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Heat Stroke: गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में 'लू' लगने पर दिखते हैं ये 6 लकà¥à¤·à¤£, जानें कारण और बचाव
गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में लू लगना à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है लेकिन यह समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° रूप à¤à¥€ ले सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में जाने लू लगने के लकà¥à¤·à¤£, कारण और बचाव.
जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ लंबे समय तक गरà¥à¤® तापमान में रहता है तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लू (heat stroke) लग जाती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का शरीर अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤® हो जाता है। इसके अलावा जो लोग अधिक गरà¥à¤® तापमान में काम करते हैं या जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परिशà¥à¤°à¤® करते हैं तब à¤à¥€ इस तरह की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हो जाती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का समय पर इलाज करना जरूरी है। अकà¥à¤¸à¤° इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में देखने को मिलती है। जब यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है और समय पर इलाज या उपचार नहीं हो पाता है तो इसका असर मांसपेशियों, दिल, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, दिमाग आदि पर पड़ता है। आज का हमारा लेख न केवल लू लगने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर है बलà¥à¤•ि आज हम आपको अपने इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से बताà¤à¤‚गे कि लू लगने के कारण (what causes heat stroke) और बचाव (heat stroke treatment) à¤à¥€ कà¥à¤¯à¤¾ हैं।
लू लगने के कारण (heat stroke causes)
लू लगने के पीछे निमà¥à¤¨ कारण होते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं-
1 - जो लोग गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में कम पानी पीते हैं या जिनके शरीर में पानी की कमी हो जाती है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सबसे जलà¥à¤¦à¥€ लू लगती है।
2 - जैसे कि हमने पहले à¤à¥€ बताया कि जो लोग अधिक समय तक धूप में या गà¥à¤°à¤® वातावरण में रहते हैं à¤à¤¸à¥‡ लोग लू की चपेट में जलà¥à¤¦à¥€ आते हैं।
3 - गरà¥à¤®à¥€ मौसम में जो लोग गरà¥à¤® कपड़े पहनते हैं उन लोगों को अधिक पसीना आता है और पसीना गरà¥à¤® कपड़ों के कारण à¤à¤¾à¤ª बनकर नहीं उड़ता और उनका शरीर ठंडा à¤à¥€ नहीं हो पाता। à¤à¤¸à¥‡ लोग à¤à¥€ लू के शिकार हो जाते हैं।
4 - बता दें कि जो लोग शराब का सेवन करते हैं उनका शरीर तापमान को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाता, जिसकी वजह से लू लगने के खतरा की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
5 - जो लोग गरà¥à¤® वातावरण में अधिक परिशà¥à¤°à¤® करते हैं उन लोगों को à¤à¥€ लू लग सकती है।
6 - गरà¥à¤®à¥€ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ या वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से à¤à¥€ लोग की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है।
7 - जो लोग कà¤à¥€ ठंडा कà¤à¥€ गरà¥à¤® वातावरण में काम करते हैं उन लोगों में à¤à¥€ लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
लू लगने के लकà¥à¤·à¤£ (heat stroke causes)
लू लगने पर निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ नजर आते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार है-
1 - जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लू लगती है तो उसके पेट में गड़बड़ होने लगती है और उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ यां मतली का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है।
2 - लू लगने पर चेहरे का रंग लाल हो जाता है।
3 - लू लगने पर दिल की धड़कने तेजी से बढ़ने लगती हैं और आपके दिल पर तनाव बढ़ने लगता है।
4 - लू लगने पर कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सिर में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है।
5 - जब शरीर में 104 डिगà¥à¤°à¥€ या उससे अधिक तापमान होता है तो लू लगने के संकेत होते हैं।
6 - लू लगने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ तेज गति से सांस लेता है।
अगर आप लोगों से बचना चाहते हैं तो नीचे दिठनिमà¥à¤¨ तरीकों को अपनाà¤à¤‚-
1 - पानी का सेवन
गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में शरीर को तर रखना जरूरी है। à¤à¤¸à¥‡ में अधिक से अधिक पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें। शरीर अगर आपका हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहेगा तो शरीर से अधिक पसीना आà¤à¤—ा, जिसके कारण सामानà¥à¤¯ तापमान बना रहेगा।
2 - ढीले कपड़े पहनना
गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में ढ़ीले कपड़े पहनने के साथ-साथ सूती कपड़े पहनें। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपका शरीर ठंडा रहेगा और सूती कपड़ों से आपका पसीना à¤à¥€ सूखता रहेगा।
3 - जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत करने वाले काम से बचें
अगर दिन में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ है तो उस दिन कठोर गतिविधियों से बचना जरूरी है और समय-समय पर ठंडी जगह पर आराम करते रहें। à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को अधिक धूप में ना करने के बजाय आप शाम में या रात में à¤à¥€ कर सकते हैं।
4 - दवाओं के साथ सावधानी
अगर आप दवाइयों का सेवन करते हैं तो बता दें कि à¤à¤¸à¤¾ करने से शरीर में गरà¥à¤®à¥€ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में उन दवाओं को लेते समय सावधानी बरतें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समय-समय पर जांच करवाते रहें।
लू लगने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› परीकà¥à¤·à¤£ करते हैं जैसे रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£à¥¤ इसे करने की सलाह डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसलिठदेते हैं जिससे कि वे बà¥à¤²à¤¡ में सोडियम या पोटेशियम की मातà¥à¤°à¤¾ को जांच सकें। इसके अलावा वह मूतà¥à¤° परीकà¥à¤·à¤£ की à¤à¥€ सलाह देते हैं, जिससे वह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की जांच कर सकें और पेशाब के रंग को समठसकें। इसके अलावा डॉ. मांसपेशियों के कारà¥à¤¯ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का पता लगाने के लिठà¤à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ करने की सलाह देते हैं। à¤à¤•à¥à¤¸-रे के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ अनà¥à¤¯ अंगों का पता लगाते हैं।
जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लू लग जाती है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बरà¥à¤« के पानी से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर ठंडे पानी का छिड़काव करना à¤à¥€ सही ।है तà¥à¤µà¤šà¤¾ को ठंडा करना बेहद जरूरी होता है à¤à¤¸à¥‡ में ठंडे कंबल से लपेटे और बरà¥à¤« को पेट और जांघ के बीच, गरà¥à¤¦à¤¨, पीठ, बगल आदि में रखें। यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना आपकी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है कि बà¥à¤²à¤¡ का टेंपरेचर तेजी से कम हो रहा है या नहीं। इसके अलावा डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर आप मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाओं का सेवन कर सकते हैं।
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