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बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° गिरने से हो सकती हैं ऑरà¥à¤—न फेल, जानिठलो बीपी के लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के उपाय
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसका बढ़ना और घटना दोनों ही जान के लिठखतरा है। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को लेकर लोग सतरà¥à¤• रहते हैं, लेकिन लो बीपी को नज़र अंदाज़ कर देते हैं। हमारा नॉरà¥à¤®à¤² बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 120/80 होना चाहिà¤, लेकिन अगर यह इससे नीचे जाता है तो उसे लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° यानि हाइपोटेंशन कहते हैं। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बॉडी को जितना नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है, उतना ही लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की वजह से हारà¥à¤Ÿ, किडनी, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ और फेफड़े खराब हो सकते हैं। बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो होने पर बॉडी के इन जरूरी अंगों तक खून की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ बंद हो जाती है जिससे ये जरूरी अंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। नौबत यहां तक पहà¥à¤‚च जाती है कि हारà¥à¤Ÿ अटैक और बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• तक आ सकता है। इन परेशानियों से बचने के लिठबà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का नॉरà¥à¤®à¤² होना जरूरी है। अगर आप à¤à¥€ लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के शिकार हैं तो सबसे पहले उसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पहचानिठऔर फिर उसका उपचार कीजिà¤à¥¤
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£:
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो होने पर चकà¥à¤•र आ सकते है और बॉडी ठंडी पड़ सकती है।
सीने में दरà¥à¤¦ की शिकायत à¤à¥€ लो बीपी के लकà¥à¤·à¤£ है।
जब बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 90/60 हो तो बीपी लो होता है।
सिर चकराना, बेहोशी, थकान, कमज़ोरी और आंखों से धà¥à¤‚धला दिखना
60/45 तक बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने पर मरीज़ नींद में रहता है उसे उलà¤à¤¨ होती है।
अगर बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 55/35 तक पहà¥à¤‚च जाठतो मरीज़ कोमा में पहà¥à¤‚च सकता है और उसकी मृतà¥à¤¯à¥ à¤à¥€ हो सकती है।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो होने के कई कारण हैं जैसे à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, बà¥à¤²à¤¡ इंफेकà¥à¤¶à¤¨, डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और थायराइड होना।
अगर आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो रहता है तो इन तरीकों से रखें बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° नॉरà¥à¤®à¤²
अगर आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो हैं तो आप बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥â€à¤Ÿ, लंच और डिनर तक के टोटल à¤à¥‹à¤œà¤¨ को 5- 6 हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ में बाट लें। खाने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैप नहीं करें। दिनà¤à¤° कà¥à¤› ना कà¥à¤› खाते रहें।
जिन लोगों का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो रहता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नमक की जरूरत होती है। दिनà¤à¤° में à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š नमक जरूर खाà¤à¤‚। नीबू पानी में चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° नमक मिलाकर पीà¤à¤‚।
लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ चीज़ों का अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पिà¤à¤‚ और इसके अलावा नारियल पानी, बेल का शरबत, आम पनà¥â€à¤¨à¤¾, नीबू पानी आदि à¤à¥€ पीते रहे।
अगर आपका बीपी लो हो रहा है तो तà¥à¤°à¤‚त कॉफी या चाय पिà¤à¤‚। कॉफी चाय आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° नॉरà¥à¤®à¤² करेगी और आप बेहतर महसूस करेंगे।
रात के समय 4 से 5 बदाम को पानी में à¤à¤¿à¤—ोकर रखें और सà¥à¤¬à¤¹ उसे पानी में उबालकर ठंडा करें और पीसकर पिà¤à¤‚, ये आपके बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करेगा।
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