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पानी पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद आ जाता है पेशाब? जानें किन कारणों से होता है à¤à¤¸à¤¾
Frequent Urination After Drinking Water: पेशाब शरीर से अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को निकालता है। जिस तरह से पेशाब कम आना à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, उसी तरह बार-बार पेशाब आना à¤à¥€ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का संकेत हो सकता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को दिन में 6-7 बार पेशाब आता है, यह सामानà¥à¤¯ है। लेकिन अगर 7 से अधिक बार पेशाब आता है तो यह असामानà¥à¤¯ हो सकता है। इतना ही नहीं कई लोगों को तो पानी पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद ही पेशाब आ जाता है। बार-बार पेशाब आना वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ को बाधित कर सकता है। अगर आपको à¤à¥€ पानी पीने के बार पेशाब जाना पड़ता है, तो जानिठà¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है।
चलिठकामिनेनी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤², à¤à¤²à¤¬à¥€ नगर, हैदराबाद के वरिषà¥à¤ सामानà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° जे सतà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ राव से विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं पानी पीने के बाद पेशाब लगने के कौन-कौन से कारण (Pani Peene ke Bad Turant Peshab Aana) हो सकते हैं।
1. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी (Frequent Urination in pregnancy)
बार-बार पेशाब लगने का पहला कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी हो सकती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को पेशाब अधिक आ सकता है। दरअसल, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जैसे-जैसे पेट में बचà¥à¤šà¤¾ बढ़ता है, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर जोर पड़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में पेशाब जलà¥à¤¦à¥€ जाने की इचà¥à¤›à¤¾ होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पानी पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पेशाब निकलने का अहसास हो सकता है। यह सामानà¥à¤¯ है, लेकिन अगर पेशाब में जलन, दरà¥à¤¦ हो या फिर पेशाब में खून निकले तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें।
2. किडनी की पथरी (frequent urination kidney stone in bladder)
किडनी की पथरी में à¤à¥€ लोगों को बार-बार पेशाब आ सकता है। मिनरलà¥à¤¸ और नमक किडनी में छोटे रॉकà¥à¤¸ बना सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आपको बार-बार पेशाब आने का अहसास हो सकता है। लेकिन कई बार पेशाब आता नहीं है, सिरà¥à¤« महसूस होता है। अगर आप पानी पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पेशाब जा रहे हैं, तो यह किडनी की पथरी का संकेत हो सकता है। इस दौरान आपको बà¥à¤–ार, ठंड लगना, पीठमें दरà¥à¤¦ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
3. यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ (frequent urination in urine infection)
अगर आपको बार-बार पेशाब आता है, तो यह यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ किडनी, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और उन नलियों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर देते हैं, जो à¤à¤•-दूसरे को आपस में जोड़ती हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾ महिलाओं में देखने को मिलती है। यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ में मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ सूज सकता है, à¤à¤¸à¥‡ में महिला पेशाब रोक नहीं पाती है। à¤à¤¾à¤—दार पेशाब, बदबूदार पेशाब, जी मिचलाना, पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना à¤à¥€ यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
4. डायबिटीज (frequent urination diabetes in hindi)
बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ होता है। दरअसल, टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज दोनों शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को बढ़ाते हैं। किडनी से फिलà¥à¤Ÿà¤° करने की कोशिश करते हैं, लेकिन हमेशा नहीं हो पाता है। à¤à¤¸à¥‡ में पेशाब में शà¥à¤—र खतà¥à¤® हो जाती है। शरीर अधिक पानी खींचता है और बार-बार पेशाब आता है। अगर आपको पानी पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पेशाब आ रहा है, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। इसलिठइस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बिलà¥à¤•à¥à¤² नजरअंदाज न करें। अचानक से सामानà¥à¤¯ से अधिक पेशाब आने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
5. शराब या कैफीन
अगर आप बहà¥à¤¤ अधिक शराब या कैफीन लेते हैं, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको पानी पीने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पेशाब आ सकता है। शराब या कैफीन मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ कर सकते हैं, इससे पेशाब अधिक बार आ सकता है। दरअसल, शराब और कैफीन शरीर के वैसोपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¨ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को à¤à¥€ रोकते हैं। बार-बार पेशाब आता है, तो आपको शराब या कैफीन का सेवन कम मातà¥à¤°à¤¾ में ही करना चाहिà¤à¥¤ शराब या कैफीन के बाद à¤à¥€ पेशाब आ सकता है। शराब सेहत के लिठहानिकारक होता है, कैफीन à¤à¥€ सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही लेना चाहिà¤à¥¤
6. कमजोर पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸
पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸, निचले पेट का à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है। जब पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ कमजोर पड़ता है, तो à¤à¤¸à¥‡ में बार-बार पेशाब आने की शिकायत हो सकती है। दरअसल, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ की मांसपेशियां खिंच जाती हैं और कमजोर हो जाती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में पेशाब को रोक पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कई बार पेशाब लीक à¤à¥€ हो सकता है।
7. मेनोपॉज
मेनोपॉज वह समय होता है, जब महिलाओं में पीरियडà¥à¤¸ आना बंद हो जाता है। यह à¤à¤• महिला को 50 साल की उमà¥à¤° में हो सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शरीर à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कम करता है और बार-बार पेशाब करने की इचà¥à¤›à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
अगर आप कम पानी पीते हैं, फिर à¤à¥€ बार-बार पेशाब जाते हैं तो यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। लेकिन अगर आप 3-4 लीटर तक पानी पीते हैं और पेशाब अधिक बार जाते हैं, तो यह सामानà¥à¤¯ हो सकता है। लेकिन अगर आप दिन में 7 बार से अधिक पेशाब करने जा रहे हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ जरूर करें।
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