पेशाब कितने कलर का होता है?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 08:54

आमतौर पर यूरिन का रंग हल्का पीला और हल्का मटमैला लेकिन पारदर्शी होता है लेकिन अगर शरीर में ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ पहुंचता है तो इससे यूरिन का रंग बदल जाता है. मायोक्लिनिक के मुताबिक अगर पेशाब का रंग असमान्य दिखे तो यह खतरे का संकेत हो सकता है. रेड कलर-अगर पेशाब का रंग लाल हो जाए तो यह गंभीर समस्या हो सकती है.

इन स्थितियों में खतरा
रेड कलर-अगर पेशाब का रंग लाल हो जाए तो यह गंभीर समस्या हो सकती है. यह किडनी में स्टोन और मूत्राशय में इंफेक्शन की वजह से हो सकता है. अगर पेशाब करते वक्त दर्द नहीं हो रहा है और पेशाब का रंग लाल है तो यह और चिंता का विषय है. ऐसी स्थिति में कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है.
डार्क और ओरेंज कलर-अगर पेशाब का रंग अधिक गहरा या नारंगी कलर का है तो भी यह बीमारी के संकेत हैं. खास कर तब जब स्टूल का रंग भी बदला हुआ है. इस स्थिति में लिवर की गंभीर समस्या हो सकती है.

ऐसे पता करें
सामान्यतया यूरिन का रंग शरीर को प्राप्त तरल पदार्थों पर निर्भर करता है. तरल पदार्थ शरीर में जितना जाएगा वह यूरिन में यैलो पिग्मेंट को उतना ही पतला कर देगा. अगर आप अधिक पानी पीएंगे तो यूरिन का रंग उतना ही ज्यादा साफ होगा. जब कम पानी पीया जाए तो यूरिन का रंग यैलो के साथ-साथ गाढ़ा होता जाएगा. इसलिए यूरिन का रंग खाने-पीने पर निर्भर करता है. चुकंदर, जामुन या कुछ दवाओं के सेवन की स्थिति में यूरिन का कलर हरा, पीला, नीला आदि हो सकता है. इसलिए ऐसा नहीं है कि यूरिन का रंग बदलने पर हर बार किसी बीमारी का ही खतरा हो. हां, अगर बिना कुछ खाए-पीए पेशाब का रंग असामान्य तरीके से बदलता है तो यह किसी बीमारी के संकेत हो सकते हैं.

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