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à¤à¤®à¥à¤¸ में पहली बार पॉलीसिथिमिया वेरा का इलाज, चार घंटे में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ 16 लाख पहà¥à¤‚ची, इसलिठबह रहा था खून, 10 लाख पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ निकाल बचाया
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿâ€Œà¤²à¥‡à¤Ÿâ€Œà¥à¤¸ निकालने वाली à¤à¤®à¥à¤¸ की टीम।
खून गाढ़ा हो जाता है, हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा बढ़ जाता है
पॉलीसिथिमिया वेरा को पीवी à¤à¥€ कहा जाता है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बोरà¥à¤¨ मेरो में होता है। असà¥à¤¥à¤¿ मजà¥à¤œà¤¾ हडà¥à¤¡à¥€ का नरम हिसà¥à¤¸à¤¾ होता है। यह हडà¥à¤¡à¥€ के बीच में होता है और इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ काम रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ बनाना होता हैं। पॉलीसिथिमिया वेरा से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने पर अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ बनने लग जाती हैं और इसके कारण खून अधिक गाढ़ा हो जाता है। इससे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, हारà¥à¤Ÿ अटैक या खून का थकà¥à¤•ा जमना आदि समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
लकà¥à¤·à¤£ | पीवी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोगों में संकेत व लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते। कà¥à¤› लोगों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना, सिरदरà¥à¤¦, चकà¥à¤•र आना, खून बहना, खून बहना या नील पड़ना, कमजोरी महसूस होना, थकान होना, धà¥à¤‚धला दिखाई देना, अधिक पसीना आना, जोड़ में दरà¥à¤¦ व सूजन होना, सांस फूलना, बà¥à¤–ार होना, शरीर का वजन कम होना आदि लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
इलाज | पीवी दीरà¥à¤˜à¤•ालिक रोग है। इसका इलाज संà¤à¤µ नहीं हैं। इलाज का मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¥à¤¯ रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करना होता है। पीवी के इलाज में नसों से खून निकालना, à¤à¤¸à¥à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¨ की हलà¥à¤•ी खà¥à¤°à¤¾à¤• देना, रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को कम करने वाली दवाà¤à¤‚ देना, कैंसर यà¥à¤•à¥à¤¤ कोशिकाओं को नषà¥à¤Ÿ करने वाली दवाà¤à¤‚ देना शामिल हैं।
कारण | पीवी महिलाओं के मà¥à¤•ाबले पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में अधिक देखा जाता है। 60 साल की उमà¥à¤° के बाद मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पॉलीसिथिमिया वेरा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। हालांकि यह किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकता है। जीन में किसी पà¥à¤°à¤•ार का बदलाव होना, पीवी रोग का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है। यह जीन उस पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करता है, जिससे रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ बनती हैं।
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