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लिवर कà¥à¤¯à¤¾ है?
लिवर (जिसे हिंदी में यकृत कहते हैं) मानव शरीर का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है। यह पेट के ऊपरी दाहिने हिसà¥à¤¸à¥‡ में डायफà¥à¤°à¤¾à¤® के नीचे, दाहिनी किडनी और छोटी आंत के ऊपर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। शंकॠआकार का यह अंग लाल à¤à¥‚रे रंग का होता है जिसका वज़न लगà¤à¤— १.३ से १.५ कि.गà¥à¤°à¤¾. तक होता है।
इसका पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारà¥à¤¯ शरीर के मेटाबोलिज़à¥à¤® को सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥ रखना है। साथ ही पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ करना और पाचन के लिये आवशà¥à¤¯à¤• रसायन बनाना है। यह पितà¥à¤¤ बनाने का काम à¤à¥€ करता है जो यहां से पितà¥à¤¤ की थैली में जाकर शरीर के काम आता है।
लिवर की संरचना
यकृत के दो बड़े खंड होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दायां और बायां लोब कहा जाता है। लोब में हजारों लोबà¥à¤¯à¥‚ल (छोटे लोब) à¤à¥€ होते हैं। ये लोबà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸ कई पितà¥à¤¤ नलिकाओं, टà¥à¤¯à¥‚बों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ हैं जो पितà¥à¤¤ को यकृत से छोटी आंत में ले जाते हैं।
अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ और आंतों के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के साथ, यकृत के नीचे पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। यकृत और ये अंग à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पचाने, अवशोषित करने और संसाधित करने के लिठमिलकर काम करते हैं।
लिवर का कारà¥à¤¯
पेट और आंतों से निकलने वाला सारा खून लिवर से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। यह कई महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯ करता है। लिवर रकà¥à¤¤ में अधिकांश रासायनिक सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लिवर कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
विषहरण : लिवर रकà¥à¤¤ से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚, जैसे शराब और नशीली दवाओं को शरीर से निकालता है।
उपापचय : रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° को सà¥à¤¥à¤¿à¤° बनाठरखने के लिठयकृत रकà¥à¤¤ में गà¥à¤²à¥‚कोज का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨, à¤à¤‚डारण और रिलीज करने में मदद करता है। यह वसा और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को संसाधित करने में à¤à¥€ मदद करता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने योगà¥à¤¯ ऊरà¥à¤œà¤¾ में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ करता है।
पितà¥à¤¤ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ : पितà¥à¤¤ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨, जो पाचन के दौरान छोटी आंत में अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को दूर करने और वसा को तोड़ने में मदद करता है।
खून जमने में मदद : लिवर कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग कारक पैदा करता है जो रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करता है। यह चोट लगने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोकता है।
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ विनियमन : यह इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ जैसे हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ और संतà¥à¤²à¤¨ में मदद करता है।
गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ोजन सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° : यह à¤à¤‚डारण के लिठअतिरिकà¥à¤¤ गà¥à¤²à¥‚कोज को गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ोजन में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ करता है। इस गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ोजन को बाद में आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° ऊरà¥à¤œà¤¾ के लिठवापस गà¥à¤²à¥‚कोज में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
लिवर के रोग
लिवर कई कारणों से विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रोगों से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकता है। इस वजह से शरीर की सामानà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाती हैं। अधिकतर मामलों में शराब का सेवन, मोटापा, अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रोग और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से होने वाले रोग आते हैं।
यदि धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाय तो लिवर के रोग गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा कर सकते हैं किंतॠसमय पर ईलाज लेने पर रोग ठीक हो जाते हैं। लिवर की बीमारियों को आम तौर पर कई मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया जा सकता है, जिनमें निमà¥à¤¨ शामिल हैं:
संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग : वायरल, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² या परजीवी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण से लिवर में सूजन आ जाती है। इससे हेपेटाइटिस à¤, बी या सी हो सकता है।
शराब से संबंधित यकृत रोग : अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• शराब के सेवन से लिवर में कई बीमारियां हो सकती है जिनमें वसायà¥à¤•à¥à¤¤ यकृत रोग, सिरोसिस और यकृत की विफलता शामिल है।
वसायà¥à¤•à¥à¤¤ यकृत रोग : यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें यकृत में वसा का संचय होता है, जिसका नतीजा लिवर में सूजन और कà¥à¤·à¤¤à¤¿ हो सकती है।फैटी यकृत रोग दो पà¥à¤°à¤•ार के है, नॉन à¤à¤²à¥à¤•ोहलिक फैटी लिवर डिजीज और à¤à¤²à¥à¤•ोहलिक फैटी लिवर डिजीज।
सिरोसिस : इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, लिवर के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ ऊतक की जगह सà¥à¤•ार ऊतक ले लेता है। यह à¤à¤• अंत-चरण यकृत रोग है।
लिवर कैंसर : यहाठकैंसर लिवर में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है या शरीर के किसी अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— से फैलता है।
चयापचय और आनà¥à¤µà¤‚शिक रोग : आनà¥à¤µà¤‚शिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ या चयापचय असंतà¥à¤²à¤¨ के कारण होने वाले रोग, जैसे विलà¥à¤¸à¤¨ रोग और हेमोकà¥à¤°à¥‹à¤®à¥ˆà¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥¤
लिवर रोगों के लकà¥à¤·à¤£
लिवर की बीमारी हमेशा संकेत और लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखाती है। हालाà¤à¤•ि, कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लिवर खराब होने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
पीलिया
पेट दरà¥à¤¦
à¤à¥‚ख न लगना
वजन कम होना
मूतà¥à¤° और मल के रंग में परिवरà¥à¤¤à¤¨
टांग व टखनों में सूजन
à¤à¥à¤°à¤® और परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ सेंसरियम
थकान
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€
उलà¥à¤Ÿà¥€ और जी मिचलाना
यदि आपको उपरोकà¥à¤¤ में से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो रहा है तो à¤à¤¸à¥‡ में जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
लिवर रोगों के कारण
लंबे समय से शराब का सेवन करना लिवर रोग होने का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण माना जाता है। हालांकि, इसके अलावा à¤à¥€ कई à¤à¤¸à¥€ चीजें हैं जो लिवर रोगों का कारण बन सकती हैं। यह विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारकों के कारण हो सकती है, जिनमें निमà¥à¤¨ शामिल हैं:
शारीरिक कारक
चयापचय संबंधी विकार (विलà¥à¤¸à¤¨ रोग और हेमोकà¥à¤°à¥‹à¤®à¥ˆà¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸)
वसा संचय (वसायà¥à¤•à¥à¤¤ यकृत रोग)
सà¥à¤µ-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रोग (ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न हेपेटाइटिस)
संकà¥à¤°à¤®à¤£
हेपेटाइटिस à¤, बी, या सी
जीवनशैली कारक
शराब और तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू का सेवन
निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾
दवाओं का अति पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
आहार में अधिक नमक लेना
जिगर कारà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£
लिवर संबंधी बीमारियों का निदान करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले मरीज का शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ करते हैं और साथ ही उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के बारे में पूछा जाता है। लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के लिठआपको जिगर कारà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£ कराने की सलाह दी जा सकती है:
रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£
लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ आपके रकà¥à¤¤ में कà¥à¤› à¤à¤‚जाइम और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° की जांच करते हैं। सà¥à¤¤à¤° जो सामानà¥à¤¯ से अधिक या कम हैं, यकृत की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का संकेत कर सकते हैं। कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ में शामिल हैं:
सीरम बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ : लिवर संबंधी रोग होने पर शरीर में बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने लगता है और इस टेसà¥à¤Ÿ की मदद से रोगों की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की जा सकती है।
à¤à¤²à¥à¤¬à¥à¤¯à¥‚मिन टेसà¥à¤Ÿ : यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है जो लिवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ किया जाता है। जब पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाता है तो शरीर में इसकी मातà¥à¤°à¤¾ कम हो जाती है।
अलà¥à¤•लाइन फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ (ठà¤à¤² पी) टेसà¥à¤Ÿ : कई à¤à¤‚जाइमों का यह à¤à¤• समूह होता है जो आंत किडनी और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ समेत शरीर के कई हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाया जाता है। इस टेसà¥à¤Ÿ से लिवर संबंधी रोगों का पता लगाने में मदद मिलती है।
à¤à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤¨ टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिनेज (ठà¤à¤² टी) टेसà¥à¤Ÿ : यह à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤•ार का à¤à¤‚जाइम है जो हेपेटोसाइटà¥à¤¸ नामक लिवर की कोशिकाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाया जाता है। जब ठà¤à¤² टी की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ने लगे तो समà¤à¤¨à¤¾ चाहिये के लिवर में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है।
लिवर बायोपà¥à¤¸à¥€ : इसमें लिवर के ऊतकों से à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा सैंपल के रूप में ले लिया जाता है लिवर में कैंसर की जांच के लिà¤à¥¤
इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿ : इमेजिंग परीकà¥à¤·à¤£ यकृत रोगों के निदान और निगरानी में मदद कर सकते हैं। लिवर के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के लिठयहां कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿ दिठगठहैं:
à¤à¤•à¥à¤¸-रे : इसका उपयोग कà¤à¥€-कà¤à¥€ यकृत और आसपास के अंगों में असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का पता लगाने के लिठकिया जा सकता है।
सीटी सà¥à¤•ैन : यह लिवर की विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ छवियां बनाता है। इस परीकà¥à¤·à¤£ का उपयोग यकृत रोगों के निदान और यकृत टà¥à¤¯à¥‚मर के आकार और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के लिठकिया जा सकता है।
à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ : इस परीकà¥à¤·à¤£ का उपयोग यकृत रोगों के निदान, टà¥à¤¯à¥‚मर के आकार और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के लिठकिया जा सकता है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड : जिगर की कà¥à¤·à¤¤à¤¿, टà¥à¤¯à¥‚मर या अनà¥à¤¯ असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं की पहचान करने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जा सकता है।
पेट सà¥à¤•ैन : लिवर के ऊतकों में बढ़ी हà¥à¤ˆ चयापचय गतिविधि के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का पता लगाकर, कैंसर और मेटासà¥à¤Ÿà¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• रोग सहित कà¥à¤› यकृत रोगों के निदान और निगरानी में मदद के लिठपेट सà¥à¤•ैन किया जा सकता ह
लिवर के रोगों का इलाज
लिवर की बीमारियों का इलाज जरूरी है। यकृत रोगों के लिठशलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ और गैर शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ उपचार हो सकते हैं।
गैर शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾
गैर-सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल तरीके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने या कà¥à¤› यकृत रोगों की पà¥à¤°à¤—ति को धीमा करने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिà¤:
जीवनशैली बदलाव से लिवर रोगों का उपचार
जीवनशैली में बदलाव से लिवर की रकà¥à¤·à¤¾ करने और लिवर की बीमारी के विकास को रोकने में मदद मिल सकती है। इन उपायों में शामिल हैं:
खूब पानी पीना : हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहने से शरीर से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है और लिवर की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में मदद मिल सकती है।
नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें : नियमित शारीरिक गतिविधि में शामिल होने से समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने और यकृत कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बनाठरखें : अधिक वजन या मोटापे से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने से लिवर खराब होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिà¤, आहार और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बनाठरखने से अंततः यकृत कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
तनाव कम करना : तनाव का लिवर के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है, इसलिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ या चिकितà¥à¤¸à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से तनाव को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने के तरीके खोजना फायदेमंद हो सकता है।
खान पान से लिवर रोगों का उपचार
अपने आहार में कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल करने से लिवर की बीमारी का इलाज करने और लिवर की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद मिल सकती है। यहाठकà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं जो लिवर की समसà¥à¤¯à¤¾ वाले लोगों के लिठफायदेमंद हो सकते हैं:
पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° साग : पालक, केल और कोलारà¥à¤¡ गà¥à¤°à¥€à¤¨à¥à¤¸ जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं और माना जाता है कि इनमें लिवर-सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• गà¥à¤£ होते हैं।
लहसà¥à¤¨ : लहसà¥à¤¨ में लिवर-सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• गà¥à¤£ पाठगठहैं और यह लिवर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
हलà¥à¤¦à¥€ : हलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤• मसाला है जो आमतौर पर जिगर की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठपारंपरिक चिकितà¥à¤¸à¤¾ में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है और सूजन को कम करने और यकृत समारोह में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद कर सकता है।
मेवे और बीज : बादाम, चिया के बीज और अलसी जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं और यकृत के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का समरà¥à¤¥à¤¨ करने में मदद कर सकते हैं।
फल : जामà¥à¤¨ जैसे बà¥à¤²à¥‚बेरी, रसà¤à¤°à¥€ और बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं और लिवर को नà¥à¤•सान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी : गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है और लिवर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ तनाव को कम करने और लिवर की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद कर सकती है।
सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार
कà¥à¤› मामलों में, लिवर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के इलाज के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार हैं:
लिवर पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ (लिवर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट सरà¥à¤œà¤°à¥€) : लिवर पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ à¤à¤• सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इसमें à¤à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ या रोगगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लिवर को निकालना और इसे à¤à¤• डोनर से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ लिवर के साथ बदल दिया जाता है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आमतौर पर अंतिम चरण के यकृत रोग वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठकी जाती है जो अनà¥à¤¯ तरीकों से इलाज करने में असमरà¥à¤¥ हैं।
लिवर रिसेकà¥à¤¶à¤¨ : इस सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में लिवर के कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ या रोगगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ को हटा दिया जाता है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आमतौर पर उन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठउपयोग की इसमें पितà¥à¤¤ नलिकाओं को हटाना शामिल है। पितà¥à¤¤ नली की रà¥à¤•ावट या पितà¥à¤¤ नली के कैंसर जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के इलाज के लिठयह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤• हो सकती है।
लिवर à¤à¤¬à¥à¤¸à¥‡à¤¸ निकासी : लिवर टिशà¥â€à¤¯à¥‚ के अंदर मवाद à¤à¥à¤¨à¥‡ को लिवर à¤à¤¬à¥à¤¸à¥‡à¤¸ कहते है। यकृत पर दबाव कम करने के लिठलिवर à¤à¤¬à¥à¤¸à¥‡à¤¸ निकासी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ किया जाता है।
बिलियरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ सरà¥à¤œà¤°à¥€ : इसमें पितà¥à¤¤ नलिकाओं को हटाना शामिल है। पितà¥à¤¤ नली की रà¥à¤•ावट या पितà¥à¤¤ नली के कैंसर जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के इलाज के लिठयह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤• हो सकती है।
लिवर रोग से बचाव
यकृत की बीमारी से बचने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन की ओर सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ कदम उठाना है। अगर आप को जानना है की लिवर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ कैसे रखे, तो नीचे दिठगठनियमों का पालन करे:
शराब का सेवन न करें
पूरी तरह से पका हà¥à¤† खाना ही खाà¤à¤‚
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ व सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी पिà¤à¤‚
नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें और शरीर का वजन न बढ़ने दें
डायबिटीज को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² रखें
शà¥à¤—र लेवल नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें
हेपेटाइटिस के लिठवैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगवाà¤à¤‚
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही दवाà¤à¤‚ लें
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