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à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट लिवर फेलियर के होने पर दिखते हैं ये लकà¥à¤·à¤£, बचाव के लिठइन टिपà¥à¤¸ को अपनाà¤à¤‚
कई रिसरà¥à¤š में सामने आया है कि à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट लिवर फेलियर ( acute liver failure ) की बीमारी 18 साल की उमà¥à¤° तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती है. à¤à¤²à¥‡ ही इससे कम लोग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ हो, लेकिन ये किसी जानलेवा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से कम नहीं है. हम आपको इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के टिपà¥à¤¸ बताने जा रहे हैं.
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जानें à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट लिवर फेलियर से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ लकà¥à¤·à¤£
डायबिटीज, हाई बीपी, फैटी लीवर जैसी गंà¤à¥€à¤° बीमारियों से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होना आजकल आम हो गया है. इनके पीछे आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवनशैली, ( bad lifestyle ) असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खानपान और शराब का अधिक सेवन अहम कारण हो सकते हैं. यहां हम लिवर पर पड़ने वाले पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ की बात करने जा रहे हैं. लिवर हमारे शरीर का वो अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंग है, जो अगर à¤à¤• बार फेल हो जाà¤, तो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जानलेवा बन जाती है. फैटी लिवर ( Fatty liver ) ही नहीं आजकल लोगों को à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट लिवर फेलियर की पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® à¤à¥€ होने लगी है. हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का मानना है कि जिन लोगों में हेपेटाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट लिवर फेलियर ( Acute liver failure ) हो सकता है.
कई रिसरà¥à¤š में सामने आया है कि ये बीमारी 18 साल की उमà¥à¤° तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती है. à¤à¤²à¥‡ ही इससे कम लोग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ हो, लेकिन ये किसी जानलेवा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से कम नहीं है. हम आपको इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के टिपà¥à¤¸ बताने जा रहे हैं.
कà¥à¤¯à¤¾ होता है à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट लिवर फेलियर
इस बीमारी के होने पर लिवर की कारà¥à¤¯ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है. इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ रोगी के लिवर की कोशिकाà¤à¤‚ धीरे-धीरे खतà¥à¤® होने लगती हैं और à¤à¤• समय पर लिवर काम करना बंद कर देता है. à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• ये बीमारी पहली बार होती है और इसके होने पर पीड़ित को इलाज के लिठतà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ले जाना चाहिà¤. इलाज में देरी या लापरवाही की वजह से मरीज की जान à¤à¥€ जा सकती है.
इसके लकà¥à¤·à¤£
1. आंखों में पीलेपन का आना.
2. बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग
3. बीमारी अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाà¤, तो मरीज को सामानà¥à¤¯ के बजाय खून की उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ हो सकती है.
4. मतली
5. शरीर में कमजोरी और à¤à¥à¤°à¤® का पैदा होना.
6. सांस का फूलना और पेट में अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का होना
बचाव के तरीके
तà¥à¤°à¤‚त इलाज: इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हà¥à¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बिना देरी किठतà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ले जाना चाहिà¤. जरा सी à¤à¥€ देरी जानलेवा साबित हो सकती है. साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का ठीक से पालन करना बहà¥à¤¤ जरूरी है.
खानपान में बदलाव: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में ये बीमारी 18 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अपनी चपेट में ले लेती है. बचà¥à¤šà¥‡ ही कà¥à¤¯à¤¾ बड़े à¤à¥€ à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट लिवर फेलियर से खà¥à¤¦ को बचाना चाहते हैं, तो इसके लिठखानपान में बदलाव करना बहà¥à¤¤ जरूरी है. खानपान के अलावा आपको à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना चाहिà¤. इसके लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ, रनिंग या फिर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें. धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी à¤à¥€ पीना है.
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