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नींद संबंधी विकार और हृदय संबंधी रोगों के खतरों में बà¥à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤°à¥€
हम सà¤à¥€ जानते हैं कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन की ओर जाता है। लेकिन परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद लेना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ है। नींद शरीर को आराम करने और ऊरà¥à¤œà¤¾ बहाल करने की मदद करती है। साथ ही साथ, शारीरिक और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारà¥à¤¯ à¤à¥€ शारीरिक और मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। नींद की मातà¥à¤°à¤¾ और गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ जगे रहते समय सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® सजगता बनाठरखने में मदद करती है। हालांकि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की नींद की आवशà¥à¤¯à¤•ता à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है, à¤à¤• वयसà¥à¤• को दिन में आठघंटे सोना चाहिà¤à¥¤ जबकि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को 8 घंटे से अधिक नींद की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
आजकल, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से कई लोगों को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में नींद नहीं मिलती है और लंबे समय तक नींद से वंचित हो जाते हैं। कà¥à¤› लोग नींद संबंधी विकार जैसे निदà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‹à¤— और अनà¥à¤¯ बीमारियों से पीड़ित होते हैं। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ बहà¥à¤¤ से कारणों से नींद का सà¥à¤µà¤°à¥à¤ª बाधित हो सकता है:
तनाव पूरà¥à¤£ जिंदगी
परिवार की मांग या अधिक वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ और शरीर के तापमान में परिवरà¥à¤¤à¤¨ (मासिक धरà¥à¤® के समय, मासिक धरà¥à¤® का बनà¥à¤¦ होना और डिंबोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨)
आहार नियंतà¥à¤°à¤£ (डाइटिंग)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
नींद में बार-बार सांस रà¥à¤•ना और शà¥à¤°à¥‚ होना (सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾) और रेसà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤¸ लेग सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®) जैसे नींद विकार
अवसाद और चिंता
थकान
नींद संबंधी विकार:
70 से अधिक के लोगों में नींद संबंधी विकार पाया गया है। पांच सबसे आम विकारों में से है:
अनिदà¥à¤°à¤¾: यह सबसे आम नींद विकार है। इसे रात में सोने में या नींद को बनाठरखने में कठिनाई के रूप में परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। अनिदà¥à¤°à¤¾ के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ जागना और रात की नींद का अनà¥à¤à¤µ न करने के कारण वापस सोने में असमरà¥à¤¥ होना शामिल है। परिणाम थकान, à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ में परेशानी, खिनà¥à¤¨à¤¤à¤¾ और नींद विकार से सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
औंघाई (नारà¥à¤•ोलेपà¥à¤¸à¥€): दिन के दौरान इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रोगी को अचानक नींद आ जाती है। किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के दोनों लिंगों में औंघाई आना आम है। यह पहली बार किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ और यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में देखा जाता है। कà¥à¤› साकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का कहना है कि औंघाई परिवार की पीढ़ी में चल सकता है। हाल के शोधों से पता चला है कि औंघाई मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में à¤à¤• रसायन की कमी के कारण है जिसे संवाद करने के लिठतंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग किठजाने वाले छोटे पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जैसे अणॠ(नà¥à¤¯à¥‚रोपैपà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡) जो उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾, जागने और à¤à¥‚ख को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है (हाइपो-कà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¨) के रूप में जाना जाता है। औंघाई के अनà¥à¤¯ संबंधित लकà¥à¤·à¤£ हैं: à¤) चिकितà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें हंसी आदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अचानक शारीरिक पतन का सामना करने का कारण बनती है, हालांकि शेष à¤à¤¾à¤— में होश रहता है (कैटापà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¥€) बी) सोते समय या जागने पर हिलने या बोलने की असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (सà¥à¤²à¥€à¤ª पैरालिसिस) सी) समà¥à¤®à¥‹à¤¹à¤¨ संबंधी मतिà¤à¥à¤°à¤® (हाइपानोगॉजिक मतिà¤à¥à¤°à¤®), आदि।
सà¥à¤²à¥€à¤ª-à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾: नींद विकार से शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤°à¥‹à¤§ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जान के लिठखतरे की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। यह सोते समय वायॠपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में बार बार आने वाली संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ बाधा है। बाधाकारी शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤°à¥‹à¤§ सबसे सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार है। यह तब होता है जब वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• ऊतकों/बढ़े हà¥à¤ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²/बड़े यà¥à¤µà¥à¤²à¤¾ के कारण वायॠपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो जाता है और इसे संकीरà¥à¤£ बनाता है। यह मà¥à¤‚ह और नाक के अंदर और बाहर के वायà¥à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को परेशान करता है, साथ ही साथ इससे सांस लेने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤¾à¤°à¥€ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡, वायà¥à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में ठहराव, कम ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ सà¥à¤¤à¤°, कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ सकता है। यह सà¤à¥€ आयॠसमूहों और दोनों लिंगों में होता है लेकिन पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में सबसे आम है। हालांकि जो लोग खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेते हैं वे सà¤à¥€ नींद की असà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤à¤¤à¤¾ से शà¥à¤µà¤¾à¤¸ रोध से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ नहीं होते हैं।
रेसà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤¸ लेग सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (आरà¤à¤²à¤à¤¸): आरà¤à¤²à¤à¤¸ à¤à¤• नींद विकार है जिसमें हाथों और पैरों में अपà¥à¤°à¤¿à¤¯ संवेदना होती है। संवेदना को अकà¥à¤¸à¤° रेंगने, घिसटना, à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€, खींचने और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• जलन के रूप में वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया जाता है। लेटते या लंबे समय तक बैठे रहने पर ये लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हैं। हाथों और पैरों के अलावा यह संवेदना जननांग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, चेहरा और धड़ में à¤à¥€ हो सकती है। यह आपके पैरों को हिलाने को तीवà¥à¤° संकेत देता है और नींद को लगà¤à¤— असंà¤à¤µ बना देता है। आरà¤à¤²à¤à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ बेहतर हो सकते हैं और समय बीतने पर आने वाले सालो में फिर से सà¥à¤§à¤¾à¤° आ सकता है। अधिकतर आरà¤à¤²à¤à¤¸ संबंधित नींद विकार को नियत काल से अंग हिलनेवाला विकार (पीà¤à¤²à¤à¤®à¤¡à¥€) à¤à¥€ कहा जाता है।
सरà¥à¤•ैडियन ताल विकार: इससे तातà¥à¤ªà¤°à¥à¤¯ उन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के à¤à¤• समूह से है जो शरीर के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और जैविक लय को बाधित करता है। यह आमतौर पर पारी में काम करनेवाले शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• (जो आमतौर पर गैर-पारंपरिक घंटों के लिठकाम करते हैं) में पाया जाता है जो कि इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठकमजोर होते हैं। इसके अलावा, यह आमतौर पर विरल यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पाया है जो विमान यातà¥à¤°à¤¾ से थके (जेट लैग), अनियमित नींद पैटरà¥à¤¨, किशोरों और आनà¥à¤µà¤‚शिक पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ वाले लोगों पाया जाता है।
हृदय रोग:
नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ अलिंद विकमà¥à¤ªà¤¨ (à¤à¤à¤«) नामक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा करती है। हृदय में कोशिकाओं का समूह (साइनस गाà¤à¤ ) का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ विदà¥à¤¯à¥à¤¤ आवेग à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है जो हृदय के सà¥à¤ªà¤‚दन गतिविधि को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— इन आवेगों में गड़बड़ी पैदा करती है जिससे आघात होता है। कमजोरी लाने वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जो लोगों के बोलने, खाने और बातचीत करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है।
नींद की असà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤à¤¤à¤¾ से शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤°à¥‹à¤§ के कारण, असामानà¥à¤¯ हृदय की धड़कन सांस लेने को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है इसलिठरकà¥à¤¤ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° कम होता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सरà¥à¤•ैडियन लय (शरीर की घड़ी-चकà¥à¤°) से ताल नहीं मिलाना à¤à¥€ हृदय तथा रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤•ाओं संबंधी रोग के लिठà¤à¤• बड़ा जोखिम है।
अचà¥à¤›à¥€ और परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद न मिलने से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
ऑसà¥à¤Ÿâ€à¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
कैंसर
हारà¥à¤Ÿ अटैक
मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर असर
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