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बड़ी उमà¥à¤° की महिलाओंको यूरीन के लिठबैठते ही बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का बाहर निकल आना (पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸) à¤à¤• जटिल समसà¥à¤¯à¤¾ है। जिन महिलाओं का वजन अधिक होता है और कबà¥à¤œ रहता है उनके साथ यह समसà¥à¤¯à¤¾ आम है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही फीजियोथैरेपी और कà¥à¤› खास तरह की कसरतों से पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸ से बचा जा सकता है। यदि हर बार मूतà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤— के समय बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ बाहर आ जाती है तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ ही à¤à¤•मातà¥à¤° उपाठहै।
उमà¥à¤° जैसे-जैसे बà¥à¤¤à¥€ जाती है, तà¥à¤µà¤šà¤¾ कसावट कमजोर पड़ने लगती है और ढीली हो जाती है। इसी तरह के परिवरà¥à¤¤à¤¨ आंतरिक अंगों में à¤à¥€ होते हैं। बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का मलमूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने के समय बाहर आ जाना à¤à¥€ इसी तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ है। उमà¥à¤° बà¥à¤¨à¥‡ के साथ जब पेडू पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं तब वे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ अथवा मूतà¥à¤° की थैली को यथासà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रखने में असमरà¥à¤¥ हो जाती है। शरीर में कमजोरी की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर निरà¥à¤à¤° है कि कौन सा अंग अपने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को छोड़ेगा लेकिन हर केस में इतना तय है कि योनि की दीवारें इस तरह पीछे लटक जाती हैं जैसे कोई मोजा उलट गया हो। उमà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤œ महिलाओं में हर आठवीं महिला में से à¤à¤• को बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ बाहर निकल आने की शिकायत होती है।
कà¥à¤¯à¤¾ है कारण
उमà¥à¤°à¤ƒ यà¥à¤µà¤¾ महिलाओं में यह कà¤à¥€ कà¤à¤¾à¤° ही सामने आता है। लेकिन उमà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤œ महिलाओं में जैसे ही फीमेल à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ हारमोन कम होने लगत हैं। पेडू की मांसपेशियों का लचीलापन खतà¥à¤® होने लगता है वे तेजी से अपनी ताकत à¤à¥€ खोने लगती हैं।
गरà¥à¤ à¤à¤µà¤‚ बचà¥à¤šà¥‡à¤ƒ जिस महिला को बार-बार गरà¥à¤ ठहरता हो और उसके कई बचà¥à¤šà¥‡ हों तो उसकी पेड़ की मांसपेशियां बà¥à¤°à¥€ तरह से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाती हैं à¤à¤µà¤‚ उनमें अपने मूल आकार में लौटने की ताकत नहीं रह पाती।
आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकः कई महिलाओं में यह समसà¥à¤¯à¤¾ आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक होती है। यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में ही इन महिलाओं की बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ बाहर आने लगती है। आंतरिक नाà¤à¤¿ पर लगातार पड़ता दबाव-मोटापे के कारण अथवा फेफड़ों की बीमारियों की वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ अपने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से हट जाती है।
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