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हम सà¤à¥€ मूली के पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ बारे में जानते हैं। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं, मूली के बीज à¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं और कà¥à¤› देशों में à¤à¤• लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के रूप में उपयोग किये जाते हैं।मूली के बीज में विटामिन सी, फोलेट, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, मैंगनीज, कॉपर और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जैसे पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं। साथ ही इन बीजों में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और लिनोलेइक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, लिनोलेनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, à¤à¤°à¥à¤¯à¥‚सिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ व सिनपिन जैसे कई ऑरà¥à¤—ेनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (कारà¥à¤¬à¤¨à¤¿à¤• अमà¥à¤²) à¤à¥€ होते हैं। à¤à¤• कप मूली के बीज में केवल 16 कैलोरी होती हैं।
कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निपटने के लिठसैकड़ों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से मूली के बीजों का उपयोग किया जा रहा है। ये बीज अपच को ठीक करने, थकान को कम करने के साथ-साथ रकà¥à¤¤ और शरीर को शà¥à¤¦à¥à¤§ करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, इनका उपयोग माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ का सिरदरà¥à¤¦, गले में दरà¥à¤¦, à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾, बंद नाक और हैंगओवर का इलाज करने के लिठà¤à¥€ किया जा सकता है।
ये बीज पेट फूलना, डायबिटीज, मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से और सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤ˆà¤Ÿ के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤•ारी होते हैं। मूली के बीज इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को मजबूत करने के साथ साथ किडनी के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में à¤à¥€ मदद करते हैं। मूली के बीज के तेल को डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ और कà¥à¤°à¥ˆà¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नरम करने के लिठउपयोग किया जाता है। तो चलिठमूली के लाà¤à¥‹à¤‚ के बारे इस लेख में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं:
विटामिन बी और विटामिन सी के साथ साथ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ खनिज पदारà¥à¤¥ और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट में परिपूरà¥à¤£ होने के कारण, ये बीज ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ तनाव को कम करके तà¥à¤µà¤šà¤¾ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद करते हैं। यह कà¥à¤°à¥ˆà¤• और डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ सà¥à¤•िन से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने में मदद कर सकते हैं। और साथ ही फाइन लाइनà¥à¤¸ और à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में लाà¤à¤•ारी पाया गया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤, मूली के बीज का उपयोग तà¥à¤µà¤šà¤¾ को मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ करने के लिठà¤à¥€ किया जाता है।
मूली के बीज में पाठजाने वाले कà¥à¤› फà¥à¤²à¥ˆà¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ आपके कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤µà¥ˆà¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¤° सिसà¥à¤Ÿà¤® को हृदय रोगों से बचाने और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियतà¥à¤°à¤¿à¤‚त रखने में मदद कर सकते हैं। इन बीजों के सेवन से हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, दिल का दौरा और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा कम हो जाता है।
इसके अलावा मूली के बीज में पोटैशियम पाया जाता है जो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के सà¥à¤¤à¤° को कम करने के लिठअचà¥à¤›à¥€ तरह से कारà¥à¤¯ करता है। पोटेशियम रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को चौड़ा ,करने के साथ साथ रकà¥à¤¤ परिसंचरण को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ करता है। इसलिठहाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिà¤, आपको नियमित रूप से मूली के बीजों का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
मूली के बीज में पाठजाने वाले खनिजों में से à¤à¤• है कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®à¥¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® हडà¥à¤¡à¥€ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ ही लाà¤à¤•ारी ततà¥à¤µ होता है जो ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के खतरे को रोकने में मदद करता है। इन बीजों में फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, मैंगनीज और कॉपर जैसे ततà¥à¤µ हडà¥à¤¡à¥€ खनिज घनतà¥à¤µ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने के लिठलाà¤à¤•ारी होते हैं।
मूली के बीजों का नियमित उपयोग हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत करने के लिठबहà¥à¤¤ ही लाà¤à¤•ारी होता है। साथ ही हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¥€ परेशानियों को दूर करने में à¤à¥€ मदद करता है।
सदियों से, मूली के बीजों को मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिà¤, पारंपरिक घरेलू उपाय के रूप में उपयोग किया जा रहा है।ये किडनी में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤²à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (पथरी के रूप में जमने वाला ततà¥à¤µ) और अनà¥à¤¯ पथरियों को तोड़ने में मदद कर सकते हैं। साथ ही नियमित रूप से किडनी को साफ रखने में मदद करते हैं। इसलिठमूली के बीज का सेवन गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पतà¥à¤¥à¤°à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा, मूली मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को साफ करने के साथ-साथ इसके कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥ रूप से चलाने में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ उपयोगी हो सकती है। इन बीजों के सेवन से दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ का इलाज à¤à¥€ किया जा सकता है।
जिस पà¥à¤°à¤•ार से ये बीज किडनी के लिठलाà¤à¤•ारी होते हैं, उसी तरह लिवर के कारà¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ ये बीज लाà¤à¤•ारी होते हैं। इसके अलावा आपके रकà¥à¤¤ में से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मदद करते हैं। लिवर के माधà¥à¤¯à¤® से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकाला जाता है। à¤à¤• रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मूली के बीज में कà¥à¤› सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ ततà¥à¤µ होते हैं जो लिवर फिलà¥à¤Ÿà¤° में रूकावट को दूर करने, समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और चयापचय के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद कर सकते हैं।
अनà¥à¤¯ बीजों की तरह, मूली के बीज में à¤à¥€ आहार फाइबर à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो पाचन को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और बेहतर रखने के लिठसबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। यह ना केवल आंतों के सिसà¥à¤Ÿà¤® को नियमित रखता है बलà¥à¤•ि दसà¥à¤¤ को à¤à¥€ रोकता है। साथ ही पेरिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤²à¥à¤Ÿà¤¿à¤• गति को à¤à¥€ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद कर सकता है, जो नियमित रूप से आसानी से आंत के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥‹à¤œà¤¨ को आगे à¤à¥‡à¤œà¤¤à¥€ है। आहार फाइबर कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम कर सकता है और बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है।
मूली फाइबर का à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसमें सूजन को कम करने वाले गà¥à¤£ होते हैं जो आपके पाचन तंतà¥à¤° को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखते हैं। मूली के बीज अपच और आंतों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कम करने में सहायता करते हैं।
कैंसर के खतरे से बचने के लिठमूली के बीज सबसे अचà¥à¤›à¥‡ तरीकों में से à¤à¤• हैं। à¤à¤• रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मूली के बीज कई पà¥à¤°à¤•ार के कैंसर जैसे कोलन, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, मौखिक, आंत और पेट के कैंसर आदि से बचाने में मदद कर सकते हैं।
ये बीज फà¥à¤²à¥ˆà¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ और अनà¥à¤¯ पॉलीफेनोलिक à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, मà¥à¤•à¥à¤¤ कणों को खतà¥à¤® करते हैं। फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और विटामिन सी से परिपूरà¥à¤£ बीज ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ तनाव को धीमा करने और सेलà¥à¤²à¤° उतà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ को रोकने में à¤à¥€ मदद करते हैं।
मूली के बीज फà¥à¤²à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं जो कई हृदय की बीमारियों को कम करने में मदद करते हैं। मूली के बीज का नियमित उपयोग धमनी को कठोर होने से रोकने में मदद करता है। इसके अलावा मूली के बीज का सेवन दिल के दौरे के खतरे को à¤à¥€ कम करता है। इसलिठआपको अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में इन बीजों का सेवन जरूर करना चाहिà¤à¥¤
मूली के बीज पीलिये का इलाज करने के लिठबहà¥à¤¤ ही लाà¤à¤•ारी होते हैं। मूली के बीज के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक गà¥à¤£, बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ को हटाकर इस समसà¥à¤¯à¤¾ को रोकने में मदद करते हैं। इसके अलावा, मूली के बीज का उपयोग ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के साथ साथ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ किया जाता है।
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