Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
इस मौसम में लोग ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बीमार पड़ने लगते हैं। हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ के ठंडे होने के साथ शरीर की गरà¥à¤®à¥€ में गिरावट का अनà¥à¤à¤µ होता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€, शरीर को इन नई जलवायॠपरिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ तालमेल बिठाने में समय लग जाता है, जिससे हम आसानी से बीमार पड़ जाते हैं।
ठंड के मौसम में बढ़ जाता है इन बीमारियां का ख़तरा
1. कान का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंड और नमी से à¤à¥€ कान का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो जाता है। कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ सरà¥à¤¦à¥€ की à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है, जो रातों-रात हो सकता है। इसलिठज़रूरी है कि इसकी जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ इसका इलाज किया जाà¤à¥¤
यह à¤à¥€ पढ़ें
2. जोड़ों में दरà¥à¤¦
सरà¥à¤¦à¥€ की वजह से उमà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾à¤œà¤¼ लोगों में जोड़ों में अकड़न आ जाती है, जिससे उनका रोज़मरà¥à¤°à¤¾ का काम मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। खासकर, गठिया से पीड़ित लोग गंà¤à¥€à¤° जोड़ों के दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ करते हैं। इस दौरान मौसम में बदलाव की वजह से टिशूज़ में सूजन आ जाती है और जोड़ों में दरà¥à¤¦ होने लगता है।
3. बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस
यह बीमारी फेफड़ों के सबसे छोटे वायॠमारà¥à¤— में बलगम बनने होती है, जिसके बाद लगातार खांसी आती है। इस मौसम में यह समसà¥à¤¯à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकती है। इसलिठइस दौरान आवशà¥à¤¯à¤• à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥€ उपाय करने का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया जाता है।
4. आम ज़à¥à¤•ाम और बà¥à¤–़ार
इस मौसम में ज़à¥à¤•ाम और खांसी होना आम बात है। à¤à¤•à¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, बदलते मौसम या किसी संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आने से बीमार आसानी से पड़ जाते हैं। कमज़ोरी, नाक बंद, छींकना, सिरदरà¥à¤¦, शरीर में दरà¥à¤¦, खांसी आदि सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€ और फà¥à¤²à¥‚ के कà¥à¤› सबसे आम संकेत हैं।
5. टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸
यह à¤à¥€ à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² तब होते हैं, जब गले के पीछे दो अंडाकार आकार के टिशू पैडà¥à¤¸ में सूजन आ जाती है। जिसकी वजह से दरà¥à¤¦ होता है, खासतौर पर खाने-पीने में। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² हवा में मौजूद वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से होते हैं।
शरीर में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं?
इनके अलावा, सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पेट का फà¥à¤²à¥‚, साइनासिटिस, तà¥à¤µà¤šà¤¾ रूखा और खà¥à¤œà¤²à¥€à¤¦à¤¾à¤° होना आदि जैसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ आम हैं। अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि इन सà¤à¥€ बीमारियों का इलाज आसानी से उपलबà¥à¤§ है, इसलिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नज़रअंदाज़ न करें और गंà¤à¥€à¤° होने से पहले इलाज कराà¤à¤‚।
| --------------------------- | --------------------------- |