थर्मामीटर को मुंह में जीभ के नीचे रखकर, बगल में रखकर या रेक्टल (Rectal) में रखकर मापा जाता है. हालांकि बड़े लोगों और बड़े बच्चों के लिए सबसे सटीक तरीका मुंह में डिजिटल थर्मामीटर का इस्तेमाल है. शिशुओं या छोटे बच्चों में फीवर नापने के लिए रेक्टल सबसे अच्छा तरीका है.

अलग-अलग तरह के थर्मामीटर का इस्तेमालः

ईयर थर्मामीटर से ईयरड्रम (Eardrum) के जरिए तापमान को मापते हैं. हालांकि ये डॉक्टर अधिक इस्तेमाल करते हैं, लेकिन घर में इस्तेमाल करने के लिए भी यह मिलते हैं. यह थर्मामीटर कुछ सेकंड के अंदर अच्छे रिजल्ट दे सकते हैं. बहुत छोटे बच्चों में फीवर नापने के लिए यह अच्छा होता है, क्योंकि बच्चे लंबे वक्त तक एक जगह नहीं बैठते. इस थर्मामीटर के सेंसर को कान के पास ईयरड्रम की तरफ रखें और फिर इसे ऑन करें रीडिंग पूरी होने के संकेत के बाद इसे कान से हटा लें. हालांकि इस तरह के थर्मामीटर की रीडिंग अन्य थर्मामीटर की तुलना में उतनी सटीक नहीं आती.

फोरहेड (Forehead) थर्मामीटर घरेलू इस्तेमाल के लिए अधिक प्रचलन में हैं. इनसे तापमान सटीक तरीके से मापा जाता है, लेकिन रेक्टल थर्मामीटर की तुलना में ये उन्नीस ही है. यह भी बच्चों का बुखार नापने के लिए अच्छा माना जाता है. यह दो टाइप का होता है. पहले टाइप के फोरहेड थर्मामीटर में टेम्परल (temporal artery) आर्टरी पर रखकर इंफ्रारेड लाइट के (infrared light) के जरिए तापमान मापा जाता है. दूसरे टाइप में प्लास्टिक की एक पट्टी होती है इसे पर फोरहेड पर रख बुखार का पता लगा सकते हैं. यह केवल यह बताते हैं कि किसी का तापमान अधिक है या कम है.

रेक्टल (Rectal)थर्मामीटर इसका इस्तेमाल रेक्टम में किया जाता है. हालांकि यह तापमान मापने का सबसे आसान या और आरामदायक तरीका नहीं है, लेकिन यह बेहद सटीक रीडिंग देता है. इस तरीके से सटीक तापमान लेने के लिए थर्मामीटर की टिप पर पेट्रोलियम जेली लगाएं और इसे लगभग आधा इंच तक रेक्टम में डालें.

कब न नापे तापमानः

दिन के वक्त शरीर तापमान (temperature) बदलता रहता है. शरीर रात भर ठंडा रहता है, लेकिन शाम को गर्म हो सकता है. अगर एक्सरसाइज करते हैं तो भी आपके शरीर का तापमान बढ़ सकता है और आप गर्म हो सकते हैं. इस तरह की स्थितियों में बुखार नापने से बचना चाहिए. एंटीबायॉटिक और एंटीवायरल ड्रग्स जैसे कि पैरासिटामोल (Paracetamol), आइबुप्रोफ़ेन (Ibuprofen), एस्पिरिन (Aspirin) आदि ले रहे हैं तो इन दवाओं के लेने के 6 घंटे बाद ही शरीर का तापमान नोट करें. गर्म खाने-पीने के बाद, डांस या एक्सरसाइज जैसे किसी भी काम को करने के बाद बुखार का पता करने के लिए तापमान नहीं नापना चाहिए. इन ऐक्टिविटीज के बाद शरीर का तापमान बेहद बढ़ जाता है और थर्मामीटर सामान्य से अधिक तापमान ही दिखाता है. शरीर में रक्त का संचार बढ़ानेवाली किसी भी काम को करने के कम से कम 30 मिनट बाद ही शरीर का तापमान लेना चाहिए. इनके लगभग 45 मिनट बाद शरीर का ट्रेंप्रेचर लेना चाहिए.

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