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नमक को लेकर à¤à¤• और गलतफहमी यह रहती है कि कई लोग सेंधा नमक को बेहतर कहते हैं तो कà¥à¤› काले नमक को। वैसे सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सफेद यानी समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ नमक होता है, जिसमें आयोडीन à¤à¥€ ऊपर से मिलाया जाता है। यह असल में हलà¥à¤•ा à¤à¥‚रा होता है, लेकिन हम तक यह केमिकल आदि से रिफाइन होकर दूधिया सफेद रूप में पहà¥à¤‚चता है, जैसा कि अमूमन चीनी को à¤à¥€ किया जाता है। इसके दाने इतने बारीक होते हैं कि यह हà¥à¤°à¥à¤° से पैकिट से डिबà¥à¤¬à¥‡ में चला जाता है।
नमक कम ही अचà¥à¤›à¤¾
NaCl (सोडियम कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡) ही वह कंपाउंड है जो नमक को नमक बनाता है। यह सोडियम कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ शरीर के लिठजरूरी है। खासकर इसमें मौजूद सोडियम की जरूरत हमारे शरीर को बहà¥à¤¤ होती है। लेकिन इसकी जरूरत काफी कम मातà¥à¤°à¤¾ में होती है।
à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ औसतन 11 गà¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¤• दिन में करता है यानी जितना जरूरी है उससे दोगà¥à¤¨à¤¾à¥¤ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° देशों से हम जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक खा रहे हैं। यही कारण है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में करीब 70 फीसदी लोग बीपी को à¤à¥‡à¤² रहे हैं। उनमें से 40 फीसदी को पता ही नहीं है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बीपी है। इसलिठहर इंसान को हर महीने में 1 बार अपनी बीपी चेक कराना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि सिरà¥à¤« जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक खाने से ही हाई बीपी, हारà¥à¤Ÿ या किडनी आदि की बीमारी हो जाती है। इसके लिठदूसरे कारक à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकते हैं, लेकिन नमक à¤à¥€ à¤à¤• बड़ा कारक हो सकता है।
WHO (वरà¥à¤²à¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ ऑरà¥à¤—ेनाइजेशन) ने लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखा है कि 2025 तक नमक का उपयोग खानपान में 30 फीसदी तक कम किया जाना चाहिà¤à¥¤ इससे लोगों की बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ और हारà¥à¤Ÿ की परेशानी में काफी हद तक कम हो सकती है।
सॉलà¥à¤Ÿ के 7 सूतà¥à¤°
नमक को à¤à¥‹à¤œà¤¨ से गायब नहीं करना है, लेकिन कम जरूर करना है। 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® यानी à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š नमक हर दिन के लिठकाफी है। हर दिन के सामानà¥à¤¯ खाने: चावल/रोटी, दाल और सबà¥à¤œà¥€ में ऊपर से बिना डाले कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ तौर पर (ऊपर से नमक डाले बिना) करीब 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® नमक मौजूद होता है।
लोग यह समà¤à¤¤à¥‡ हैं कि सेंधा नमक खाना सेहत के लिठफायदेमंद है जबकि à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। नमक कोई à¤à¥€ लगातार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाà¤à¤‚गे तो परेशानी जरूर होगी। सà¤à¥€ में 90 फीसदी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोडियम कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ (NaCl) है। हां, सेंधा नमक में दूसरे मिनरलà¥à¤¸ की मौजूदगी à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
किसी à¤à¥€ नमक को किसी मेटल जैसे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤²à¥‡à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥€à¤² आदि बरà¥à¤¤à¤¨ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° न करें। नमक मेटल के साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर हानिकारक रसायन बना सकता है। इसके लिठशीशे का जार या अचà¥à¤›à¥€ कà¥à¤µà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ का पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• कंटेनर बेहतर विकलà¥à¤ª है।
शरीर में अगर सोडियम (नमक) कमी हो जाठतो बहà¥à¤¤ परेशानी है, खासकर बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को। मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। वहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेने पर बीपी की परेशानी बढ़ जाती है। इसलिठनमक को सही मातà¥à¤°à¤¾ में लेना जरूरी है। हमें अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कम नमक खाने की आदत अà¤à¥€ से देनी चाहिà¤à¥¤
अगर किसी की फैमिली में बीपी, किडनी, हारà¥à¤Ÿ आदि बीमारी की हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ रही है तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नमक कम ही खाना चाहिà¤à¥¤ खासकर बाहर के पैकà¥à¤¡ फूड, चाहे वह जूस ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो।
अगर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना निकला हो या फिर लू लग जाठतो कई बार शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है। à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पानी में नमक मिलाकर पीने के लिठदिया जाता है।
सरà¥à¤¦à¥€ का मौसम हो या ठंडे पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ में रहने वाले लोग, नमक कम लेना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कम तापमान में पसीना à¤à¥€ कम निकलता है। सरà¥à¤¦à¥€ में बीपी à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से कà¥à¤› बढ़ जाता है।
कितने तरह का नमक
वैसे तो नमक को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग 3 तरह का ही समà¤à¤¤à¥‡ हैं: सफेद, काला और सेंधा (रॉक सॉलà¥à¤Ÿ)। लेकिन इनके अलावा नमक के दूसरे पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥€ हैं। पहले देखते हैं नमक कितनी तरह का होता है:
1. Table Salt (सफेद या समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ नमक): इसके दाने बारीक होते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° घरों में यही नमक सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है। समंदर के पानी को इकटà¥à¤ ा कर उसे à¤à¤¾à¤ª बनाकर उड़ाया जाता है। इसके बाद बची हà¥à¤ˆ चीजों से इसे तैयार किया जाता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में यह हलà¥à¤•े à¤à¥‚रे रंग का होता है, साथ ही यह बारीक à¤à¥€ नहीं होता। फिर इसे रिफाइन करने के लिठइसमें कà¥à¤› केमिकल मिलाठजाते हैं। इससे यह सफेद और बारीक हो जाता है।
दरअसल, मूल रूप में इसमें समà¥à¤¦à¥à¤° का ढेर सारा पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण मिला होता है जिसमें पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• थैलियों के कचरे के कारण सूकà¥à¤·à¥à¤® पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• कण à¤à¥€ शामिल होते हैं।
Iodized Salt: यह पिछले ढाई से तीन दशकों से आयोडाइजà¥à¤¡ सालà¥à¤Ÿ चलन में आया है। शरीर में आयोडीन की कमी न हो, इसके लिठसमà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ नमक में आयोडीन मिलाकर इसे लॉनà¥à¤š किया गया था। दरअसल, कà¥à¤› इलाकों के पानी में आयोडीन की कमी देखी गई थी। आयोडीन की कमी से गले में घेंघा नामक बीमारी हो जाती है। सà¤à¥€ को आयोडीन की जरूरत नहीं है। बहà¥à¤¤ सारे फूड आइटमà¥à¤¸ हैं जिनमें आयोडीन कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ तौर पर मौजूद होता है। मसलन: पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€, फूल गोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸, बीनà¥à¤¸, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, अननà¥à¤¨à¤¾à¤¸ आदि। नॉनवेज में: पà¥à¤°à¥‰à¤¨, कई ताजे पानी की और समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ मछलियां आदि। जिन लोगों की डाइट में अगर à¤à¤¸à¥€ चीजें शामिल हों तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कम से कम आयोडाइजà¥à¤¡ नमक खास तौर पर लेने की जरूरत नहीं है जिनमें आयोडीन मौजूद हो। फिर à¤à¥€ चाहें तो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में 1 से 2 दिन आयोडाइजà¥à¤¡ सालà¥à¤Ÿ में खाना बना लें तो à¤à¥€ काम चल जाà¤à¤—ा। बाकी दिन सेंधा नमक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, वह à¤à¥€ कम मातà¥à¤°à¤¾ मेंं।
NaCl: 97-99%
कीमत: 20 से 30 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ किलो
2. Rock Salt (सेंधा नमक): चूंकि यह सिंध इलाके में मौजूद हिमालय के मौजूद हिसà¥à¤¸à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ निकाला जाता है, इसलिठइसे सेंधा या हिमालयन पिंक सालà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कहते हैं। इसे लाहौरी नमक à¤à¥€ कहते हैं। यह हलà¥à¤•ा गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ रंग का होता है।
NaCl: 90-98%
कीमत: 90 से 125 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ किलो
Himaliyan Pink Salt: यह à¤à¥€ सेंधा नमक का ही à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है। यह हलà¥à¤•ा गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ रंग का होता है। इसमें à¤à¥€ सोडियम कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ 90 फीसदी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही मिलता है।
कीमत: 100 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ किलो
कà¥à¤¯à¤¾ बेहतर है सेंधा नमक
इसमें 84 तरह के à¤à¤¸à¥‡ ततà¥à¤µ मिलते हैं जो शरीर के लिठजरूरी हैं। हालांकि पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ इस बात पर निरà¥à¤à¤° करती है कि उस पहाड़ में पहले से कौन-कौन से पोषक ततà¥à¤µ मौजूद हैं। अमूमन इस नमक में सोडियम के साथ दूसरे ततà¥à¤µ जैसे- मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटैशियम आदि à¤à¥€ मौजूद होते हैं।
घरों तक यह कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ रूप में ही अमूमन पहà¥à¤‚चता है। इसे रिफाइन नहीं किया जाता।
यह बाजार में पाउडर और छोटे व मà¤à¥‹à¤²à¥‡ टà¥à¤•ड़ों में à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ होता है। अगर इसे टà¥à¤•ड़ों वाले रूप में ही घरों तक लाया जाठऔर घर पर ही पाउडर बनाà¤à¤‚ तो मिलावट की गà¥à¤‚जाइश न के बराबर होती है।
3. Black Salt (काला नमक):यह सेंधा नमक की तरह पूरी तरह कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ नहीं है यानी जिस रूप में पहाड़ों से लाया जाता है, उसी रूप में हम इसे नहीं खाते। वैसे अमूमन बनता है यह सेंधा नमक से ही। इसे छोटे-छोटे टà¥à¤•ड़ों में लाकर à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में तैयार किया जाता है। पानी में हरड़ के बीज, आंवला, आदि को मिलाकर à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में गरà¥à¤® किया जाता है। अमूमन 3 से 4 घंटे तक गरà¥à¤® करने के बाद तैयार होता है। अहम बात यह कि गरà¥à¤® होने से यह काले रंग का हो जाता है। वहीं पीसे जाने पर यह गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ दिखने लगता है। हिमालयन काला नमक, काला लावा नमक à¤à¥€ काला नमक का ही पà¥à¤°à¤•ार है।
NaCl: 97-98%
कीमत: 100 से 125 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ किलो
4. Kosher Salt: यह अमेरिका में बनता है और वहीं काफी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाया जाता है। कोषेर सालà¥à¤Ÿ के दाने टेबल सालà¥à¤Ÿ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कà¥à¤› बड़े होते हैं। कोशर सालà¥à¤Ÿ की à¤à¤• और खासियत यह है कि अलग-अलग इलाके के कोशर सालà¥à¤Ÿ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ अलग-अलग होता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यह ऑनलाइन मिल जाता है।
NaCl: 98-99.83%
कीमत: करीब 600 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ किलो
5. Red Hawaiian Salt: अमेरिका में मौजूद हवाई नाम के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर यह नमक पाया जाता है। इसे à¤à¤²à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ सालà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कहते हैं। इसमें आयरन की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ होती है। इसलिठयह दिखने में लाल होता है।
NaCl: 83%
121 गà¥à¤°à¤¾à¤® पैक की कीमत करीब 500 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡
नोट: दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में इनके अलावा à¤à¥€ कई तरह के नमक मौजूद हैं जो अलग-अलग देशों में उपयोग में लाठजाते हैं। यह à¤à¥€ अपने देश में ऑनलाइन मिल जाता है।
खास नमक
LoNa: इसके नाम से ही साफ है: à¤à¤¸à¤¾ नमक जिसमें सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो। सोडियम की जगह इसमें पोटैशियम डाला जाता है। टाटा सालà¥à¤Ÿ लाइट, à¤à¤‚डू कंपनी का लोना सालà¥à¤Ÿà¥¤ इनके अलावा कà¥à¤› दूसरी कंपनियां à¤à¥€ लोना सालà¥à¤Ÿ बनाती हैं।
-बीपी मरीज के लिठइसे बेहतर माना गया है। फिर à¤à¥€ बीपी के मरीज इसे किसी à¤à¥€ हाल में हर दिन 4-5 गà¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न लें।
-अगर किसी को किडनी की परेशानी है तो à¤à¥€ यह नमक 3 से 4 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक ही लें।
NaCl: 75 से 85% तक
कीमत: 200 गà¥à¤°à¤¾à¤® का पैक 31 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡
Flavoured salt: पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, लहसà¥à¤¨, नीबू आदि फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤° में कà¥à¤› कंपनियों ने लॉनà¥à¤š किया है।
कीमत: 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® के पैक में 85 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से शà¥à¤°à¥‚
कैसे करें सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°
इसके लिठसबसे बढ़िया शीशे का जार होता है। चूंकि इसके टूटने का खतरा रहता है तो कई लोग अचà¥à¤›à¥€ कà¥à¤µà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ का पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• कंटेनर à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। यह कोशिश होनी चाहिठकि इसे किसी मेटल जैसे सà¥à¤Ÿà¥€à¤² आदि में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° न करें। नमक मेटल के साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर हानिकारक रसायन बना सकता है।
à¤à¤• साथ बहà¥à¤¤ सारा नमक न खरीदें। दरअसल, नमक नमी को खींचता है। यह जलà¥à¤¦à¥€ सील जाता है।
पैकिट खà¥à¤²à¤¨à¥‡ के बाद इसे à¤à¤¯à¤° टाइट कंटेनर में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करें।
उन जगहों पर à¤à¥€ न रखें जहां नमी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने की आशंका हो। जैसे किचन में नल के पास बने रैक में या फिर गैस चूलà¥à¤¹à¥‡ के करीब à¤à¥€ नहीं। दरअसल, जब खाना बनाते समय à¤à¤¾à¤ª ऊपर उठती है तो वह नमी यà¥à¤•à¥à¤¤ होती है।
नमक निकालते समय चमà¥à¤®à¤š का उपयोग करें। उंगली से न निकालें, खासकर तब जब हाथ गीले हों।
उमà¥à¤° के हिसाब से लें नमक
0 से 1 साल तक: नमक की जरूरत नहीं। मां के दूध में इतनी मातà¥à¤°à¤¾ में नमक (सोडियम) होता है कि बचà¥à¤šà¥‡ की जरूरत पूरी हो जाà¤à¥¤ दाल का पानी, खिचड़ी आदि अगर खिलाना हो तो à¤à¥€ नमक की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ कम हो।
1 से 3 साल तक: छोटी चमà¥à¤®à¤š का à¤à¤• तिहाई (2 गà¥à¤°à¤¾à¤®)
4 से 8 साल: 2 से 3 गà¥à¤°à¤¾à¤® (करीब आधा चमà¥à¤®à¤š)
9 से 13 साल: 4 गà¥à¤°à¤¾à¤® (आधा चमà¥à¤®à¤š से कà¥à¤› जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾)
13 साल से ऊपर: 5 से 6 गà¥à¤°à¤¾à¤® (à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š) यानी इसमें 2.30 गà¥à¤°à¤¾à¤® सोडियम होता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें: ऊपर का चारà¥à¤Ÿ देखने के बाद यही लगता है कि यहां पर बात सिरà¥à¤« उस नमक की हो रही है जिसे हम खाते समय ऊपर से छिड़कते हैं जबकि à¤à¤¸à¤¾ बिलकà¥à¤² नहीं है। इसमें हर तरह का नमक शामिल है जो किसी à¤à¥€ रूप में हमारे पेट में पहà¥à¤‚चता है। आइठसमà¤à¤¤à¥‡ हैं जाने-अनजाने किस-किस तरह से नमक हमारे शरीर में पहà¥à¤‚चता है:
ये à¤à¤¸à¥‡ सोरà¥à¤¸ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम आसानी से कर सकते हैं कम
दरअसल, हमारा हर दिन का सामानà¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से हमें परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ से कà¥à¤› जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही नमक मिल जाता है। इसलिठनीचे बताई हà¥à¤ˆ चीजें शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ नमक पहà¥à¤‚चाती है।
1 à¤à¤• सूप: 0.8 गà¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक लेते हैं।
5 से 7 मीठी या नमकीन बिसà¥à¤•िट: 0.5 गà¥à¤°à¤¾à¤®
बà¥à¤°à¥‡à¤¡ के à¤à¤• पीस में 0.15 गà¥à¤°à¤¾à¤®
चाइनीज या फिर कोई जंक फूड खाते हैं तो दो चमà¥à¤®à¤š टोमैटो, चिली या फिर सोया सॉस हो: 0.3 गà¥à¤°à¤¾à¤®
नमक के साथ à¤à¥à¤¨à¥€ मूंगफली या चना या दूसरे à¤à¤¸à¥‡ आइटमà¥à¤¸ आधा कप: 0.4 गà¥à¤°à¤¾à¤®
10 से 15 पीस चिपà¥à¤¸, कà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¥‡ आदि: 0.2 गà¥à¤°à¤¾à¤®
30 से 40 गà¥à¤°à¤¾à¤® मिकà¥à¤šà¤°: 0. 25 गà¥à¤°à¤¾à¤®
2 पीस अचार या दो चमà¥à¤®à¤š चटनी आदि: 0.1 गà¥à¤°à¤¾à¤®
कई लोग कचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, हरी मिरà¥à¤š आदि के साथ शौक से नमक खाते हैं तो 0.2 गà¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेते हैं।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग सलाद के ऊपर à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में काला नमक डालते हैं तो 0.25 गà¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेते हैं।
इनके अलावा फà¥à¤°à¥‚ट जूस और अमूमन हर पैकà¥à¤¡ आइटमà¥à¤¸ में सालà¥à¤Ÿ मौजूद होता है। दरअसल, नमक इन पैकà¥à¤¡ फूड आइटमà¥à¤¸ की लाइफ बढ़ा देती है, लेकिन हमारे लिठनà¥à¤•सानदायक।
हम कà¥à¤¯à¤¾ करें
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हम सूप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेते हैं । इसलिठजिस दिन सूप लें, अचार, चटनी आदि न लें। साथ ही सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ कम नमक डलवाà¤à¤‚। इसी तरह जिस दिन चिपà¥à¤¸ या नमकीन खा लें उस दिन बाकी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक वाली चीजें न खाà¤à¤‚। यह अपने हाथ में है।
नोट:
1.जिनकी फैमिली में हाई बीपी, हारà¥à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾, किडनी की परेशानी का इतिहास रहा हो। हालांकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अà¤à¥€ परेशानी शà¥à¤°à¥‚ नहीं हà¥à¤ˆ है और जो ओवरवेट हों।
-à¤à¤¸à¥‡ लोग ऊपर बताई हà¥à¤ˆ चीजों कम कर दें यानी महीने में 1 बार ले सकते हैं।
2. जो ओवरवेट न हों, लेकिन दिल, बीपी आदि की फैमिली हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ हो। à¤à¤¸à¥‡ लोग ऊपर बताई हà¥à¤ˆ चीजों को महीने में दो बार ले सकते हैं।
3. à¤à¤¸à¥‡ लोग जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हाई बीपी की परेशानी शà¥à¤°à¥‚ हो चà¥à¤•ी हो। दवा लेते हों या जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हारà¥à¤Ÿ या किडनी की परेशानी à¤à¥€ हो या शरीर में सूजन की शिकायत à¤à¥€ हो या लिवर की परेशानी हो। ऊपर बताई हà¥à¤ˆ चीजों को बिलकà¥à¤² à¤à¥€ हाथ न लगाà¤à¤‚। अगर बहà¥à¤¤ इचà¥à¤›à¤¾ करे तो दो महीने में à¤à¤• बार थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में लें।
शरीर में नमक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है, इसकी पहचान:
पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगना
चेहरे, हाथ या पैरों में सूजन (किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€)
किडनी में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ बनना
हाई बीपी या हारà¥à¤Ÿ की परेशानी आदि।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक खाने से कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ और कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है परेशानी
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक लेने से शरीर में सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पहà¥à¤‚चती है। जब सोडियम बढ़ता है तो शरीर उसको जजà¥à¤¬ करने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी को रोक लेता है। इससे किडनी और हारà¥à¤Ÿ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करना पड़ता है। इससे खून की नलियों का लचीलापन à¤à¥€ कम होने लगता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव में काम करते हैं।
हाई बीपी की परेशानी, छोटी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œ की मोटाई का बढ़ जाना
दिल कमजोर यानी दिल की बीमारी, हारà¥à¤Ÿ अटैक के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसार
किडनी की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाना। उसकी छानने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होना यानी किडनी की बीमारी
शरीर में सूजन बढ़ जाना
हाई बीपी से आंखों पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ना
वजन बढ़ जाना, इसलिठवजन कम करने वाले को नमक कम ही खाने की सलाह दी जाती है।
जिन लोगों को किडनी की परेशानी हो। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने उसे à¤à¤• दिन में à¤à¤• से डेढ़ लीटर पानी लेने को कहा हो। à¤à¤¸à¥‡ में अगर वह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक लेगा तो उसे पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगेगी। इससे उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पड़ेगा जो उसके लिठहानिकारक होगा। अगर किडनी खराब हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° LoNa नमक à¤à¥€ कम लेने के लिठही कहते हैं।
कम नमक à¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खतरनाक
नमक न खाना à¤à¥€ खतरनाक है। सोडियम शरीर का जरूरी हिसà¥à¤¸à¤¾ है और नमक में सोडियम मà¥à¤–à¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¤¾à¥¤ 5 से 6 गà¥à¤°à¤¾à¤® नमक में 2 से 2.5 गà¥à¤°à¤¾à¤® सोडियम होता है।
नमक की कमी से उलà¥à¤Ÿà¥€, सिर दरà¥à¤¦, à¤à¥à¤°à¤®, ऊरà¥à¤œà¤¾ में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमी, थकावट, बेचैनी आदि à¤à¥€ हो सकती है।
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ो में जब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना निकलने या लू आदि लगने से सोडियम की कमी होती है तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मतिà¤à¥à¤°à¤® हो सकता है।
सोडियम दिमाग के संदेशों को नसों के जरिठपूरे शरीर में पहà¥à¤‚चाने में मदद करता है।
सोडियम शरीर की मांसपेशियों को सिकोड़ने और आराम देने का काम करता है।
यह शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ को सही बनाकर रखने में मदद करता है।
इस बात का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि हम सिरà¥à¤« सोडियम को नहीं खा सकते। यह तीवà¥à¤° जà¥à¤µà¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² होता है। हम सोडियम को सोडियम कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ के फॉरà¥à¤® में ही ले सकते हैं।
पकाने में कब हो नमक की à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€
खाना पकाते समय इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अमूमन कम ही रखा जाता है कि नमक कब डालें। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समय नमक हलà¥à¤¦à¥€, सà¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤• साथ ही डाल देते हैं। यहां धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत है कि हम कà¥à¤¯à¤¾ पका रहे हैं।
अगर किसी चीज को डीप फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करना है तो उसमें नमक शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में नहीं देना चाहिà¤à¥¤ अगर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में देंगे तो वह फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ होने की जगह उबलने वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पहà¥à¤‚च जाता है।
अगर किसी चीज को जलà¥à¤¦à¥€ उबालना हो तो नमक को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में डाल सकते हैं।
जब सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गरम मसाले या दूसरे मसाले डालें तो पूरी तरह पकने के बाद यह देखें कि नमक की जरूरत है या नहीं। अगर न हो तो न डालें या बहà¥à¤¤ कम डालें। दरअसल, नमक डालने से बाकी मसालों के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ दब जाते हैं और सिरà¥à¤« नमक का ही सà¥à¤µà¤¾à¤¦ आता है।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦
नमक ही नहीं, सà¤à¥€ 6 रस जरूरी
कà¥à¤› à¤à¥€ खाने में हमें जो सà¥à¤µà¤¾à¤¦ महसूस होता है, वही रस है। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के आधार पर आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में 6 रस बताठगठहैं। इसमें लवण (नमक) à¤à¥€ शामिल है:
मधà¥à¤° (मीठा): मीठी चीजों में कैलरी सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। मसलन: केला, गà¥à¤¡à¤¼, दूध, घी, शहद आदि।
अमà¥à¤² (खटà¥à¤Ÿà¤¾): ये पाचन को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रखने में मदद करते हैं। मसलन: नीबू, आंवला, इमली आदि।
लवण (नमकीन): ये अगà¥à¤¨à¤¿ और जल के ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से बने होते हैं। नमक शरीर में पाचन के साथ पानी का बैलेंस बनाठरखता है। मसलन: नमक, साग आदि।
तिकà¥à¤¤ (कड़वा): à¤à¤¸à¥€ चीजें à¤à¤‚टिऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती हैं और शरीर में सूजन घटाती हैं। मसलन: करेला, नीम, गिलोय आदि।
कटॠ(चरपरा): ये à¤à¤‚टिऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और शरीर को डिटॉकà¥à¤¸ करने में मददगार होते हैं। मसलन: हींग, लहसà¥à¤¨, मिरà¥à¤š आदि।
कषाय (कसैला): इन चीजों में बीामरी दूर करने के गà¥à¤£ होते हैं। मसलन: कमल ककड़ी, गूलर, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली आदि।
नमक की आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• गाइड
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ सेंधा नमक को बेहतर माना है।
दूसरे नमक जहां उषà¥à¤£ होते हैं, वहीं सेंधा शीत गà¥à¤£ वाला होता है।
सेंधा नमक तो वैसे कà¤à¥€ à¤à¥€ खा सकते हैं, लेकिन दोपहर में खाना यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर है।
जिन लोगों को थोड़ा खाना खाने, जलà¥à¤¦à¥€ पसीना आता हो या फिर बाल à¤à¤¡à¤¼ गठहों उनके लिठसेंधा नमक बेहतर विकलà¥à¤ª है, लेकिन हर दिन 4-5 गà¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं।
समंदर से बना यानी सफेद नमक को सीधे खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ अगर इसे सबà¥à¤œà¥€ या दाल में डालकर पकाकर खाते हैं तो बेहतर है।
à¤à¤• तो ऊपर से नमक लेना नहीं चाहिà¤à¥¤ फिर à¤à¥€ कà¥à¤› खाने की चीजों में नमक लेना पड़ जाता है। जैसे छाछ, नीबू-पानी आदि। इनमें काला नमक लेना बेहतर है। दरअसल, काला नमक पाचन में बहà¥à¤¤ मददगार होते हैं।
दूसरे नमक की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में आंखों के लिठसेंधा नमक बेहतर है।
अगर कोई बहà¥à¤¤ चला हो। वह थक गया हो। उसके पैरों में दरà¥à¤¦ हो तो 3 से 4 लीटर गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में 5 से 6 चमà¥à¤®à¤š सेंधा या हिमालयन नमक डालकर 10 से 15 मिनट पैर रखने से दरà¥à¤¦ और थकावट में आराम मिलता है।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में होता है कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ नमक
कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ चिकितà¥à¤¸à¤¾ कहती है कि हमारा à¤à¥‹à¤œà¤¨ पौधों से आना चाहिठकि न कि कहीं दूसरी जगह से।
चूंकि नमक पौधों से नहीं आता है, इसलिठनमक न लें और अगर लेना à¤à¥€ हो तो न के बराबर ही लें।
नेचरोपैथी कहती है कि सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पकाने में अगर हम नमक डालते हैं तो उनके कई मिनरलà¥à¤¸ उड़ जाते हैं।
हमारे लिठजितने नमक की जरूरत है, वह फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से हमें मिल जाता है।
हर दिन आधा किलो सलाद खाने से हमारे शरीर में नमक की जरूरत पूरी हो जाती है। सलाद में खीरा, ककड़ी, टमाटर, गाजर या जो à¤à¥€ मौसमी चीजें उपलबà¥à¤§ हों उनमें नमक मौजूद होता है।
दालों में à¤à¥€ होता है परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सोडियम
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, जैसे: पालक, बंद गोà¤à¥€, फूल गोà¤à¥€, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, टमाटर आदि।
इसी तरह दालों में à¤à¥€ कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ तौर पर नमक मौजूद होता है।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ (अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ चना, मूंग आदि) में à¤à¥€ कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ तौर पर नमक मौजूद होता है।
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