दांत कितने महीने में निकलते हैं?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:30

देर से निकल रहे हैं बच्‍चे के दांत, क्‍या चिंता की है बात
कुछ बच्‍चों के दांत जल्‍दी निकल आते हैं तो कुछ के दांत आने में देरी हो जाती है। ऐसे में आपको जान लेना चाहिए कि दांत निकलने की सही उम्र क्‍या है।

देर से निकल रहे हैं बच्‍चे के दांत, क्‍या चिंता की है बात
6 महीने के होने के बाद बेबी को ठोस आहार देना शुरू किया जाता है और इसके बाद से बेबी को खाना चबाने के लिए दांतों की जरूरत पड़ती है। बेबी के विकास में दांत आना भी शामिल है लेकिन कुछ बच्‍चों के दूध के दांत देर से आते हैं। कई वजहों से बेबी के दांत देर से आते हैं।


अगर आपका भी बेबी है तो पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि किस उम्र में शिशु के दांत आते हैं और कैसे पता चलता है कि बच्‍चे के दांत देरी से निकल रहे हैं।
​कब निकलते हैं बेबी के दांत

कुछ बच्‍चों के जन्‍म के समय ही पहले दांत होते हैं लेकिन कुछ बच्‍चों के 4 महीने के होने से पहले दांत आना शुरू हो जाते हैं और कुछ बच्‍चों के 12 महीने के होने के बाद दांत निकलते हैं। ज्‍यादातर बच्‍चों के दांत 6 महीने के होने तक आना शुरू हो जाते हैं।
​क्‍या होता है देरी से दांत आना
अगर उपरोक्‍त उम्र में बचचे के दांत न निकलें तो इसे देरी से दांत आना कहा जाता है। बच्‍चे के दांत निकलने पर कुछ संकेत और लक्षण भी दिखाई देते हैं और वहीं जब दांत देरी से आएं तो भी कुछ लक्षण दिखने लगते हैं।
​देरी से दांत आना चिंता की है बात

अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार कुछ बच्‍चें के दांत चार महीने के होने से पहले ही निकल आते हैं जबकि कुछ बच्‍चों के दांत दस महीने के होने के बाद निकलते हैं।

आमतौर पर देरी से दांत आने पर चिंता करने की जरूरत नहीं होती है क्‍योंकि हर बच्‍चे का विकास अलग गति से होता है और दांत आने पर भी यही बात लागू होती है।

शिशु के दांत 4 से 12 महीने की उम्र में कभी भी आ सकते हैं इसलिए आप कम से कम इतने समय तो इंतजार करें।

​क्‍यों देरी से आते हैं दांत
अगर मां या पिता को देर से दांत आने की शिकायत रही है, तो बच्‍चे को भी यह समस्‍या हो सकती है। लो बर्थ वेट या खराब पोषण या पोषण की कमी के कारण दांत आने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कैल्शियम और विटामिन डी, सी, बी और ए की कमी का असर दांतों पर पड़ सकता है।

शिशु में थायराइड विकारों जैसे कि हाइपोथाययराइडिज्‍म की वजह से दांत देर से आ सकते हैं। मोटे मसूड़े होने पर फाइब्रोसिस हो सकता है जो दांत आने से रोकता है। ग्रोथ हार्मोन के स्राव में दिक्‍कत होने का असर भी बच्‍चे के दांतों पर पड़ता है।
​जेनेटिक विकार

जेन‍ेटिक विकारों जैसे कि एमेलोजेनेसिस इंपरफेक्‍ट ए और डेंटिनोजेनेसिस इंपरफेक्‍ट ए का असर बच्‍चे के दांतों और मसूड़ों पर पड़ सकता है। इससे बच्‍चे के दांत देरी से आ सकते हैं। प्रीमैच्‍योर बेबी के भी दांत देर से आते हैं।

कुछ जेनेटिक विकारों जैसे कि डाउन सिंड्रोम, टर्नर सिंड्रोम, गार्डनर सिंड्रोम की वजह से दांत आने में देरी हो सकती है।

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