Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कà¥à¤¯à¤¾ नींद की कमी से मौत हो जाती है! सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ ने किया चौंकाने वाला खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾
नींद पूरी ना होने से सेहत में कई दिकà¥à¤•तें हो सकती हैं
Study Says Poor Sleep Habit Risk Of Death- परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद (Sound Sleep) इंसान के शरीर की जरूरत है. डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ इंसान को 6 से 8 घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं. परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद लेने से बॉडी कà¥à¤²à¥‰à¤• (Body Clock) सही रहती है और इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हमारी पूरी जीवनशैली पर वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• तरीके से पड़ता है. वहीं अगर रात में बेहतर नींद नहीं आती है तो यह कई सारी शारीरिक और मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की वजह बन सकता है. सीà¤à¤¨à¤à¤¨ हेलà¥à¤¥ पर पà¥à¤°à¤•ाशित रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जो लोग रात में ठीक से नहीं सो पाते हैं या कम नींद लेते हैं उनमें डिमेंशिया (Dementia) नामक बीमारी होने का रिसà¥à¤• काफी बॠजाता है. इसके अलावा à¤à¥€ कम नींद लेने से बॉडी कà¥à¤²à¥‰à¤• पर विपरीत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है जिसके कारण कई à¤à¤¸à¥‡ कारण पैदा हो जाते हैं जो जलà¥à¤¦à¥€ मौत की वजह बनते हैं.
इस सिलसिले में हारà¥à¤µà¤°à¥à¤¡ मेडिकल सà¥à¤•ूल में मेडिसिन इंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤° रेबिका रोबिनà¥à¤¸à¤¨ का कहना है कि सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में जो तथà¥à¤¯ सामने आठहैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखते हà¥à¤ à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि हर रात की नींद हमारे जीवन के लिठबेहद अहम है. पूरी नींद लेने से हमारा नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल सिसà¥à¤Ÿà¤® ठीक तरह से काम करता है और असमय मौत का खतरा à¤à¥€ काफी कम हो जाता है. विशà¥à¤µ à¤à¤° में कम नींद लेने के कारण और डिमेंशिया के कारण जलà¥à¤¦à¥€ होने वाली मौतों के बीच की कड़ी à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के लिठवाकई परेशान करने वाला है.
वरà¥à¤²à¥à¤¡ सà¥à¤²à¥€à¤ª सोसायटी का इस सिलसिले में कहना है कि विशà¥à¤µ की 45 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ जनसंखà¥à¤¯à¤¾ के लिठकम नींद लेना वाकई सेहत के लिठकाफी खतरनाक है. रिपोरà¥à¤Ÿ में यह बात सामने आई कि, 5 से 7 करोड़ अमेरिकी नागरिक सà¥à¤²à¥€à¤ª डिसऑरà¥à¤¡à¤°, सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, इंसोमेनिया और रेसà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤¸ लेग सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® जैसी बीमारियों का शिकार है. सीडीà¤à¤¸ ने इसे पबà¥à¤²à¤¿à¤• हेलà¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® करार दिया है. इसकी वजह है कि कम नींद लेने की इस समसà¥à¤¯à¤¾ का जà¥à¥œà¤¾à¤µ शà¥à¤—र, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤µà¥ˆà¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¤° बीमारियों और डिमेंशिया से à¤à¥€ है.
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ ने इस सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के लिठसाल 2011 से 2018 के बीच कई लोगों की सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग हैबिट का डाटा जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¯à¤¾ और इसकी जांच की. यह बात सामने आई कि जिन लोगों की अनिदà¥à¤°à¤¾ की शिकायत थी उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगà¤à¤— हर रात à¤à¤¸à¥‡ परेशानियों को à¤à¥‡à¤²à¤¨à¤¾ पड़ रहा था. बता दें कि जरà¥à¤¨à¤² ऑफ सà¥à¤²à¥€à¤ª रिसरà¥à¤š में छपी इस शोध का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ नेशनल हेलà¥à¤¥ à¤à¤‚ड à¤à¤œà¤¿à¤‚ग सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया है.
| --------------------------- | --------------------------- |