लिवर की बीमारी कितनी गंभीर है?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 17:20

Liver Diseases: लिवर से संबंधित इन 6 गंभीर बीमारियों को ना करें नजरअंदाज, दिखें ये लक्षण तो जरूर करें डॉक्टर से संपर्क

Liver Diseases Symptoms in Hindi: शरीर में लिवर एक महत्वपूर्ण और दूसरा सबसे बड़ा अंग होता है। लिवर कई जरूरी काम करता है जैसे रक्त को साफ करना, फैट को अन्य ऊतकों में संचारित करना, पाचनतंत्र बेहतर बनाना, शरीर को संक्रमण से बचाना, शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना, प्रोटीन का उत्पादन करना आदि। लिवर अस्वस्थ हुआ तो आप कई गंभीर रोगों के शिकार हो सकते हैं। आज की खराब लाइफस्टाइल, उल्टा-सीधा खाने-पीने की आदतों का नकारात्मक असर लिवर पर पड़ता है। लिवर की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। भारत में हर साल लिवर रोग से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अक्सर, लिवर से संबंधित रोगों के लक्षण लोगों को जल्दी नजर नहीं आते। लिवर रोग कई तरह के होते हैं, जो अंदर ही अंदर आपके लिवर को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। ऐसे में पेट के दाईं तरफ होने वाली किसी भी दर्द या समस्या को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। लिवर डिजीज (Liver Disease) का इलाज सही समय पर शुरू हो जाए, तो लिवर ट्रांसप्लांट करवाने की नौबत नहीं आती है। जानें, लिवर से संबंधित कुछ गंभीर रोगों (Liver Diseases in Hindi) के बारे में यहां...

फैटी लिवर (Fatty Liver Disease)
फैटी लिवर एक मेटाबॉलिक सिंड्रोम है, जो कई समस्याओं के कारण होता है, जैसे कि ब्लड प्रेशर, हाई बल्ड शुगर, मोटापा, असंतुलित कोलेस्ट्रॉल स्तर आदि। फैटी लिवर, लिवर में अतिरिक्त वसा के जमने से होता है। कई मरीजों में इस बीमारी के लक्षण नजर नहीं आते हैं। अक्सर इसके लक्षण तब नजर आने शुरू होते हैं, जब लिवर संबंधी बीमारी बढ़ने लगती है। फैटी लिवर के लक्षणों में भूख न लगना, थकान, पीलिया और छोटी चोट में भी ब्लीडिंग आदि शामिल हैं। लिवर में जमा हुआ वसा लिवर को बुरी तरह नुकसान पहुंचाता है। इलाज नहीं कराने पर सिरोसिस (Cirrhosis) हो सकता है। फैटी लिवर का इलाज न किया जाए, तो लिवर को पूरी तरह से डैमज करने के साथ ही लिवर कैंसर (Liver cancer) का भी कारण बनता है।
लिवर कैंसर (Liver cancer)
लिवर में जब असामान्य रूप से कैंसर की कोशिकाएं बढ़ने लगें, तो लिवर कैंसर होने की पूरी संभावना होती है। लिवर कैंसर कई तरह के हो सकते हैं, जिसका इलाज ना करवाया जाए तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

हेपेटाइटिस (Hepatitis)

हेपेटाइटिस यानी लिवर में सूजन। इन्फ्लेमेशन अक्सर किसी बैक्टीरिया, वायरस, ज्यादा शराब के सेवन, नशीली दवाओं के सेवन या ऑटोइम्यून डिजीज (liver rog ke lakshan in hindi) की वजह से हो सकता है। हेपेटाइटिस तब होता है, जब लिवर में वायरस का हमला होता है। हेपेटाइटिस के संक्रमण से निपटने का सबसे कारगर तरीका इसके लक्षणों को पहचानना है। लक्षणों को समझकर सही समय पर इसकी जांच जान बचा सकती है। हेपेटाइटिस वायरस के मुख्य रूप से पांच प्रकार होते हैं, जैसे हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी, ई। हेपेटाइटिस बी, सी अधिक खतरनाक होता है। संक्रमित सुई, असुरक्षित यौन संबंध के कारण यह होता है। हेपेटाइटिस ए और ई संक्रमित भोजन, पानी से फैलता है। हेपेटाइटिस का इलाज नहीं करवाएं तो लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर, लिवर कैंसर आदि के होने का खतरा रहता है।
लिवर में सूजन (Liver inflammation)

इस अंग यानी लिवर में सूजन होना भी आज कॉमन समस्या होती जा रही है। दरअसल, आजकल लोगों के खानपान की आदत इतनी खराब हो गई है, जिससे सूजन की समस्या होती है। जंक फूड्स, बाहर का खाना, अधिक तला-भुना, मसालेदार खाना लिवर में सूजन उत्तपन्न कर सकता है। लिवर में सूजन होने पर पेट साफ नहीं होता है।
लिवर सिरोसिस (liver cirrhosis in hindi)

गलत खानपान के कारण लिवर सिरोसिस की बीमारी हो सकती है। यह एक संक्रामक बिमारी है, जो हेपेटाइटिस सी और बी के कारण भी होती है। संक्रमित व्यक्ति को लगाई गई सुई किसी को लगा दी जाए, तो उसे भी लिवर सिरोसिस हो सकता है। लिवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस ‘सी’ और ‘बी’ से संक्रमित व्यक्ति से संभलकर मिलना चाहिए। लिवर सिरोसिस के लक्षणों (Symptoms of liver cirrhosis in hindi) में थकान, कमजोरी महसूस करना, भूख व नींद में कमी, वजन कम होना, लिवर की जगह तीव्र पेट दर्द होना, जी मिचलाना, उल्टी होना, खुजलीदार त्वचा आदि शामिल हैं। गंभीर लक्षणों में हृदय गति का तेज होना, मांसपेशियों में ऐंठन, भ्रम, चक्कर आना, त्वचा का पीला होना, आंखें सफेद होना, याद्दाश्त संबंधित समस्याएं, लो सेक्स ड्राइव, बुखार लगातार होना (Liver Diseases Symptoms in Hindi) आदि शामिल हैं। लिवर सिरोसिस का इलाज ना कराया जाए, लिवर कैंसर (Liver cancer) होने की आशंका बढ़ जाती है।


पीलिया (jaundice)

पीलिया से भारत में प्रत्येक साल लाखों लोग पीड़ित होते हैं। पीलिया बीमारी भी लिवर में समस्या (Liver Diseases Symptoms in Hindi) होने से ही होती है। यह भी लिवर रोग से ही संबंधित होता है। पीलिया होने पर व्यक्ति की आंखें, नाखून, त्वचा सभी पीले नजर आते हैं। जन्म के समय अधिकतर शिशुओं को पीलिया रोग होता है, लेकिन गंभीर रूप से पीलिया होने पर इसका इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है। इलाज नहीं करवाएंगे तो शिशु की मौत भी हो सकती है। पीलिया होने पर शरीर काफी कमजोर हो जाता है।

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