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उदासी के लिठदिल नहीं मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• है कसूरवार, जानें कैसे निकलेंगे इस अवसà¥à¤¥à¤¾ से!
मन उदास है तो इसमें आपके दिल का कसूर नहीं, बलà¥à¤•ि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का है। जी हां, अकà¥à¤¸à¤° उदास होने पर हम मन बहलाने के लिठसिनेमा, शॉपिंग का सहारा लेते हैं और कà¤à¥€-कà¤à¥€ तो इससे पीछा छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठशराब और जà¥à¤ के à¤à¥€ आदी हो जाते हैं। अपनी उदासी के लिठअकà¥à¤¸à¤° हम किसà¥à¤®à¤¤ को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° ठहराते हैं, लेकिन हकीकत में इसके पीछे कोई और नहीं बलà¥à¤•ि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में मौजूद दो रसायन- डोपामिन और सेरोटोनिन जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हैं।
डोपामिन रसायन जहां हमारे मूड के सà¥à¤¤à¤° को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रख हमें अवसाद से बचाता है, वहीं सेरोटोनिन शांति और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सà¥à¤¤à¤° पर ठीक रहने के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यह हमारे आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ के सà¥à¤¤à¤° को à¤à¥€ बढ़ाता है। यही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रसायन हमारे शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। इनके सà¥à¤¤à¤° में उतार-चढ़ाव ही हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में उतार-चढ़ाव के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है। अवसाद के कारण चिंता, तनाव, à¤à¥à¤°à¤®, माया और कà¤à¥€-कà¤à¥€ आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ के विचार वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती हैं।
मà¥à¤‚बई के नानावती सà¥à¤ªà¤° सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के निदेशक और नà¥à¤¯à¥‚रोसरà¥à¤œà¤¨ मोहिनीश à¤à¤¤à¤œà¥€à¤µà¤¾à¤²à¥‡ ने आईà¤à¤à¤¨à¤à¤¸ को बताया, 'ये महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नà¥à¤¯à¥‚रोटà¥à¤°à¤¾à¤‚समीटर जब असà¥à¤¥à¤¿à¤° हो जाते हैं तो इससे मूड में तेजी से असंतà¥à¤²à¤¨ आता है। यही असतà¥à¤‚लन अवसाद की वृदà¥à¤§à¤¿ करता है, जो लंबे समय तक रहने पर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठखतरनाक होता है।' वसंतकà¥à¤‚ज सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ (नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजी) विà¤à¤¾à¤— की निदेशक डॉ. माधà¥à¤°à¥€ बेहारी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, सेरोटोनिन à¤à¤• हैपी नà¥à¤¯à¥‚रोटà¥à¤°à¤¾à¤‚समीटर है। यानी यह हमें सà¥à¤– और दà¥à¤– की अनà¥à¤à¥‚ति कराने के लिठयह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रसायन होता है। अगर इसका सà¥à¤¤à¤° गिरता है तो हम दà¥à¤– और उदासी महसूस करते हैं।
बेहारी ने बताया, डोपामिन रिसेपà¥à¤Ÿà¤° दो तरह के होते हैं- कà¥à¤²à¤¾à¤¸ 1 और कà¥à¤²à¤¾à¤¸ 2। कà¥à¤²à¤¾à¤¸ 1 (डी1, डी2, डी3) रिसेपà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ का सà¥à¤¤à¤° कम होने पर पारà¥à¤•िनà¥à¤¸à¤¨ रोग की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। कà¥à¤²à¤¾à¤¸ 2 (डी5 और डी5) रिसेपà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ का सà¥à¤¤à¤° उचà¥à¤š होने पर मनोविकृति के लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिलते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अनिदà¥à¤°à¤¾, उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ का शिकार होता है। इसके अलावा उसे हर वकà¥à¤¤ महसूस होता है कि कोई उसे हानि पहà¥à¤‚चाना चाहता है।
यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ कॉलेज लंदन में रॉब रटलेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पता चला था कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ वयसà¥à¤•ों में डोपामिन का अधिक सà¥à¤¤à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥à¤† खेलते वकà¥à¤¤ अधिक जोखिम उठाने को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है। डोपामिन रसायन सेरोटोनिन के साथ मिलकर मूड, à¤à¥‚ख, नींद, सीखने की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और याददाशà¥à¤¤ संबंधी कारà¥à¤¯à¥‹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। इसकी वृदà¥à¤§à¤¿ से हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ हो सकता है।
इन दोनों रसायनों का असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ सà¥à¤¤à¤° हमारी लगातार परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ होती जीवनशैली की ही देन है। हमारी जीवनशैली इन दोनों रसायनों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है और इन रसायनों का असंतà¥à¤²à¤¨ हमें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। अगर हम अपने जीने के तरीकों में थोड़ा बदलाव करते हैं तो इससे हमें मदद मिल सकती है। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, योग से इन रसायनों के सही सà¥à¤¤à¤° में मदद मिल सकती है।
बीà¤à¤²à¤•े सà¥à¤ªà¤° सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिसà¥à¤Ÿ राजीव आनंद कहते हैं, 'विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ ने इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की है कि हमारी नकारातà¥à¤®à¤• सोच हमारे लिठहानिकारक है। सà¥à¤– और दà¥à¤– हमारे दिमाग की ही उपज है। शांति हमारे अंदर है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और सकारातà¥à¤®à¤• जीवनशैली से हम अपने इन विचारों पर नियंतà¥à¤°à¤£ कर सकते हैं।' विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, विटमिन बी, और ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ में ये रसायन पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं। इसके अलावा गेहूं के बà¥à¤°à¥‡à¤¡, पासà¥à¤¤à¤¾, आलू, अनाज और बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस में टà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤«à¥ˆà¤¨ होते हैं, जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में जाकर सेरोटोनिन में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाता है।"
रसायनों की पà¥à¤°à¤šà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ वाले इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹ का सेवन हमारे लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है। बेहारी ने बताया, 'शिकà¥à¤·à¤¾, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, उचित खानपान और दूसरों की मदद करने से हमारे अंदर सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का समावेश होता है और यही ऊरà¥à¤œà¤¾ हमारे शारीरिक और मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। अगर अपने अंदर इस ऊरà¥à¤œà¤¾ को बनाठरखते हैं तो इससे हमारे अंदर हमेशा खà¥à¤¶à¥€ का संचार होता रहेगा।'
अगर फिर à¤à¥€ कà¤à¥€ उदासी से सामना होता है तो देर न लगाà¤à¤‚ तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाकर अपनी परेशानी साà¤à¤¾ करें। इन दोनों रसायनों का संतà¥à¤²à¤¨ करने की कोशिश करें। यकीनन आपकी उदासी आपसे कोसों दूर चली जाà¤à¤—ी।
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