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पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा (लेबर पेन) के लकà¥à¤·à¤£, लाने और कम करने के उपाय - Labour pain in Hindi
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी महीने से ⇨
पहला महीना दूसरा महीना तीसरा महीना चौथा महीना पांचवा महीना छठा महीना सातवा महीना आठवा महीना नौवा महीना
मानव शरीर (लड़के और लड़कियों दोनों का) आमतौर पर 45 डेल (del; दरà¥à¤¦ मापने की इकाई) का दरà¥à¤¦ ही बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ कर सकता है। लेकिन पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान महिलाà¤à¤‚ 57 डेल का दरà¥à¤¦ महसूस करती हैं। जो à¤à¤• बार में 20 हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के टूटने पर होने वाले दरà¥à¤¦ के बराबर होता है। इसे वासà¥à¤¤à¤µ में पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कहते हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा और उसके बाद डिलीवरी को बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® होना या पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का अंत à¤à¥€ कहा जाता है। डिलीवरी दो पà¥à¤°à¤•ार से होती है, नारà¥à¤®à¤² डिलीवरी या सिजेरियन डिलीवरी (सी-सेकà¥à¤¶à¤¨)। 2015 में विशà¥à¤µà¤à¤° में 13.5 करोड़ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने जनà¥à¤® लिया था जिनमें से लगà¤à¤— 1.5 करोड़ बचà¥à¤šà¥‡ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें हफà¥à¤¤à¥‡ से पहले, जबकि 3 से 12% बचà¥à¤šà¥‡ 42 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ बाद पैदा हà¥à¤ थे। आजकल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° डिलीवरी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में होती हैं, लेकिन आज à¤à¥€ कई जगहों पर अधिकांश जनà¥à¤® घर पर à¤à¤• दायी की मदद से होते हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का सबसे सामानà¥à¤¯ तरीका योनि मारà¥à¤— से डिलीवरी है। इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तीन चरण होते हैं: गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का छोटा और बड़ा होना, बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® लेने के लिठआगे खिसकना और बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® और पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा बाहर आना आदि।
अधिकांश बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® लेते समय पहले सिर बाहर आता है। हालांकि लगà¤à¤— 4% बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर या कूलà¥à¤¹à¥‡ पहले बाहर आते हैं। 2012 में, लगà¤à¤— 23 मिलियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हà¥à¤ थे। आमतौर पर सीज़ेरियन डिलीवरी, जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ या बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में संकट में होने या उलटी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पैदा होने का संकेत होने पर किया जाता है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ में ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के लकà¥à¤·à¤£ - Prasav pida ke lakshan in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का सही समय - Prasav ka sahi samay in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के चरण - Prasav ke charan in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कम करने के उपाय - Prasav pida kam karne ke upay in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कैसे लाये - Prasav pida kaise laye in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा की अवधि - Prasav pida ka time in hindi
समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा और वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा में अंतर - Samay se pahle prasav pida aur vastvik prasav pida me antar
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के लकà¥à¤·à¤£, लाने और कम करने के उपाय के डॉकà¥à¤Ÿà¤°
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के लकà¥à¤·à¤£ - Prasav pida ke lakshan in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से नहीं बता सकता - आपके चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गयी तिथि à¤à¥€ केवल अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ होती है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ बताई गयी तिथि से 3 हफà¥à¤¤à¥‡ पहले या 2 हफà¥à¤¤à¥‡ बाद à¤à¥€ हो सकता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ का पहला चरण कई घंटों तक रह सकता है, इसलिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ संकेतों के महसूस होने पर परेशान न हों। पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होने पर निमà¥à¤¨ संकेतों का अनà¥à¤à¤µ होता है:
लाइटनिंग (Lightening): यह तब होता है जब पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय आने पर आपके शिशॠका सिर आपके शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में नीचे की ओर चला जाता है इस समय आपका पेट कम नज़र आता है। आपको सांस लेने में आसानी होगी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠअब शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में नीचे की ओर है और अब फेफड़ों पर दबाव नहीं पड़ता। आपको बार बार पेशाब करने की जरूरत à¤à¥€ महसूस हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠआपके मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव डालता है। यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ के शà¥à¤°à¥‚ होने के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ या घंटों पहले शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है।
बà¥à¤²à¤¡à¥€ शो (Bloody show): आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ से निकला खून या à¤à¥‚रे रंग का डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ मà¥à¤¯à¥‚कस पà¥à¤²à¤— होता है जो गरà¥à¤ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने के लिठहोता है। यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥‚ होने के कà¥à¤› दिन या कà¥à¤› समय पहले बाहर निकल सकता है।
दसà¥à¤¤ (Diarrhea): लगातार दसà¥à¤¤ या मतली होने का मतलब हो सकता है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नज़दीक है।
विकृत à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ (Ruptured membranes): योनिसà¥à¤°à¤¾à¤µ या लीक होने का अरà¥à¤¥ है कि à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ फट (Rupture) चà¥à¤•ी है। यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥‚ होने से कà¥à¤› घंटे पहले या पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान à¤à¥€ हो सकता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाà¤à¤‚ इसके 24 घंटे बाद पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा महसूस करने लगती हैं। यदि पà¥à¤°à¤¸à¤µ इस समय सीमा के दौरान सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से नहीं होता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठदवाओं या तकनीकों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करके पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ जटिलताओं को रोकने के लिठकिया जाता है।
संकà¥à¤šà¤¨ (Contractions): जैसे जैसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नज़दीक आता है आवधिक, अनियमित संकà¥à¤šà¤¨ (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन) का अनà¥à¤à¤µ होता है। जो संकà¥à¤šà¤¨ 10 मिनट से कम समय के अंतराल पर होते हैं वह आमतौर पर यह संकेत देते हैं कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ हो गई है।
आपकी पानी की थैली फट जाती है।
आपको पेट फूला हà¥à¤† सा, कबà¥à¤œ या दरà¥à¤¦ महसूस होगा। (और पà¥à¥‡à¤‚ - पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में दरà¥à¤¦ के उपाय)
जैसे ही आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के संकेत महसूस हों आप तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚ वे आपको महसूस होने वाली à¤à¤‚ठन से समà¥à¤¬à¤‚धित और à¤à¥€ अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ पूछेंगे। याद रखें, यदि आपकी पानी की थैली फट गयी है, तो आपको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को फोन करना चाहिà¤à¥¤ वे आपको सही सलाह देंगे कि आपको कब असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का सही समय - Prasav ka sahi samay in hindi
आखिरी मासिक धरà¥à¤® के पहले दिन से लेकर 40 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद की तारीख को पà¥à¤°à¤¸à¤µ की तिथि बताया जाता है। हालांकि कà¤à¥€ कà¤à¥€ यह अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की जाती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं के पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय डॉकà¥à¤Ÿà¤° 37वें और 42वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले हो जाते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ (Premature or preterm labor) कहते हैं। जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ 37वें या 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में होता है उसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ अवधि माना जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय में पैदा हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के फेफड़े अà¤à¥€ à¤à¥€ अपरिपकà¥à¤µ होते हैं।
जैसे हर महिला की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी अलग होती है वैसे ही उसके पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤, लकà¥à¤·à¤£ और डिलीवरी होने में लगने वाला समय à¤à¥€ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के चरण - Prasav ke charan in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ को आम तौर पर तीन चरणों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया जाता है:
चरण 1.
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पहले चरण को तीन चरणों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है: लेटेंट (latent), à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ (Active; कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤²) और टà¥à¤°à¤¾à¤‚ज़िशन (transition; परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤•ाल)।
पहला, लेटेंट चरण, सबसे लंबा और सबसे कम तीवà¥à¤° होता है। इस चरण के दौरान, संकà¥à¤šà¤¨ लगातार होने लगते हैं, यह आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को फैलाने में मदद करती है ताकि बचà¥à¤šà¤¾ जनà¥à¤® नलिका से आसानी से निकल सके। इस सà¥à¤¤à¤° पर असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ à¤à¥€ कम होती है इस चरण के दौरान, यदि आपके संकà¥à¤šà¤¨ नियमित होते हैं, तो आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया जाà¤à¤—ा और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ कितना फैला है यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठलगातार पैलà¥à¤µà¤¿à¤• परीकà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ की जाà¤à¤à¤—ी।
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ चरण के दौरान, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ अधिक तेजी से फैलना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। आप पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान अपनी पीठया पेट में गहन दरà¥à¤¦ या दबाव महसूस कर सकती हैं। आप शिशॠको दबाव देकर धकेलने की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस कर सकते हैं, लेकिन आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पूरी तरह गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के फैलने तक इंतजार करने के लिठकहेंगे।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚ज़िशन के दौरान, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह से 10 सेंटीमीटर तक फैलती है। संकà¥à¤šà¤¨ बहà¥à¤¤ मजबूत, दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• और लगातार, हर तीन से चार मिनट में आते हैं और 60 से 90 सेकंड तक चलते हैं।
चरण 2.
इस चरण में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह से खà¥à¤² जाता है। इसके पूरी तरह फैलने पर, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पà¥à¤¶ करने के लिठकहेगा। आपके दबाव डालना आपके शिशॠको जनà¥à¤® नलिका में आगे बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। आपके शिशॠका सिर तब नज़र आने लगता है जब इसका सबसे चौड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ योनि के मà¥à¤– पर पहà¥à¤‚चता है। जैसे ही आपके बचà¥à¤šà¥‡ का सिर बाहर निकलता है, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी नाक और मà¥à¤à¤¹ से à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक तरल पदारà¥à¤¥, रकà¥à¤¤, और बलगम को बाहर निकालेंगे। आप बचà¥à¤šà¥‡ के कंधों और बाकी के शरीर को बाहर निकालने के लिठदबाव देना और शिशॠको धकेलना जारी रखें। शिशॠका जनà¥à¤® होने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा को काट देते हैं।
चरण 3.
शिशॠको जनà¥à¤® देने के बाद, आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के अंतिम चरण में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं। इस चरण में, गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को निकाला जाता है। यह वह अंग होता है जो गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ को पोषण देता है।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ अलग होता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चरण में बिताठगठसमय की मातà¥à¤°à¤¾ अलग-अलग होती है। अगर यह आपकी पहली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ है तो पà¥à¤°à¤¸à¤µ आम तौर पर लगà¤à¤— 12 से 14 घंटे तक रहता है। आमतौर पर बाद के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कम समय लेती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कम करने के उपाय - Prasav pida kam karne ke upay in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा से राहत पहà¥à¤‚चाने के लिठकई पà¥à¤°à¤•ार के उपाय किये जा सकते हैं। दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठकिये जाने वाले उपाय, आपकी पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के चरण, आपके और आपके बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ आदि पर निरà¥à¤à¤° करते हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¥€ दवा है कि आप इस समय के लिठमानसिक रूप से तैयार रहें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर आप डिलीवरी से डरेंगी तो आप उस दौरान होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं या दरà¥à¤¦ से अनजान रहेंगी और दरà¥à¤¦ सहने के लिठबिलकà¥à¤² à¤à¥€ तैयार नहीं हो पाà¤à¤‚गी। आप दरà¥à¤¦ कम करने की दवा à¤à¥€ ले सकती हैं। यदि आप à¤à¤¯à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ हैं और आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है तो आपको किसी दवा की कम या हो सकता है ज़रूरत न ही पड़े।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है और इसके दरà¥à¤¦ से निपटने के दवा के अलावा à¤à¥€ कई तरीके हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकते हैं। दरà¥à¤¦ से निपटने के कà¥à¤› तरीके इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
रिलैकà¥à¤¸ होने की कोशिश करें।
जब à¤à¥€ à¤à¤‚ठन हो थोड़ा बहà¥à¤¤ टहलने की कोशिश करें।
अपनी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के हिसà¥à¤¸à¥‡ को चलायमान रखने के लिठहिलने डà¥à¤²à¤¨à¥‡ वाले काम करती रहें।
बाथटब, सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग पूल या शावर में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करके à¤à¥€ इसका उपचार किया जा सकता है।
अपने पति या किसी और से मालिश करवाà¤à¤‚।
मूतà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤— के लिठअधिक जाà¤à¤‚।
खà¥à¤¦ को संगीत, टेलीविजन या धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से विचलित करने की कोशिश करें।
आपके पति और रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° à¤à¥€ निमà¥à¤¨ चीज़ें करके दरà¥à¤¦ से निपटने में आपकी सहायता कर सकते हैं:
आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दूसरी ओर विचलित करने की कोशिश करके।
अपने साथी या रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° जो à¤à¥€ आपके पास हों, वो बचà¥à¤šà¥‡ को नीचे की ओर खिसकाने में आपकी मदद कर सकते हैं।
उनको गीला कपड़ा माथे पर रखने को कहें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जो कहा गया हो वो पेय पदारà¥à¤¥ और à¤à¥‹à¤œà¤¨ लें।
यदि आप चाहें तो मालिश करवा सकती हैं।
à¤à¤• के बाद दूसरी à¤à¤‚ठन होने के बीच बीच में आराम करने की कोशिश करें।
बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देना कोई ताकत या बहादà¥à¤°à¥€ की परीकà¥à¤·à¤¾ देना नहीं होता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दरà¥à¤¦ को मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤à¤µ किया जाने वाला सबसे तीवà¥à¤° दरà¥à¤¦ माना जाता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक और चिकितà¥à¤¸à¤•ीय तरीके हैं। चिकितà¥à¤¸à¤•ीय तरीकों में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚ आती हैं जो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से लेनी चाहिà¤à¥¤ इन दवाओं में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤¶à¤• और सेवन करने वाली दवाओं के अलावा, बेहोश करके या तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं को बà¥à¤²à¥‰à¤• करके (सà¥à¤¨à¥à¤¨ करके) या फिर à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल (Epidural: इसमें उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को सà¥à¤¨à¥à¤¨ कर दिया जाता है जहाठदरà¥à¤¦ हो रहा हो) आदि विधियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा को कम करने की कोशिश की जाती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कैसे लाये - Prasav pida kaise laye in hindi
जब डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की गयी तिथि तक पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा नहीं होती तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° दवाओं और इंजेकà¥à¤¶à¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से उसे उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ à¤à¥€ करते हैं। लेकिन इसे कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ किया जा सकता है जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
1. सेकà¥à¤¸ करने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, इसके पीछे तथà¥à¤¯ यह है कि महिला की कामोतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा को तो उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने में सहायक होती ही है साथ ही साथ वीरà¥à¤¯ में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डिंस à¤à¥€ योनि के संपरà¥à¤• में आ जाते हैं।
चेतावनी: यदि आपकी पानी की थैली फट चà¥à¤•ी है तो इस उपाय का सहारा न लें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• बार अगर à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ फट जाती है तो संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है।
2. सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की मालिश करें। निपà¥à¤ªà¤² में उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ होने से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ (Oxytocin) हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ सिकà¥à¤°à¥€à¤Ÿ होता है। जो मांसपेशियों में संकà¥à¤šà¤¨ या à¤à¤‚ठन शà¥à¤°à¥‚ करता है। पूरे दिन में 5 मिनट के लिठमालिश करें।
सà¥à¤¤à¤¨ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ से पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा नहीं शà¥à¤°à¥‚ होगी। लेकिन अगर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ परिपकà¥à¤µ हो गयी होगी तो यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तेज हो सकती है।
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मालिश न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने से अधिक à¤à¤‚ठन हो सकती है जो बहà¥à¤¤ तेज़ी से महसूस होती है।
3. थोड़ा टहलें। जब आप चलते हैं तो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को सांस लेने में और आसानी होती है। यदि आप पहले से ही à¤à¤‚ठन महसूस कर रही हैं तो आपको टहलने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने में माध मिल सकती है।
खà¥à¤¦ को थकने न दें। पà¥à¤°à¤¸à¤µ में शारीरिक मेहनत की ज़रूरत पड़ती है। अपनी ऊरà¥à¤œà¤¾ को बचाà¤à¤‚ ताकि पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥‚ होने से पहले ही आप निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ न हो जाà¤à¤‚।
4. सही जानकारी रखें। असल में पà¥à¤°à¤¸à¤µ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने को लेकर à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सारे मिथक होते हैं। लेकिन आपको कà¥à¤› उपाय नहीं करने चाहिà¤à¥¤ इस पà¥à¤°à¤•ार के उपाय कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
अरंडी का तेल, पेट संबंधी परेशानियों को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। इससे आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा नहीं होती बलà¥à¤•ि पेट से समà¥à¤¬à¤‚धित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से किसी पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤‚ठन नहीं होती। इसका कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ नहीं है।
कà¥à¤› जड़ी-बूटियां, जैसे कोहोश या ईवनिंग पà¥à¤°à¤¿à¤®à¤°à¥‹à¤œ तेल आदि उपयोग करने के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं हैं। और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की ही तरह काम करने वाले यौगिकों के साथ इन जड़ी-बूटियों का उपयोग वासà¥à¤¤à¤µ में हानिकारक हो सकता है। किसी à¤à¥€ हरà¥à¤¬à¤² सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का उपयोग करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
चिकितà¥à¤¸à¤•ीय तरीके:
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके à¤à¤• उंगली की सहायता से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार के चारों ओर से à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ हटा देते हैं, इसे à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ फट जाती है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ डॉकà¥à¤Ÿà¤° अपने कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• में ही कटे हैं। उसके बाद आप घर जा सकती हैं और पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने का इंतज़ार कर सकती हैं। इस बीच में आपको सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग आदि महसूस हो सकती है। इसलिठचिंता न करें। यदि यह रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को नरम करने के लिठदवा लें। यदि आपने अà¤à¥€ तक गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में किसी पà¥à¤°à¤•ार का परिवरà¥à¤¤à¤¨ अनà¥à¤à¤µ नहीं किया है तो अà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने में समय है, और डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको कà¥à¤› अलग दवाओं का सेवन करने के लिठà¤à¥€ कह सकते हैं। ये दवाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ आरंठकरने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की नकल करती हैं।
इसमें आपकी पानी की थैली फाड़ी जाती है। इसे à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤“टॉमी कहते हैं। जिसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° धीरे-धीरे à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली को à¤à¤• पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• हà¥à¤• की सहायता से तोड़ते हैं। यह आमतौर पर तà¤à¥€ किया जाता है जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ खà¥à¤²à¥€ हो और बचà¥à¤šà¤¾ उस जगह पर हो लेकिन आपकी पानी की थैली नहीं फट रही हो। आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके बचà¥à¤šà¥‡ के हृदय दर की जाà¤à¤š करते हैं और यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करते हैं कि आपको गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² की जटिलताओं का अनà¥à¤à¤µ तो नहीं हो रहा है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा की अवधि - Prasav pida ka time in hindi
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा की अवधि अलग अलग महिलाओं में अलग अलग होती है। यह कई कारकों पर निरà¥à¤à¤° करती है, सबसे पहले तो इसपर कि यह आपका पहला बचà¥à¤šà¤¾ है या इससे पहले à¤à¥€ आप माठबन चà¥à¤•ी हैं। आमतौर पर, पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ की अवधि 12-14 घंटे होती है, इसके बाद के पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤‚ की अवधि सात घंटे या उससे à¤à¥€ कम समय हो जाती है। कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ 24 घंटे या उससे अधिक समय के लिठà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हो सकती हैं, जबकि कà¥à¤› को केवल कà¥à¤› ही घंटों में पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो जाता है। हालांकि ये दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ असामानà¥à¤¯ हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ को तीन विशिषà¥à¤Ÿ चरणों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चरण à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय के लिठचलता है। नरà¥à¤¸ या दायी पूरे समय अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ इन तीनों चरणों में आपके साथ होगी, और आपका बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होने तक आपका मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ करेंगी। यदि आपकी अपनी कोई डॉकà¥à¤Ÿà¤° (रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ में या अनà¥à¤¯) हैं, या इस समय कोई आपके साथ रहना चाहता है, विशेषकर अगर समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं तो, वह आम तौर पर पहले चरण तक ही आपके साथ रह सकता है।
आपके पति को आपको शारीरिक और मानसिक रूप से समरà¥à¤¥à¤¨ देने के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान मौजूद होना चाहिठइससे à¤à¥€ काफी मदद मिलती है। वह आपको न केवल आराम देने और मालिश करने की कोशिश कर सकते हैं बलà¥à¤•ि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठज़रूरी वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं। साथ ही जब आवशà¥à¤¯à¤•ता हो वे असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ बातचीत करने और दवा आदि लाने में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं।
समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा और वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा में अंतर - Samay se pahle prasav pida aur vastvik prasav pida me antar
बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी और तीसरी तिमाही में अनà¥à¤à¤µ होते हैं। ये अनियमित à¤à¤‚ठन होती हैं जो आमतौर पर कम हो जाती है। जब वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥‚ होता है, तो संकà¥à¤šà¤¨ हलà¥à¤•े, अनियमित à¤à¤‚ठन के रूप में शà¥à¤°à¥‚ होता है जो समय के साथ नियमित और अधिक दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• हो जाते हैं। आप अपनी पीठया अपने ऊपरी और निचले पेट में इन à¤à¤‚ठन को महसूस कर सकती हैं। आप आमतौर पर à¤à¤‚ठन या संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान अपने बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियां महसूस नहीं कर सकतीं। संकà¥à¤šà¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ के सिर को नीचे की ओर धकेलते हैं। इससे धीरे धीरे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ खà¥à¤²à¤¤à¥€ है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा का आà¤à¤¾à¤¸ तब होता है जब आपको समान पà¥à¤°à¤•ार के ही दरà¥à¤¦ महसूस होते हैं, लेकिन उनसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ नहीं खà¥à¤²à¤¤à¥€ है। यह असली पà¥à¤°à¤¸à¤µ नहीं होता है, लेकिन यह दरà¥à¤¦ असली होता है। वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को फैलाता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ आमतौर पर à¤à¤• लंबी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। सबसे पहले होने वाले दरà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤•, कम या जलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के रूप में जाना जाने जाते हैं। यह चरण à¤à¤• या दो दिन तक रह सकते हैं या यह शà¥à¤°à¥‚ होकर फिर बंद हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ समय में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाà¤à¤‚ और इसमें बहà¥à¤¤ अधिक तरल पदारà¥à¤¥, विशेष रूप से पानी और शà¥à¤¦à¥à¤§ रस बिना अधिक चीनी डाले। आप नहा सकती हैं, टहल सकती हैं, लेकिन अपने आप को थकने न दें।
जब आपके संकà¥à¤šà¤¨ नियमित और तीवà¥à¤° होते हैं, और à¤à¤• से दो घंटे तक हर चार से पांच मिनट के लिठआते हैं, तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को फोन करना चाहिà¤à¥¤ वह आपसे कई पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पूछ सकती हैं। जो निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करेंगे कि ये असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने का वकà¥à¤¤ है या नहीं। असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में योनि परीकà¥à¤·à¤£ करके निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ फैली हà¥à¤ˆ है या नहीं। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ लगà¤à¤— 4 सेंटीमीटर तक फैली हà¥à¤ˆ होती है तो यह आपके पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय होता है और आपको फिर à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया जाà¤à¤—ा।
यदि आप जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ या अधिक बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मां बनने वाली हैं या अनà¥à¤¯ कोई जोखिम होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है और आपको लगता है कि आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। किसी à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बिना देरी किये डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤:
पानी की थैली का फटना।
योनि से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होना।
बचà¥à¤šà¥‡ गतिविधियां महसूस न होना।
चेहरे और हाथों में सूजन होना।
धà¥à¤‚धली दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¥¤
गंà¤à¥€à¤° सिरदरà¥à¤¦à¥¤
चकà¥à¤•र आना।
तीवà¥à¤° पेट दरà¥à¤¦à¥¤
अचानक वजन बà¥à¤¨à¥‡ पर।
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