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जानें पानी की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में
पानी के बिना पà¥à¤°à¤¥à¥à¤µà¥€ पर जीवन संà¤à¤µ नहीं है. हमारे शारीर में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी ही होता है. अगर हम कम पानी पीते है या कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण) के शिकार होते है तो हमें इसको गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पानी की कमी से काफी बीमारियाठहो सकती है. इस लेख में उन बीमारियों के बारे में जानेंगे जो पानी की कमी से होती है.
पानी के बिना जीवन की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ à¤à¥€ नहीं की जा सकती है. यह पृथà¥à¤µà¥€ पर सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है. कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते है कि अगर पà¥à¤°à¤¥à¥à¤µà¥€ पर पानी नहीं होगा तो जीवन à¤à¥€ नहीं होगा. पानी सिरà¥à¤« पीने के लिठही नहीं बलà¥à¤•ि इससे कई जरूरतों को पूरा किया जाता है. जब कà¤à¥€ शारीर में पानी की कमी हो जाती है जिसे डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण) à¤à¥€ कहते है तो हम इसे गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से नहीं लेते है. परनà¥à¤¤à¥ कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते है कि पानी की कमी से कई रोग होते है जो कि जानलेवा à¤à¥€ हो सकते है. आइये इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से पानी की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करते है.
पानी की कमी से होने वाली बीमारियां
आजकल कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ बहà¥à¤¤ आम बीमारी हो गई है, इसको नज़रअंदाज न करें. इसके दà¥à¤·à¥à¤ªà¤°à¤¿à¤£à¤¾à¤® à¤à¥€ हो सकते है. ये बीमारी कम पानी पीने वालों को होती है. इसलिà¤, नियमित अंतराल पर पानी पीने को अपनी आदत में शामिल करें.
1. थकान और उरà¥à¤œà¤¾ की कमी का होना: शारीर में पानी की कमी होने के कारण निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण होता है जिसकी वजह से à¤à¤‚जाइमिक गतिविधि की दर कम हो जाता है और थकान बढ़ जाती है. थकावट के कारण आप कोई à¤à¥€ काम सही से नहीं कर पाते है और उरà¥à¤œà¤¾ की हर समय कमी लगती रहती है.
2. अधिक वजन या मोटापे का होना: सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पानी वसा को जलाकर वजन कम नहीं कर पाता है परनà¥à¤¤à¥ सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ यह है कि वजन घटाने में यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है. पानी पीने से शरीर से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ और अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ बहार निकलते है. पेट à¤à¥€ à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† महसूस होता है और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ चयापचय बनाठरखने में à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ हैं.
3. समय से पूरà¥à¤µ बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ का आना: हमारे शरीर में 60% से अधिक पानी होता है और शारीर के अंगों को सही से काम करने के लिठइस कीमती संसाधन पर निरà¥à¤à¤° रहना पड़ता है. जब आप दिन में बहà¥à¤¤ सारा पानी पीते हैं, तो इससे आपको मà¥à¤•à¥à¤¤ कणों से लड़ने में मदद मिलती है जो कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंतरिक अंगों को समय से पूरà¥à¤µ बà¥à¤¢à¤¼à¤¾ बनाते हैं.
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं का मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अधिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता हैं
4. कबà¥à¤œ का होना: हम सब जानते है कि चबाया हà¥à¤† à¤à¥‹à¤œà¤¨ आंतों में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है और दà¥à¤°à¤µ होने के कारण मल आसानी से बनता है. इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में आंतें पानी सोख लेती हैं. इसलिठआंतों का हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होना अनिवारà¥à¤¯ है. यदि आप निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं तो मल आसानी से नहीं बन पाà¤à¤—ा, शारीर से कचरा नहीं निकलेगा, जिसकी वजह से आप कबà¥à¥› से पीड़ित हो सकते हैं.
5. हाई और लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीने से शरीर में खून से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को निकलने में मदद मिलती है और अचà¥à¤›à¤¾ संचलन की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ मिलती है. आपके संचार पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को सही ढंग से काम करने के लिठपानी की जरूरत होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अकेले आपके शरीर में खून की मातà¥à¤°à¤¾ सà¤à¥€ धमनियों, नसों और केशिकाओं को à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं होती है.
6. खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤°: निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण आपके कोशिकाओं के इंटीरियर से पानी की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करता है, जिसका मतलब है कि शरीर अधिक कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करके पानी की कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤¤à¤¿ करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है, जिनमें से कà¥à¤› आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठखराब à¤à¥€ होता है.
7. पाचन तंतà¥à¤° के रोगों का होना: निरà¥à¤œà¤²à¤¿à¤¤ शारीर में पाचन के रस का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कम हो जाता है, जिससे पेट की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं और रोगों जैसे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Gastritis) और अलà¥à¤¸à¤° à¤à¥€ हो सकता हैं.
8. यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨: गà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ और यूरिनरी सिसà¥à¤Ÿà¤® का सही से कारà¥à¤¯ करना पानी पर निरà¥à¤à¤° करता है. जब आप निरà¥à¤œà¤²à¤¿à¤¤ होते हैं, तो आप सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ जैसे यूरिन या यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के रिसà¥à¤• को बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ है. इस बिमारी का पता लगाना आसान है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका यूरिन गहरा रंग का हो जाता है और उसमें गंध à¤à¥€ आती है.
9. गठिया और à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ यानी खà¥à¤œà¤²à¥€ का होना: पानी की कमी से खून में विशैले पदारà¥à¤¥ आसानी से जमा हो जाते है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के रोग और समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं. कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चला है कि पानी की कमी जोड़ों के साथ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को बढ़ा सकती है.
शारीर को 20 से 24 औंस (500 से 700 मिलीलीटर) पसीने को निकालने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जिसके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ यानी पानी होना चाहिà¤. पसीने से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ और अपशिषà¥à¤Ÿ चीज़े शारीर से निकलती हैं, परनà¥à¤¤à¥ अगर पानी की शारीर में कमी हो तो à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रोग à¤à¥€ हो सकते हैं.
10. शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का होना: पानी à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ घटक है और शà¥à¤µà¤¸à¤¨ रोगों की रोकथाम करता है. फेफड़े, नाक, साइनस, आदि की शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤® à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण और अनà¥à¤¯ कणों के विरà¥à¤¦à¥à¤§ आपकी रकà¥à¤·à¤¾ करने के लिठबहà¥à¤¤ अधिक नम रहने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है जिसके लिठपानी की जरà¥à¤°à¤¤ होती है.
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