वीर की जांच कैसे होती है?HealthPlanet

Posted on Sun 9th Oct 2022 : 19:32

पुरूषों में फर्टिलिटी जांचने के लिए सीमेन एनालिसिस टेस्ट या वीर्य विश्लेषण किया जाता है, जिसमें शुक्राणु की मात्रा, आकार और जीवित शुक्राणुओं की संख्या आदि का परीक्षण होता है।
गर्भधारण करने के लिए स्त्री के अंडे और पुरुष के स्पर्म का का स्वस्थ होना आवश्यक है। इन दोनों में से किसी एक में भी समस्या होने पर गर्भधारण में बाधा पैदा होती है।
वीर्य में किसी तरह की समस्या होने पर गर्भधारण की कोशिश फेल हो जाती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर वीर्य विश्लेषण का सुझाव देते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर वीर्य की जांच कर उसकी गुणवत्ता और मात्रा यानी क्वालिटी और क्वांटिटी को मापते हैं।

वीर्य की जांच के दौरान पुरुष अपने वीर्य का नमूना डॉक्टर को देता है। उसके बाद, डॉक्टर जांच करने के लिए वीर्य का एक अच्छा सैंपल तैयार करते हैं। इस दौरान, दो बातों का खास ध्यान रखना है जिसमें शामिल हैं:-

-वीर्य को शरीर के तापमान पर रखना होता है। क्योंकि अगर यह अधिक गर्म या ठंडा हुआ तो वीर्य जांच का रिजल्ट गलत आ सकता है।
-वीर्य को शरीर से बाहर आने के 30-60 मिनट के अंदर ही जांच के लिए डॉक्टर के पास भेज देना चाहिए।

वीर्य की जांच को घर या क्लिनिक दोनों ही जगहों पर किया जा सकता है। घर पर की जाने वाली जांच में केवल शुक्राणुओं की संख्या की ही पुष्टि कर सकते हैं। घर पर की जाने वाली जांच के दौरान शुक्राणुओं के आकार और गतिशीलता का विश्लेषण नहीं होता हैं।

प्रजनन शक्ति की पुष्टि करने और बांझपन के कारणों का पता लगाने के लिए क्लिनिक में वीर्य की जांच की जाती है। क्योंकि यहां प्रजनन शक्ति का मूल्यांकन व्यापक रूप से किया जाता है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info