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सेकà¥à¤¸ किठबिना कà¥à¤¯à¤¾ महिला हो सकती है पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट? बता रहे हैं à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸
pregnancy without sex
टीवी शो ‘à¤à¤• लड़की अनजानी सी’, में अननà¥à¤¯à¤¾ नाम की लड़की बिना सेकà¥à¤¸ के ही पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हो जाती है? उस वकà¥à¤¤ हम सà¤à¥€ के लिठये नयी और अजीब सी बात थी। लेकिन इसके पीछे कारण बताया गया था, आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤² इनसेमिनेशन, यानि इंजेकà¥à¤¶à¤¨ या बाहरी टà¥à¤¯à¥‚ब के जरिये सà¥à¤ªà¤°à¥à¤®à¥à¤¸ को महिला के पहà¥à¤‚चाना। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¤¾ असल में होता है? यहां इसके बारे में आपको डिटेल मेंं बता रहे हैं à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥¤
ये बात बताने के पीछे हमारा मकसद ये है कि कई मामलों में बिना इंटरकोरà¥à¤¸ के à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हो सकते हैं। कई बार इसे वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¥€ कहते हैं, हालाà¤à¤•ि इसके लिठमहिला का वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ यानि सेकà¥à¤¶à¥à¤…ली इनà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ होना जरूरी नहीं है।
Table of Contents
बिना सेकà¥à¤¸ की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी
वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कà¥à¤¯à¤¾ है और इसमें कितनी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ है?
कà¥à¤¯à¤¾ बिना सेकà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के सेफ तरीके हैं?
कà¥à¤¯à¤¾ है इनविटà¥à¤°à¥‹ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ (IVF)?
कà¥à¤¯à¤¾ करें जब पता चले कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं
कà¥à¤¯à¤¾ करें जब आपको ये पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं चाहिठहो?
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां कैसे काम करती हैं?
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां लेना कब शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤?
बिना सेकà¥à¤¸ की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी
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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठजरूरी हैं दो मà¥à¤–à¥à¤¯ चीजें: मेल सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और फीमेल à¤à¤—। à¤à¤¸à¥‡ में इन दोनों का मिलन इनमें से किसी à¤à¥€ तरीके से हो सकता है:
1. इंटरकोरà¥à¤¸ के दौरान पेनेटà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से
2. आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इनसेमिनेशन यानि फीमेल बॉडी में सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को इंजेकà¥à¤Ÿ किया जाà¤
3. मेल और फीमेल के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और à¤à¤—à¥à¤¸ को टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब में फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ करवाया जाà¤à¥¤ इसके बाद फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ à¤à¤— को महिला के शरीर में इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट किया जाà¤à¥¤
वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कà¥à¤¯à¤¾ है और इसमें कितनी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ है?
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अमेरिका में हà¥à¤ˆ à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में ये जानने की कोशिश की गयी कि कà¥à¤¯à¤¾ वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी वाकई संà¤à¤µ है। रिसरà¥à¤š करने वालों ने यह पाया कि जिन लड़कियों ने अपने वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने की बात साà¤à¤¾ की थी वो अधिकतर इन दो गà¥à¤°à¥à¤ªà¥à¤¸ में आती थीं:
1. पारिवारिक और धारà¥à¤®à¤¿à¤• वजहों के चलते वो सेकà¥à¤¸ की बात को मानने से इंकार कर रही थी और अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को à¤à¤• चमतà¥à¤•ार के रूप में पेश कर रही थीं
2. à¤à¤¸à¥€ लड़कियां जिनके लिठसेकà¥à¤¸ के मायने असल मायनों से थोड़े से अलग थे। इसके पीछे सेकà¥à¤¸ à¤à¤œà¥à¤•ेशन का अà¤à¤¾à¤µ और पारिवारिक सपोरà¥à¤Ÿ की कमी देखी गयी।
दरअसल हमारे समाज में सेकà¥à¤¸ का मतलब सिरà¥à¤« इंटरकोरà¥à¤¸ यानि पीनिस और वैजाइनल पेनेटà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ ही माना जाता है। लेकिन अगर मेल पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° फीमेल के वैजाइना के पास à¤à¥€ इजाकà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ कर दें तब à¤à¥€ कई बार अनचाही पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की आशंका हो सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ बिना सेकà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के सेफ तरीके हैं?
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जी हां, इनविटà¥à¤°à¥‹ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ यानि टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी उन कपलà¥à¤¸ के लिठà¤à¤• वरदान है जो पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हो पाने में असमरà¥à¤¥ हैं। इसमें शरीर के बाहर टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब में à¤à¤— और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ करवाया जाता है। इसके बाद इसे महिला के शरीर में इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट किया जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ है इनविटà¥à¤°à¥‹ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ (IVF)?
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इस पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤œà¤° में सबसे पहले फीमेल को दवाओं के जरिये कई à¤à¤—à¥à¤¸ बनाने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के लिठतैयार किया जाता है। उसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ इन à¤à¤—à¥à¤¸ को फीमेल के शरीर से निकालते हैं और लैबोरटरी में पà¥à¤°à¥à¤· के सà¥à¤ªà¥‡à¤°à¥à¤®à¥à¤¸ के साथ मिकà¥à¤¸ करते हैं।
इसके बाद वो à¤à¤• या à¤à¤• से अधिक à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ यानि फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¡ à¤à¤— को सीधे महिला के यूटेरस में डालते हैं। बात का इंतजार किया जाता है कि इंजेकà¥à¤Ÿ किये गठसारे à¤à¤—à¥à¤¸ में से कोई à¤à¤• यूटेरस की लाइनिंग से अटैच हो सके।
IVF कई सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¥à¤¸ की पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ है। और इसे पूरा होने में कई महीने लग सकते हैं। कई बार ये पहली बार में ही सफल हो जाता है। लेकिन कई बार इसे पूरा होने में 1 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टà¥à¤°à¤¾à¤¯ और टाइम लग जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ करें जब पता चले कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं
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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होना किसी के लिठख़à¥à¤¶à¥€ तो किसी के लिठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से à¤à¤°à¤¾ हो सकता है। हो सकता है कि आप इसके लिठसालों से कोशिश कर रही हों या ये किसी हादसे के रूप में आपके सामने आये। लेकिन इसके कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• समान हो सकते हैं।
अगर आपके पीरियडà¥à¤¸ लेट हो गठहैं तो ये पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥‚आती लकà¥à¤·à¤£ कहे जा सकते हैं। ये वो समय हो सकता है जब आपको होम पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी टेसà¥à¤Ÿ लेना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में सूजन और उनका सॉफà¥à¤Ÿ हो जाना
बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस होना
मितली आना
उलà¥à¤Ÿà¥€ आना या आने की जरूरत महसूस होना
थकान और बेचैनी होना
कबà¥à¤œ होना
मà¥à¤‚ह में मेटल या लोहे का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ आना
चकà¥à¤•र आना और सिर घूमना
घर में खà¥à¤¦ टेसà¥à¤Ÿ करवाने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर मà¥à¤²à¤¾à¥˜à¤¾à¤¤ करें। वो आपको बेहतर मदद करेंगी और आने वाले महीनों के लिठतैयार करेंगी
कà¥à¤¯à¤¾ करें जब आपको ये पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं चाहिठहो?
इसके लिठà¤à¥€ आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना जरूरी है। अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट नहीं होना चाहती हैं तो मेडिकल सलाह ले सकती हैं।
अगर कोई महिला सेकà¥à¤¸à¤¶à¥à¤…ली à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हैं और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं चाहतीं तो गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां à¤à¤• बेहतरीन उपाय हैं।
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां कैसे काम करती हैं?
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इसको समà¤à¤¨à¥‡ से पहले ये समà¤à¤¿à¤ कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठमहिला का शरीर किस तरह से काम करता है। महिलाओं के शरीर में दो ओवरी होती हैं। बारी-बारी से हर महीने à¤à¤• ओवरी à¤à¤• à¤à¤— निकालती है। जब यही à¤à¤— पà¥à¤°à¥à¤· के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® से मिलकर à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देता है।
इस पूरे पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ में महिला के शरीर के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ बहà¥à¤¤ जरूरी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ में बदलाव करती हैं और à¤à¤— और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के मिलने को रोकती हैं। इस तरह से ये पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी रोकने में à¤à¥€ मदद करती हैं।
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां लेना कब शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤?
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किसी अनà¥à¤¯ दवाई की ही तरह इन गोलियों को लेने से पहले à¤à¥€ अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इसके बारे में बात करना जरूरी है। जब à¤à¥€ आप गोलियां लेनी शà¥à¤°à¥‚ करें, हर रोज़ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ समय पर ही लें। इसके लिठदिन में à¤à¤• समय तय कर लें, चाहे सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥à¤¤à¥‡ के पहले या रात में सोते समय।
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