Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
लिवर डैमेज का à¤à¤²à¤à¤«à¤Ÿà¥€ से à¤à¥€ नहीं चलता पता: दिलावरी
लिवरकी हालत जांचने के लिठकिया जाने वाला लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤‚ग टेसà¥à¤Ÿ (à¤à¤²à¤à¤«à¤Ÿà¥€) से à¤à¥€ इस बात की गांरटी नहीं रहती कि लिवर कितना खराब है। लिवर के 70 फीसदी डैमेज होने तक डॉकà¥à¤Ÿà¤° और मरीज को ये पता ही नहीं चलता कि कराण कà¥à¤¯à¤¾ रहा है। अगर 70 फीसदी लिवर डैमेज होने पर à¤à¥€ पता चल जाठतो लिवर को आगे डैमेज होने से बचाया जा सकता है। इन हालात का सामना करने से बचने के लिठजरूरी है कि लिवर को हो रहे नà¥à¤•सान के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को समय पर पहचाना जा सके। ये बात मैकà¥à¤¸ सà¥à¤ªà¤° सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के हेड पà¥à¤°à¥‹. डॉ. जेबी दिलावरी ने कही। दिलावरी ने बताया कि लिवर की बीमारी का पता चलने के बाद मरीज के इलाज की कà¥à¤²à¥‹à¤œ मॉनिटरिंग की जरूरत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मरीज की तरफ से मामूली सी चूक à¤à¥€ मरीज के लिवर को पूरी तरह डैमेज कर सकती है।
लिवरके शरीर में 500 फंकà¥à¤¶à¤¨: डॉ.दिलावरी ने बताया कि लिवर इंसान के शरीर में 500 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरह के काम करता है। लेकिन लिवर की सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरत खाने को हजम करने, खून साफ करने, इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने और इंसान के शरीर के लिठà¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करना है। लिवर इंसान के जिसà¥à¤® के अंदर फूड, विटामिन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और मिनरल को सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करके जरूरत के वकà¥à¤¤ इंसान को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ देता है। लिवर शरीर के अंदर कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ को गà¥à¤²à¥‚कोज में बदलने का काम à¤à¥€ करना है। लेकिन अगर लिवर खराब होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाठतो इंसान में कई तरह की बीमारियां शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। आम तौर पर लिवर खराब होने का सबसे बड़ा कारण शराब पीना है। फिर जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन, डायबिटीज, हेपाटाइटिस बी और सी से à¤à¥€ लिवर खराब होता है।
} 20परसेंेटसैल शरीर के बाहर से होते हैं रिवाइव
} 70%लिवर डैमेज होने के बाद चलता है पतालाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और दूसरे कारणों से लगà¤à¤— 50 फीसदी लोगों के लिवर खराब होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती हैं। इसलिठलिवर खराब होने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पहचानने के बाद चेकअप बहà¥à¤¤ जरूरी है। पीलिया, बार बार डायरिया, वजन कम होना, थकान, डारà¥à¤• रंग का यूरिन और पेट के राइट साइड में ऊपर की तरफ दरà¥à¤¦ होना लिवर में कोई पà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤²à¤® शà¥à¤°à¥‚ होने की लकà¥à¤·à¤£ है। इसलिठलिवर की à¤à¤²à¤à¤«à¤Ÿà¥€ से अलग फाइबà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤•ेनिंग करके पता लगाया जा सकता है कि लिवर में कà¥à¤¯à¤¾ और कितनी पà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤²à¤® है। इसके बाद लिवर को आगे खराब होने से बचाया जा सकता है। डॉ. दिलावरी ने कहा कि लिवर खराब होने का सबसे बड़ा कारण शराब पीना है।गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ यानी पेट की बीमारी से पीड़ित मरीजों में से 80 फीसदी मरीजों को लिवर की कोई पà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤²à¤® जरूर होती है। डॉ. संजीव नंदकरà¥à¤£à¥€ ने बताया कि 70 फीसदी लिवर खराब होने पर मरीज के लिवर के 20 फीसदी सैल तो बाहर से मदद करके रिवाइव किठजा सकते हैं। लेकिन बाकी सैल तो मरीज के अंदर खराब लिवर से खà¥à¤¦ ही ठीक होंगे। इसलिठजरूरी है कि लिवर के इलाज के समय मरीज को जरूरी à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतना जरूरी है।
| --------------------------- | --------------------------- |