महिलाओं की डिलीवरी कैसे होती है?HealthPlanet

Posted on Sun 6th Jun 2021 : 04:54

घर पर डिलीवरी कराने के फायदे और नुकसान
अगर आप गर्भवती हैं और कोविड के इस दौर में घर पर डिलीवरी कराना चाहती हैं, तो इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि घर पर डिलीवरी कराने के क्या फायदे हैं और इसमें क्या-क्या खतरे हो सकते हैं? बिना डॉक्टर की निगरानी में घर पर डिलीवरी कराने से बचें।

घर पर डिलीवरी कराने के फायदे और नुकसान

आमतौर पर घर पर डिलीवरी कराने का फैसला काफी जोखिम भरा होता है। लेकिन देशभर में फैले कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण और लॉकडाउन के कारण बहुत सी गर्भवती महिलाएं और उनके परिवार के सदस्य घर पर डिलीवरी कराने के बारे में सोचने लगे हैं।
पिछले कई महीनों से अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में हॉस्पिटल आने-जाने के दौरान गर्भवती महिला और उसके बच्चे को कोरोना का संक्रमण हो सकता है।
घर पर डिलीवरी
दरअसल, गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य महिलाओं की अपेक्षा काफी कम होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान ऐसी महिलाओं को संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन क्या सच में घर पर डिलीवरी फायदेमंद है या इसमें कुछ ख़तरे हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं :
घर पर डिलीवरी कराने के फायदे
अधिकांश डॉक्टरों का मानना है कि घर पर डिलीवरी करना सुरक्षित नहीं है फिर भी निम्न फायदों को देखते हुए कई महिलाएं यह विकल्प चुन रही हैं :
कोविड से बचाव : यह सच है कि इस माहौल में आप जितना कम घर से बाहर जाएंगी, उतना ही संक्रमण का खतरा कम होगा। इस लिहाज से देखें तो घर पर डिलीवरी कराना सुरक्षित है।
पैसे की बचत : अस्पताल के भारी भरकम बिल और अधिक खर्च से बचने के लिए भी महिलाएं घर पर डिलीवरी कराना पसंद करती हैं।
​संक्रमण का खतरा

घर पर डिलीवरी कराते समय संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। घर पर जरूरी उपकरण और दवाएं मौजूद नहीं होती हैं। डिलीवरी कराने वाली घर की कोई महिला या स्थानीय दाई हाथों में ग्लव्‍स पहने बिना ही प्रसव कराती है।

इससे मां और बच्चे दोनों को संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही ब्लीडिंग की संभावना भी बढ़ सकती है।
​बच्चे की सेहत पर पड़ सकता है असर

होम बर्थ के दौरान बच्चे की पल्स रेट कम होने या कोई अन्य समस्या होने पर उसकी सेहत प्रभावित हो सकती है। इस स्थिति में उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। देर होने पर बच्चा गंभीर रूप से बीमार हो सकता है।
​जच्चा बच्चा दोनों की जान को खतरा

यदि आप प्रोफेशनल दाई या मिडवाइफ के बिना घर पर डिलीवरी कराते हैं, तो इससे मां और बच्चे के जान को खतरा हो सकता है।

प्रसव के समय बर्थ कैनाल में बच्चा फंसने या पुश करने में मां को असुविधा होने पर उसे तत्काल अस्पताल जाने की जरूरत पड़ सकती है। देरी होने पर मां के साथ बच्चे के भी जान को खतरा हो सकता है।
​उचित देखभाल न मिलना

डिलीवरी के बाद मां को अधिक ब्लीडिंग और कमजोरी सहित अन्य तरह की समस्याएं होती हैं। अस्पताल में इन सभी समस्याओं का उपचार हो सकता है, लेकिन घर पर यह संभव नहीं है। इस स्थिति में मां की सेहत गिरने लगती है। अगर आप होम बर्थ का विकल्प चुन रही हैं, तो लगातार अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें

घर पर डिलीवरी कराना आमतौर पर सुरक्षित नहीं माना जाता है। लेकिन यदि आप आस-पास अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ना होने या फिर कोरोना के संक्रमण के डर से घर पर डिलीवरी करा रही हैं, तो प्रोफेशनल मिडवाइफ या डॉक्टर की मदद जरूर लें। किसी भी सूरत में डॉक्टर की मौजूदगी में ही घर पर डिलीवरी कराएं।

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