मलेरिया में कौन सी दवाई दी जाती है?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 13:41

मलेरिया में दी जाती है ये दवाई.


वर्तमान में अनेक परिवारों की दवायें मलेरिया उपचार में प्रयोग की जाती हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से मलेरिया-रोधी दवाएँ (अंग्रेजी: antimalarials, एंटीमलेरियल्स) कहा जाता है। अनेक दवाएँ केवल प्रतिरोध या केवल उपचार के लिए इस्तेमाल होती हैं, जबकि अन्य कई दोनों तरह से प्रयोग में लाई जा सकती हैं। कुछ दवाएँ एक-दूसरे के प्रभाव को बढ़ाती हैं और इनका प्रयोग साथ में किया जाता है। दवा के चुनाव में सबसे प्रमुख कारक होता है उस क्षेत्र में मलेरिया परजीवी किन दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर चुका है।
कुनैन जैसी औषधियाँ

कुनैन परिवार की क्लोरोक्वीन (अंग्रेजी: chloroquine) मलेरिया के लिये सबसे सस्ती तथा प्रभावी दवा मानी जाती रही है और इसका प्रयोग वर्षों तक बहुत किया गया। किंतु हाल में परजीवी इसके प्रति प्रतिरोधी हो गये हैं, खासकर पी. फैल्सीपैरम। ऐसे परजीवी कुनैन तथा एमोडियाक्वीन (अंग्रेजी: amodiaquine) के प्रति भी प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं।[2] जिन क्षेत्रों में परजीवी अब भी क्लोरोक्वीन के प्रति संवेदनशील हैं, वहाँ इसे ही सबसे पहले इस्तेमाल किया जाता है। अन्य दवाओं में प्रिमाक्वीन (अंग्रेजी: primaquine), हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (अंग्रेजी: hydroxychloroquine), पैमाक्वीन (अंग्रेजी: pamaquine) और मेफ्लोक्वीन (अंग्रेजी: mefloquine) शामिल हैं। इनमें से कुनैन और प्रिमाक्वीन केवल उपचार में प्रयुक्त होती हैं (प्रिमाक्वीन केवल पी. विवैक्स और पी. ओवेल के विरुद्ध), जबकि क्लोरोक्वीन, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और मेफ्लोक्वीन को उपचार और निरोध दोनों के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
आर्टिमीसिनिन जैसी औषधियाँ

आर्टिमीसिया एन्नुआ (अंग्रेजी:Artemisia annua) नामक पौधे में आर्टिमीसिनिन (अंग्रेजी: artemisinin) और इस जैसे अन्य यौगिक पाए जाते हैं। इस पौधे के अर्क से मलेरिया के उपचार में 90% सफलता मिलती है, किंतु इस यौगिक की आपूर्ति मांग के अनुसार नहीं है।[3] वर्ष 2001 से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आर्टिमीसिनिन-आधारित संयोजित उपचार (अंग्रेजी: artemesinin-based combination therapy, ACT) का प्रयोग करने की सलाह जारी की है, विशेषतया ऐसे क्षेत्रों में जहाँ पारम्परिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित हो गया है।[4] आज यह उपचार अनेक अफ्रीकी मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में पहली पंक्ति की उपचार औषधि बन गया है। किंतु ये दवाएं पुराने उपचार से करीब 20 गुणा मंहगी पड़ती हैं जिसके चलते वे अनेक मरीजों की पहुँच से बाहर रहती हैं। ये औषधियाँ कैसे काम करती हैं यह अभी तक भी स्पष्ट नहीं हो सका है, हालांकि मलेरिया परजीवी इनके विरूद्ध भी प्रतिरोध क्षमता हासिल कर सकता है। इस परिवार में शामिल हैं आर्टिमीसिनिन, आर्टिमीथर (अंग्रेजी: artemether), आर्टिसुनेट (अंग्रेजी: artesunate), आर्टिमिनोल (अंग्रेजी: arteminol) और आर्टिईथर (अंग्रेजी: arteether)। मलेरिया के इलाज के लिए डॉक्टर पहले लक्षण जानने के लिए रक्त की जांच व क्ष-रे (X-Ray) करने का सुझाव देते है। मलेरिया की जांच तीन तरीको से डॉक्टर करते है। सूक्ष्मदर्शी जांच, रैपिडंटीजन टेस्ट, मलेरिया आरटीएस, अगर टेस्ट में कुछ लक्षण नजर आया तो डॉक्टर कुछ दवाइयों का सुझाव देते है लेने के लिए जैसे: क़्वीनीन,मेफ्लोक़्वीन,डॉक्सीसाइक्लिन इत्यादि खुराक देते है।
अन्य औषधियाँ
अन्य मलेरिया-रोधी औषधियों में शामिल हैं बाइग्वानाइड (अंग्रेजी: biguanide) समूह की प्रोग्वानिल (अंग्रेजी: proguanil) और साइक्लोग्वानिल (अंग्रेजी: cycloguanil), फोलेट-अवरोधी पाइरिमिथामाइन (अंग्रेजी: pyrimethamine), तथा हैलोफ़ैंट्रीन (अंग्रेजी: halofantrine) और ल्युमीफ़ैंट्रीन (अंग्रेजी: lumefantrine)। इनके अतिरिक्त एटोवाक्वोन (अंग्रेजी: atovaquone), डॉक्सीसाइक्लीन (अंग्रेजी: doxycycline) और सल्फ़ाडॉक्सीन (अंग्रेजी: sulphadoxine) जैसी दवाएँ अन्य बीमारियों के इलाज के साथ-साथ मलेरिया के इलाज में भी इस्तेमाल होती हैं।

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