Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सिरà¥à¤« 1 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ की गोली से हो सकता है डेंगू का इलाज, डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने बताया सबसे आसान तरीका
देश के अधिकतर राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में बारिश के बाद मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤•ोप काफी बढ़ गया है. मौसम बदलने के साथ वायरल फीवर और डेंगू के मामलों में à¤à¥€ तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. डेंगू (Dengue) आमतौर पर सितंबर-अकà¥à¤Ÿà¥‚बर के महीने में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कहर बरपाता है. डेंगू à¤à¤• वायरल फीवर है, जो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मचà¥à¤›à¤° à¤à¤¡à¥€à¤œ à¤à¤œà¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥€ (Aedes Aegypti) के काटने से इंसानों में फैलता है. डेंगू के लकà¥à¤·à¤£ मचà¥à¤›à¤° काटने के 4-10 दिनों बाद नजर आते हैं. इसमें तेज बà¥à¤–ार और अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकान हो जाती है. डेंगू के मरीजों का पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट तेजी से गिरने लगता है. à¤à¤¸à¥€ कंडीशन में सही इलाज न मिलने पर मरीज की कंडीशन गंà¤à¥€à¤° हो सकती है. अब सवाल उठता है कि डेंगू होने पर किस तरह इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जा सकता है? इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ सवालों के जवाब डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जान लेते हैं.
Dengue में कौन सी दवा लेना फायदेमंद?
नई दिलà¥à¤²à¥€ के सर गंगाराम हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² की फिजीशियन डॉ. सोनिया रावत के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• डेंगू à¤à¤• वायरल फीवर होता है, जिसका इलाज सही तरीके से किया जाठतो मरीज कà¥à¤› ही दिनों में ठीक हो जाता है. डेंगू फीवर के दौरान लोगों को अपने वजन के हिसाब से पैरासिटीमोल (Paracetamol) टैबलेट लेनी चाहिà¤. डेंगू फीवर में इसके अलावा कोई और दवा लेना नà¥à¤•सानदायक हो सकता है. लोगों को लगता है कि à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लेने से फायदा होगा, लेकिन डेंगू के मामले में à¤à¤¸à¤¾ करने से पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट कम हो जाà¤à¤—ा और परेशानी बढ़ जाà¤à¤—ी. अधिकतर मामलों में डेंगू का इलाज पैरासिटामोल से ही किया जाता है. सीवियर केस में अनà¥à¤¯ दवाओं का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है.
कैसे कर सकते हैं Dengue का टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट?
डॉ. सोनिया रावत कहती हैं कि अगर आपको बà¥à¤–ार आ जाठतो अपने वजन के हिसाब से पैरासिटामोल टैबलेट ले सकते हैं. पैरासिटामोल 15 mg पà¥à¤°à¤¤à¤¿ किलो वजन के हिसाब से लेनी चाहिà¤. उदाहरण के लिठअगर किसी का वजन 60 किलो है, तो वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ 900 mg तक की खà¥à¤°à¤¾à¤• ले सकता है. डेंगू के मामलों में मरीज à¤à¤• दिन में 3 या 4 बार पैरासिटामोल दवा ले सकता है. इसके अलावा उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीना होगा और लिकà¥à¤µà¤¿à¤Ÿ डाइट लेनी होगी. डेंगू के मरीज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ लेकर जलà¥à¤¦à¥€ रिकवर कर सकते हैं. मरीजों को à¤à¤• दो दिन बà¥à¤–ार आने पर बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ जरूर करा लेना चाहिà¤. अगर कंडीशन लगातार बिगड़ रही हो तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤.
| --------------------------- | --------------------------- |