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गैस कà¥à¤¯à¤¾ है और यह शिशॠको कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
गैस कà¥à¤¯à¤¾ है?
गैस आपके शिशॠके पेट में जमा हवा है। शिशॠदूध पीते समय दूध के साथ-साथ बहà¥à¤¤ सारी हवा à¤à¥€ अंदर निगल लेता है।
वह रोते समय और यहां तक कि सांस लेते समय à¤à¥€ हवा अंदर गटक सकता है। गैस अंदर जाने से शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध पीठबिना ही पेट à¤à¤°à¤¾-à¤à¤°à¤¾ सा महसूस होता है। पेट के अंदर गैस होने से शिशॠको बहà¥à¤¤ असहजता à¤à¥€ हो सकती है।
कई बार दूध या à¤à¥‹à¤œà¤¨ अचà¥à¤›à¥€ तरह न पच पाने की वजह से à¤à¥€ अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• हवा बन सकती है। आंतों में सामानà¥à¤¯à¤¤: मौदज बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दूध या à¤à¥‹à¤œà¤¨ को फरà¥à¤®à¥‡à¤‚ट कर सकते हैं, जिससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है। जिन शिशà¥à¤“ं में यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, वे बीमार से लग सकते हैं और उनका वजन à¤à¥€ सही ढंग से नहीं बढ़ता।
साथ ही, कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं के पेट में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस होती है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर बार दूध पिलाने के बाद डकार दिलवाने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। वहीं, कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को शायद ही कà¤à¥€ गैस होती है।
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि शिशॠको गैस है?
दूध पीते समय आपका शिशॠबोतल को चूसना छोड़ सकता है या रोना शà¥à¤°à¥ कर सकता है या फिर हो सकता है वह दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पीने को तैयार न हो। वह कसमसाने और मà¥à¤‚ह बनाने लग सकता है, खासकर कि यदि आप उसे दूध पिलाने के बाद लिटाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें तो।
जिन शिशà¥à¤“ं में गैस बनती है वे अपनी टांगे उपर उठाकर फैलाते हैं और अपनी पीठको चापाकार में मोड़ते हैं। ये लकà¥à¤·à¤£ कॉलिक या रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ के à¤à¥€ हो सकते हैं।
पहले तीन महीनों में शिशà¥à¤“ं में गैस होना आम है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तब उनकी आंतें पूरी तरह विकसित हो रही होती हैं। छह से 12 महीने ​के शिशà¥à¤“ं में à¤à¥€ ये आम है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे बहà¥à¤¤ से अलग-अलग à¤à¥‹à¤œà¤¨à¤¾ पहली बार आजमा रहे होते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं को गैस होती है?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं में बोतल से दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम गैस बनती है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ से दूध के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकते हैं। इसलिठवे धीमे-धीमे दूध चूसते हैं, जिससे दूध के साथ कम हवा अंदर जाती है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं की कम अवधि के लिठऔर बार-बार दूध पीने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सीधे बिठाकर à¤à¥€ दूध पिलाया जा सकता है। इन सबसे शिशॠके पेट में कम गैस जाती है।
हालांकि, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं को फिर à¤à¥€ हर बार दूध पिलाने के बाद डकार दिलवाने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। खासकर उन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, जब आपका शिशॠबहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता हो या फिर आपके दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ विशेषत: तेज हो।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं में गैस होने की वजह आपके आहार में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ हो सकती है। इस आहार को पहचानकर इसका सेवन बंद करने से मदद मिल सकती है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली माठके आहार में शामिल डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ à¤à¥€ इसका कारण हो सकते हैं।
कà¥à¤› सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¥‹à¤‚ जैसे गोà¤à¥€, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, हरी गोà¤à¥€, राजमा, छोलों को गैस और कॉलिक का कारण माना जाता है। हालांकि, इस बारे में पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ इतने पà¥à¤°à¤¬à¤² नहीं है।
अपने आहार को इतना à¤à¥€ सीमित न करें कि शिशॠको à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशीलता होने लगे। मगर यदि आपको लगे कि को विशेष à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠको दिकà¥à¤•त पहà¥à¤‚चा रहा है तो आप उसे अपने आहार से हटाकर देख सकती हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली माठके आहार के बारे में यहा पढ़ें।
बोतल से दूध पीने वाले अपने शिशॠको गैस होने से कैसे बचा सकती हूं?
बोतल से दूध के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ की वजह से शिशॠबहà¥à¤¤ सारी गैस अंदर निगल सकते हैं। शिशॠके पेट में कम गैस जाà¤, इसके लिठआप शिशॠको जितना सीधा हो सके उतना सीधा रखकर बोतल से दूध पिलाà¤à¤‚। साथ ही, यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बोतल को थोड़ा उठाकर रखें, ताकि दूध निपà¥à¤ªà¤² के छेद को पूरी तरह ढक ले।
बोतल में छेद बहà¥à¤¤ बड़ा या बहà¥à¤¤ छोटा नहीं होना चाहिà¤à¥¤ छोटे छेद से शिशॠपरेशान हो सकता है और वह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध निगलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है। बहà¥à¤¤ बड़ा छेद होने से दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बहà¥à¤¤ तेज जोता है।
कà¥à¤› बोतले हवा अंदर निगलने से रोकने के लिठतैयार की जाती हैं और à¤à¤¸à¤¾ उनके पैकेट पर लिखा होता है। कà¥à¤› मà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ होती हैं, वहीं कà¥à¤› में आंतरिक छेद या लाइनर होता है, जिससे दूध में हवा के बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ नहीं बनते और निपà¥à¤ªà¤² को गिरने से à¤à¥€ बचाते हैं।
कई बार शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ हो सकती है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से उचित विकलà¥à¤ª के बारे में पूछ सकती हैं।
शिशॠको डकार कैसे दिलाà¤à¤‚?
अगर, आपका शिशॠआराम से दूध चूस रहा है, तो उसे डकार दिलवाने के लिठबीच में न रोकें। à¤à¤¸à¤¾ करने पर वह शायद रोने लगे, जिससे और अधिक हवा उसके पेट में जाà¤à¤—ी। शिशॠजब खà¥à¤¦ ही दूध पीते-पीते बीच में रà¥à¤•े, तब आप उसे डकार दिलवा सकती हैं।
बोतल से दूध पीते हà¥à¤ जब शिशॠनिपà¥à¤ªà¤² को छोड़ दे या फिर जब आप à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ के बाद दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पिलाने लगें, तो आप उसे डकार दिलवा सकती हैं। इसके बाद जब वह पूरा दूध पी चà¥à¤•ा हो, तब उसे दोबारा डकार दिलाà¤à¤‚।
शिशॠकी पीठको थपथपाना या मलना गैस बाहर निकालने का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीका है। याद रखें कि à¤à¤¸à¥‡ में डकार के साथ-साथ वह थोड़ा-बहà¥à¤¤ दूध à¤à¥€ बाहर निकाल सकता है, इसलिठहमेशा à¤à¤• रà¥à¤®à¤¾à¤² या कपड़ा अपने पास रखें, ताकि अपने कपड़ों को गंदा होने से बचा सकें।
शिशॠको आमतौर पर तीन मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤“ं में डकार दिलवाई जाती है। आप इन तीनों को ही आजमा कर देखें, हो सकता है à¤à¤• की बजाय आपके दूसरी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर लगे।
छाती पर लेकर
बैठाकर
आपकी गोद में मà¥à¤‚ह नीचे की तरफ करके
इन अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानने के लिठहमारा वीडियो 'शिशॠको किस तरह डकार दिलाई जाà¤' देखें।
मेरे शिशॠको डकार लेने में परेशानी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
हो सकता है कि आपके शिशॠका अपरिपकà¥à¤µ पाचन तंतà¥à¤° हवा को आगे अंतड़ियों तक जाने देता है, जिससे उसका बाहर निकलना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं के लिठहिचकियां लेना ही गैस बाहर निकालने का à¤à¤•मातà¥à¤° तरीका होता है।
अगर आपके शिशॠने कà¥à¤› मिनट बीत जाने के बाद à¤à¥€ डकार नहीं ली है, तो इसका मतलब शायद यह है कि उसे डकार लेने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है। मगर, यदि शिशॠअसहज लग रहा हो, तो उसे डकार दिलाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करती रहें।
आपको शायद शिशॠकी पीठको अचà¥à¤›à¥€ तरह थपथपाना होगा और अलग-अलग अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में डकार दिलवानी होगी, तब कहीं जाकर वह डकार ले पाà¤à¤—ा।
अधिकांश शिशà¥à¤“ं को थोड़े बड़े होने पर डकार दिलावाने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती। जैसे-जैसे वे बड़े होते है, उनका इधर-उधर घूमना शà¥à¤°à¥ हो जाता है। वे हिल-डà¥à¤²à¤•र अपने लिठआरामदायक अवसà¥à¤¥à¤¾ चà¥à¤¨ सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ गैस से राहत पाने की कोई दवाà¤à¤‚ हैं?
यदि आपके शिशॠको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बन रही हो और मामला गंà¤à¥€à¤° हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° दवा बता सकती हैं। हो सकता है ये वही दवाà¤à¤‚ हों, जो कि कॉलिक (उदरशूल) के उपचार के लिठदी जाती हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° गैस दूर करने वाली à¤à¤¸à¥€ दवा बता सकती हैं जिनमें सिमेथिकोन होता है। यह गैस के बड़े बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‹à¤‚ को छोटा बनाता है। इससे शिशॠको गैस आसानी से बाहर निकालने में मदद मिलती है। हालांकि, इन दवाओं को बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के न दें।।
गà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤ª वाटर à¤à¤• बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ उपचार है, जिसमें जड़ी-बूटियां और सोडियम बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ होता है। माना जाता है कि ये जड़ी-बूटियां शिशॠके पेट में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ पहà¥à¤‚चाती हैं और हवा के बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‹à¤‚ को तोड़ देती हैं। वहीं सोडियम बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ अमà¥à¤² (à¤à¤¸à¤¿à¤¡) को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¹à¥€à¤¨ बना देता है।
पहले गà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤ª वाटर में à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल à¤à¥€ मिली होती थी। कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल के शामक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ (सिडेटिव इफेकà¥à¤Ÿ) ने ही गà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤ª वाटर को इतना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ बनाया है। मगर, अब गà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤ª वाटर में à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल नहीं होती है। इस बात के कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है कि गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर काम करता है, मगर बहà¥à¤¤ से माता-पिता अà¤à¥€ à¤à¥€ इसको असरकारक मानते हैं।
आपने शायद यह à¤à¥€ सà¥à¤¨ रखा होगा कि हरà¥à¤¬à¤² मिशà¥à¤°à¤£ जैसे कि जनà¥à¤®à¤˜à¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ आदि à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होते हैं। मगर, शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर, जनà¥à¤®à¤˜à¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ या कोई अनà¥à¤¯ हरà¥à¤¬à¤² या आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ रहता है जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असहजता होती है और वे रोते हैं और हवा अंदर निकल लेते हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शिशॠकी जांच करेंगे और निरà¥à¤£à¤¯ लेंगे कि शिशॠको अतिरिकà¥à¤¤ दवा की जरà¥à¤°à¤¤ है या नहीं।
शिशॠको गैस के दरà¥à¤¦ से बचाने और राहत दिलाने के लिठमैं और कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
शिशॠको पेट में गैस बनने पर राहत दिलाने के लिठआप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित उपाय आजमा सकती हैं:
दूध पिलाने के दौरान शिशॠको सीधा रखें
आप शिशॠको दूध पिलाते हà¥à¤ थोड़ा लंबवत यानि सीधा रखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकती हैं, जिससे सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पेट में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसानी से पहà¥à¤‚च सकेगा। यदि शिशॠने खà¥à¤¦ को कà¥à¤‚चित यानि कि सिकोड़ा हà¥à¤† है या à¤à¥à¤•ा हà¥à¤† है, तो उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ गैस के फंसने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है।
शिशॠके बहà¥à¤¤ à¤à¥‚खा होने से पहले दूध पिलाà¤à¤‚
शिशॠके बहà¥à¤¤ à¤à¥‚खा होने से पहले ही उसे दूध पिला दें। यदि वह à¤à¥‚ख की वजह से रोने लगेगा तो दूध पीने के ​दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ​हवा अंदर गटकने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। कोशिाश करें कि उसे शांत माहौल में दूध पिलाà¤à¤‚।
शिशॠकी टांगों को साइकिल चलाने की तरह ​घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚
शिशॠको पीठके बल लिटाà¤à¤‚, उसके पैरों को पकड़ें और धीरे-धीरे उसकी टांगों को साइकिल चलाने के ढंग से ऊपर-नीचे करें। नैपी या डायपर बदलते समय à¤à¤¸à¤¾ किया जा सकता है। à¤à¤¸à¤¾ करने से कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को गैस बाहर निकालने में मदद मिलती है और पेट की अनà¥à¤¯ असहजताà¤à¤‚ à¤à¥€ दूर होती हैं।
शिशॠके पेट की मालिश करें
शिशॠके पेट पर हलà¥à¤•े हाथों से मालिश करना उसे आराम देने के साथ-साथ गैस बाहर निकालने में à¤à¥€ मदद कर सकता है। और कà¥à¤› नहीं तो इससे उसके पेट को आराम मिलेगा। आप अपने शिशॠको अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर आड़ा करके लिटा सकती हैं, उसका पेट नीचे की तरफ होना चाहिठऔर आप उसकी पीठको मलें। इससे अतिरिकà¥à¤¤ दबाव दूर करने में मदद मिलती है।
शिशॠके पेट से गैस दूर करने में मददगार मालिश की तकनीक के बारे में हमारा यह विडियो देखें।
नजर रखें कि शिशॠठोस आहार के साथ कैसे तालमेल बिठा रहा है
जब आपका शिशॠछह महीने की उमà¥à¤° से ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ करता है तो देखें कि वह नठà¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के साथ ​कैसे तालमेल बिठाता है। वयसà¥à¤•ों की तरह ही शिशॠको à¤à¥€ कà¥à¤› विशेष सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे कि फूलगोà¤à¥€, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ और हरी गोà¤à¥€ आदि खाने पर अतिरिकà¥à¤¤ गैस बन सकती है।
यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ ये सेहतमंद à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाता है तो यह अचà¥à¤›à¥€ बात है। बस आप यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप à¤à¤¸à¥€ गैस पैदा करने वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लगातार हर à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल न करें।
जब आप शिशॠको ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥ करती हैं, तो दूध के अलावा à¤à¤• और अतिरिकà¥à¤¤ पेय के तौर पर पानी सबसे अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। पानी पीने से गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ खतà¥à¤® तो नहीं होगी मगर यह कबà¥à¤œ में या मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करने में हो रही परेशानी से राहत दे सकता है। कबà¥à¤œ के साथ-साथ अकà¥à¤¸à¤° गैस और पेट में असहजता रहती है।
शिशà¥à¤“ं को फलों के रस में मौजूद फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ और सरकॉज़ को पचाने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है, जिसकी वजह से उसे गैस बन सकती है या दसà¥à¤¤ (डायरिया) à¤à¥€ हो सकता। जूस आपके शिशॠके उà¤à¤°à¤¤à¥‡ दांतों को à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है और मीठे पेयों का शौक बढ़ा सकता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको दो साल की उमà¥à¤° से पहले जूस देने की सलाह नहीं देते। इसके बजाय ताजा और मौसम के अनà¥à¤•ूल फल, पà¥à¤¯à¥‚री या फिंगर फ़ूड के रूप में खिलाà¤à¤‚!
मेरे शिशॠका गैस का दरà¥à¤¦ कब गंà¤à¥€à¤° है?
यदि आपको लगातार तीन दिन से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तक कई बार बचà¥à¤šà¥‡ का उपचार करने की जरà¥à¤°à¤¤ पड़े या फिर गैस के साथ-साथ अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ जैसे कि उलà¥à¤Ÿà¥€, दसà¥à¤¤ या बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त बात करें।
हो सकता है आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कोई अधिक गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ जैसे कि पेट का संकà¥à¤°à¤®à¤£ (गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टे​राइटिस) या लगातार रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ (गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹-इसोफेगल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज या जीओआरडी) या फिर किसी à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो।
इसके अलावा, यदि आपके शिशॠका विकास और वजन वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¥€ सही तरह न हो रही हो या फिर वह अपने विकासातà¥à¤®à¤• माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ पर उमà¥à¤®à¥€à¤¦ से देर में पहà¥à¤‚च रहा हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚।
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