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लू लगने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें
सबसे पहले मरीज को ठंडी और छायादार जगह में बिठाà¤à¤‚, कपड़े ढीले कर दें, पानी पिलाà¤à¤‚ और ठंडा कपड़ा उसके शरीर पर रखें। शरीर के तापमान को कम करने की कोशिश करें। लू लगने पर à¤à¤¸à¤¾ करना सबसे जरूरी है। लगातार तरल पदारà¥à¤¥ देकर उसके शरीर में पानी की कमी न होने दें। उसके हाथ-पैरों की हलà¥à¤•े हाथों से मालिश करें। तेल न लगाà¤à¤‚। नमक व चीनी मिला हà¥à¤† पानी, शरà¥à¤¬à¤¤ आदि दें। गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल में रà¥à¤ˆ à¤à¤¿à¤—ोकर आंखों पर रखें। फिर à¤à¥€ आराम न आठतो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
लू लगने पर खानपान
बेल या दूसरी तरह के शरà¥à¤¬à¤¤ और जौ का पानी दें। खिचड़ी ले सकते हैं। तलवों, हथेलियों व माथे पर चंदन का लेप और सिर पर मेहंदी लगाà¤à¤‚। बाहर का खाना न खाà¤à¤‚। घर में à¤à¥€ परांठा, पूड़ी-कचौड़ी आदि तला-à¤à¥à¤¨à¤¾ न खाà¤à¤‚। नीबू पानी और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² पीते रहें। शà¥à¤—र के मरीज बिना चीनी का शरà¥à¤¬à¤¤ और ठंडाई लें। आधा दूध और आधा पानी मिलाकर लसà¥à¤¸à¥€ पीà¤à¤‚।
ये घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े आजमाà¤à¤‚
- सौंफ का रस छह छोटे चमà¥à¤®à¤š, दो बूंद पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ का रस और दो चमà¥à¤®à¤š गà¥à¤²à¥‚कोज पाउडर करीब à¤à¤•-à¤à¤• घंटे बाद देते रहें।
- जटा वाले नारियल की गिरी को पीसकर दूध निकाल लें। उसे काले जीरे के साथ पीसकर शरीर पर पैक की तरह लगाà¤à¤‚।
- नीम का पंचांग लेकर उसके 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® चूरà¥à¤£ में 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर à¤à¤•-à¤à¤• घंटे बाद पानी से दें।
- ताजे पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस को छाती पर मलने से à¤à¥€ लू का असर कम होता है।
- à¤à¤• à¤à¥à¤¨à¥‡ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ और à¤à¤• बिना à¤à¥à¤¨à¥‡ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को साथ में महीन पीस लें। उसमें 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® जीरे का चूरà¥à¤£ और 20 गà¥à¤°à¤¾à¤® मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर मरीज को दिन में à¤à¤• बार दें।
- गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को जेब में रखने से लू नहीं लगती कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसमें पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ होती है। पानी न मिलने पर उसे ही चूस लें।
- कचà¥à¤šà¥‡ आम को à¤à¥‚नकर, पानी में मसलकर, छानकर उसमें सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° चीनी और जीरा मिलाकर रोज लेने से लू लगने का खतरा कम हो जाता है।
- पकी हà¥à¤ˆ इमली को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी में घोलकर कपड़े से छान लें। उस कपड़े को मरीज के चेहरे पर ओढ़ा दें और उस पर थोड़ा-थोड़ा इमली का पानी छिड़कते रहें। बेहोशी दूर हो जाà¤à¤—ी। इस रस को मरीज के हाथ-पैरों और माथे पर à¤à¥€ मल देना चाहिà¤à¥¤
- आंवले का चूरà¥à¤£ à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤®, मीठा सोडा आधा गà¥à¤°à¤¾à¤® और तीन गà¥à¤°à¤¾à¤® मिशà¥à¤°à¥€ को सौंफ के रस के साथ मरीज को दें।
- पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ के करीब 30-40 पतà¥à¤¤à¥‡ लेकर, दो गà¥à¤°à¤¾à¤® जीरा और दो लौंग को पीसकर आधे गिलास पानी में मिलाकर मरीज को हर चार घंटे बाद पिलाà¤à¤‚।
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